सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / ऊर्जा / उत्तम प्रथा
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

उत्तम प्रथा

इस भाग में समुदाय की ऊर्जा और पानी की मांग पर विभिन्न अनुभावों और प्रयोगों को प्रस्तुत किया गया है।

सौर यंत्र
इस भाग में समुदायों में सौर ऊर्जा के उपयोग के प्रोत्साहन से जुड़े विभिन्न केस अध्ययनों और सर्वोत्क्रष्ट प्रयासों को प्रस्तुत किया गया है।
जल विद्युत ऊर्जा
यहां पर पन-ऊर्जा से ऊर्जावित किये जा रहे समुदायों की जानकारी को प्रस्तुत किया गया है।
जैव-ऊर्जा
इस भाग में समुदाय स्तर पर ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बायोमास और जैव ऊर्जा के उपयोग के अनुभवों को प्रस्तुत किया गया है।
वर्षा जल संचयन की सफलताएं
इस भाग में वर्षा जल संचयन के लिए अपनाई जा रही उत्तम प्रथाओं की जानकारी दी गई है।
बिजली को लेकर कुछ नये प्रयोग
बिजली के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखकर वैकल्पिक स्त्रोतों को इक्कठा करना आज के समय में आवश्यक हो गया है| इस खंड में हम देश भर आम जनों द्वारा नए वैकल्पिक स्त्रोतों के इजाद के बारे में विस्तृत जानकारी बाँट रहे है|
स्थिरता के लिए नियोजन
इस भाग में वर्षा जल संचयन से जुड़े कुछ अन्य उदाहरणों को प्रस्तुत किया गया है जो इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
जीवन स्तर में सुधार के लिए ऊर्जा अनिवार्य
इस शीर्षक में जीवन स्तर में सुधार के लिए ऊर्जा अनिवार्यता को समसामयिक उदाहरणों द्वारा प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
सौर ऊर्जा से बदल रही राजस्थान की तस्वीर
जैसा कि शीर्षक से स्पष्ट है साैर ऊर्जा किस तरह राजस्थान के लिए वरदान साबित हो रही है-उसे लेख के माध्यम से स्पष्ट किया गया है।
सतत् अपशिष्ट प्रबंधन की एक कहानी
इस शीर्षक के अंतर्गत अवशिष्ट प्रबंधन से निपटने के लिए रेलवे द्वारा अपनाई गई अनूठी योजना के बारे में बताया गया है।
गाँवों में सौर ऊर्जा से दूर होगा रात का अँधेरा
कुछ दशक पूर्व वैज्ञानिकों ने सूर्य की किरणों से बिजली बनाने में बड़ी कामयाबी आई, जो आज कई घरों का अँधेरा दूर कर रही है| इसी विषय में सौर ऊर्जा की तकनीक, देश- दुनिया में क्या है बिजली के हालत और कैसा है सौर ऊर्जा का भविष्य, पर आधारित है यह लेख|

नेवीगेशन
Back to top

T612017/12/13 05:04:9.581770 GMT+0530

T622017/12/13 05:04:9.606917 GMT+0530

T632017/12/13 05:04:9.607031 GMT+0530

T642017/12/13 05:04:9.607292 GMT+0530

T12017/12/13 05:04:9.559945 GMT+0530

T22017/12/13 05:04:9.560110 GMT+0530

T32017/12/13 05:04:9.560291 GMT+0530

T42017/12/13 05:04:9.560448 GMT+0530

T52017/12/13 05:04:9.560537 GMT+0530

T62017/12/13 05:04:9.560611 GMT+0530

T72017/12/13 05:04:9.561200 GMT+0530

T82017/12/13 05:04:9.561375 GMT+0530

T92017/12/13 05:04:9.561585 GMT+0530

T102017/12/13 05:04:9.561793 GMT+0530

T112017/12/13 05:04:9.561839 GMT+0530

T122017/12/13 05:04:9.561930 GMT+0530