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आयुष मंत्रालय की उपलब्धियां

इस पृष्ठ में आयुष मंत्रालय की उपलब्धियां 2014 - 2016 की जानकारी दी गयी है|

प्रथम अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस समारोह का आयोजन

  1. आयुष मंत्रालय की ओर से  21 जून, 2015 को राजपथ, नई दिल्ली में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सफलतापूर्वक मनाया गया। इस दौरान  दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी बने, यथा-सबसे बड़ा योग पाठ जिसमें 35,985 प्रतिभागियों ने भाग लिया और अधिकतम संख्या ने विविध देशों ने (84) एकल योग पाठ में भाग लिया।
  2. 21 और 22 जून 2015 को विज्ञान भवन, नई दिल्‍ली में "समग्र स्वास्थ्य के लिए योग" विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के  लगभग 1300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  3. केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्‍सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरवाईएन) ने देश के समस्‍त जिलों में एक महीने के योग शिविर का आयोजन करने और साथ ही 21 जून 2015 को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए प्रत्‍येक सरकारी संस्‍था/ गैर सरकारी संगठन को 1.00 लाख रुपये की वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध करायी। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए, योग प्रशिक्षकों को साथ जोड़त हुए 21.05.2015 से 21.06.2015 तक 100 स्थानों पर नि-शुल्क योग शिविर लगाये गये। गैर सरकारी संगठनों / सरकारी संगठनों को 21.05.2015 से 21.06.2015 तक नि-शुल्क योग शिविर लगाने के लिए वित्तीय सहायता प्रतिपूर्ति के आधार पर उपलब्‍ध करायी गयी। संस्‍थाओं से प्राप्त सूचना के अनुसार, लगभग 10 लाख लोगों ने इन योग कार्यक्रमों में भाग लिया।
  4. विदेश मंत्रालय द्वारा आयुष मंत्रालय और विभिन्न योग संगठनों के सहयोग से भारत के बाहर प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनिया के सभी देशों (युद्धग्रस्‍त यमन को छोड़कर) में मनाया गया।

योग में उपलब्धियां

  1. आयुष मंत्रालय, यूनेस्को के अंतर्गत योग को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में चिन्हित करने के लिए संस्कृति मंत्रालय को सहयोग कर रहा है।
  2. सैन्‍य कर्मियों को योग का प्रशिक्षण देने के लिए, इस मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त निकाय- मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) ने अपने परिसर में 1 जनवरी 2015 से अर्द्ध सैन्‍य कर्मियों के लिए साढ़े तीन महीने की अवधि का ‘योग विज्ञान में प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम शुरू किया।
  3. आयुष मंत्रालय ने ‘पुलिस कर्मियों के लिए योग प्रशिक्षण’ नामक एक केंद्रीय योजना तैयार की। इसे 1 अप्रैल, 2015 देश के सभी जिलों में प्रारंभ किया गया।
  4. आयुष मंत्रालय ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए देश भर में 40 गृह कल्याण केंद्रों में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के लिए डीओपीटी को सहयोग प्रदान किया। एमडीएनआईवाई ने योग शिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान की ।
  5. विशेष तौर पर सांसदों और उनके परिवार के सदस्‍यों के लिए मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) के परिसर में 27 अप्रैल 2015 से 04 मई 2015 तक योग प्रभा भारती (सेवा संस्था) ट्रस्ट, मुंबई के सहयोग से समर्पण ध्यान योग शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष, माननीय श्रीमती सुमित्रा महाजन ने किया। । माननीय श्री श्रीपद नाइक, आयुष मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की। शिविर में कई सांसदों और उनके परिवार के सदस्‍यों, अति विशिष्ट व्यक्तियों, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
  6. आयुष मंत्रालय के अनुरोध पर भारत के गुणवत्ता नियंत्रण ने योग व्‍यवसायियों के लिए स्वैच्छिक प्रमाणीकरण योजना तैयार की है। इस योजना में शिक्षकों के रूप में या किसी अन्य नामकरण द्वारा योग पाठ/ कक्षाएं उपलब्ध कराने की योग व्‍यवसायियों की क्षमता प्रमाणित करने पर ध्‍यान केंद्रित किया गया है। प्रमाणन के कार्यक्षेत्र को  (क) स्तर-1- योग प्रशिक्षक (ख) स्तर-2- योग शिक्षक प्रमाणन (ग) स्तर -3 योग गुरु प्रमाणन (घ) स्तर-4- योग आचार्य प्रमाणन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। स्‍तर-1 और स्तर-2 प्रमाणन कार्यक्रम प्रथम  योग अंतर्राष्ट्रीय दिवस के बाद शुरू किए गए हैं।

राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य/ आयुष मंत्रियों की बैठक

आयुष मंत्रालय ने 20.02.2015 को विज्ञान भवन सौध में आयुष क्षेत्र सहित राष्‍ट्रीय आयुष मिशन सहित आयुष क्षेत्र के संबंधित विविध मामलों पर विशेष रूप से ध्‍यान केंद्रित करते हुए राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य/आयुष मंत्रियों की एक दिन की बैठक आयोजित की गयी। इस बैठक में 10 राज्‍यों/ संघशासित प्रदेशों के आयुष/स्‍वास्‍थ्‍य के प्रभारी मं‍त्रियों ने भाग लिया।

माननीय आयुष राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) ने

  • एएसयू एवं एच औषधियों की गुणवत्‍ता को बेहतर बनाने की आवश्‍यकता पर बल दिया
  • आयुष की वृद्धि, विकास और निगरानी पर ध्‍यान केंद्रित करने की आवश्‍यकता पर बल दिया
  • शिक्षा की बेहतर गुणवत्‍ता की आवश्‍यकता पर बल दिया
  • सरकार की नयी पहलो यथा – ई-गवर्नेंस एवं ई-डिजिटल कार्यक्रमों में राज्‍यों की भागीदारी पर बल दिया
  • देश में आयुष के निरंतर विकास के लिए नियमित प्रणाली लागू करने की आवश्‍यकता पर बल दिया।

राष्‍ट्रीय आयुष मिशन

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 15.09.2014 को राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) को मंजूरी प्रदान की, जिसे 15.09.2014 को अधिसूचित किया गया। एनएएम के अंतर्गत राज्‍यों का वित्‍त पोषण दिसम्‍बर, 2014 को वास्‍तविक रूप से प्रारम्‍भ हुआ। मंत्रिमंडल की स्‍वीकृति के अनुसार, एनएएम के मिशन निदेशालय एवं मूल्‍यांकन समिति का गठन किया गया।

  • राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम एक महत्‍वपूर्ण मोड़ है, क्‍योंकि यह अन्‍य बातों के साथ-साथ आयुष अस्‍पतालों और औषधालयों की संख्‍या बढ़ाने, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों (सीएचसी) और जिला अस्‍पतालों (डीएच) में आयुष सुविधाओं स्‍थापित करने, आयुष औषधियों एवं प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के माध्‍यम से आयुष सेवाओं तक बेहतर पहुंच की परिकल्‍पना करता है। उन्नत शैक्षिक संस्थानों की संख्या में वृद्धि के माध्यम से आयुष शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना, गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता और फार्मेसियों की संख्या में वृद्धि के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण  आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी (एएसयू एंड एच) औषधियों की उपलब्धता को बेहतर बनाना, फार्मेसियों की संख्‍या बढ़ाना, एएसयू एवं होम्योपैथी दवाओं के प्रवर्तन तंत्र के लिए जिम्मेदार राज्‍यों में औषधि प्रयोगशालाओं की स्थापना करना भी इसके लक्ष्‍यों में शामिल है।
  • आयुष मंत्रालय के गठन के बाद, राष्‍ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत 27 राज्‍यों/ संघशासित प्रदेशों द्वारा वर्ष 2014-15 के लिए दाखिल की गयी उनकी राज्‍य वार्षिक कार्य योजनाओं (एस.ए.ए.पी.) के लिए 187.19 करोड़ रुपये की राशि जारी की गयी। इसके अलावा, वर्ष 2015-16 के दौरान राष्‍ट्रीय आयुष मिशन का विस्‍तान अन्‍य राज्‍यों/ संघशासित प्रदेशों में भी किया गया। मिशन निदेशालय द्वारा 31.3.2016 तक 36 राज्‍यों/ संघशासित प्रदेशों की राज्‍य वार्षिक कार्य योजनाएं (एस.ए.ए.पी.) मंजूर की जा चुकी हैं और 31 राज्‍यों/ संघशासित प्रदेशों को 219.11 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग

