सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / कृषि / मछली पालन / मछली पालन के लिए कुछ आवश्यक बातें
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

मछली पालन के लिए कुछ आवश्यक बातें

इस पृष्ठ में मछली पालन संबंधी जानकारी दी गई है।

  1. नए तालाब के निर्माण के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें जहाँ की मिटटी चिकनी हो। रेतीली मिटटी तालाब के लिए उपयुक्त नहीं रहती है क्योंकि उससे पानी तीव्र गति से रिस जाता है। परिणामस्वरूप उसमें पानी जल्दी-जल्दी भरने की आवश्यकता होती है।
  2. तालाब बनवाने के लिए नीची जगह का चुनव करें। यहाँ पानी अधिक दिनों तक रहेगा तथा बनवाने में खर्च भी कम आएगा।
  3. तालाब कम से कम आधा एकड़ (50 डिसमिल) का बनवाएं।
  4. तालाब का आकर न हो तो बहुत बड़ा होना चाहिए और न ही अधिक छोटा। तालाब आयताकार बनवाएँ, अर्थात तालाब की लम्बाई इसकी चौड़ाई से तीन गुणा हो (1:3) आयताकार तालाब बनवाने में खर्च कम आता है तथा जाल चलाकर मछली निकालने में भी सुविधा होती है।
  5. तालाब की तलहटी साफ रहनी चाहिए। इसमें कोई पत्थर या पेड़ की जड़ इत्यादि न छोड़े, क्योंकि इससे मछली निकालने में परेशानी होती है। तालाब को एक तरफ ढालू बनाएँ-ताकि जरूरत होने पर सम्पूर्ण पानी को निकाला जा सकें।
  6. तालाब के बाँध में किसी तरह का पत्थर तथा पेड़-पौधें का तना न छोड़े, अन्यथा बाद में उस जगह से पानी का रिसाव होता है।
  7. बाँध बनवाते समय मिटटी डालने के बाद उस पर पानी छिड़कें त्तथा पीटकर दबा दें।
  8. तालाब का बाँध इतना चौड़ा तथा मजबूत होना चाहिए कि वह बरसात के दिनों में टूटे नहीं। बाँध के दोनों तरफ घास लगी रहनी चाहिए, जिससे मिटटी का कटाव न हो, अन्यथा धीरे-धीरे बाँध की मिटटी कटकर तालाब में चली जायेगी।
  9. यदि तालाब के अलग-बगल में पानी लेने की व्यवस्था हो तो तालाब की गहराई 5-6 फीट तक रखना ठीक होगा, अन्यथा गहराई 10-11 फीट रखने पर ही गर्मी के दिनों में 3-4 फीट पानी रह पायेगा।
  10. तालाब में बाहर से पानी लाने के रास्ते में पाईप लगा रहना चाहिए। इसके लिए सीमेंट या मिटटी का पक्का पाइप इस्तेमाल किया जा सकता है। बरसात के दिनों में एकत्र अधिक पानी को बाहर निकालने के लिए भी तालाब के बाँध के ऊपर की तरफ पाइप लगी होनी चाहिए। इन दोनों पाइपों में कपड़े की महीन जाली लगानी चाहिए, ताकि तालाब में पाली गई मछलियाँ बाहर न जा सके तथा बाहर की मछली अंदर न आ सके।
  11. मछलियों को दिए जाने वाले पूरक आहार को दो बराबर भागों में बांटकर सुबह-शाम दें।
  12. पानी का रंग गहरा हरा हो जाये तो पूरक आहार और खाद देना बंद कर दें। पानी का रंग साफ़ हो जाये तो पुन: प्रारम्भ करें।
  13. अगर मछली हवा में सांस लेने के लिए पानी की सतह पर कूदे तो तालाब में पानी बदलने की व्यवस्था करें या पम्प द्वारा तालाब की तलहटी के पानी को फब्बारे जैसा तालाब में फूंके।
  14. यदि 3-4 दिनों तक लगातार बादल लगें हों या रुक-रुक कर वर्षा हो रही हो तो तालाब में चूना का प्रयोग करें।
  15. अगर तालाब में मुलायम जलीय पौधे न हों या ऊपर से घास देने की व्यवस्था न हो तो ग्रास कार्प का संचय न करें।
  16. यदि मछलियाँ पानी की सतह पर समूह में घूम रही हों या किसी बीमारी की आंशका हो तो तालाब में चूना का प्रयोग करें और नजदीकी विशेषज्ञ या मत्स्यपालन इकाई, पशुचिकित्सा महाविद्यालय, कांके से सम्पर्क करें।

स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखंड सरकार

2.875

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
Back to top

T612018/01/24 11:23:3.800634 GMT+0530

T622018/01/24 11:23:3.817342 GMT+0530

T632018/01/24 11:23:3.981506 GMT+0530

T642018/01/24 11:23:3.981990 GMT+0530

T12018/01/24 11:23:3.779373 GMT+0530

T22018/01/24 11:23:3.779585 GMT+0530

T32018/01/24 11:23:3.779727 GMT+0530

T42018/01/24 11:23:3.779866 GMT+0530

T52018/01/24 11:23:3.779962 GMT+0530

T62018/01/24 11:23:3.780033 GMT+0530

T72018/01/24 11:23:3.780753 GMT+0530

T82018/01/24 11:23:3.780948 GMT+0530

T92018/01/24 11:23:3.781190 GMT+0530

T102018/01/24 11:23:3.781394 GMT+0530

T112018/01/24 11:23:3.781439 GMT+0530

T122018/01/24 11:23:3.781530 GMT+0530