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मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना

इस पृष्ठ में मध्यप्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के विषय में बताया गया है I

भूमिका

इस योजना के अंतर्गत जिन विद्यार्थियों के माता/पिता का म0प्र0 शासन के श्रम विभाग में असंगठित कर्मकार के रूप में पंजीयनमुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना हो, ऐसे विद्यार्थियों को निम्नांकित स्नातक/पॉलीटेकनिक डिप्लोमा/आईटीआई पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के अंतर्गत शिक्षण शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। योजना के अंतर्गत स्नातक/पॉलीटेकनिक डिप्लोमा/आईटीआई पाठ्यक्रमों हेतु व्यय शुल्क के रूप में, प्रवेश शुल्क एवं वह वास्तविक शुल्क (मेस शुल्क एवं कॉशन मनी को छोड़कर) जो शुल्क विनियामक समिति अथवा म0प्र0 निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग अथवा भारत सरकार/राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया हैं, का ही भुगतान किया जायेगा।

  • इंजीनियरिंग हेतु जेईई मेन्स (JEE MAINS) परीक्षा में रैंक 1,50,000 (एक लाख पचास हजार) के अंतर्गत होने की स्थिति में शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर पूरी फीस एवं अनुदान प्राप्त/अशासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर 1.50 लाख अथवा वास्तवित शिक्षण शुल्क जो भी कम हो।
  • मेडिकल की पढाई हेतु नीट (NEET) प्रवेश परीक्षा के माध्यम से केन्द्र या राज्य शासन के मेडिकल/डेंटल महाविद्यालय के एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम अथवा मध्यप्रदेश में स्थित प्राईवेट मेडिकल के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया हो। भारत सरकार के संस्थानों जिनमें स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त होता है, के अभ्यर्थियों को भी पात्रता होगी।
  • विधि की पढाई हेतु कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) अथवा स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त किया हो।
  • भारत सरकार/राज्य सरकार के समस्त विश्वविद्यालयों/संस्थानों में संचालित ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं इंट्रीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं ड्यूल डिग्री कोर्स (जिसमें मास्टर डिग्री के साथ बैचलर डिग्री भी सम्मिलित हैं) के पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त करने पर।
  • राज्य शासन के समस्त शासकीय एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में संचालित समस्त स्नातक तथा राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों, पॉलीटेकनिक महाविद्यालय में संचालित समस्त डिप्लोमा पाठ्यक्रमों एवं आईटीआई (ग्लोबल स्किल पार्क को सम्मिलित मानते हुए) में प्रवेश प्राप्त करने पर।
  • शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अथवा उसके अधीन संचालित पैरामेडिकल साइंस के डिप्लोमा/ डिग्री एवं सर्टिफिकेट पाठयक्रम में प्रवेश प्राप्त करने पर ।

योजना की पात्रता की शर्त

  1. मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग में विद्यार्थी के माता/पिता का असंगठित कर्मकार के रूप में पंजीयन हो
  2. योजना स्नातक/पोलीटेकनिक डिप्लोमा/आईटीआई पाठ्यक्रमों हेतु लागू की जायेगी

इंजीनियरिंग क्षेत्र

कोई भी विद्यार्थी जिसने जेईई(IEE) मेन्स परीक्षा में 1 लाख 50 हजार तक रैंक प्राप्त किया है, अगर किसी भी शासकीय अथवा अशासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में उपरोक्त आधार पर प्रवेश प्राप्त करता है तो निम्नानुसार सहायता उपलब्ध करायी जायेगी –

  • शासकीय कॉलेज को देय शुल्क शासन द्वारा वहन किया जाएगा ।
  • प्राइवेट कॉलेज को देय शुल्क रूपये 1.5 लाख तक या वास्तविक रूप से देय शुल्क जो कम हो राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा ।

स्पष्टीकरण

यह स्पष्ट किया जाता है कि उपरोक्त सहायता सभी पात्र छात्रों को उपलब्ध करायी जायेगी। यदि किसी इंजीनियरिंग कॉलेज में पृथक प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता है और छात्र जेईई मेन्स में 1 लाख 50 हजार तक रैंक धारण करता है तो उसे भी पात्रता होगी।