  1. 25 नवंबर 2014 को आयोजित भारत-अमरीका व्यापार नीति मंच की 8 वीं मंत्रिस्तरीय बैठक में व्यापार नीति मंच पर संयुक्त बयान जारी किया गया था, जिसमें अमरीका ने दोनों देशों के विशेषज्ञों के बीच इस क्षेत्र में संपर्क बढ़ाना सुगम बनाने पर सहमति प्रदान की। जिसके परिणामस्‍वरूप अमरीकी दूतावास के अधिकारियों ने 3 दिसंबर 2014 को आयुष मंत्रालय का दौरा किया।
  2. अमरीका के राष्‍ट्रपति की 25 से 27 जनवरी, 2015 तक की भारत यात्रा के दौरान जारी संयुक्‍त वक्‍तव्‍य- ''साँझा प्रयास - सबका विकास'' के अनुच्‍छेद 33 में परम्‍परागत औषधियों के संबंध में कहा गया कि प्रधानमंत्री और राष्‍ट्रपति ने क्षमता निर्माण के उपायों और समसामयिक एवं परम्‍परागत दवाओं सहित नए क्षेत्रों की पहचान के माध्‍यम से स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और ज्‍यादा मजबूती प्रदान करने के लिए भारत-अमरीका स्‍वास्‍थ्‍य पहल का दायरा बढ़ाकर उसे संबंधित हितधारकों के साथ स्‍वास्‍थ्‍य  सेवा संवाद में परिवर्तित करने  पर सहमति व्‍यक्‍त की। राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अमरीकी स्‍वास्‍थ्‍य एवं मानव सेवा विभाग और भारत में परम्‍परागत औषधियों से संबंधित उसके समकक्षों के बीच संवाद को प्रोत्‍साहन देने का संकल्‍प लिया। दोनों नेताओं ने जेनेरिक दवाओं सहित औषधियों की सुरक्षा, प्रभाव और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के नियामक अधिकारियों के बीच सहकारिता, संवाद और सहयोग को मजबूत करने के प्रति वचनबद्धता व्‍यक्‍त की।
  3. भारत-कनाडा संयुक्त वक्तव्य- "नया उत्‍साह, नए कदम" 15 अप्रैल 2015 को जारी किया गया था, जिसमें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और अंतरिक्ष उप-शीर्षक के अंतर्गत कहा गया, "सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की आवश्‍यकता को समझते हुए तथा सेलुलर चिकित्सकीय उत्पादों सहित चिकित्‍सकीय उत्‍पादों साथ ही साथ पारंपरिक औषधियों की सुरक्षा, प्रभाव और गुणवत्‍ता के बारे में जानकारी के आदान-प्रदान के लिए प्रधानमंत्रियों ने संबंधित संघीय विभागों के बीच संवाद स्थापित करने पर सहमति प्रदान की।‘’
  4. दक्षिण अफ्रीका में यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्‍टर्न केप, केप टाउन में स्‍थापित यूनानी अकादमिक पीठ को यूनिवर्सिटी और दक्षिण अफ्रीका में भारतीय दूतावास की सिफारिश पर एक साल का विस्‍तार प्रदान किया गया।
  5. सार्क शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत के माननीय प्रधानमंत्री की नेपाल यात्रा के दौरान भारत सरकार और नेपाल सरकार के बीच 25 नवंबर 2014 को औषधि की पारंपरिक प्रणालियों के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
  6. औषधि की पारंपरिक प्रणालियों और होम्योपैथी के क्षेत्र में सहयोग के लिए 11मार्च, 2015 को आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता मंत्रालय, मॉरीशस सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। मॉरीशस के महामहिम राष्ट्रपति के निमंत्रण पर माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अप्रैल, 2016 में मारीशस का दौरा किया किया था और मॉरीशस के नागरिकों के लिए आयुष सेवाओं के विकास में सहायता देने की पेशकश की थी।
