सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

कैंसर जल्दी पहचाने

इस पृष्ठ में कैंसर कैसे जल्दी पहचाने एवं उसके निदान क्या है, बताये गए है।

कैंसर- कुछ जानकारी

कैंसर यानि अर्बूद जल्दी पहचानने के लिये कुछ जानकारी यहाँ है। यह जानकारी अपने मित्र-परिवार में भी फैलायें। जल्दी रोगनिदान होने से इलाज ज्यादा अच्छे हो सकते है।

  • कैंसर आमतौर पर वयस्कों में होता है। लेकिन कुछ कैंसर कम उम्र में भी जैसे की खून का कैंसर हो सकते है।
  • बिना किसी कारण के अरुची और वजन घटना कैंसर सूचक हो सकता है।
  • निस्तेजता, अरक्तता और कमजोरी यह भी कैंसर के लक्षण हो सकते है।
  • बदन मे कहीं भी सख्त गिल्टी कैंसर सूचक हो सकती है।
  • खॉंसी थूँक में खून का होना टी.बी. या कैंसर का संकेत हो सकता है।
  • जॉंघ, बगल या गर्दन में वेदना रहित सख्त गिल्टीयॉं हो तब ये कैंसरजनित हो सकता है।
  • भारत में मुँह, स्तन, गर्भाश्य ग्रीवा, जठर-अमाशय और फेफडों के कैंसर ज्यादा पाये जाते है। ये सारे कैंसर हम जल्दी पहचान सकते है। लेकिन यकृत या प्रॉस्टेटजनित कैंसर भीतर होने से समझने में देरी लगती है।

मुख और गले के कैंसर के लक्षण

  • तंबाकू और गुटखा खानेवालों को मुख का कैंसर हमेशा संभव है। ऐसी व्यक्ति को सावधानी बरतना चाहिये।
  • मुँह में गाल, जबड़ा या मसूड़ों से जुडा हुआ चिरकालिक छाला, गिल्टी या चकत्ता संभवत: कैंसरसूचक मानना चाहिये।
  • गाल और जीभ के कैंसर के कारण बोलने में कठिनाई और बदलाव होते है।
  • कैंसर के चकत्ते लाल होते है। कभी कभी इसमें दर्द भी होता है।
  • खाना निगलते समय गले में दिनोंदिन अटकाव महसूस होना कैंसर सूचक मानना चाहिये।

स्वरयंत्र से संबंधित कैंसर के कारण

आवाज खराशित होता है। लेकिन यह लक्षण दो हफ्ते से ज्यादा हो तभी सोचें।

वक्ष के कैंसर से जुडे लक्षण

  • अपने स्तन में हाथ को कोई गांठ या गिल्टी लगती है? इसलिये प्रतिमास एक बार आपके हाथ से दोनों वक्ष-स्तन ठीक से टटोले। लेकिन ऐसी हर कोई गांठ – गिल्टी कैंसर नहीं होती। इसलिये डरे नहीं, लेकिन डॉक्टर से अवश्य मिले।
  • इसी तरह दोनों बगलमें गिल्टी के लिये नियमित रूप से जांच करे।
  • चालीस वर्ष उम्र के बाद मॅमोग्राफी टेस्ट कराना उपयोगी है।

पाचन संस्थावाले कैंसर के लक्षण

  • अन्ननलिका में खाना अटकना कैंसर सूचक समझे।
  • मलविसर्जन की आदते बदलना, मलावरोध या मल में खून गिरना संदेह जनक है।
  • पीलीया के साथ सफेद टट्टी होती है तो जिगर का कैंसर या पित्तमार्ग में कोई अटकाव संभव है।
  • उदर में सख्त गोला या गांठ हाथ लगे तब कैंसर के लिये अवश्य टेस्ट करें।

प्रजनन और मूत्रसंस्था से जुडे कैंसर के लक्षण

  • वयस्क पुरुषों में शिश्न मुंड पर गांठ या चिरकाली छाला हो तब सावधानी बरतनी चाहिये।
  • पेशाब के समय अंदरुनी अटकाव अनुभव हो तब कैंसर की आशंका रखनी चाहिये।
  • अंडकोश की सख्त सूजन भी कर्करोगजनक हो सकती है।
  • महिलाओं में माहवारी के अलावा रक्तस्त्राव गर्भाशय कैंसर से जुड़ा हो सकता है।
  • गर्भाशय ग्रीवा को उंगली लगानेपर कोई गांठ या खुरदुरापन लगनेपर उचित टेस्ट कर लेना चाहिये।
  • महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के शीघ्र निदान के लिये नियमित रूप से पॅप टेस्ट करना उचित होगा।
  • महिलाओं को उदर में गांठ या अन्य गोला हाथ लगता हो तो डिंबग्रंथी का कैंसर या और कोई वजह हो सकती है।

खून के कैंसर के लक्षण

  • खून के कैंसर के कारण बदन में जगह जगह पर रक्तस्त्राव होता है, जैसे की मसुडों से, त्वचा के नीचे, खॉंसी या उल्टी में खून हो। ऐसे मरीज को काफी थकान और निस्तेजता होती है, गर्दन तथा जांघ और बगलमें गिल्टीयॉं आती है।
  • समय बुखार और खॉंसी चलती है। इसका कारण प्रतिरोध या रोगक्षमता घटनेसे होनेवाले संक्रमण है।

सुझाव

  • धूम्रपान यह एक घातक कैंसरजनक आदत है। इससे खुद का और परिवार का भी बड़ा नुकसान होता है।
  • कैंसर जितना जल्दी पहचाने उतना इलाज ज्यादा आसान होता है। इसलिये वयस्कों मे कैंसर के लक्षण हमेशा ध्यान में होने चाहिये।
  • कोई आशंका हो तो डॉक्टर से मिले।
  • डॉक्टरी सलाह के अनुसार उचित समय कैंसर के लिये अपनी टेस्ट करा ले।
  • कैंसर का इलाज खर्चिला होता है। हो सके तो मेडिकल इन्शुरेन्स पहले से होना फायदेमंद है।
  • पुरुषों ने स्नान के समय शिश्नमुंड हर रोज साबुन पानी से साफ करना जरुरी है। अन्यथा यहॉं जमने वाली सफेद परत कैंसरजनक विषाणुओं को बढ़ावा देती है। सुन्नत करने से यह समस्या सदा के लिये हल होती है। इसी से औरत का गर्भाशय ग्रीवाका कैंसर भी टल सकता है। मुस्लिम समुदाय में सुन्नत के कारण स्त्री-पुरुष प्रजनन संस्थान के कैंसर काफी कम हुआ करते है।

स्त्रोत: भारत स्वास्थ्य

 

3.05882352941

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
Back to top