सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / स्वास्थ्य / बीमारी-लक्षण एवं उपाय / साँस मे तकलीफ यानि हॉफना
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

साँस मे तकलीफ यानि हॉफना

इस पृष्ठ में साँस में तकलीफ यानि हाँफने की समस्या एवं उसके उपाय बताये गए है।

भूमिका

अगर आप बिना कारण हॉफने लगते है, तो इसका कारण कोई रोग हो सकता है। हॉफना-अर्थात सॉँस का तेजी से चलना। सामान्यत: जवान और प्रौढ व्यक्ती हर मिनट में १६-२० बार श्वसन करते है। अर्थात कसरत के समय ये गती बढ जाती है। लेकिन बिना किसी शारीरिक श्रमके हॉफना, ये एक रोग है। हॉफने की यह तकलीफ जादातर हृदय, फेफडे या खून की बीमारियों के कारण हो सकता है।

हॉफना और कमजोरी दो अलग बातें है। लेकिन कभी कभी वें एकसाथ शुरू होती है। कमजोरी, अर्थात श्रम करने की शक्ती की कमी। हॉफने की तकलीफ हो तो तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह ले।

हॉफने के हृदय से संबंधित कारण

  • रुमॅटिक बुखार के कारण हृदय की वॉल्व बिगड जाते है। इसके कारण शरीर तथा फेफडों में रक्त की आपूर्ती नही हो पाती। रुमॅटिक बुखार का कारण – जीवाणु संक्रमण के कारण शरीर की प्रतिकारशक्ती में दोष निर्माण होना। यह रोग स्कूली उम्रमें होता है। बदलता जोडों का दर्द, बुखार का आना जाना लगा रहता है। बाद में दिलपर असर होता है।
  • कुछ बच्चों को जन्म से ही हृदयविकार होता है। इन बच्चों को थकान जल्दी आती है। ये अधिकतर बैठे रहते है और त्वचा नीली सी दिखाई देती है।
  • हॉफने का और एक कारण हृदय की धमनियॉं बिगडने से हृदय की क्षमता में कमी आ जाती है।
  • अतिरक्तदाबसे दिल पर तनाव बढता है, यह और एक कारण है।
  • कभी कभी फेफडों में खून की गांठ का अटकना यें गांठे शरीर से हृदय में तथा वहॉं से फेफडों की रक्तवाहिनी में आती है। ऐसे में रोगी को साँस की कठिनाई महसूस होती है। इसपर तुरंत उपचार करने पडते है।
  • तीव्र रक्ताल्पता के कारण दिल को अधिक काम करना पडता है। इससे साँस लगती है।

श्वसन संस्थान से संबंधित हॉफने के कारण

  • श्वसनसंस्था का दमा एक प्रधान कारण है। यह ऋतुनुसार कम अधिक होता है। इसमें श्वसनोपचार से आराम पडता है।
  • कभी कभी फेफडों में क्षयरोग याने टी.बी से नुकरान होना या पानी जमता है। इसके अन्य लक्षण है -बुखार, खांसी, कमजोरी, भूख तथा वजन घटना, उसी प्रकार थूक में खून का गिरना।
  • न्यूमोनिया में फेफडों में संक्रमण होता है। इसके अन्य लक्षण है- बुखार और सीने में दर्द।
  • कुछ लोगों को लगातार धूल या धुएँ में काम करना पडता है। इससे फेफडे धूल से भर जाते है।
  • हिमालय जैसे उँचे पहाडों पर जाने से प्राणवायु की कमी से व्यक्ति हॉफने लगते है। यह तकलीफ निचले स्तरपर अपने आप ठीक हो जाती है।
  • श्वसनमार्ग में किसी चीज के अटकने से साँस में कठिनाई होती है। इसके लिये तुरंत वैद्यकीय ईलाज जरुरी है।

जरुरी सूचना

बेवजह, अचानक हॉफने की तकलीफ हो तो योग्य वैद्यकीय सलाह ले।

होंठ,  जबान, नाखून, चेहरा आदि पर नीलीसी झलक हृदयरोग का लक्षण हो सकता है।

धूलयुक्त कारखानों में काम करनेवालों को फेफडे की बीमारी होती है। गिट्टी, क्रशर, कपास कारखाने, सिलिका उद्योग, शक्कर कारखानेमें गन्नेका कचुमर उठानेवाले कर्मचारी, हल्दी कर्मचारी, आटा चक्की आदि सभी में इसका थोडा बहुत खतरा होता ही है।

स्त्रोत: भारत स्वास्थ्य

 

2.86075949367

Aarti Nov 09, 2016 05:11 PM

Sans ka fullna

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
संबंधित भाषाएँ
Back to top

T612019/12/09 13:21:52.932343 GMT+0530

T622019/12/09 13:21:52.965702 GMT+0530

T632019/12/09 13:21:52.966563 GMT+0530

T642019/12/09 13:21:52.966875 GMT+0530

T12019/12/09 13:21:52.733681 GMT+0530

T22019/12/09 13:21:52.734916 GMT+0530

T32019/12/09 13:21:52.735097 GMT+0530

T42019/12/09 13:21:52.735274 GMT+0530

T52019/12/09 13:21:52.735376 GMT+0530

T62019/12/09 13:21:52.735460 GMT+0530

T72019/12/09 13:21:52.736221 GMT+0530

T82019/12/09 13:21:52.736448 GMT+0530

T92019/12/09 13:21:52.736671 GMT+0530

T102019/12/09 13:21:52.736910 GMT+0530

T112019/12/09 13:21:52.736960 GMT+0530

T122019/12/09 13:21:52.737058 GMT+0530