  7. औषधि की पारंपरिक प्रणालियों और होम्योपैथी के क्षेत्र में सहयोग के लिए 17 मई, 2015 को आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और मंगोलिया की सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
  8. केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और रॉयल लंदन हॉस्पिटल फॉर इंटीग्रेटिड मेडिसिन (आरएलएचआईएम), ब्रिटेन के बीच 11 नवंबर 2015 को होम्योपैथिक औषधि के क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षा में सहयोग के संबंध में समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए।
  9. केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) और यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्रासबर्ग, फ्रांस के बीच आयुर्वेद के क्षेत्र में सहयोग के लिए 9 अप्रैल, 2015 आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
  10. आयुष मंत्रालय ने किसी यूरोपीय विश्वविद्यालय में पहली कामयाबी प्राप्‍त करते हुए हंगरी की डेब्रेसेन यूनिवर्सिटी में आयुर्वेद पीठ स्‍थापित की है।
  11. आयुर्वेद में अकादमिक पीठ की स्‍थापना के लिए केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और रां‍ग्सित यूनिवर्सिटी थाईलैंड के बीच 29 जून, 2015 को समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर हुए।
  12. आयुर्वेद में अकादमिक पीठ की स्‍थापना के लिए केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और उदायाना यूनिवर्सिटी, बाली, इंडोनेशिया के बीच 4 नवंबर, 2015 को समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर हुए।
  13. आयुर्वेद के अतिथि प्राध्‍यापक के लिए केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और प्राइमोर्सका यूनिवर्सिटी, स्‍लोवेनिया सरकार के बीच नवंबर, 2015 को समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर हुए।
  14. आयुर्वेद पीठ की स्‍थापना के लिए केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) और फ्रेंडशिप  यूनिवर्सिटी, मास्‍को, रूस के बीच 24 दिसंबर, 2015 को समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर हुए।
  15. आयुष मंत्रालय ने चिकित्‍सा की आयुष प्रणालियों के बारे में विश्‍वनीय सूचनाओं का प्रसार करने के लिए बीजिंग, चीन में भारतीय दूतावास में आयुष सूचना केंद्र की स्‍थापना की।
  16. आयुष मंत्रालय ने चिकित्‍सा की आयुष प्रणालियों के बारे में विश्‍वनीय सूचनाओं का प्रसार करने के लिए स्‍टॉकहोम, स्‍वीडन में भारतीय दूतावास के परिसर में मार्च, 2015 में आयुष सूचना केंद्र की स्‍थापना की।
  17. आयुष मंत्रालय ने चिकित्‍सा की आयुष प्रणालियों के बारे में विश्‍वनीय सूचनाओं का प्रसार करने के लिए दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास  के परिसर में आयुष सूचना केंद्र की स्‍थापना की। इसका उद्घाटन 21 जून,  2015 को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के आयोजन के अवसर पर किया गया।
  18. आयुष मंत्रालय ने चिकित्‍सा की आयुष प्रणालियों के बारे में विश्‍वनीय सूचनाओं का प्रसार करने के लिए ज़गरेब, क्रोएशिया में भारतीय दूतावास के परिसर में अगस्‍त, 2015 में आयुष सूचना केंद्र की स्‍थापना की।
