सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

घरेलू विपणन हेतु दिशा-निर्देश

इस पृष्ठ में घरेलू विपणन हेतु दिशा-निर्देश की जानकारी दी गयी है।

परिचय

घरेलू बाज़ारों की स्थापना, देश में मात्स्यिकी के क्षेत्र के विकास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पौष्टिकता और खाद्य-सुरक्षा सुनिश्चित करने के अतिरिक्त, यह फसलोत्तर हानियों को न्यूनतम करने, राजस्व बढ़ाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी सहायता करती है और स्वच्छता तथा सफाई के उच्च मानक प्रदान करती है। जो खाद्य सुरक्षा की ओर अग्रसर करते हैं। घरेलू विपणन का महत्व इसी तथ्य से समझा जा सकता है कि मत्स्य की कुल उतराई का केवल लगभग 15% भाग मात्स्यिकी के उत्पादों के निर्यात के लिये उपयोग किया जाता है और शेष लगभग 85 % भाग घरेलू बाज़ारों के माध्यम से वितरित किया जाता है। चूंकि मात्स्यिकी के उत्पादों के निर्यात पर अधिक से अधिक व्यापारिक प्रतिबंध लगाये जा रहे हैं, अतः केवल एक सुविकसित घरेलू विपणन प्रणाली ही मात्स्यिकी के क्षेत्र की व्यवहार्यता सुनिश्चित कर सकती है।

मछली की पकड़ की मात्रा के लगभग 70% भाग का ताजा ही विपणन कर दिया जाता है और शेष भाग प्रसंस्कारित, सुखाये, धुएं में सुखाये गये, मत्स्य भोजन में घटाये गये इत्यादि रूपों में उपयोग किया जाता है। उपलब्ध आँकडों के अनुसार, कुल जनसंख्या का बहुल भाग प्रति व्यक्ति 9 कि.ग्रा. उपभोग के औसत से देश में उपभोग कर लेता है। किंतु, मछली की काटी गई फसल परिवहन की कमी और भंडारण की समुचित सुविधाओं की अनुपलब्धता के कारण आंतरिक भागों में समान रूप से वितरित नहीं की जाती है। अतः आंतरिक भागों में उचित दरों पर मछलियाँ उपलब्ध कराने के लिये वितरण की संतुलित प्रणाली की जरूरत है।

देश में समुद्री और अंतर्देशीय - दोनों क्षेत्रों से उत्पादित मछली का थोक विक्रेता, बड़े, अल्प खुदरा, सड़क के किनारे के बाज़ारों इत्यादि के नेटवर्क के माध्यम से घरेलू रूप से विपणन कर दिया जाता है। घरेलू बाज़ारों में से अधिकांश बाज़ार अस्वच्छ होते हैं और मछलियों के भंडारण करने और प्रबंध करने की सुविधाएं बहुत कम होती हैं। सड़कों, प्रशीतित वाहनों इत्यादि को सम्मिलित करते हुए परिवहन की समुचित प्रणाली की कमी भी है। पेयजल की उपलब्धता, अच्छी गुणवत्ता वाली वर्फ, बिजली, जल-निस्तारण प्रणाली इत्यादि अपर्याप्त है। उतराई वाले केंद्र से आंतरिक बाज़ारों तक मछली के परिवहन में काफी समय लग जाता है जिसका परिणाम सामग्री की खराब गुणवत्ता होता है जो खाद्य-जन्य बीमारियों, स्वच्छता और फसलोत्तर हानि की ओर अग्रसर करता है। घरेलू विपणन के विकास के लिये एन.एफ.डी.बी. के अधीन प्रस्तावित क्रिया-कलापों से फसलोत्तर हानियों में कमी करने, राजस्व में वृद्धि करने और मछली बाज़ारों में स्वच्छता और सफाई की दशाओं के सुधार करने में भी महत्वपूर्ण रूप से अंशदान करने की आशा की जाती है।

