सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / शिक्षा / बाल जगत / राष्ट्रीय प्रतीक
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

राष्ट्रीय प्रतीक

इस लेख में भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों की जानकारी प्रदान की गयी है|

यहाँ आपको भारत की राष्ट्रीय पहचान के प्रतीकों की जानकारी दी गई है। यह प्रतीक भारतीय पहचान और विरासत का मूलभूत हिस्सा हैं। विश्व भर में बसे विविध पृष्ठभूमियों के भारतीय इन राष्ट्रीय प्रतीकों पर गर्व करते हैं क्योंकि वे प्रत्येक भारतीय के हृदय में गौरव और देश भक्ति की भावना का संचार करते हैं।

राष्ट्रीय झंडा

राष्ट्रीय झंडा क्षैतिजीय तिरंगा है जिसमें सबसे ऊपर गहरा केसरिया, सफेद बीच में और गहरा हरा सबसे नीचे बराबर अनुपात में हैं। झंडे की चौड़ाई उसी लम्बाई के अनुपात में 2:3 है। सफेद पट्टी के केंद्र में गहरा नीला चक्र है, जो चक्र को दर्शाता है। इसका डिजाइन अशोक की राजधानी सारनाथ के शेर के शीर्षफलक के चक्र में दिखने वाले की तरह है। इसकी परिधि लगभग सफेद पट्टी की चौड़ाई के बराबर है इसमें 24 तीलियां हैं। राष्ट्रीय झंडे की डिजाइन 22 जुलाई, 1947 को भारत की संविधान द्वारा अपनाया गया।

राष्ट्रीय पक्षी

national birdभारतीय मोर, पावों क्रिस्तातुस, भारत का राष्ट्रीय पक्षी एक रंगीन, हंस के आकार का पक्षी पंखे आकृति की पंखों की कलगी, आँख के नीचे सफेद धब्बा और लंबी पतली गर्दन। इस प्रजाति का नर मादा से अधिक रंगीन होता है जिसका चमकीला नीला सीना और गर्दन होती है और अति मनमोहक कांस्य हरा 200 लम्बे पंखों का गुच्छा होता है। मादा भूरे रंग की होती है, नर से थोड़ा छोटा और इसमें पंखों का गुच्छा नहीं होता है। नर का दरबारी नाच पंखों को घुमाना और पंखों को संवारना सुंदर दृश्य होता है।

राष्ट्रीय वृक्ष

भारतीय अंजीर का पेड़ फाइकस बैंगालेंसिस, जिसकी शाखाएं और जड़े एक बड़े हिस्से में एक नए पेड़ के समान लगने लगती हैं। जड़ें जिन से और अधिक तने और शाखाएं बनती हैं। इस विशेषता और लंबे जीवन के कारण इस पेड़ को अनश्वर माना जाता है और यह भारत की भ्रांतियों तथा लोक कथाओं का एक अविभाज्य अंग है। आज भी केले के पेड़ को ग्रामीण जीवन का केन्द्रीय बिन्दु माना जाता है और गांव की परिषद इसी पेड़ की छाया में बैठक करती है।

राष्ट्र–गान

भारत का राष्ट्र गान अनेक अवसरों पर बजाया या गाया जाता है। राष्ट्र गान के सही संस्करण के बारे में समय समय पर अनुदेश जारी किए गए हैं, इनमें वे अवसर जिन पर इसे बजाया या गाया जाना चाहिए और इन अवसरों पर उचित गौरव का पालन करने के लिए राष्ट्र गान को सम्मान देने की आवश्यकता के बारे में बताया जाता है। सामान्य सूचना और मार्गदर्शन के लिए इस सूचना पत्र में इन अनुदेशों का सारांश निहित किया गया है।

स्वर्गीय कवि रविन्द्र नाथ टैगोर द्वारा "जन गण मन" के नाम से प्रख्यात शब्दों और संगीत की रचना भारत का राष्ट्र गान है। इसे इस प्रकार पढ़ा जाए:

जन-गण-मन अधिनायक, जय हे
भारत-भाग्य-विधाता,
पंजाब-सिंधु गुजरात-मराठा,
द्रविड़-उत्कल बंग,
विन्ध्य-हिमाचल-यमुना गंगा,
उच्छल-जलधि-तरंग,
तब शुभ नामे जागे,
तब शुभ आशिष मांगे,
गाहे तब जय गाथा,
जन-गण-मंगल दायक जय हे,
भारत-भाग्य-विधाता,
जय हे, जय हे, जय हे,
जय जय जय जय हे।

उपरोक्त राष्ट्र गान का पूर्ण संस्करण है और इसकी कुल अवधि लगभग 52 सेकंड है।

राष्ट्रीय नदी

national riverगंगा भारत की सबसे लंबी नदी है जो पर्वतों, घाटियों और मैदानों में 2,510 किलो मीटर की दूरी तय करती है। यह हिमालय के गंगोत्री ग्लेशियर में भागीरथि नदी के नाम से बर्फ के पहाड़ों के बीच जन्म लेती है। इसमें आगे चलकर अन्य नदियां जुड़ती हैं, जैसे कि अलकनंदा, यमुना, सोन, गोमती, कोसी और घाघरा। गंगा नदी का बेसिन विश्व के सबसे अधिक उपजाऊ क्षेत्र के रूप में जाना जाता है और यहां सबसे अधिक घनी आबादी निवास करती है तथा यह लगभग 1,000,000 वर्ग किलो मीटर में फैला हिस्सा है। नदी पर दो बांध बनाए गए हैं - एक हरिद्वार में और दूसरा फरक्का में। गंगा नदी में पाई जाने वाली डॉलफिन एक संकटापन्न जंतु है, जो विशिष्ट रूप से इसी नदी में वास करती है।

गंगा नदी को हिन्दु समुदाय में पृथ्वी की सबसे अधिक पवित्र नदी माना जाता है। मुख्य धार्मिक आयोजन नदी के किनारे स्थित शहरों में किए जाते हैं जैसे वाराणसी, हरिद्वार और इलाहाबाद। गंगा नदी बंगलादेश के सुंदर वन द्वीप में गंगा डेल्टा पर आकर व्यापक हो जाती है और इसके बाद बंगाल की खाड़ी में मिलकर इसकी यात्रा पूरी होती है।

राष्ट्रीय प्रतीक

राष्ट्र का प्रतीक अशोक के सारनाथ शेर राजधानी से लिया गया है। मूल रूप में चार शेर हैं जो एक दूसरे की ओर मुंह किए खड़े थे जो हाथी के एक दौड़ता घोड़ा, एक सांड़ और सिंह, जो घंटी के आकार के कमल के ऊपर बीच में आने वाले चक्र द्वारा अलग अलग किए गए थे। जो पॉलिश किए हुए एक ही पत्थर के टुकड़े पर तराशा गया था, राजधानी के शीर्ष पर कानून का चक्र (धर्म चक्र) था।

राष्ट्र के प्रतीक में जिसे 26 जनवरी 1950 में भारत सरकार द्वारा अपनाया गया था केवल तीन सिंह दिखाई देते हैं और चौथा छिपा हुआ है, दिखाई नहीं देता है। चक्र केंद्र में दिखाई देता है, सांड दाहिनी ओर और घोड़ा बायीं ओर और अन्य चक्र की बाहरी रेखा बिल्कुल दाहिने और बाई छोर पर। घंटी के आकार का कमल छोड दिया जाता है। शब्द सत्यमेव जयते मुंडकोपनिषद से लिए गए हैं, जिसका अर्थ है केवल सच्चाई की विजय होती है, के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है।

