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टीके से इलाज संभव होने की स्थिति में कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रहे : प्रधानमंत्री

मिशन इंद्रधनुष के चार चरणों के तहत 2.53 करोड़ बच्चे और 68 लाख गर्भवती महिलाओँ को जीवनरक्षक टीकें उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से 5.21 लाख बच्चे और 1.27 लाख गर्भवती महिलाएं गुजरात से हैं। उन्होंने बताया कि मिशन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि यदि टीके से किसी रोग का इलाज संभव है तो किसी भी बच्चे को टीके का अभाव नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री गुजरात के वडनगर में सघन मिशन इंद्रधनुष का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए भारत सरकार ने दो वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे और उन गर्भवती माताओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है जो टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत यह सुविधा नहीं पा सके हैं। विशेष अभियान के तहत टीकाकरण पहुंच में सुधार के लिए चुने हुए जिलों और राज्यों में दिसंबर 2018 तक पूर्ण टीकाकरण से 90 प्रतिशत से अधिक का लक्ष्य रखा गया है। मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत 2020 तक पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 90 प्रतिशत क्षेत्रों को शामिल किया जाना है।

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी.नड्डा ने सूचित किया कि मिशन इंद्रधनुष के चार चरणों के तहत 2.53 करोड़ बच्चे और 68 लाख गर्भवती महिलाओँ को जीवनरक्षक टीकें उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से 5.21 लाख बच्चे और 1.27 लाख गर्भवती महिलाएं गुजरात से हैं। उन्होंने बताया कि मिशन इंद्रधनुष के जरिए हम 90 प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। इससे पहले पूर्ण टीकाकरण, कवरेज में वृद्धि का लक्ष्य हर वर्ष 1 प्रतिशत था। मिशन इंद्रधनुष पहले दो चरणों में टीकाकरण में 6.7 प्रतिशत प्रतिवर्ष की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

अक्तूबर 2017 और जनवरी 2018 के बीच हर महीने सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के तहत सर्वोच्च प्राथमिकता वाले जिलों और शहरी क्षेत्रों में 173 जिलों, 16 राज्यों के 121 जिलों और 17 शहरों और 8 पूर्वोत्तर राज्यों के 52 जिलों में निरंतर टीकाकरण का दौर जारी रहेगा। सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम चुनिंदा में ऐसे जिलों और शहरी क्षेत्रों में वाले क्षेत्रों में चलाया जाएगा जहां टीकाकरण कम हुआ है। यह क्षेत्र राष्ट्रीय सर्वेक्षण, स्वास्थ्य प्रबंध सूचना प्रणाली डेटा एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तय किए जाएंगे। एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रवास करने वाले शहरी झुग्गी-झोपड़ियों और उप-केंद्रों में ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां टीकाकरण या तो नहीं हुआ या उसका प्रतिशत बहुत कम है। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शहरी बस्तियों और शहरों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा ।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, पंचायती राज, शहरी विकास, युवा कार्य एवं अन्य मंत्रालयों ने सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम में अपना सहयोग दिया है। जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले विभिन्न लोगों के जरिए इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित किया जाएगा। आशा, आंगनबाड़ी वर्कर, राष्ट्रीय शहरी जीविका मिशन के अंतर्गत जिला प्रेरक और स्वयंसेवी संगठनों के बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्यान्वयन के जरिए यह कार्यक्रम चलाया जाएगा। ये योजनाएं राज्य से केंद्रीय स्तर तक चलाई जाएंगी ताकि दिसंबर 2018 तक 90 प्रतिशत तक टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

स्त्रोत: पत्र सूचना कार्यालय

 


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