सहायता के घटक

उपरोक्त की पृष्ठभूमि में, देश में घरेलू मत्स्य विपणन प्रणाली के विकास के लिये निम्नलिखित क्षेत्रों की पहचान की गई है:-

  • थोक बिक्री के बाज़ारों का आधुनिकीकरण
  • विभिन्न स्तरों की स्वच्छ फुटकर की दुकानों की शीत-श्रृंखलाएं
  • घरेलू मत्स्य विपणन में महिलाओं और कमजोर वर्गों को प्रोत्साहन देने के लिये ग्रामीण विकास के अधीन योजनाएं

2.1 थोक बिक्री के बाज़ारों का आधुनिकीकरण

थोक बिक्री के मछली बाज़ार सामान्यतया उन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्थित होते हैं जहाँ मछलियाँ और मात्स्यिकी के उत्पाद आते हैं और देश के विभिन्न भागों को वितरित किये जाते हैं। यह व्यापार मुख्य रूप से अभिकर्ताओं/ बिचौलियों के मध्य होता है और मछलियों का पैकिंग किया जाना और पुनः पैकिंग किया जाना भी इन बाज़ारों में होता है। वर्तमान समय में, देश में थोक बिक्री वाले अधिकांश बाज़ार मछलियों के प्रबंध करने और भंडारण की पर्याप्त सुविधाओं के बिना एक असंगठित रूप में हैं। थोक बिक्री के बाज़ारों का सुधार करने के लिये, वाहनों के लिये पर्याप्त पार्किंग स्थल, उपस्करों को शामिल करते हुए सामान चढ़ाने और उतारने की सुविधाएं होने की जरूरत है। एक सुविकसित परिवहन प्रणाली, थोक बिक्री के विपणन करनेका एक अनिवार्य घटक होती है। आसान परिवहन को सुलभ बनाने के लिये, मोटर चलने योग्य सड़कों का विकास, अन्य फुटकर और उतराई वाले केंद्रों और आंतरिक बाज़ारों के साथ संयोजकता स्थापित की जानी चाहिये। बड़े पैमाने पर भंडारण की सुविधाएं, शीत भंडारण, वर्फ हेतु प्राविधान, जल, संचार की सुविधाएं और कचरा प्रबंधन प्रणाली इत्यादि स्थापित की जानी हैं। निर्धारित मानकों के अनुसार स्वच्छता और सफाई भी प्रभावी की जानी चाहिये।

2.1.1 पात्रता के मापदंड

  • राज्य के मात्स्यिकी विभाग, स्थानीय नागरिक निकाय जैसे नगर निगम, मछुआरा सहकारी समितियाँ, मछुआरों से संव्यवहार करने वाले एन.जी.ओ., राज्य के मात्स्यिकी निगम / राज्य के मछुआरा परिसंघ।
  • निधि के लिये आवेदन करने वाले एन.जी.ओ. को सम्बंधित क्षेत्र में कम से कम 3 वर्ष का अच्छा रिकार्ड होना चाहिए और सम्बंधित राज्यों जैसे राज्य मात्स्यिकी निगम / राज्य के मछुआरा परिसंघ जैसे स्वायत्तशासी मात्स्यिकी निकायों के द्वारा उनकी अनुशंसा की जानी चाहिए।
  • बुनियादी संरचना का आधुनिकीकरण उन स्थानों पर प्रदान किया जायेगा जहाँ विद्यमान सुविधाएं निर्माण और उपस्करों के द्वारा इससे आगे के विकास की अपेक्षा करती हैं।
  • प्रस्ताव, अतिरिक्त आय और रोजगार का अंशदान करने के लिये व्यवहार्य होना चाहिये।

2.1.2 अपेक्षाएं

थोक बिक्री के बाज़ारों में वित्तीय सहायता के घटक निम्नानुसार हैं जहाँ आवश्यकता पर आधारित सहायता बोर्ड द्वारा दी जाएगी:

  • पर्याप्त पार्किंग स्थल
  • सामान चढ़ाने और उतारने की सुविधाएं
  • शीत भंडारण की सुविधाएं
  • समुचित छत और टाइल के फर्श वाले स्वच्छ स्टॉल
  • पैकिंग और परिवहन
  • वर्फ, जल और सहायक उपकरण
  • संसूचना की सुविधाएं
  • कचरा प्रबंधन प्रणाली
  • विश्राम-कक्ष और प्रसाधन की सुविधाएं
  • समुचित जल निकासी
  • ओवरहैड टैंक के साथ पर्याप्त जलापूर्ति
  • सुरक्षा हेतु दरवाजे के साथ चारदीवारी
  • जलपान - गृह

2.1.3 सहायता का प्रकार

एन.एफ.डी.बी. की सहायता, पूँजी-निवेश की 20% साम्या के रूप में होगी।

2.2 फुटकर दुकानें

घरेलू विपणन की सम्पूर्ण प्रणाली में फुटकर की दुकानें सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं। यह केवल फुटकर बाज़ारों के माध्यम से होती है और वास्तविक उपभोक्ता तक पहुंचने के लिये मछलियाँ दूकानों को विक्रय की जाती हैं। यहाँ फुटकर बाज़ार की प्रणाली में, मछलियाँ और मात्स्यिकी के उत्पाद अनेक लेन-देनों के माध्यम से अपेक्षाकृत लघु मात्राओं में विनिमय किये जाते हैं। दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह होता है कि व्यापार, विक्रेता और क्रेता के मध्य होता है और मछलियाँ आस-पास के स्थानों और बाज़ारों को परिवहन की जाती हैं। फुटकर बाज़ार की मुख्य कमी यह होती है कि प्रबंध करने, भंडारण और परिवहन की समस्याओं के कारण मछलियाँ वितरण करने हेतु खराब गुणवत्ता में पहुँचती हैं। खराबी पर नियंत्रण करने के लिये प्रणाली में विभिन्न स्थानों पर प्राथमिक उत्पादक से लेकर उपभोक्ता तक शीत भंडारणों की एक श्रृंखला प्रदान की जानी है। शीत भंडारणों के अतिरिक्त, अन्य सुविधाओं के प्राविधान जैसे व्यापार करने के लिये स्वच्छ स्टॉल और चबूतरों, पेयजल, वर्फ की सुविधा, समुचित सिविल ढाँचों, छत और फर्श, व्यापारिक वस्तुओं के सुचारु व्यापार के लिये चलने-फिरने का स्थान, उत्पादों के प्रदर्शन हेतु सुविधा, धोने के लिये समुचित उपकरण, तौल करने, संसूचना, प्रसाधन की सुविधाएं इत्यादि की जरूरत होती है।

2.2.1 पात्रता के मापदंड

  • राज्य के मात्स्यिकी विभाग, स्थानीय नागरिक निकाय जैसे नगर निगम, राज्य मात्स्यिकी निगम / राज्य का मछुआरा परिसंघ, मछुआरा सहकारी समितियाँ, स्व.स.समूह, निगम निकाय और निजी उद्यमी।
  • निधि के लिये आवेदन करने वाले निगम निकाय / निजी उद्यमियों को सम्बंधित क्षेत्र का कम से कम 3 वर्ष का अच्छा रिकार्ड होना चाहिये और सम्बंधित राज्यों के स्वायत्तशासी मात्स्यिकी के निकायों जैसे राज्य के मात्स्यिकी निगम / राज्य के मछुआरा परिसंघ के द्वारा अनुशंसा की जानी चाहिये।
  • निजी उद्यमी, महिला उद्यमी और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले कमजोर वर्ग से सम्बंधित व्यक्तियों से केवल फुटकर दुकानें स्थापित करने के लिये उनसे प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाने की अपेक्षा की जायेगी।
  • बुनियादी ढाँचों का आधुनिकीकरण उन स्थानों पर प्रदान किया जायेगा जहाँ विद्यमान सुविधाएं निर्माण और उपस्करों के द्वारा इससे आगे के विकास से अपेक्षित होंगीं।
  • प्रस्ताव, अतिरिक्त आय और रोजगार का अंशदान करने के लिये व्यवहार्य होना चाहिये।

