सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / शिक्षा / बाल अधिकार / हमें अभिशप्त मत मानो,एचआईवी से संक्रमित व प्रभावित बच्चे
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

हमें अभिशप्त मत मानो,एचआईवी से संक्रमित व प्रभावित बच्चे

इस लेख में एचआईवी संक्रमित बच्चों के लिए बाल संरक्षण आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों का उल्लेख है।

सामाजिक सुरक्षा का भय

बाल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा आयोजित जन सुनवाई में समुचित आश्रय और सुरक्षा का अभाव, संपत्ति के अधिकारों से वंचित करना और एचआईवी के कलंक से संक्रमित और प्रभावित सार्वजनिक बच्चों की प्रमुख चिंताओं के रूप में उभरीं। उनके अधिकारों के इनकार पर राष्ट्रीय और राज्य लोक सुनवाई में एक सौ से ज़्यादा एचआईवी तथा एड्स से संक्रमित और प्रभावित बच्चों ने, जिनमें से कई अनाथ हैं, अपनी बात रखी।

दिल्ली में एक राष्ट्रीय सुनवाई की गयी जिसमें गुजरात, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से बच्चों में भाग लिया और तत्कालीन एनसीपीसीआर की अध्यक्ष शांता सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायविदों के पैनल के सामने बयान दिए। इसके अलावा ज्यूरी में एनसीपीसीआर सदस्य दीपा दीक्षित, एनसीपीसीआर सदस्य सचिव लव वर्मा, फिल्म निर्माता नंदिता दास, कार्यकर्ता अंजलि गोपालन, नाज फाउंडेशन, पोषण विशेषज्ञ वीणा शत्रुघ्न और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ शिवानंद भी थे।

उन प्रभावितों की आवाजों के बीच एक आवाज़

विनीत की थी। वह और उसकी माँ एचआईवी पॉजिटिव हैं और उसके पिता मर चुके हैं। विनीत ने ज्यूरी  से कहा कि उसे स्कूल में गंभीर अपमान का सामना करना पड़ता है। उसके स्कूल के शिक्षकों ने भी उसे विशेष ट्यूशन देने से मना कर दिया है। इससे वह परेशान और अवसादग्रस्त हो गया है।

यह कहा गया कि अगर उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो एक मेधावी छात्र होने के बावजूद उसके स्कूल छोड़ने का एक खतरा है। ज्यूरी ने संबंधित राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी को निर्देश दिया कि स्कूल अधिकारियों और संबंधित शिक्षक से मिलकर उन लोगों को पीएलएचआईवी (एचआईवी/ एड्स के साथ रहने वाले) को कलंकित करने के विरुद्ध सरकारी आदेश की जानकारी दें। एड्स नियंत्रण सोसायटी को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि विनीत को आगे किसी भी कलंक का सामना न करना पड़े। ज्यूरी ने उल्लेख किया कि यदि स्कूल ने निर्देशों का पालन नहीं किया, तो उसे बंद कर दिया जाना चाहिए।

चंद्रानी (6) एक अनाथ और एचआईवी पॉजिटिव है। वह अपने वृद्ध दादा-दादी के साथ रहती है। जबकि वह एआरटी के लिए पंजीकृत है, वह इसे अभी तक प्राप्त नहीं कर सकी है क्योंकि अस्पताल में मशीन खराब होने के कारण अभी तक उसका सीडी4 काउंट नहीं किया गया है। चंद्रानी अक्सर अवसरवादी संक्रमण (ओआई) से ग्रस्त रहती है और स्कूल में, परिवार और समुदाय से गंभीर कलंक का सामना करती है। इसने उसे दुखी और अवसादग्रस्त कर दिया है। उसके दादा-दादी उसे एक संस्था में भर्ती करना चाहते हैं क्योंकि वे उसकी देखभाल करने में असमर्थ हैं। सार्वजनिक सुनवाई में ज्यूरी ने एनएकेओ को निर्देश दिया कि सरकारी अस्पताल में सीडी4 मशीन की गड़बड़ी के कारणों पर गौर किया जाए और चंद्रानी का सीडी4 परीक्षण जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए। उसके गिरते स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ज्यूरी ने संबंधित राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी ने जल्द से जल्द उसे एआरटी पर शुरू करने का निर्देश दिया। छह साल की बच्ची के किसी संस्था में जल्द से जल्द प्रवेश का सुझाव दिया गया।

दिल्ली में राष्ट्रीय सुनवाई में लाए गए मुख्य मुद्दे थे पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच, एचआईवी स्थिति के आधार पर बच्चों और उनके परिवारों के प्रति भेदभाव प्रवेश, गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन और पीएलएचआईवी के समर्थन तथा शामिल किए जाने के संबंध में जन-जागरूकता में कमी।

राज्य सरकार के अधिकारियों, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण (नाको) संगठन और उसके राज्य के अध्याय के प्रतिनिधियों ने जन-सुनवाई के दौरान जवाब दिए और प्रत्येक मामले पर खुली चर्चा के लिए गुंजाइश प्रदान की तथा देश में नीति और कार्यक्रम परिदृश्य पर भी जवाब दिए।

स्त्रोत: पोर्टल विषय सामग्री टीम

3.03883495146

Anonymous Aug 10, 2015 11:30 AM

हम ऐसे बच्चो को समाज के मुख्या धरा से जोड़ कर उनका मार्गXर्शX कर सकतें हैं.

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
संबंधित भाषाएँ
Back to top

T612019/06/27 15:26:55.486349 GMT+0530

T622019/06/27 15:26:55.503550 GMT+0530

T632019/06/27 15:26:55.504290 GMT+0530

T642019/06/27 15:26:55.504574 GMT+0530

T12019/06/27 15:26:55.448018 GMT+0530

T22019/06/27 15:26:55.448207 GMT+0530

T32019/06/27 15:26:55.448356 GMT+0530

T42019/06/27 15:26:55.448492 GMT+0530

T52019/06/27 15:26:55.448580 GMT+0530

T62019/06/27 15:26:55.448666 GMT+0530

T72019/06/27 15:26:55.449388 GMT+0530

T82019/06/27 15:26:55.449569 GMT+0530

T92019/06/27 15:26:55.449783 GMT+0530

T102019/06/27 15:26:55.449995 GMT+0530

T112019/06/27 15:26:55.450040 GMT+0530

T122019/06/27 15:26:55.450143 GMT+0530