  19. आर्मेनिया में एक होम्योपैथिक पीठ की स्थापना के लिए सीसीआरएच और येरेवन स्‍टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, आर्मेनिया के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
  20. होम्योपैथी के क्षेत्र में सहयोग के लिए सीसीआरएच और कॉलेज ऑफ होम्‍योपैथी, ओन्‍टोरियो, कनाडा के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
  21. नई दिल्‍ली स्थित अमरीकी दूतावास के प्रभारी राजदूत की ओर से कैथलीन स्‍टीफंस और उनकी टीम का बनारस हिन्‍दू विश्‍वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी के आयुर्वेद संकाय का दौरा कराने का अनुरोध प्राप्‍त हुआ। 26 दिसम्‍बर, 2014 को मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ अमरीकी टीम ने बीएचयू में क्षारसूत्र और द्रायागुना से संबंधित सुविधाओं का दौरा किया,जिससे सहयोग में और वृद्धि हुई।
  22. आयुष प्रणालियों को विश्व भर में स्‍थापित करने की भारत सरकार की रणनीति तहत भारतीय चिकित्सा पद्धतियों और होम्योपैथी (आईएसएम एंड एच) के क्षेत्र में देशों के बीच परस्‍पर सहयोग के संबंध में 09.09.2014 को ढाका में बांग्लादेश के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षर किए गए । किसी भी सार्क देश के साथ भारत की ओर से पहली बार ऐसे समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किए गए। इस समझौता ज्ञापन से बांग्लादेश में भारतीय चिकित्सा प्रणालियों, विशेष रूप से आयुर्वेद और यूनानी, साथ ही साथ  होम्योपैथी को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
  23. नयी दिल्‍ली में 3-4 मार्च, 2016 को डीएचएचएस, अमरीकी दूतावास, नयी दिल्‍ली के सहयोग से परम्‍परागत औषधियों पर दो दिवसीय भारत-अमरीका कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष ने की और भारत में अमरीका के राजदूत रिचर्ड वर्मा तथा राजदूत कोलकर, सहायक सचिव, स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग (डीएचएचएस) ने इस अवसर की शोभा बढ़ायी। अमरीका के  डीएचएचएस,  राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के आमंत्रित प्रतिनिधियों ने अनुभवों को साझा करने और भविष्य में सहयोग की योजना तैयार करने के लिए कैंसर अनुसंधान और अन्‍य उभरते क्षेत्रों से संबंधित भारत के जाने-माने विशेषज्ञों के साथ दो दिन तक विचार-विमर्श किया। कार्यशाला से पहले प्रतिनिधिमंडल ने भारत में संस्थानीकरण और आयुष प्रणालियों के विकास की झलक पाने के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्‍थान, जामिया हमदर्द, नई दिल्ली और मेदांता अस्पताल, गुड़गांव का दौरा किया।
  24. चिकित्‍सा की आयुष प्रणालियों के बारे में विश्‍वनीय सूचनाओं का प्रसार करने के लिए किर्गिस्तान और अर्जेंटीना में दो आयुष सूचना केंद्रों की स्‍थापना की गयी।
  25. 9-10 अप्रैल 2016 को विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर आयुष मंत्रालय की सहायता से सीसीआरएच और लिगा मेडिकोरम  होम्योपैथी इंटरनेशनलिस (एलएमएचआई) द्वारा एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