2.2.2 अपेक्षाएं

फुटकर दुकानों के लिये वित्तीय सहायता के घटक निम्नानुसार हैं, जहाँ आवश्यकता पर आधारित वित्तीय सहायता बोर्ड द्वारा दी जाएगी:-

  • शीत भंडारण की सुविधाएं
  • पेय जल और वर्फ की सुविधा (पपड़ी वाली वर्फ)
  • समुचित छत और फर्श के साथ स्वच्छ स्टॉल
  • काटने, भंडारण करने की सुविधा के साथ सुवाह्य प्रदर्शन की इकाई
  • मछलियों की सफाई करने की इकाई
  • उतराई की सुविधाएं
  • कचरा प्रबंधन प्रणाली
  • परिवहन की सुविधा
  • संचार की सुविधाएं
  • विश्राम - कक्ष और प्रसाधन की सुविधा।
  • समुचित नालियाँ, दरवाजे के साथ चारदीवारी

2.2.3 सहायता का प्रकार

एन.एफ.डी.बी. की सहायता, पूँजी - निवेश की 20% सहायता के रूप में होगी।

2.3 लघु पैमाने की फुटकर इकाईयाँ

2.3.1 पात्रता के मापदंड

  • राज्य के मात्स्यिकी के निगमों / राज्य के मछुआरा संघों, मछुआरा सहकारी समितियों, स्व.स.स और निजी उद्यमियों का अच्छा सिद्ध रिकार्ड होना चाहिये और उनकी सम्बंधित राज्य के मात्स्यिकी के विभागों द्वारा अनुशंसा की जानी चाहिए।

2.3.2 अपेक्षाएं

लघु पैमाने की खुदरा इकाईयों में वित्तीय सहायता के घटक निम्नानुसार हैं जहाँ आवश्यकता पर आधारित सहायता बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी:-

  • अपेक्षित उपस्करों के साथ बेचने के स्टॉल
  • कुसंवाहक मछली की पेटियाँ
  • भंडारण हेतु डीप फ्रीज़र
  • प्रदर्शन की व्यवस्था
  • इलेक्ट्रॉनिक तराजू
  • मछलियों की सफाई और पैकिंग के उपकरण
  • कोई अन्य उपयुक्त मदें

2.3.3 सहायता का प्रकार

एन.एफ.डी.बी. की सहायता, पूँजी- निवेश की 20% सहायता के रूप में होगी (पूर्ण विवरण सारणी-5 में दिये गये हैं)

प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण

पात्र आवेदकों से प्राप्त सभी प्रस्ताव, विचारार्थ और वित्त प्रदान करने के लिये एन.एफ.डी.बी. को प्रस्तुत किये जाएंगे। कार्यान्वयन करने वाले अभिकरणों के द्वारा दिये गये विवरणों में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिये, प्रार्थना-पत्र निम्नलिखित फार्मों में प्रस्तुत किये जायेंगे:-

1.फार्म डी.एम.-1: थोक बिक्री के बाज़ारों का आधुनिकीकरण

2.फार्म डी.एम.-2: फुटकर दुकानें (बड़ी / अल्प / लघु पैमाने की इकाईयाँ)

