सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / कृषि / किसानों के लिए राष्ट्रीय योजनाएं / वाटिका - कृषि में मूल्यसंवर्धन और टेक्नोलौजी इन्क्यूबेशन सेंटर
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

वाटिका - कृषि में मूल्यसंवर्धन और टेक्नोलौजी इन्क्यूबेशन सेंटर

इस पृष्ठ में वाटिका - कृषि में मूल्यसंवर्धन और टेक्नोलौजी इन्क्यूबेशन सेंटर से संबन्धित सभी जानकारी दी गयी है।

परिचय

रिकार्ड उत्पादन के बावजूद कटाई उपरांत प्रबंधन के अभाव में उत्पादों की बर्बादी के कारण किसानों को अत्यधिक आर्थिक नुकसान होता है। उचित प्रबंधन के अभाव में कटाई उपरांत फसल और सब्जियों में औसतन 10 से 30 प्रतिशत और अनाज में औसतन 8-10 प्रतिशत का नुकसान होता है। अगस्त 2016 के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में प्रमुख कृषि उपज का नुकसान 92,651 करोड़ रुपये के बराबर है। कृषि उत्पादों का उचित प्रसंस्करण न केवल नुकसान को रोकता है। और उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ाता है, बल्कि इससे उत्पादों की बिकने की क्षमता भी बढ़ती है जो बदले में उत्पादकों को बढ़ी हुई आय प्रदान करती है। वर्तमान परिदृश्य में एकीकृत प्रयास करने की जरूरत है जिसमें सिद्ध प्रक्षेत्र तकनीकी एवं कटाई उपरांत प्रयोग किए जाने वाले तकनीकी को समाविष्ट करते हुये ग्रामीण युवकों को प्रशिक्षण दिया जाए जिसमें समुदाय आधारित संगठन एवं किसान उत्पादक संगठन प्रमुख भूमिका निभा सकें। ऐसे प्रावधान कृषि विज्ञान केन्द्रों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और राज्य कृषि विभागों के द्वारा बनाए जाने की जरूरत है।

कटाई उपरांत उत्पादों की बर्बादी से किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान तथा कृषि उत्पादों के उचित प्रसंस्करण से होने वाले लाभ को ध्यान में रखते हुये भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा वाटिका - कृषि में मूल्यसंवर्धन और टेक्नोलौजी इन्क्यूबेशन सेंटर नामक पहल की शुरुआत की जा रही है।

उद्देश्य

वाटिका का मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक रूप से टिकाऊ मॉडल के माध्यम से कटाई उपरांत प्रबंधन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना है ताकि उत्पादों की बर्बादी को कम करके किसानों को आर्थिक हानि से बचाया जा सके तथा उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ा कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

  • कृषि उत्पादों के नुकसान को कम करने के लिए उपयुक्त कटाई उपरांत प्रबंधन प्रौद्योगिकी का प्रसार
  • किसानों, युवकों एवं किसान उत्पादक संगठनों को कटाई उपरांत प्रबंधन प्रौद्योगिकी पर लम्बी अवधि का कौशल परक प्रशिक्षण
  • युवकों/ किसानों द्वारा इकाई स्थापित करने हेतु तकनीकी सहयोग एवं नियमित सलाह।

कार्यान्वयन के मॉडल

कृषि विज्ञान केन्द्रों के परिसर में वाटिका की स्थापना कर किसानों, युवकों तथा किसान उत्पादक संगठनों के सदस्यों के कौशल विकास हेतु इनका संचालन किया जाएगा। प्रशिक्षित उद्यमियों को अपनी इकाई स्थापित करने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र उनको वित्तीय संस्थाओं से जोड़ेंगे। साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र उनको लंबे समय तक तकनीकी सलाह देते रहेंगे जिससे वे इकाई स्थापित करने के शुरुआती दौर में आने वाली कठिनाइयों से निजात पा सकें।

कृषि विज्ञान केन्द्र खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के द्वारा संचालित संपदा योजना तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत परियोजना प्रस्तुत कर वित्तीय सहायता प्राप्त करेंगे। जिस विषय पर प्रशिक्षण द्वारा युवकों को दक्ष किया जाना है उससे संबन्धित तकनीक युक्त इकाई की स्थापना कृषि विज्ञान केन्द्रों के प्रांगण में की जाएगी तथा उत्साही युवकों का चयन कर उन्हें व्यवहारिक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे वे अपने गाँव के स्तर पर अपनी इकाई स्थापित कर सकें।

लक्ष्य

वर्ष 2019-20 तक 100 वाटिका केन्द्रों की स्थापना।

स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार

3.0

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
Back to top

T612019/10/21 13:20:16.206851 GMT+0530

T622019/10/21 13:20:16.224334 GMT+0530

T632019/10/21 13:20:16.808207 GMT+0530

T642019/10/21 13:20:16.808653 GMT+0530

T12019/10/21 13:20:16.180879 GMT+0530

T22019/10/21 13:20:16.181053 GMT+0530

T32019/10/21 13:20:16.181219 GMT+0530

T42019/10/21 13:20:16.181373 GMT+0530

T52019/10/21 13:20:16.181474 GMT+0530

T62019/10/21 13:20:16.181559 GMT+0530

T72019/10/21 13:20:16.182317 GMT+0530

T82019/10/21 13:20:16.182528 GMT+0530

T92019/10/21 13:20:16.182765 GMT+0530

T102019/10/21 13:20:16.182991 GMT+0530

T112019/10/21 13:20:16.183039 GMT+0530

T122019/10/21 13:20:16.183158 GMT+0530