सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / कृषि / पशुपालन / पशुओं के रासायनिक उपचार के प्रमुख सिद्धांत
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

पशुओं के रासायनिक उपचार के प्रमुख सिद्धांत

इस पृष्ठ में पशुओं के रासायनिक उपचार संबंधी जानकारी दी गई है।

  1. बीमार पशुओं का उपचार यथाशीघ्र प्रारम्भ करवाना चाहिए। इससे पशुओं के स्वस्थ होने की सम्भावना काफी अधिक बढ़ जाती है।
  2. उपचार निश्चित अवधि तक कराना चाहिए। बीच में औषधि बंद करना काफी घातक हो सकता है। जीवाणु-नाशक दवाईयां कम से कम तीन से पाँच दिन तक चलानी चाहिए।
  3. खुराक से अधिक मात्रा में दी गई औषधि तो हानिकारक होती है।
  4. उपचार के कम से कम 48 घंटे बाद तक दूध मनुष्य के लिए हानिकारक है।
  5. गाभिन पशुओं में औषधि का व्यवहार कम से कम तथा अत्यधिक सावधानीपूर्वक करना चाहिए।
  6. छोटे बछड़ों में औषधि पिलाने वक्त बहुत सावधानी की आवश्यकता है, जानवरों को दवा पिलाने से बचाना चाहिए। इसे लड्डू के रूप में या चटनी के रूप में खिलाना चाहिए।

स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखंड सरकार

3.0

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
Back to top

T612018/01/24 11:24:4.876806 GMT+0530

T622018/01/24 11:24:4.904086 GMT+0530

T632018/01/24 11:24:5.060279 GMT+0530

T642018/01/24 11:24:5.060719 GMT+0530

T12018/01/24 11:24:4.855501 GMT+0530

T22018/01/24 11:24:4.855685 GMT+0530

T32018/01/24 11:24:4.855827 GMT+0530

T42018/01/24 11:24:4.855964 GMT+0530

T52018/01/24 11:24:4.856051 GMT+0530

T62018/01/24 11:24:4.856125 GMT+0530

T72018/01/24 11:24:4.856791 GMT+0530

T82018/01/24 11:24:4.856967 GMT+0530

T92018/01/24 11:24:4.857176 GMT+0530

T102018/01/24 11:24:4.857378 GMT+0530

T112018/01/24 11:24:4.857437 GMT+0530

T122018/01/24 11:24:4.857544 GMT+0530