मेडिकल क्षेत्र

जिन विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (NEET) के आधार पर केन्द्र या राज्य शासन के मेडिकल कॉलेज/डेन्टल कॉलेज के एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम एवं मध्यप्रदेश में स्थित प्राइवेट  मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया हो, उन विद्यार्थी को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा ।

  • भारत शासन के ऐसे संस्थान, जो स्वंय के द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर प्रवेश देते हैं, को भी योजना में सम्मिलित मान्य किया जाएगा ।
  • शासकीय मेडिकल कॉलेज में शिक्षित डॉक्टर 2 वर्ष तक राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने का अनुबंध करेंगे और इस आशय का बॉड रूपये 10 लाख के रूप में निष्पादित करेंगे। प्राइवेट  कॉलेज में यह अवधि 5 वर्ष तथा बॉड की राशि रूपये 25 लाख होगी।

विधि क्षेत्र

  • CLAT (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट) अथवा स्वयं के द्वारा अयोजित परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLU) एवं दिल्ली विश्वविद्वालय में बारहवीं कक्षा के बाद एडमिशन वाले कोर्स के विद्यार्थियों को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा ।
  • भारत सरकार/राज्य सरकार के समस्त विश्वविद्यालयों/संस्थानों में संचालित प्रोग्राम एवं इंटीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं इयूल डिग्री कोर्स (जिसमे मास्टर डिग्री के साथ बैचलर डिग्री भी सम्मिलित है) के विद्यार्थियों को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा ।
  • राज्य शासन के समस्त शासकीय एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों/ विश्वविद्यालयों में संचालित समस्त स्नातक पाठ्यक्रमों पोलीटेकनिक महाविद्यालयों में संचालित समस्त डिप्लोमा पाठ्यक्रमों
    • आईटीआई(ग्लोबल स्किल पार्क को सम्मिलित मानते हुये)को योजना के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।
    • शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अथवा उसके अधीन संचालित पैरामडिकल साइंस के डिप्लोमा/डिग्री एवं सर्टिफिकेट पाठ्क्रम में प्रवेश प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को देय शुल्क राज्य शासन दवारा वहन किया जाएगा ।

योजना के अंतर्गत देय शुल्क

योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा हेतु विभिन्न संस्थाओं को देय शुल्क के रूप में, प्रवेश शुल्क एवं वह वास्तविक शुल्क (मेस शुल्क एवं कॉशन मनी को छोड़कर) जो शुल्क विनियामक समिति अथवा मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग अथवा भारत सरकार/राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया है, का ही भुगतान किया जाएगा ।

योजना की महत्वपूर्ण बिन्दु

  • इस योजनांतर्गत लाभ पाने वाले छात्रों को प्रवेशित संस्था के नियमानुसार विषय तथा पाठ्यक्रम को समय-सीमा में पूर्ण करना आवश्यक होगा अन्यथा यह लाभ बंद कर दिया जाएगा ।
  • शासकीय संस्थाओं के विद्यार्थियों को देय शुल्क संस्था के खाते में देय होगा, जबकि निजी संस्थाओं के विद्यार्थियों को देय शुल्क विद्यार्थी के आधार लिंक खाते में देय होगा।
  • इस योजना अंतर्गत पात्र विद्यार्थी जो पूर्व में अध्ययनरत है, उन्हे वर्ष 2018-19 से उसी अनुसार शुल्क के भुगतान की प्रतिपूर्ति/छूट की पात्रता होगी, जैसे 2018-19 में प्रवेशित (प्रथम वर्ष) के पात्र विद्यार्थियों को होगी।

