सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

कमरदर्द

इस पृष्ठ में कमरदर्द की समस्या एवं उसके उपाय बताये गए है।

भूमिका

कमर का दर्द कमर तोड़ देता है। कमर का दर्द असहनीय होता है। पीठ दर्द, कमर दर्द, सरवाइकल और कमर से जुड़ी अन्य समस्याएं आम हो गई है।  बहुत सारे वयस्कों को यह समस्या अक्सर महसूस होती है।

कमरदर्द के कुछ सामान्य कारण

कमर में मोच या तनाव होने से मांसपेशीयॉं अकड़ती है। अक्सर यह कमरदर्द का कारण होता है। तनावपूर्ण अवस्था में ज्यादा समय काम करना या खडे रहना, भारी बोझ उठाना या आगे झुककर लंबे समय तक काम करना ये कारण सभी को ज्ञात है।

गर्भावस्था में या तोंद के कारण शरीर का गुरुत्वबिंदू आगे पडता है। इससे रीढ पर तनाव आता है। कभी कभी कमरदर्द केवल मानसिक तनाव के कारण होता है, फिर भी ईलाज जरुरी है। गलत अवस्था में बैठकर कॉम्प्युटर याने संगणक का काम ज्यादा समय करना कमरदर्द का एक कारण हो सकता है।

नितंबवाला कमरदर्द सहसा वहॉं के जोडों और स्नायू या उत्तक से संबंधित होता है। अक्सर खेल या कामकाज के मोच के कारण यह कमरदर्द होता है।

कमरदर्द के गंभीर कारण

कमरदर्द के सबसे महत्त्वपूर्ण कारण रीढ से या मेरुदंड से जुडे होते है। मेरुदंड स्थित कशेरूका और उसके बीच का चक्र घिसकर और दब कर तंत्रिकाओं पर दुष्प्रभाव होता है।

कभी कभी कमरदर्द गुर्दे से जुडा होता है। महिलाओं में गर्भाशय का संक्रमण पेडू और कमरदर्द के लिये अक्सर कारण होता है। बुढापें में हड्डीयों से कॅल्शियम याने चूना रीसकर हड्डीयॉं दुबली होती है। इससे कमरदर्द होता है।

रोगनिदान

मेरुदंड से जुडे कमरदर्द के लक्षण

मध्यरेषा पर दबाने से होनेवाला दर्द। नितंब या पैरों के पीछे आनेवाली संवेदनाहीनता या झुनझुनी चलना। तंत्रिका पर दबाव आनेसे कमरदर्द सामान्यत: दाये या बाये तरफ होता है जिसको सायटिका भी कहते है। सायटिका के कारण बैठना, उठना या चलना मुश्किल होता है। खॉसी, छींक या जोरसे हसने से जादा दर्द बढता है। पीठ और गर्दन आगे झुकाने पर जादा दर्द होता है। तंत्रिका प्रभावित होने से मांसपेशीयॉं कमजोर होती है। बिमारी जादा हो तब पेशाब पर नियंत्रण नष्ट होता है। पेशाब बूँद बूँद चलती है। यह बिमारी गंभीर समझनी चाहिये। डॉक्टर आवश्यकतानुसार कुछ टेस्ट के लिये सलाह देंगे जैसे की एक्स रे, सिटी स्कॅन, एम.आर. आय. आदि। अगर कमरदर्द दो हप्तों से जादा चला हो तो डॉक्टर से अवश्य मिले।

प्राथमिक इलाज

मेरुदंड से जुडा कमरदर्द न हो तब आराम, एकाध दर्दनाशक दवा या मरहम से इलाज पर्याप्त है। लेकिन दर्द ठीक होने के लिये हप्ताभर ही समय लग सकता है । दर्दनाशक दवा खाली पेट नहीं देना चाहिये। हलके तेल मालिश के प्रयोग से अच्छा लगता है लेकिन इसमे ज्यादती न करे। आयुर्वेद के अनुसार कुछ औषधीयुक्त तेल विशेष उपयुक्त है। होमिओपथी में कुछ दवाएं असरदार है जैसे की अर्निका।

कमरदर्द शारीरिक हलचल सें अभी हुआ हो तो बरफ से सेंकना हितकारी होता है। लेकिन ये उपाय कुछ मिनिटोंमें करना चाहिये। अगर १-२ दिन पुराना दर्द हो तो गरम सैंकनेसे अच्छा लगता है। बरफ से सेंकनेसे खून का प्रवाह कम होता है और गरम सेंकने से बढता है। कमरदर्द के लिये कुछ शिथिलीकरण आसन उपयुक्त है। इसमें से एक इस प्रकार है। जमीनपर अपने पीठ के बल लेटकर दोनो पिंडलियॉं कुर्सी पर रखे। शरीर से इस स्थिती में पीठ और जॉंघे ९० डिग्री के कोन में होते है। अब इसी स्थिती में कमर, पीठ और पैर तनाव रहित शिथिल करके दीर्घ श्वसन करे।

पीठ पर और एक क्रिया इस प्रकार है। लेटे हुए दोनो पैर पेट से लिपटे और पीठ ढीली रखे। पृष्ठासन में पीठ पर लेटे लेटे घुटने पेट से लिपटकर दोनो हाथोंसे कसे। इसी स्थिती में गर्दन से लेकर नितंबतक शरीर डोलने की क्रिया करे।

स्त्रोत: भारत स्वास्थ्य

 

3.06818181818

धरमराज गोचरग Oct 25, 2016 07:24 PM

गाम बोयखेडा पोरट आजन्दा ते के पाटन जिला बुन्दी राज

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
संबंधित भाषाएँ
Back to top

T612019/02/18 03:26:20.353476 GMT+0530

T622019/02/18 03:26:20.381642 GMT+0530

T632019/02/18 03:26:20.382301 GMT+0530

T642019/02/18 03:26:20.382587 GMT+0530

T12019/02/18 03:26:20.329363 GMT+0530

T22019/02/18 03:26:20.329550 GMT+0530

T32019/02/18 03:26:20.329687 GMT+0530

T42019/02/18 03:26:20.329819 GMT+0530

T52019/02/18 03:26:20.329907 GMT+0530

T62019/02/18 03:26:20.329980 GMT+0530

T72019/02/18 03:26:20.330632 GMT+0530

T82019/02/18 03:26:20.330809 GMT+0530

T92019/02/18 03:26:20.331023 GMT+0530

T102019/02/18 03:26:20.331221 GMT+0530

T112019/02/18 03:26:20.331275 GMT+0530

T122019/02/18 03:26:20.331366 GMT+0530