राष्ट्रीय पंचांग

राष्ट्रीय कैलेंडर शक संवत पर आधारित है, चैत्र इसका माह होता है और ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ साथ 22 मार्च, 1957 से सामान्यत: 365 दिन निम्नलिखित सरकारी प्रयोजनों के लिए अपनाया गया:

  • भारत का राजपत्र,
  • आकाशवाणी द्वारा समाचार प्रसारण,
  • भारत सरकार द्वारा जारी कैलेंडर और
  • लोक सदस्यों को संबोधित सरकारी सूचनाएं
  • राष्ट्रीय कैलेंडर ग्रेगोरियम कैलेंडर की तिथियों से स्थायी रूप से मिलती-जुलती है।
  • मान्यत: 1 चैत्र 22 मार्च को होता है और लीप वर्ष में 21 मार्च को।

राष्ट्रीय पशु

राजसी बाघ, तेंदुआ टाइग्रिस धारीदार जानवर है। इसकी मोटी पीली लोमचर्म का कोट होता है जिस पर गहरी धारीदार पट्टियां होती हैं। लावण्यता, ताकत, फुर्तीलापन और आपार शक्ति के कारण बाघ को भारत के राष्ट्रीय जानवर के रूप में गौरवान्वित किया है। ज्ञात आठ किस्मों की प्रजाति में से शाही बंगाल टाइगर (बाघ) उत्तर पूर्वी क्षेत्रों को छोड़कर देश भर में पाया जाता है और पड़ोसी देशों में भी पाया जाता है, जैसे नेपाल, भूटान और बंगलादेश। भारत में बाघों की घटती जनसंख्या की जांच करने के लिए अप्रैल 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर (बाह्य परियोजना) शुरू की गई। अब तक इस परियोजना के अधीन 27 बाघ के आरक्षित क्षेत्रों की स्थापना की गई है जिनमें 37, 761 वर्ग कि.मी. क्षेत्र शामिल है।

राष्ट्रीय फल

एक गूदे दार फल, जिसे पकाकर खाया जाता है या कच्चा होने पर इसे अचार आदि में इस्तेमाल किया जाता है, यह मेग्नीफेरा इंडिका का फल अर्थात आम है जो उष्ण कटिबंधी हिस्से का सबसे अधिक महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से उगाया जाने वाला फल है। इसका रस दार फल विटामिन ए, सी तथा डी का एक समृद्ध स्रोत है। भारत में विभिन्न आकारों, मापों और रंगों के आमों की 100 से अधिक किस्में पाई जाती हैं। आम को अनंत समय से भारत में उगाया जाता रहा है। कवि कालीदास ने इसकी प्रशंसा में गीत लिखे हैं। अलेक्सेंडर ने इसका स्वाद चखा है और साथ ही चीनी धर्म यात्री व्हेन सांग ने भी। मुगल बादशाह अकबर ने बिहार के दरभंगा में 1,00,000 से अधिक आम के पौधे रोपे थे, जिसे अब लाखी बाग के नाम से जाना जाता है।

राष्ट्रीय खेल

national gameजब हॉकी के खेल की बात आती है तो भारत ने हमेशा विजय पाई है। हमारे देश के पास आठ ओलम्पिक स्वर्ण पदकों का उत्कृष्ट रिकॉर्ड है। भारतीय हॉकी का स्वर्णिम युग 1928-56 तक था जब भारतीय हॉकी दल ने लगातार 6 ओलम्पिक स्वर्ण पदक प्राप्त किए। भारतीय हॉकी दल ने 1975 में विश्व कप जीतने के अलावा दो अन्य पदक (रजत और कांस्य) भी जीते। भारतीय हॉकी संघ (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) ने 1927 में वैश्विक संबद्धता अर्जित की और अंतरराष्ट्रीय हॉकी संघ (एफआईएच) (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) की सदस्यता प्राप्त की।

