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स्वास्थ्य

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    मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य पर जागरुकता

    भारत मातृ-मृत्यु अनुपात को कम करने की प्रतिबद्धता के साथ प्रजनन स्वास्थ्य सुविधाओं तक सभी की पहुँच बनाने का प्रयास कर रहा है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर सरकार द्वारा लागू किये गये विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए जागरुकता और उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करना एक बड़ी जिम्मेदारी और मौलिक महत्व का कार्य है।

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    देशी चिकित्सा प्रणाली

    लोगों को देशी चिकित्सा प्रणाली के उपयोग पर महत्वपूर्ण जानकारी के प्रसार की जरूरत है। आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) से संबंधित उपयोगी जानकारी, संसाधन सामग्री और उसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विकासपीडिया अपनी सूचनाओं और बहुउपयोगी उत्पादों के माध्यम से अपना महत्वपूर्ण योगदान देने में प्रयासरत है।

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    मानसिक स्वास्थ्य पर जागरुकता – समय की आवश्यकता

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वर्ष 2020 तक अवसाद विश्व का दूसरी सबसे बड़ी बीमारी बनकर विश्वव्यापी समस्या बनकर उभरेगी। जीवन स्तर में को बनाये रखने में सामाजिक और आर्थिक लागत बढ़ने के साथ मानसिक स्वास्थ्य का स्तर गिरने से मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक बीमारी के इलाज के बारे में जागरूकता की जरुरत महसूस की गई है।

महिला स्वास्थ्य

महिला स्वास्थ्य उसकी पूरी जिंदगी के दौरान-यौवन से लेकर रजोनिवृत्ति तक बहुत महत्वपूर्ण है। इस पोर्टल के माध्यम से किशोर बालिका स्वास्थ्य देखभाल, सुरक्षित मातृत्व और अच्छे प्रजनन स्वास्थ्य की देखभाल आदि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान दी गई है।

बाल स्वास्थ्य

बच्चों का विकास एक जटिल एवं सतत प्रक्रिया है। इसी क्रम में यह भाग बाल स्वास्थ्य से जुड़ीं विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियों को जानने का अवसर देता है।

आयुष

चिकित्सा और होम्योपैथी (भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी) विभाग मार्च, 1995 में बनाया। वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के रुप में अपनी पहचान हासिल कर यह विभाग अपनी उपयोगिता से लोकप्रिय होते हुए महत्वपूर्ण स्थान बना रहा है।

पोषाहार

जनसंख्या विस्फोट और भोजन की मांग हमेशा साथ-साथ चलते हैं। यह भाग पोषाहार के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डालते हुए उनकी स्वस्थ्य जीवन में उपयोगिता बताता है।

बीमारियां-लक्षण एवं उपाय

पारंपरिक बीमारियों के अलावा लोगों की कार्यशैली और उनके आस-पास के पर्यावरणों में आ रहे परिवर्तनों से अनेक नवीन बीमारियों के लक्षण चिकित्सकों के लिए चिंता के विषय हैं। यह भाग पारंपरिक बीमारियों के साथ अनेक नवीन बीमारियों के कारकों को स्पष्ट कर जागरुकता लाने का प्रयास करता है।

स्वच्छता और स्वास्थ्य विज्ञान

स्वच्छता की एक समग्र परिभाषा में स्वच्छ पेयजल, तरल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण  और व्यक्तिगत स्वच्छता आदि को शामिल किया जाता है जिसका समुदाय/परिवारके स्वास्थ्य अथवा व्यक्ति पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। इस भाग में इसकी जानकारी दी गयी है।

मानसिक स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मानसिक स्वास्थ्य को परिभाषित करते हुए कहा है कि एक व्यक्ति जो अपने या अपनी खुद की क्षमताओं को पहचानता है वह सामान्य जिंदगी के तनाव का अच्छी तरह से सामना कर सकता है। यह भाग मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ीं विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियों को जानने का अवसर देता है।

स्वास्थ्य योजनाएं

12 अप्रैल, 2005 में शुरू किये गए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में महिलाओं सहित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार, वंचित समूहों की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत और सक्षम बनाने के साथ कुशल स्वास्थ्य सेवा वितरण बढ़ाना आदि लक्ष्य निर्धारित हैं। यह भाग इससे जुड़ीं महत्वपूर्ण जानकारियों को जानने का अवसर देता है।

प्राथमिक चिकित्सा

प्राथमिक चिकित्सा तात्कालिक और अस्थायी देखभाल अथवा दुर्घटना या अचानक बीमारी का शिकार होने की स्थिति में एक प्रशिक्षित चिकित्सक की सेवाएं प्राप्त करने से पहले दी जाती है। इसी क्रम में यह भाग प्राथमिक चिकित्सा से जुड़ीं जानकारियों को प्रस्तुत कर जागरुकता लाने का प्रयास करता है।

