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साइलेंटघाटी आंदोलन

इस लेख में पर्यावरण के लिए हुए साइलेंटघाटी आंदोलन का उल्लेख किया गया है|

परिचय

केरल की शांत घाटी 89 वर्ग किलामीटर क्षेत्र में है जो अपनी घनी जैव-विविधता के लिए मशहूर है। 1980 में यहाँ कुंतीपूंझ नदी पर एक परियोजना के अंतर्गत 200 मेगावाट बिजली निर्माण हेतु बांध का प्रस्ताव रखा गया। केरल सरकार इस परियोजना के लिए बहुत इच्छुक थी लेकिन इस परियोजना के विरोध में वैज्ञानिकों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं तथा क्षेत्रीय लोगों के स्वर गूंजने लगे। इनका मानना था कि इससे इस क्षेत्र के कई विशेष फूलों, पौधों तथा लुप्त होने वाली प्रजातियों को खतरा है। इसके अलावा यह पश्चिमी घाट की कई सदियों पुरानी संतुलित पारिस्थिति की को भारी हानि पहुँचा सकता है। लेकिन राज्य सरकार इस परियोजना को किसी की परिस्थिति में संपन्न करना चाहती थी। अंत में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने इस विवाद में मध्यस्था की और अंतत: राज्य सरकार को इस परियोजना को स्थगित करना पड़ा जो घाटी के पारिस्थिति के संतुलन को बनाये रखने में मील का पत्थर साबित हुआ।    

साइलैंट वैली राष्ट्रीय उद्यान

साइलैंट वैली राष्ट्रीय उद्यान उत्तरी केरल के पालक्काड ज़िले के मन्नारकाड से 40 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। 90 वर्ग कि.मी. में फैला यह राष्ट्रीय उद्यान पालक्काड ज़िले के उत्तरी भाग में अवस्थित है। उत्तर में यह नीलगिरि पठार तक विस्तृत है और दक्षिण में मन्नारकाड के मैदान से ऊँचा है।

इतिहास

इस वन क्षेत्र को सन 1847 में एक ब्रिटिश वनस्पतिशास्त्री रॉबर्ट वाइट ने खोजा था। स्थानीय लोग इसे सैरन्ध्रीवनम कहते हैं। सैरन्ध्री द्रौपदी का नाम है। कहते हैं कि अज्ञातवास के दौरान पांडव यहाँ आकर भी रहे। इसे साइलेंट वैली कहने के पीछे सबसे बड़ी वजह यहाँ की अजब प्राकृतिक शांति है। शायद सैरन्ध्री शब्द को बोलने में अंग्रेजों को दिक्कत थी इसलिए उससे मिलता-जुलता नाम साइलेंट वैली मिला।

मुख्य आकर्षण

इस जंगल की विशेषता है कि यहाँ प्रकृति के साथ लगभग न के बराबर छेड़छाड़ की गई है। सन 70 के दशक में यहाँ एक पनबिजली योजना लाने की कोशिश की गई, पर जनता के विरोध के कारण उसे अनुमति नहीं मिली। यह राष्ट्रीय उद्यान ऊष्ण कटिबंधीय सदाबहार वर्षा वनों का एक अत्यंत अनोखा, किंतु नाजुक संतुलन है, जिसके अंतर्गत अनेक प्रकार के जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की विविधता से भरी हुई पूर्ण नर्सरी है। इस उद्यान में पाई जाने वाली जीवों की कुछ प्रजातियाँ तो यहाँ के अलावा दुनिया में और कहीं भी देखने को नहीं मिलती हैं।

जैव विविधता

नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व साइलैंट वैली राष्ट्रीय उद्यान की हृदय स्थली है। अपने नाम [2] के विपरीत यह जैव-विविधता से भरपूर है। जीव विज्ञान के विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और क्षेत्र के जीव विज्ञानियों के लिए यह स्थान एक स्वर्ग के समान है। पश्चिमी घाट की जैव-विविधता का ऐसा संग्रह अन्यत्र मिल पाना मुश्किल है।

जीव जंतु

साइलैंट वैली राष्ट्रीय उद्यान में 1000 से भी अधिक पुष्पी पौधों की प्रजातियाँ, जिनमें 110 किस्मों के ऑर्किड, 34 से अधिक प्रजातियों के स्तनधारी जीव, लगभग 200 किस्मों की तितलियाँ, 400 किस्मों के शलभ, 128 किस्मों के भृंग, जिनमें से 10 तो जीव विज्ञान के लिए बिल्कुल नए हैं, और दक्षिण भारत में पाई जाने वाली 16 प्रजातियों के पक्षियों सहित चिड़ियों की 150 प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

जल की उपलब्धता

कुंती नदी नीलगिरि पर्वत की 2000 मीटर की ऊँचाई से उतरती है और घाटी में गुजरती हुई घने जंगलों वाले मैदानों से होकर आगे प्रवाहित होती है। कुंती नदी का रंग कभी भी मटमैला नहीं पड़ता। वर्ष भर बहने वाली इस बनैली नदी का जल हमेशा काँच के समान स्वच्छ बना रहता है। इन जंगलों से वाष्पीकरण-प्रस्वेदन किसी भी अन्य स्थान की तुलना में अधिक होता है। इस कारण यहाँ का वायुमंडल शीतल बना रहता है और जलवाष्प बड़ी आसानी से संघनित होकर मैदानों में ग्रीष्म कालीन वर्षा का कारण बनता है।

कैसे पहुँचें

इस उद्यान तक पहुँचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन पालक्काड है, जो लगभग 80 कि.मी. दूर है। निकटतम हवाई अड्डा तमिलनाडु का कोयम्बटूर है, जो लगभग 55 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।

स्त्रोत: विकासपीडिया टीम

3.05925925926

Deepak khati Oct 06, 2018 08:25 PM

For student holiday homework

Sanju May 05, 2018 09:21 AM

More information about silent valley movement

योगेंद्र Apr 29, 2018 05:43 PM

इस आंदोलन के बारे में थोड़ी ज्यादा जानकारी देवें

Chanchal kr tiwari Dec 21, 2017 08:12 AM

इसमें यह भी बताये की इस आंदोलन में मुख्यतः कौन कौन से लोग शामिल थे

Mahesh Khardia Dec 17, 2017 10:09 AM

Silent velly me lupt parjati konsi h

Nikhil gurjar Jul 11, 2017 06:04 PM

Is jankari me yeh bhi likhe ki is valley ka nam sikent valley ku rkha gya dhanyawad

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