सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / कृषि / पशुपालन / संकर सूकर पालन
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

संकर सूकर पालन

इस पृष्ठ में संकर सूकर पालन संबंधी जानकारी दी गई है।

संकर सूकर पालन संबंधी जानकारी

1.  देहाती सूकर से साल में कम बच्चे मिलने एवं इनका वजन कम होने की वजह से प्रतिवर्ष लाभ कम होता है।

2. विलायती सूकर कई कठिनाईयों की वजह से देहात में लाभकारी तरीके से पाला नहीं जा सकता है।

3. विलायती नस्लों से पैदा हुआ संकर सूकर गाँवों में आसानी से पाला जाता है और केवल चार महीना पालकर ही सूकर के बच्चों से 50-100 रु. प्रति सूकर इस क्षेत्र के किसानों को लाभ हुआ।

4. संकर सूकर राँची पशु चिकित्सा महाविद्यालय (बिरसा कृषि विश्वविद्यालय), राँची से प्राप्त हो सकते हैं।

5. इसे पालने का प्रशिक्षण, दाना, दवा और इस सम्बन्ध में अन्य तकनीकी जानकारी यहाँ से प्राप्त हो सकती है।

6. इन्हें उचित दाना, घर के बचे जूठन एवं भोजन के अनुपयोगी बचे पदार्थ तथा अन्य सस्ते आहार के साधन पर लाभकारी ढंग से पाला जा सकता है।

7. एक बड़ा सूकर तीन किलो के लगभग दाना खाता है।

8. इन्हें शरीर के बाहरी हिस्से और पेट में कीड़े हो जाया करते है, जिनकी समय-समय पर चिकित्सा होनी चाहिए।

9. साल में एक बार संक्रामक रोगों से बचने के लिए टीका अवश्य लगवा दें।

10. बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने सूकर की एक नई प्रजाति ब्रिटेन की टैमवर्थ नस्ल के नर तथा दशी सूकरी के संयोग से विकसित की है। यह आदिवासी क्षेत्रों के वातावरण में पालने के लिए विशेष उपयुक्त हैं। इसका रंग काला तथा एक वर्ष में औसत शारीरिक वजन 65 किलोग्राम के लगभग होता है। ग्रामीण वातावरण में नई प्रजाति दशी की तुलना में आर्थिक दृष्टिकोण से चार से पाँच गुणा अधिक लाभकारी है।

दिन में ही सूकर से प्रसव

गर्भ विज्ञान विभाग, राँची पशुचिकित्सा महाविद्यालय ने सूकर में ऐच्छिक प्रसव के लिए एक नई तकनीक विकसित की है, जिसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने मान्यता प्रदान की हैं इसमें कुछ हारमोन के प्रयोग से एक निर्धारित समय में प्रसव कराया जा सकता है। दिन में प्रसव होने से सूकर के बच्चों में मृत्यु दर काफी कम हो जाती है, जिससे सूकर पालकों को काफी फायदा हुआ है।

सूकर की आहार प्रणाली

सूकरों का आहार जन्म के एक पखवारे बाद से शुरू ही जाता है। माँ के दूध के साथ-साथ छौनी (पिगलेट) को सूखा ठोस आहार दिया जाता है, जिसे क्रिप राशन कहते हैं। दो महीने के बाद बढ़ते हुए सूकरों को ग्रोअर राशन एवं वयस्क सूकरों को फिनिशर राशन दिया जाता है। अलग-अलग किस्म के राशन को तैयार करने के लिए निम्नलिखित दाना मिश्रण का इस्तेमाल करें:

 

क्रिप राशन

ग्रोअर राशन

फिनिशर राशन

मकई

60 भाग

64 भाग

60 भाग

बादाम खली

20 भाग

15 भाग

10 भाग

चोकर

10 भाग

12.5 भाग

24.5 भाग

मछली चूर्ण

8 भाग

6 भाग

3 भाग

लवण मिश्रण

1.5 भाग

2.5 भाग

2.5 भाग

नमक

0.5 भाग

-

-

कुल

100 भाग

100 भाग

100 भाग

 

रोविमिक्स

रोभिवी और रोविमिक्स

रोविमिक्स

 

200 ग्राम/ 100 किलो दाना मिश्रण

20 ग्राम/ 100 किलो दाना मिश्रण

10 ग्राम/ 100 किलो दाना मिश्रण

 

दैनिक आहार की मात्रा

(1)ग्रोअर पिग (वजन 12 से 25 किलो तक) : प्रतिदिन शरीर वजन का 6 प्रतिशत अथवा 1 से 1.5 किग्रा. दाना मिश्रण। (2) ग्रोअर पिग (26 से 45 किलो तक): प्रतिदिन शरीर वजन का 4 प्रतिशत अथवा 1.5 से 2.0 किलो दाना मिश्रण। (3) फिनिशर पिग: 2.5 किलो प्रतिदिन दाना मिश्रण। (4) प्रजनन हेतु नर सूकर: 3.0 किलो। (5) गाभिन सूकरी: 3.0 किलो। (6) दुधारू सूकरी 3.0 किलो और दूध पीने वाले प्रति बच्चे 200 ग्राम की दर से अतिरिक्त दाना मिश्रण। अधिकतम 5.0 किलो।

दाना मिश्रण को सुबह और अपराह्न में दो बराबर हिस्से में बाँट कर खिलायें।

स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखंड सरकार

2.94117647059

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
Back to top

T612018/01/24 11:25:27.161280 GMT+0530

T622018/01/24 11:25:27.185880 GMT+0530

T632018/01/24 11:25:27.326574 GMT+0530

T642018/01/24 11:25:27.326995 GMT+0530

T12018/01/24 11:25:27.139047 GMT+0530

T22018/01/24 11:25:27.139240 GMT+0530

T32018/01/24 11:25:27.139379 GMT+0530

T42018/01/24 11:25:27.139511 GMT+0530

T52018/01/24 11:25:27.139596 GMT+0530

T62018/01/24 11:25:27.139664 GMT+0530

T72018/01/24 11:25:27.140358 GMT+0530

T82018/01/24 11:25:27.140541 GMT+0530

T92018/01/24 11:25:27.140743 GMT+0530

T102018/01/24 11:25:27.140954 GMT+0530

T112018/01/24 11:25:27.140999 GMT+0530

T122018/01/24 11:25:27.141090 GMT+0530