योजना का क्रियान्वयन

  • विद्यार्थियों द्वारा शैक्षणिक शुल्क की छूट/प्रतिपूर्ति हेतु मध्यप्रदेश सरकार का स्कॉलरशिप पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर यूजर आईडी (User ID) एवं पासवर्ड (Password) प्राप्त करना होगा।
  • विद्यार्थी पोर्टल पर लॉगिन कर योजना में लाभ प्राप्त करने हेतु ऑनलाईन आवेदन करेगा। विद्यार्थियों को अपना आधार नंबर एवं माता/पिता का असंगठित कर्मकार का पंजीयन क्रमांक ऑनलाईन आवेदन में भरना होगा।
  • आवेदन करते समय विद्यार्थी को अर्हकारी परीक्षा की अंक सूची, प्रवेश परीक्षा की अंकसूची (जैसे JEE Mains एवं NEET इत्यादि), शिक्षण शुल्क एवं अन्य शुल्क का विवरण एवं रसीद इत्यादि, अपलोड करना होगा।
  • अगर ऑनलाईन आवेदन भरते समय विद्यार्थी ने पंजीयन संबंधी आवेदन त्रुटिपूर्ण भरा है तो उसे पोर्टल के माध्यम से सुधार कर सकता है, परन्तु यह सुविधा एक बार ही प्राप्त हो सकती है।
  • विद्यार्थी द्वारा शैक्षणिक शुल्क की छूट एवं प्रतिपूर्ति का ऑनलाईन भरा हुआ आवेदन, प्रिन्ट कर आवश्यक दस्तावेजों के सहित प्रवेशित संस्था में जमा करना होगा।
  • संबंधित शैक्षणिक संस्थान, विद्यार्थियों के द्वारा आवेदन के साथ प्रस्तुत किये गये दस्तावेजों का मूल दस्तावेजों से सत्यापन उपरान्त, सत्यापन स्लिप ई-पोर्टल पर । अपलोड करेगा।
  • मध्यप्रदेश में स्थापित शासकीय एवं अशासकीय शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों के प्रकरणों की स्वीकृति संबंधित स्वीकृतकर्ता शासकीय शैक्षणिक संस्थान करेगा।
  • मध्यप्रदेश से बाहर के शासकीय/अशासकीय संस्थानों के विद्यार्थियों के प्रकरणों में स्वीकृति संबंधित संचालनालय यथा तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा अथवा चिकित्सा शिक्षा द्वारा किया जाएगा ।
  • संबंधित संस्थान द्वारा प्रस्तुत जानकारी के वेरीफिकेशन एवं स्वीकृति उपरांत संस्था देय शुल्क की पूर्ति संबंधित संस्थान/विद्यार्थी को ई-ट्रासंफर के माध्यम से की जायेगी।

योजना के चरण

योजना के चरण

किसके द्वारा संपादित किया जायेगा

रजिस्ट्रेशन

अभ्यर्थी

आवेदन

अभ्यर्थी

सत्यापन

संबंधित संस्था के प्राचार्य

स्वीकृति

इस आशय हेतु नियुक्त शासकीय संस्था के प्राचार्य/संचालनालय यथा तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा अथवा चिकित्सा शिक्षा

संवितरण

संचालनालय यथा तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा अथवा चिकित्सा शिक्षा

भुगतान

पोर्टल के माध्यम से सीधे संस्था के खाते अथवा अभ्यर्थी के आधार लिंक खाते में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विद्यार्थियों द्वारा सामान्य रूप से पूछे जाने वाले प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न-01- योजना का लाभ कौन-कौन प्राप्त कर सकता है?

उत्तर - वैसे विद्यार्थी जिनके माता/पिता का मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग में असंगठित कर्मकार के रूप में पंजीयन हो।

प्रश्न-02- योजना में हितग्राही किस प्रकार लाभान्वित हो सकेगा?

उत्तर - पात्र आवेदकों को उच्च शिक्षा के विभिन्न मान्य पाठ्यक्रमों में भारत सरकार/ मध्यप्रदेश राज्य शासन/मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग/ शुल्क विनियामक समिति द्वारा निर्धारित प्रवेश शुल्क एवं वास्तविक शुल्क (काशन मनी एवं मेस शुल्क को छोड़कर) का भुगतान किया जायेगा।

प्रश्न-03- यह योजना किस शैक्षणिक सत्र से लागू की जा रही है?

उत्तर - सत्र 2018-19 से।

प्रश्न-04- क्या प्रथम वर्ष के अतिरिक्त अध्ययन के मान्य पाठ्यक्रमों के अन्य वर्षों के विद्यार्थी भी इस योजना का लाभ ले सकते है?

