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खेतों में खतरे

इस पृष्ठ में खेतों में होने वाले खतरों की जानकरी एवं किए जाने वाले उपाय बताये गए है।

क्या होते है खेत में खतरे

खेती में कीटनाशक रसायनों का प्रयोग बढ रहा है। दवाईयॉं और कीटनाशक बच्चों से दूर रखे। करोड़ों पुरुष, महिलाएं और बच्चे खेतों में काम करते हैं। परन्तु खेतों में होने वाले खतरों की सूची बनाने का आजतक कोई तरीका मौजूद नहीं है। इसके लिए विशेष इलाज भी बहुत कम ही उपलब्ध होते हैं।

 

किन चीज़ों से हो सकता है खेत में खतरा

खेतों में होने वाली दुर्घटनाओं का एक मोटा वर्गीकरण यह है -

  • खेतों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और अन्य उपकरणों जैसे हंसिये, भूंसी निकालने वाली मशीन आदि से लगने वाली चोटें।
  • मवेशियों और अन्य जानवरों जैसे कुत्तों, सांपों या बिच्छू आदि के काटने से लगने वाली चोटें।
  • कीटनाशकों से विषाक्तता।
  • खेतों में होने वाली अन्य दुर्घटनाएं जैसे कूओं में विस्फोट। कुएँ खोदने के लिए विस्फोट किया जाने के समय।

मशीनों और बिजली से लगने वाली चोटें

असुरक्षित मशीनें खेतों में होने वाली दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण होती हैं। भूंसी निकालने वाली मशीन के दुर्घटनाएं काफी आम हैं। कई बार इसमें उंगली कट जाती है जिससे हमेशा के लिए विकलांगता हो जाती है।

बिजली के पंप का इस्तेमाल करते हुए झटका लगने से कई मौतें हो जाती हैं। बरसात या तूफान आदि में बिजली के तारों के ढीले होकर निकल जाने से हर साल कई दुर्घटनाएं होती हैं।

जानवरों के कारण दुर्घटनाएं

सांप के काटने या बिच्छू के डंक के अलावा जानवरों से कई तरह की चोटें लगती हैं। ये चोटें मुख्यत: मवेशियों और कुत्तों से होती हैं। मवेशी के कारण आमतौर पर चेहरे, आँखों, पेट या छाती पर चोट लगती है। बच्चों और बड़ों दोनों के लिए ये खतरे होते हैं।

स्त्रोत: भारत स्वास्थ्य

 

 

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