सूचना शिक्षा एवं संचार

  1. मंत्रालय ने 7 से 9 नवम्बर 2014 को नई दिल्ली में छठे विश्व आयुर्वेद कांग्रेस का आयोजन किया,  जिसमें देश और विदेश से लगभग 4000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका उद्घाटन माननीय लोक सभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन द्वारा किया गया और इसके समापन समारोह को माननीय प्रधानमंत्री ने संबोधित किया। 6 छठे विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के अवसर पर मंत्रालय ने अपने सहयोगी भागीदार विश्व आयुर्वेद फाउंडेशन के माध्यम से दिल्ली में राष्ट्रीय स्तरीय आरोग्य एक्सपो (6-9 नवम्बर के 2014) का आयोजन भी किया।
  2. मंत्रालय ने दूरदर्शन के माध्यम से एक इंटरेक्टिव टीवी कार्यक्रम "आयुष्मान भारत'’  की 10 कडि़यों का निर्माण किया और हिंदी (एक) और क्षेत्रीय भाषाओं में और उसके 9 क्षेत्रीय केन्द्रों से अप्रैल से जून 2015 तक प्रसारण किया गया।  दूरदर्शन के 26 क्षेत्रीय केन्द्रों से देश भर में इस कार्यक्रम पुनः प्रसारण किया गया।
  3. 26 जनवरी 2015 को राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में मंत्रालय द्वारा "समग्र स्वास्थ्य के लिए आयुष" विषय पर एक झांकी प्रस्‍तुत की गयी।
  4. मंत्रालय ने राज्य सरकारों तथा फिक्की, आईसीसी, सीआईआई, एवं विश्व आयुर्वेद फाउंडेशन जैसे सहयोगी भागीदारों के साथ सहयोग से 12 राष्ट्रीय स्तर आरोग्य मेलों का आयोजन गुवाहाटी, रायपुर, जयपुर, भुवनेश्वर, तिरुवनंतपुरम, वाराणसी, बेंगलुरू, रांची, देहरादून, पुणे और गोवा किया तथा गांधीनगर, पंचकुला, चंडीगढ़, गोवा, मणिपुर, मिजोरम, राजकोट, त्रिपुरा और अंबाला में राज्य स्तरीय आरोग्य मेलों का आयोजन किया।
  5. 4 फरवरी 2015 को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर कैंसर केयर में आयुष की भूमिका पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
  6. 5 जनवरी 2015 को मंत्रालय की ई-बुक लांच की गयी।

अनुसंधान से संबंधित गतिविधियों में उपलब्धियां

  1. बच्चों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और बच्‍चों को होने वाली सामान्‍य बीमारियों के इलाज के लिए 'स्वस्थ बच्चे के लिए होम्योपैथी' पर एक पायलट परियोजना छह जिलों अर्थात गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश), गोरखपुर (उत्तर प्रदेश), पालगढ़ (महाराष्ट्र), दिल्ली, कामरूप (असम) और कटक (ओडिशा) में शुरू की गयी।
  2. स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय द्वारा 6 चयनित जिलों में कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक (एनपीसीडीसीएस) कार्यक्रम की रोकथाम और नियंत्रण के राष्ट्रीय कार्यक्रम में होम्योपैथी, आयुर्वेद और यूनानी के एकीकरण को मंजूरी प्रदान की गयी है।
  3. योग और प्राकृतिक चिकित्सा का एक केंद्रीय अनुसंधान संस्थान ओपीडी सुविधाओं के साथ दिल्ली में काम कर रहा है।
  4. मंत्रालय ने अनुसंधान परिषदों, राष्ट्रीय संस्थानों और आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी एवं होम्योपैथी कॉलेजों (सीसीआईएम और सीसीएच के जरिए) के माध्यम से पांच नजदीकी गांवों या शहरी इलाकों में ओपीडी शुरू करने और इसे स्वच्छ भारत मिशन के साथ जोड़ने के लिए स्वास्थ्य रक्षण कार्यक्रम शुरू किया है ।
  5. 7 अक्टूबर 2015 को माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष मंत्रालय, ने डॉ डी पी रस्तोगी केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान, नोएडा का उद्घाटन किया।
  6. 10.01.2015 को  केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (एच), कोट्टायम में एक व्यावसायिक चिकित्सा और पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन किया गया।
  7. सीसीआरएएस द्वारा आयुर्जनोमिक्‍स  पर परियोजना शुरू की गयी है।
  8. 14-15 जनवरी 2015 को नई दिल्ली में सीसीआरयूएम ने  गैर संचारी रोगों पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया ।
  9. जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली में लिटररी रिसर्च इंस्‍टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसिन ओपीडी गतिविधियों के साथ कार्य कर रहा है।
  10. केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद में नए अस्पताल ब्लॉक का शिलान्यास किया गया था और गेस्ट हाउस की सुविधा सहित जैव चिकित्सा प्रयोगशाला की उद्घाटन किया गया।
  11. सीसीआरयूएम ने- विटलीगो, डूअडीनल अल्सर, मलेरिया, फाइलेरिया और संक्रामक हैपेटाइटिस प्रत्येक रोग के लिए एक-एक दवा सहित पांच दवाओं के लिए अनंतिम पेटेंट दायर किया है।