उत्तर - जी हाँ। उनको भी सत्र 2018-19 से उसी प्रकार लाभ प्राप्त होगा जैसा कि प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को प्राप्त होगा।

प्रश्न-05- क्या इस योजना का लाभ सामान्य वर्ग के विद्यार्थी भी ले सकते हैं?

उत्तर - जी हाँ। इस योजना का लाभ सभी वर्ग के विद्यार्थी ले सकते हैं।

प्रश्न-06- क्या इस योजना का लाभ 12 वीं के स्वाध्यायी छात्रों को भी मिल सकता है?

उत्तर - जी हाँ, यह योजना स्वाध्यायी विद्यार्थी के रूप में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिये भी लागू है।

प्रश्न-07- मैं 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष 2017 के पूर्व ही उच्च अध्ययन हेतु प्रवेश ले चुका था। क्या अब मुझे योजना से लाभ प्राप्त हो सकता है?

उत्तर - जी हाँ। यह योजना वर्ष 2018-19 से प्रारंभ हुई है, अतएव वर्ष 2018 या इसके उपरांत में पंजीकृत असंगठित कर्मकार की संतान पाठ्यक्रम के जिस वर्ष में प्रवेश प्राप्त करेगी उसमें लाभ प्रदान किया जाएगा । अध्ययन के 2018-19 से पूर्व के वर्षों के लिए लाभ देय नहीं है।

प्रश्न-08- मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना का लाभ उच्च अध्ययन हेतु किन पाठ्यक्रमों में दिया जाएगा ?

उत्तर - इस योजना के लिए नोडल विभाग द्वारा जारी शासनादेश दिनांक 09.07.2018 की कंडिका 3 के अंतर्गत पात्रता रखने वाले संस्थानों के संदर्भ में निम्न क्षेत्रों में निःशुल्क उच्च शिक्षा उपलब्ध करायी जायेगी -

  • इंजीनियरिंग हेतु जेईई मेन्स (JEE MAINS) परीक्षा में रैंक 1,50,000 (एक लाख पचास हजार) के अंतर्गत होने की स्थिति में शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर पूरी फीस एवं अनुदान प्राप्त/अशासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर 1.50 लाख अथवा वास्तवित शिक्षण शुल्क जो भी कम हो।
  • मेडिकल की पढाई हेतु नीट (NEET) प्रवेश परीक्षा के माध्यम से केन्द्र या राज्य शासन के मेडिकल/डेंटल महाविद्यालय के एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम अथवा मध्यप्रदेश में स्थित प्राईवेट मेडिकल के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया हो।
  • भारत सरकार के संस्थानों जिनमें स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त होता है, के अभ्यर्थियों को भी पात्रता होगी।
  • विधि की पढाई हेतु कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) अथवा स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त किया हो।
  • भारत सरकार/राज्य सरकार के समस्त विश्वविद्यालयों/संस्थानों में संचालित ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं इंट्रीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं इयूल डिग्री कोर्स (जिसमें मास्टर डिग्री के साथ बैचलर डिग्री भी सम्मिलित हैं) के पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त करने पर।
  • राज्य शासन के समस्त शासकीय एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में संचालित समस्त स्नातक पाठ्यक्रमों, पॉलीटेकनिक महाविद्यालय में संचालित समस्त डिप्लोमा पाठ्यक्रमों एवं आईटीआई (ग्लोबल स्किल पार्क को सम्मिलित मानते हुए) में प्रवेश प्राप्त करने पर।
  • शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अथवा उसके अधीन संचालित पैरामेडिकल साइंस के डिप्लोमा/ डिग्री एवं सर्टिफिकेट पाठयक्रम में प्रवेश प्राप्त करने पर ।

प्रश्न-09- क्या विक्रमादित्य निःशुल्क शिक्षा योजना वर्तमान में जारी है?

