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राष्ट्रीय विधि स्कूल

यह भाग विधि से जुड़े महत्वपूर्ण स्कूलों और अकादमिक संस्थानों के बारे में जानकारी देता है।

परिचय

गुणवत्तापूर्ण कानूनी शिक्षा के बढ़ते महत्व के साथ विभिन्न राष्ट्रीय कानून विद्यालयों  को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त हुआ है। इस क्रम में छात्रों की आंकक्षाओं का पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार ने पहल करते हुए राज्यों के साथ राष्ट्रीय महत्व के लॉ स्कूल/ विश्वविद्यालय को स्थापित किया है। वर्तमान में 16 राष्ट्रीय स्तर लॉ के स्कूल/विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण कानूनी शिक्षा के रुप में समेकित स्नातक और स्नात्तकोत्तर पाठ्यक्रम की पेशकश देशभर के छात्रों को दे रहे हैं।

ये लॉ स्कूल/विश्वविद्यालय इन पाठ्यक्रमों के अलावा एनजीओ,सरकारी अधिकारियों प्रशासकों, स्थानीय सरकारी प्रतिनिधियों और पेशेवरों कानूनज्ञ के साथ बॉर कौंसिल के प्रतिनिधियों,अन्य प्रशासकों और पेशेवरों के लिए भी विभिन्न पाठ्यक्रम आयोजित करते हैं।

विभिन्न पाठ्यक्रम के उद्देश्यों पर बल देने के लिए,ये लॉ स्कूल ऐसी शिक्षण और अधिगम में केस अध्ययन,व्याख्यान प्रदर्शन,समूह चर्चा और शोध व्याख्यान के रूप में शिक्षण और स्वयं निर्धारित शोध जैसे तरीके को उपयोग में लाते है ।

संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा

संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा (क्लेट) राष्ट्रीय लॉ स्कूल/विश्वविद्यालयो के विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों(एल.एल.बी एवं एल.एल.एम) में प्रवेश के लिए भारत भर में स्थापित किये गये 15 स्कूल/विश्वविद्यालयों द्वारा बारी–बारी से आयोजित की जाती है।

प्रथम संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा के समय गठित की गई 7 राष्ट्रीय लॉ विश्वविद्यालयों  के उपकुलाधिपति की मुख्य समिति ने निर्णय लिया था कि सभी विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के क्रम में बारी-बारी से इस परीक्षा को आयोजित करेंगे। इसके अनुसार प्रथम संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा का आयोजन 2008 में राष्ट्रीय लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी,बंगलुरु द्वारा किया गया था। वर्ष 2015में इस परीक्षा का आयोजन राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय,लखनऊ द्वारा किया जा रहा है।

पात्रता

स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम

उम्मीदवार को सीनियर सेकेण्डरी स्कूल/इंटरमीडियेट में पास होना चाहिए या उसके समकक्ष मान्यता प्राप्त बोर्ड से सर्टिफिकेट प्राप्त हो जिसमें 45प्रतिशत(अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 40 प्रतिशत मान्य होंगे।) से कम अंक नहीं होना चाहिए और उम्र सीमा 1 जुलाई 2014 को(उम्र सीमा की गणना परीक्षा आयोजित होने वाले साल के अनुसार की जाएगी।) 20 साल से कम होना चाहिए।

स्नातकोत्तर स्तरीय पाठ्यक्रम

उम्मीदवार को एल.एल.बी/बी.एल की डिग्री होनी चाहिए या किसी विश्वविद्यालय से समकक्ष डिग्री 55प्रतिशत(अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 55 प्रतिशत मान्य होंगे) अंकों के साथ होनी चाहिए।

देखें http://clat.ac.in/ योग्यता के बारे में ज्यादा जानने के लिए

राष्ट्रीय विधि स्कूल/विश्वविद्यालय

हम यहां पर आपकी सहायता के लिए राष्ट्रीय लॉ स्कूल की लिंक दे रहे हैं जिससे आप संस्था की वेबसाईट पर जा कर अन्य सभी जानकारी से लाभान्वित हो सकते हैं:

राष्ट्रीय विधि स्कूल

चाणक्य राष्ट्रीय लॉ विश्वविद्यालय,पटना

राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय,लखनऊ

गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय

हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय,रायपुर

नलसार विधि विश्वविद्यालय,हैदराबाद

नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बंगलुरु

नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी,नई दिल्ली

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, ओडिशा

राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ,पंजाब

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी एण्ड जुडीशियल एकेदमी, आसाम

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एण्ड रिसर्च इन लॉ, रांची

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज,कोच्चि

तमिलनाडू नेशनल लॉ स्कूल

दामोदरन संजीव्वा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी,विशाखापट्टनम

स्रोत: http://www.clat.ac.in/

3.14925373134

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