शिक्षा

  1. वर्ष 2014-15 में 334 आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी (एएसयू) कॉलेज थे, जबकि नवंबर, 2015 में इन कॉलेजों की संख्‍या बढ़कर 352 हो गयी। इसी तरह वर्ष 2014-15 में 191 होम्योपैथिक कॉलेज थे, जबकि नवंबर, 2015 में होम्योपैथिक कालेजों की संख्‍या बढ़कर 197 हो गयी।
  2. वर्ष 2014-15 में आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी (एएसयू) में 17628 अंडर ग्रैजुएट  सीटे थीं, जबकि नवम्बर, 2015 में (13.07 प्रतिशत शुद्ध वृद्धि के साथ) इन सीटों की संख्‍या बढ़कर 19,933 हो गयी। वर्ष 2014-15 में 13,138 अंडर ग्रैजुएट  सीटे थीं, जबकि नवंबर, 2015  में (03.95 प्रतिशत शुद्ध वृद्धि के साथ) इनकी संख्‍या बढ़कर 13,658 हो गयी।
  3. वर्ष 2014-15 में आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी (एएसयू) में 3,366 पोस्ट ग्रेजुएट सीटें थीं, जबकि नवम्बर, 2015 में (17.79प्रतिशत शुद्ध वृद्धि के साथ) इन सीटों की संख्‍या बढ़कर 3965 हो गयी और वर्ष 2014-15 में होम्योपैथी में 898 पोस्ट ग्रेजुएट सीटें थीं, नवंबर 2015 में (02.22 प्रतिशत शुद्ध वृद्धि के साथ ) इन सीटों की संख्‍या बढ़कर 918 हो गयी।
  4. केन्द्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद (सिध्द में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम) विनियम, 2015 को अधिसूचित किया गया।
  5. केन्द्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद (यूनानी चिकित्सा में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम) विनियम, 2015 को अधिसूचित किया गया।
  6. होम्योपैथी (डिग्री पाठ्यक्रम) संशोधन विनियम, 2015 को अधिसूचित किया गया।