उत्तर - जी नहीं । विक्रमादित्य निःशुल्क शिक्षा योजना को इस योजना में समाविष्ट किया गया है, यद्यपि विक्रमादित्य निःशुल्क शिक्षा योजना में पूर्व से सतत् लाभान्वित विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति की कार्यवाही यथावत जारी रहेगी।

प्रश्न-10- योजना में आवेदन करने हेतु क्या अनिवार्य है?

उत्तर - विद्यार्थी/आवेदनकर्ता के पास आधार नम्बर एवं माता/पिता का असंगठित कर्मकार का पंजीयन क्रमांक होना अनिवार्य है। इंजीनियरिंग/ मेडिकल/विधि के लिए उनकी पात्रता के लिये निर्धारित अन्य दस्तावेज़ (यथा- जे.ई.ई. मेंस/नीट/क्लैट/अन्य प्रवेश परीक्षा आदि के लिए अभिवांछित प्रमाण) भी आवेदन पत्र के साथ संलग्न होंगे।

प्रश्न-11- मैंने जे.ई.ई. की परीक्षा पास की है तो क्या मैं इस योजना का लाभ ले सकता हूं?

उत्तर - जी हाँ। यदि आपकी रैंक 1 लाख 50 हजार तक हो तो आप इस योजना का लाभ JEE MAINS उत्तीर्ण होने वाले वर्ष में ले सकते हैं। अन्य सभी पात्रता संबंधी शर्ते पूर्ण करना भी आवश्यक है।

प्रश्न-12- क्या JEE MAINS की निर्धारित रैंक से बाहर की रैंक वाले विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा?

उत्तर - इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के लिये नहीं मिलेगा।

प्रश्न-13- विद्यार्थी को JEE MAINS परीक्षा में 1 लाख 50 हजार तक रैंक प्राप्त कर JEE MAINS के आधार पर या अन्य आधार पर इंजीयनिरिंग के पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर क्या सहायता उपलब्ध करायी जायेगी?

उत्तर - इस योजना में JEE MAINS परीक्षा में 1 लाख 50 हजार तक रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी के लिए राज्य शासन द्वारा शासकीय कालेज में प्रवेश लेने पर कालेज को देय शुल्क एवं प्राइवेट कालेज में प्रवेश की स्थिति में कालेज को देय वास्तविक शुल्क (अधिकतम रूपये 1.5 लाख) का वहन किया जाएगा ।

प्रश्न-14- इंजीनियरिंग क्षेत्र में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का इस योजना में मुख्य आधार क्या है?

उत्तर - पंजीकृत असंगठित कर्मकार की संतान होना तथा JEE MAINS परीक्षा में 1 लाख 50 हजार तक रैंक प्राप्त करना।

प्रश्न-15- मैंने नीट (NEET) की परीक्षा पास की है तो क्या मैं इस योजना का लाभ ले सकता हूँ?

उत्तर - जी हाँ, नीट (NEET) के आधार पर शासकीय मेडिकल/डेंटल कालेज के एम.बी.बी.एस./बी.डी.एस.पाठ्यक्रम एवं मध्यप्रदेश में स्थित प्राइवेट  मेडिकल कालेज के एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रमों में प्रवेशित विद्यार्थी को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा । भारत सरकार के संस्थानों जिनमें स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त होता है, के अभ्यर्थियों को भी पात्रता होगी।

प्रश्न-16-  क्या भारत शासन के अन्य संस्थानों को इस योजना में शामिल किया गया है? उत्तर - जी हाँ। नीट (NEET) के अतिरिक्त भारत शासन के ऐसे संस्थान जो स्वयं प्रवेश परीक्षा आयोजित करते है, उन्हें भी इस योजना में सम्मिलित मान्य किया गया है।

प्रश्न-17- क्या शासकीय एवं प्राइवेट मेडिकल कालेज के एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को योजना का लाभ लेने के लिए बाण्ड भरना अनिवार्य है?

उत्तर - जी हाँ। इस योजना का लाभ एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम के लिए लेने पर बाण्ड भरना अनिवार्य है। शासकीय मेडिकल कालेज में शिक्षित डॉक्टर 2 वर्ष तक राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने का अनुबंध करेंगे और इस आशय का बाण्ड रूपये 10 लाख के रूप में निष्पादित करेंगे। प्राइवेट  कालेज में यह अवधि 5 वर्ष तथा बाण्ड की राशि रूपये 25 लाख होगी।

प्रश्न-18- क्या बी.डी.एस. में प्रवेश लेने पर योजना का लाभ मिलेगा?