निधियों का जारी किया जाना

सामान्यतया, थोक बिक्री के बाज़ारों / फुटकर दुकानों / लघु पैमाने की फुटकर की इकाईयों से सम्बंधित क्रिया-कलापों के लिये सहायता दो समान किश्तों में जारी की जाएगी। पहली किश्त, एन.एफ.डी.बी. के द्वारा प्रस्ताव के अनुमोदन किये जाने पर जारी की जाएगी और दूसरी किश्त सिविल कार्य पूरा हो जाने और पहली किश्त के उपभोग प्रमाणपत्र के प्रस्तुत किये जाने के बाद जारी की जाएगी। किंतु , यदि कार्यान्वयन करने वाला अभिकरण यह अनुभव करता है कि सहायता अकेली किश्त में जारी की जानी चाहिये, तो एन.एफ.डी.बी. को प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय वे इस बात का संकेत कर सकते हैं। सहायता की सभी किश्तें लाभार्थी के बैंक के खाते में जमा की जायेंगीं।

उपभोग प्रमाणपत्र का प्रस्तुतीकरण

लागू करने वाले अभिकरण, बोर्ड द्वारा उनको जारी की गई निधियों के सम्बंध में उपभोग प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेंगे। ऐसे प्रमाणपत्र फार्म डी.एम.-3 में अर्ध-वार्षिक आधार पर अर्थात् प्रत्येक वर्ष जुलाई और जनवरी की अवधि में प्रस्तुत किये जायेंगे। ये उपभोग प्रमाणपत्रे उस अवधि के दौरान भी प्रस्तुत किये जा सकते हैं जब वे क्रिया-कलाप जिनके लिये पूर्व में निधियाँ जारी की गई थीं, वे पूरे हो चुके हैं और सहायता की दूसरी खुराक किसान द्वारा शेष कार्यों को पूरा करने के लिये अपेक्षित है।

अनुश्रवण और मूल्यांकन

एन.एफ.डी.बी. के वित्तपोषण के अंतर्गत लागू किये गये क्रिया-कलापों की प्रगति का आवधिक आधार पर अनुश्रवण और मूल्यांकन करने के लिये एन.एफ.डी.बी. के मुख्यालयों पर एक समर्पित अनुश्रवण और मूल्यांकन (एम.एंड ई.) कक्ष की स्थापना की जाएगी। परियोजना अनुश्रवण समिति जिसमें विषय-वस्तु और वित्त के विशेषज्ञ और वित्तपोषण करने वाले संगठनों के प्रतिनिधि होंगे, भौतिक, वित्तीय और उत्पादन के लक्ष्यों से सम्बंधित उपलब्धियों को शामिल करते हुए, क्रिया-कलापों की प्रगति की आवधिक आधार पर समीक्षा करने के लिये गठित की जा सकती है।

सारणी: 1 थोक बिक्री के बाजार की अनुमानित लागत (लगभग)- रु.1 करोड़ से ऊपर

कुल परिकल्पित क्षेत्रफल 1 एकड़ है जो 43560 वर्ग फुट का होता है।

क्रम. सं.

पूँजी - निवेश के विवरण

 

लागत

(रु.लाखों में)

अभ्युक्तियाँ

 

01.

गाड़ी खड़ी करने का पर्याप्त स्थान

20.00

एक ही समय में 20 ट्रक पार्क किये

जाने हैं (20 सेंट जमीन)

02.

सामान चढ़ाने और उतारने की सुविधा

5.00

 

सामान चढ़ाने के 5 चबूतरे

03.

शीत भंडारण की सुविधा

45.00

 

3 नग (प्रत्येक की क्षमता 10 टन)

04.

चलने- फिरने के पर्याप्त स्थान के साथ आधुनिक सिविल ढाँचे / समुचित छत और टाईल वाले फर्श के साथ स्वच्छ स्टाल (50 नग)

 

55.00

रु.700 की दर से 5000 वर्ग फुट और रु.1.00 वर्ग फुट की दर से अतिरिक्त 20,000 वर्ग फुट

05.

पैकिंग और परिवहन

7.00

 

06.

वर्फ , पानी और सहायक उपकरण

42.00

| 4 नग, पपड़ी वाली बर्फ की इकाईयाँ

07.

संसूचना वाली सुविधाएं

2.00

 

08.