अन्‍य गतिविधियां/उपलब्धियां

  1. एकल दवाओं पर फार्माकोपियेल मोनोग्राफ और चिकित्सा की आयुर्वेद पद्धति -  आयुर्वेदिक (33), यूनानी (29), सिद्ध (19) और होम्योपैथी (15) के मिश्रित सूत्र विकसित किए गए हैं। इसके अलावा 20 मोनोग्राफ का हॉर्मोनाइजेशन पूरा हो चुका है।
  2. मंत्रालय की वेबसाइट पर आयुर्वेदिक फार्माकोपिया ऑफ इंडिया भाग- I खंड-IX  में 45 मोनोग्राफ, टीएलसी एटलस ऑफ आयुर्वेदिक फार्माकोपिया ऑफ इंडिया भाग- I खंड- VIII में 99 मोनोग्राफ और यूनानी फार्माकोपिया ऑफ इंडिया भाग- I खंड -3 में 50 मोनोग्राफ अपलोड किए गए और इन्‍हें मुद्रण के लिए भेजा गया।
  3. "औषधीय पौधों के संरक्षण विकास और सतत प्रबंधन के लिए केन्द्रीय क्षेत्र की योजना" के संबंध में 450.00 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली संशोधित योजना,   वर्तमान योजना के लिए अनुमोदित की गयी है।
  4. मंत्रालय द्वारा भारत में औषधीय पौधों की मांग और आपूर्ति का राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में और साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार के संबंध में आकलन करने के लिए एक विस्तृत अध्ययन-सह-सर्वेक्षण कमीशन किया गया है ।
  5. आयुष मंत्रालय को "आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी की उन्‍नति और प्रचार के लिए नीति निर्माण,  कार्यक्रमों  के विकास और कार्यान्वयन के प्रावधान" के लिए गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली लागू करने हेतु आईएसओ 9001-2008 प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। यह प्रमाणपत्र टीयूवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है। जर्मन फर्म, टीयूवी नॉर्ड समूह के भारतीय परिचालनो को आईएसओ 9001-2008 प्रमाणन के लिए नोडल संगठन-  भारतीय गुणवत्ता परिषद द्वारा नियुक्त किया गया है। इस प्रमाणन की बदौलत आयुष मंत्रालय उस विशिष्‍ट स्‍थान पर आ गया है, जो भारत सरकार के कुछ ही मंत्रालयों/विभागों को प्राप्‍त है, जिन्‍होंने आईएसओ 9001-2008 प्रमाण पत्र प्राप्‍त किया है। आईएसओ 9001- 2008 प्रमाणन एक अंतरराष्ट्रीय मानक है जो प्रबंधन की अच्‍छी पद्धतियों को परिभाषित करता है। प्रमाणन का लक्ष्‍य गुणवत्ता और विश्वास का एक वैश्विक मानक प्रदान करना है ।
  6. वे पांच फॉर्म जो प्रचलित हैं और मंत्रालय द्वारा उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जिन्‍हें व्यक्तियों/समूहों/संगठनों आदि द्वारा का जाना आवश्यक है, उन्‍हें सरल बनाया गया है और उन्‍हें घटाकर एक पृष्‍ठ का बना दिया गया है।
  7. मंत्रालय ने अपने प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन सभी संगठनों को निर्देश जारी किया है कि जहां तक संभव हो सके हलफनामों के उन्मूलन और दस्तावेजों के स्व-प्रमाणन की स्वीकृति वाली नागरिक अनुकूल प्रक्रियाओं को अपनाया जाए।
  8. मंत्रालय में कर्मचारियों में समय की पाबंदी सुनिश्चित करने के लिए आधार -आधारित बायो-मीट्रिक उपस्थिति प्रणाली शुरू किया गया है।
  9. सेवा निवृत्‍त सरकारी कर्मचारियों के पेंशन संबंधी मामलों पर Bhavishya.nic.in पर ऑनलाइन कार्रवाई की जा रही है।
  10. मंत्रालय की जीआईजीडब्‍ल्‍यू कॉम्‍प्‍लायंट वेबसाइट के निर्माण के लिए कार्रवाई की जा रही है।
  11. मंत्रालय ने 7 से 9 नवम्बर 2014 को नई दिल्ली में छठे विश्व आयुर्वेद कांग्रेस का आयोजन किया,  जिसमें देश और विदेश से लगभग 4000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका उद्घाटन माननीय लोक सभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन द्वारा किया गया और इसके समापन समारोह को माननीय प्रधानमंत्री ने संबोधित किया।
  12. 6 छठे विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के अवसर पर मंत्रालय ने अपने सहयोगी भागीदार विश्व आयुर्वेद फाउंडेशन के माध्यम से दिल्ली में राष्ट्रीय स्तरीय आरोग्य एक्सपो (6-9 नवम्बर के 2014) का आयोजन भी किया।

 

 

स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय

3.08333333333

गोविन्द शर्मा Feb 23, 2017 10:43 PM

आयुष में ग्रामीण स्तर पर पंचकर्म सेंटर बने ।प्राकृतिक स्थलों पर

गोविन्द शर्मा Feb 23, 2017 10:42 PM

आयुष में ग्रामीण स्तर पर पंचकर्म सेंटर बने ।प्राकृतिक स्थलों पर

गोविन्द शर्मा Feb 23, 2017 10:42 PM

आयुष में ग्रामीण स्तर पर पंचकर्म सेंटर बने ।प्राकृतिक स्थलों पर

गोविन्द शर्मा Feb 23, 2017 10:42 PM

आयुष में ग्रामीण स्तर पर पंचकर्म सेंटर बने ।प्राकृतिक स्थलों पर

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