उत्तर - मध्यप्रदेश में स्थित शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर योजना का लाभ प्राप्त होगा। निजी दंत चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर पात्रता नहीं होगी।

प्रश्न-19- क्या किसी भी मेडिकल कालेज में प्रवेश लेने पर इस योजना का लाभ मिलेगा?

उत्तर - नीट (NEET) प्रवेश परीक्षा के माध्यम से केन्द्र शासन एवं मध्यप्रदेश शासन के मेडिकल कालेज अथवा मध्यप्रदेश में स्थित प्राइवेट  मेडिकल कालेज के एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त करने पर इस योजना का लाभ मिलेगा। नीट (NEET) के अतिरिक्त केन्द्र शासन के ऐसे मेडिकल कालेज जो स्वयं की परीक्षा के आधार पर एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम में प्रवेश देते हैं, में प्रवेश प्राप्त करने पर भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

प्रश्न-20- मैंने कामन लॉ एडमिशन टेस्ट की परीक्षा पास की है, तो क्या मैं इस योजना का लाभ ले सकता हूँ?

उत्तर - जी हाँ, आप इस येाजना का लाभ (CLAT) उत्तीर्ण वर्ष में ले सकते हैं, परंतु अन्य सभी पात्रता संबंधी शर्ते पूर्ण करना आवश्यक होगा।

प्रश्न-21- क्या मैं विधि से संबंधित (CLAT) परीक्षा के अतिरिक्त परीक्षा के माध्यम से प्रवेशित किसी अन्य विश्वविद्यालय/महाविद्यालय में प्रवेश के लिये पात्र हूं?

उत्तर हाँ, संस्थान द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से केवल राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, नई दिल्ली एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में विधि से संबंधित स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त करने पर योजना का लाभ प्राप्त होगा।

प्रश्न-22- क्या इस योजना में भारत सरकार/राज्य सरकार के समस्त विश्वविद्यालयों/संस्थानों में संचालित ग्रेजुएशन प्रोग्राम, ड्यूल डिग्री या इंटीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम के कोर्स में प्रवेश लेने पर लाभ मिलेगा?

उत्तर - जी हाँ, परंतु अन्य सभी पात्रता संबंधी शर्ते पूर्ण करना आवश्यक होगा।

प्रश्न-23- क्या म.प्र. के विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में संचालित बी.एस.सी., बी.ए., बी.कॉम. नर्सिंग तथा स्नातक स्तर के अन्य सभी पाठ्क्रमों के लिए इस योजना का लाभ मिलेगा? उत्तर-मध्यप्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों में संचालित समस्त स्नातक पाठ्यक्रमों को योजना में सम्मिलित किया गया है। किंतु निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के लिये यह योजना लागू नहीं है।

प्रश्न-24- क्या पोलीटेक्निक कालेज एवं आई.टी.आई. में प्रवेश लेने पर इस योजना का लाभ मिलेगा?

उत्तर - जी हाँ। राज्य शासन के समस्त पोलीटेक्निक महाविद्यालयों एवं आई.टी.आई. के पाठ्यक्रमो में प्रवेश लेने पर योजना का लाभ मिलेगा।

प्रश्न-25- क्या निजी महाविद्यालयों में संचालित नर्सिग पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर इस योजना का लाभ मिलेगा?

उत्तर - जी नहीं।

प्रश्न-26- क्या निजी महाविद्यालयों में संचालित स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने पर इस योजना का लाभ मिलेगा?

उत्तर - निजी क्षेत्र के केवल इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के बीटेक/बीई पाठ्यक्रम एवं चिकित्सा महाविद्यालयों के एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम के लिये योजना नियमानुसार लागू है। शेष निजी क्षेत्र के महाविद्यालयों में संचालित शेष पाठ्यक्रमों के लिये यह योजना लागू नहीं है।

प्रश्न-27- योजना का लाभ लेने के लिये किस प्रकार अप्लाई करना होगा?