इस प्रकार भारतीय हॉकी संघ के इतिहास की शुरूआत ओलम्पिक में अपनी स्वर्ण गाथा आरंभ करने के लिए की गई। इस दौरे में भारत को 21 मैचों में से 18 मैच भारत ने जीते और प्रख्यात खिलाड़ी ध्यान चंद सभी की आंखों में बस गए जब भारत के कुल 192 गोलों में से 100 गोल उन्होंने अकेले किए। यह मैच एमस्टर्डम में 1928 में हुआ और भारत लगातार लॉस एंजेलस में 1932 के दौरान तथा बर्लिन में 1936 के दौरान जीतता गया और इस प्रकार उसने ओलम्पिक में स्वर्ण पदकों की हैटट्रिक प्राप्त की।

स्वतंत्रता के बाद भारतीय दल ने एक बार फिर 1948 लंदन ओलम्पिक, 1952 हेलसिंकी गेम तथा मेलबॉर्न ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीत कर हैटट्रिक प्राप्त की।

इस स्वर्ण युग के दौरान भारत ने 24 ओलम्पिक मैच खेले और सभी 24 मैचों में जीत कर 178 गोल बनाए (प्रति मैच औसतन 7.43 गोल) तथा केवल 7 गोल छोड़े। भारत को 1964 टोकियो ओलम्पिक और 1980 मॉस्को ओलम्पिक में दो अन्य स्वर्ण पदक प्राप्त हुए।

राष्ट्रीय पुष्प

national flower lotusकमल (निलम्बो नूसीपेरा गेर्टन) भारत का राष्ट्रीय फूल है। यह पवित्र पुष्प है और इसका प्राचीन भारत की कला और गाथाओं में विशेष स्थान है और यह अति प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति का मांगलिक प्रतीक रहा है।

भारत पेड़ पौधों से भरा है। वर्तमान में उपलब्ध डाटा वनस्पति विविधता में इसका विश्व में दसवां और एशिया में चौथा स्थान है। अब तक 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया गया उसमें से भारत के वनस्पति सर्वेक्षण द्वारा 47,000 वनस्पति की प्रजातियों का वर्णन किया गया है।

राष्ट्रीय प्रतीक


क्या है भारत के राष्ट्रीय प्रतीक, देखिये इस विडियो में

संबंधित स्त्रोत

  1. http://india.gov.in/
2.99193548387

Laxman Jan 29, 2019 06:33 PM

Bharat ka rastriya pratik

Rajesh rajne Dec 09, 2018 03:02 PM

Kya pradhanmantri ji ka photo chunav pracharak ke rup me party kar sakti hai .

Surendra Yadav Nov 27, 2018 12:08 PM

आलेख अच्छा है, कमल को राष्ट्रीय पुष्प कब घोषित किया गया

Rupesh Singh Aug 10, 2017 09:41 AM

It's very nice.

pradumn yadav Dec 21, 2016 01:46 PM

Bhalu (bear) kish desh ka rashtriy pasu hai

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
संबंधित भाषाएँ
Back to top

T612019/03/22 22:25:37.305327 GMT+0530

T622019/03/22 22:25:37.321346 GMT+0530

T632019/03/22 22:25:37.322045 GMT+0530

T642019/03/22 22:25:37.322322 GMT+0530

T12019/03/22 22:25:37.282749 GMT+0530

T22019/03/22 22:25:37.282938 GMT+0530

T32019/03/22 22:25:37.283104 GMT+0530

T42019/03/22 22:25:37.283273 GMT+0530

T52019/03/22 22:25:37.283386 GMT+0530

T62019/03/22 22:25:37.283459 GMT+0530

T72019/03/22 22:25:37.284182 GMT+0530

T82019/03/22 22:25:37.284379 GMT+0530

T92019/03/22 22:25:37.284601 GMT+0530

T102019/03/22 22:25:37.284859 GMT+0530

T112019/03/22 22:25:37.284908 GMT+0530

T122019/03/22 22:25:37.285004 GMT+0530