सूचना प्रणाली

2.00

उपलब्ध उत्पादों और कीमतों का अंकीय प्रदर्शन बोर्ड

09.

कचरा प्रबंधन की प्रणाली

25.00

मल-जल के उपचार के संयंत्र इत्यादि

10.

विश्राम-गृह और प्रसाधन की सुविधाएं

5.00

 

11.

जल- निकास की समुचित नालियाँ

10.00

नल साजी

12.

भूमि के ऊपर टैंक के साथ पर्याप्त जलापूर्ति

5.00

दूकानदार के चबूतरों, चढ़ाई और उतराई

के विंदुओं इत्यादि पर नल की टोंटियाँ

13.

संरक्षण हेतु दरवाजे के साथ चहारदीवारी

10.00

 

14.

जलपान-गृह

7.00

 

15.

विविध और अनपेक्षित लागते

 

10.00

 

 

योग

250.00

 

 

सारणी: 2 फुटकर के बड़े बाज़ार के लिये अनुमानित लागत - रु. 50 लाख से 1 करोड़ तक

पूँजी - निवेश की लागत

कुल परिकल्पित क्षेत्रफल है - 0.5 एकड़ जो 21780 वर्ग फुट होता है।

क्रम. सं.

पूँजी - निवेश के विवरण

 

लागत

(रु.लाखों में)

अभ्युक्तियाँ

 

01.

शीत भंडारण की सुविधा

15.00

2 नग

02.

सुबाह्य पानी और वर्फ की सुविधा

20.00

 

पपड़ी वाले वर्फ बनाने की मशीनें

03.

समुचित छत और टाईल वाले स्वच्छ स्टॉल

14.00

2000 वर्गफुट रु.700/ की दर से

04.

भंडारण को अलग करने की सुविधा सहित सुवाह्य प्रदर्शन की इकाई

 

10.00

6 लाख रु. की दर से जंगरोधी इस्पात की मेज, विसि कूलर

05.

मछली की सफाई की सुविधा

2.00

मेजों, जलयानों, उपस्करों इत्यादि को उपयुक्त रूप से काटने वाली मशीनों के साथ तापक्रम नियंत्रित कमरा

06.

सामान उतारने की सुविधा

 

2.00

सफाई करने की सुविधा के साथ सामान चढ़ाने के चबूतरे

07.

पैकिंग और परिवहन

 

12.00

रु. 400/ वर्ग मी. की दर से परिवहन हेतु राल मिली हुई प्रवेश करने और

घुमाव वाली सड़क

08.

कचरा प्रबंधन प्रणाली

8.00

मल-जल के उपचार के संयंत्र इत्यादि

09.

विश्राम - कक्ष और प्रसाधन की सुविधाएं

2.00

 

10.00

जल-निकासी की समुचित नालियाँ, चहारदीवारी और संरक्षण हेतु दरवाजा

 

15.00

 

 

योग

100.00

 

 

स्त्रोत: पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन विभाग, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय

3.0

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
Back to top

T612019/10/18 19:51:57.404631 GMT+0530

T622019/10/18 19:51:57.426827 GMT+0530

T632019/10/18 19:51:57.644787 GMT+0530

T642019/10/18 19:51:57.645302 GMT+0530

T12019/10/18 19:51:57.373797 GMT+0530

T22019/10/18 19:51:57.374110 GMT+0530

T32019/10/18 19:51:57.374364 GMT+0530

T42019/10/18 19:51:57.374617 GMT+0530

T52019/10/18 19:51:57.374788 GMT+0530

T62019/10/18 19:51:57.374921 GMT+0530

T72019/10/18 19:51:57.376328 GMT+0530

T82019/10/18 19:51:57.376684 GMT+0530

T92019/10/18 19:51:57.377062 GMT+0530

T102019/10/18 19:51:57.377474 GMT+0530

T112019/10/18 19:51:57.377567 GMT+0530

T122019/10/18 19:51:57.377775 GMT+0530