जहाँ महिलाओं के लिए डॉक्टर न हो

यह भाग उन स्थितियों से जुड़ीं सभी जानकारियों को देता है जिनमें महिलाओं के लिए किसी डॉक्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है। महिलाओं के जीवन में आने वाली इन स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख एवं उनके उपाय प्रशिक्षित लोगों द्वारा दिए गए हैं।

जीवनशैली के विकार : भारतीय परिदृश्य

आधुनिक विज्ञान ने उन्नत स्वच्छता, टीकाकरण और एंटीबायोटिक्स तथा चिकित्सकीय सुविधाओं के माध्यम से अनेक संक्रामक बीमारियों से सामान्यत: होने वाले मृत्यु के खतरे को कम कर दिया है। इसी क्रम में यह भाग इस से जुड़ीं विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियों को जानने का अवसर देता है।


ashok meena Mar 29, 2017 05:36 PM

मेरे पिछले ३ -४ महीनो से जाघो के पास में दाद हो रहा खूब दवा लेने के भी ठीक नही हो पा रहा ह में बहुत परेशन हु मझे इलाज बताये

tanuja Mar 17, 2017 01:07 PM

मेरे पापा की आंख की रोशनी एक एक्सीडेंट में चली गयी है डॉक्टर उन्हें विशाखाXट्XX ऑपरेशन के लिए भेज रहे .कोई में riसहायता कर दे तो मेरे पापा फिर से देख पाएंगे.XX्त बिना खा नहीं सकते और उनके बीमार हो जाने से आर्थिक स्थिति बिगड़ गयी है और कर्ज का बोझ बढ़ गया है मेरी मदद कीजिये .९१XXXXX९XX मो.न . संपर्क करे प्लीज.

कैलाश चन्द्र मंडल ,बैंक घोरमारा मोहनपुर देवघर झारखण्ड Mar 07, 2017 01:08 PM

सर मैं गंभीर बीमारी से परेशान हूं। घर का एक ही कमाऊ व्यक्ति हु मेरी उम्र ४५ लगभग है मेरा दायाँ पैर में फलेरिया हो गया है वो काफी वजन का हो गया है । मैं एक गरीब व्यक्ति हूँ मदद की जरूरत है।

Jogs Ram Potliya Mar 01, 2017 12:44 PM

Ayurvedic padati Sabse Aage हैं हो सकता है आयुर्वेXिक पद्धति से कुछ समय लग सकता है इसके कारण रोग कितना भी प्रणाम दिनों में ठीक हो सकता है इस दवाई को लंबे समय तक लेना अवश्य होता है और प्रेस रखना पडता है और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है अंग्रेजी दवाइयां लेने से लंबे समय तक तो लीवर की बीमारियां होने की शिकायत रहती हैं इसलिए कम से कम अंग्रेजी दवाइयों का सेवन करें आपको कोई शरीर में दुर्बलता या हामिद नहीं होगी आयुर्वेXिक ही हमारे पुरानी से पुरानी पद्धति मानी जाती हैं जय हिंद जय भारत स्वदेशी अपनाओ देश बचाओ 96XXX81J. P

नाथ Jan 30, 2017 12:39 PM

हम लोग सुअरो से परेसान है नगर निगम भिलाई में कई बार शिकायत किये पर नगर निगम के किसी भी अधिकारी को कुछ भी फर्क नहीं पड़ता सुअरो की गन्दगी से साँस लेना भी मुश्किल हो रहा है लोग गन्दगी से बीमार पड़ रहे है नगर निगम भिलाई में नालियो की सफाई तथा कीटनाशक दवायो के छिडकाव के लिए शिकायत की गई पर लगभग ८-१० साल हो गए कोई छिड़काव नहीं हुआ कैंप एरिया में नालियो को खुला छोड़ दिए है सफाई नहीं होने से सुअरो का आतंक फैला हुआ है सूअर पलने वालो पर कोई कार्यवाही नहीं होती. कृपया बताये की अब किसको बताने से हमें सुअरो से छुटकारा मिलेगा.

रमेश कुमार Jan 08, 2017 08:09 AM

नमस्ते सर मैं बिहार का रहने वाला एक आम नागरिक हु .,मेरे बिहार में आज भी शिक्षा का आभाव हे ,सर जी मेरे बिहार में बहुत सरे ऐसे बच्चे हे जो की शिक्षा से वंचित हे ,जिनके माबाप उनको अपनी गरीबी के कारन पढ़ा नहीं पते .अतः आप सेंत अनुरोध हे की हमारे बिहार में शिक्षा कार्यक्रम चालू करे ,ताकि हमारे बिहार के गरीब बच्चे पढ़ सके . दोनों हाथ से निवेदन हे .मैं रमेश कुमार

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