उत्तर - अगर आप इस योजना की पात्रता रखते हैं, तो मध्यप्रदेश सरकार का स्कॉलरशिप पोर्टल पर जाकर प्रथमतः रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। उसके उपरांत प्राप्त यूजर आईडी एवं पासवर्ड से पोर्टल पर ही आवेदन पत्र सबमिट करना होगा। तत्पश्चात् भरे हुए आवेदन पत्र की प्रिंट आउट प्राप्त कर सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर संबंधित संस्था को प्रस्तुत करना होगा। संबंधित संस्था द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन उपरांत पात्र पाये जाने पर पोर्टल पर सत्यापन,स्वीकृति एवं संवितरण की कार्यवाही उपरांत आपको नियमानुसार योजना का लाभ प्राप्त होगा।

प्रश्न-28- आवेदन के लिये किन दस्तावेजों की उपलब्धता अभ्यर्थी के पास आवश्यक हैं?

उत्तर – आवेदन के लिये निम्न दस्तावेजों की उपलब्धता अभ्यर्थी के पास आवश्यक हैं -

  • माता/पिता का असंगठित कर्मकार का पंजीयन का प्रमाण-पत्र/कार्ड।
  • 10वीं की अंकसूची
  • अध्ययन के पाठ्यक्रम के लिए अर्हकारी परीक्षा की अंकसूची
  • प्रवेश परीक्षा (JEE MAINS/NEET/CLAT etc.) की अंकसूची
  • शिक्षण शुल्क एवं अन्य शुल्क (मेस शुल्क एवं काशन मनी को छोड्कर) का विवरण, रसीद आदि
  • आधार नंबर
  • आधार लिंक बैंक खाता (निजी/अनुदान प्राप्त संस्थाओं में प्रवेश प्राप्त करने की स्थिति में)

प्रश्न-29- क्या इस योजना के लाभ के लिए मेरा आधार नंबर एवं बैंक खाता आवश्यक हैं?

उत्तर - इस योजना के अंतर्गत निजी संस्थाओं के प्रवेशित विद्यार्थियों को देय शुल्क उनके आधार लिंक खाते में देय होगा। ऐसी स्थिति में ही आधार नंबर एवं आधार लिंक बैंक खाते की आवश्यकता होगी।

प्रश्न-30- क्या इस योजना के लाभ के लिये मेरे बैंक खाते का आधार से लिंक होना आवश्यक है?

उत्तर - जी हाँ। केवल निजी संस्थाओं में प्रवेश की स्थिति में।

प्रश्न-31- क्या हमें इस योजना में आवास और खाने का पैसा भी दिया जायेगा?

उत्तर - योजना के अंतर्गत देय शुल्क के रूप में प्रवेश शुल्क एवं वह वास्तविक शुल्क (मेस शुल्क एवं काशन मनी को छोड़कर) जो शुल्क विनियामक समिति अथवा मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग अथवा भारत सरकार राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया है, का ही भुगतान किया जायेगा।

प्रश्न-32- इस योजना के साथ क्या अन्य योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है?

उत्तर - विद्यार्थी द्वारा राज्य या केन्द्र शासन की किसी अन्य योजना से सहायता प्राप्त होने की स्थिति में वह अन्तर की राशि ही प्राप्त कर सकेगा।

प्रश्न-33- लाभान्वित विद्यार्थियों को क्या समय सीमा में पाठ्यक्रम पूर्ण करना होगा?

उत्तर - जी हाँ, विद्यार्थी को पाठ्यक्रम निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करना आवश्यक है।

प्रश्न-34- इस योजना के संचालन के लिए मध्यप्रदेश शासन का नोडल विभाग कौन है?

उत्तर - मध्यप्रदेश शासन, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग।

 

स्रोत: मध्यप्रदेश सरकार का स्कॉलरशिप पोर्टल

2.87179487179

जीवन लोहार Nov 11, 2018 06:06 PM

क्या इसमे लाभ लेने के बाद अन्य स्कालरशिप के फार्म भर सकते है

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