सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

उजाला योजना

इस पृष्ठ में उजाला योजना की जानकारी दी गयी है I

पृष्ठभूमि

भारत में कुल खपत में प्रकाश क्षेत्र का योगदान लगभग 20 प्रतिशत है। मौजूदा समय में घरेलू एवं सार्वजनिक प्रकाश क्षेत्र कीरोशनी संबंधी ज्यादातर आवश्यकताओं की पूर्ति अक्षम, पारंपरिक, तापदीप्त बल्बों से की जाती है।

भारत सरकार एलईडी के जरिये भारत में सभी 77 करोड़ अक्षम बल्बों को बदलने के लक्ष्य को पाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे हर साल 20,000 मेगावाट लोड की कमी संभव होगी, 100 अरब केडब्ल्यूएच की ऊर्जा बजत होगी और ग्रीन हाउस गैस (जीएचजी) में 80 मिलियन टन की कमी संभव हो पाएगी। यह अनुमान लगाया गया है कि यह देश में तकरीबन 5 बड़े ताप विद्युत संयंत्रों की स्थापना के समतुल्य है। इसके अलावा, देश में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में भी 40,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।

डोमेस्टिक एफीसिएंट लाइटिंग प्रोग्राम पर जाकर अपने घर के सर्वाधिक निकट स्थित वितरण कियोस्क का पता लगा सकते हैं। एलईडी बल्ब को अपनाने वाला प्रत्येक व्यक्ति ऊर्जा बचत के जरिये किसी और के घर को भी रोशन करने में मददगार साबित होगा।

उजाला योजना क्या है ?

भारत सरकार के राष्‍ट्रीय कार्यक्रम— उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडीज फॉर ऑल(उजाला) अर्थात उन्‍नत ज्‍योति द्वारा सभी के लिए रियायती एलईडी (उजाला) की शुरुआत हाल ही में भोपाल से की गई। इस कार्यक्रम का क्रियान्‍वयन बिजली मंत्रालय की संयुक्‍त उपक्रम सार्वजनिक कंपनी एनर्जी एफिशंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा किया जा रहा है। एलईडी आधारित घरेलू सक्षमता लाइटिंग कार्यक्रम (डोमेस्टिक एफीसिएंट लाइटिंग प्रोग्राम-डीईएलपी) को 'उजाला' नाम दिया गया है।

शुरुआत में उजाला योजना का पूरी तरह से संचालन राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, आंध्र प्रदेश, पुद्दुचेरी, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में हो रहा है। कई और राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश इस योजना से जुड़ेंगे।

ईईएसएल द्वारा क्रियान्वित की जा रही उजाला योजना को देश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक तौर पर स्वीकार किया गया है। बड़े पैमाने पर इसे स्वीकार किये जाने का मुख्य कारण एलईडी बल्बों की वह क्षमता है, जिसके बल पर वे कम वोल्टेज रहने पर भी लगातार सही ढंग से रोशनी देते हैं। वहीं, दूसरी ओर साधारण बल्ब एवं सीएफएल कम वोल्टेज में प्रायः अच्छा प्रकाश नहीं देते।

योजना का उद्देश्य

जल्द से जल्द भारत के हर घर में एलईडी बल्ब पहुँचाना है I जिससे बिजली की खपत कम होगी, और एनर्जी को अधिक से अधिक बचाया जा सकेगा I

उजाला योजना के बारे में मुख्य जानकारी

योजना उजाला का पूरा नाम

उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडीज फॉर ऑल(उजाला)

किस मंत्रालय के  द्वारा शुरू की गयी है ?

विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार

केन्द्रीय विद्युत मंत्री

श्री पियूष गोयल

लागु का अधिकार

एनर्जी इफ्फीशीयेंसी सर्विस लिमिटेड (ईईएसएल)

योजना लागू करने की तारीख

30 अप्रैल, 2016

एलईडी बल्ब पॉवर

 

9 वाट

एलईडी बल्ब की वारंटी

 

3 साल

एलईडी बल्ब मिलने की जगह

डिस्कॉम ऑफिस, बिजली बिल कैश काउंटर, ईईएसएल कियोस्क, साप्ताहिक बाजार

एलइडी बल्ब की कीमत

अगर आप इस बल्ब को मार्किट से खरीदते हो तो आपको यह बल्ब 160 रूपए तक का मिलेगा लेकिन आप इस बल्ब को बीपीएल कार्ड से खरीदोगे तो यह बल्ब आपको 85 रूपए का मिलेगा जो की मार्किट मूल्य से बहुत कम है।

उजाला योजना की विशेषताएं

इस योजना में हर साल 20 हजार मेगावाट लोड की कमी संभव होगी।

उजाला योजना से बिजली की बचत होती है।

इस योजना में हर साल 9 करोड़ बल्ब बाँटें जायेंगें ।

इस योजना में जो बल्ब बाँटें जाते है उसमे अन्य बल्ब से 10 गुना रोशनी होती है।

बल्ब के लिए कैसे आवेदन करे

सबसे पहले भारत सरकार की अपनी वेबसाइट पर जाना होगा राष्ट्रीय उजाला डैशबोर्ड

वेबसाइट पर निर्धारित प्रपत्र में अपनी सभी जानकारी भर कर सबमिट कर दे।

इसके बाद अपनी सारी जानकारी डिस्कॉम ऑफिस जा के देखे।

इसके बाद आप उजाला योजना का लाभ उठा सकते हैं।

योजना की मुख्य बातें

  • विश्व भर में ऊर्जा बचत में सर्वाधिक योगदान करने वालों में कम खपत वाली घरेलू रोशनी भी शामिल है।
  • कम बिजली की खपत कर नौ वॉट का एलईडी बल्‍ब 100 वॉट के बल्ब के बराबर ही प्रकाश देता है।
  • 18 मार्च 2016 तक ईईएसएल ने भारत सरकार की उजाला योजना के तहत देश के 125 शहरों में एक साल के अंदर 8 करोड़ से भी ज्यादा एलईडी बल्ब वितरित किए हैं।
  • इससे प्रत्‍येक वर्ष उपभोक्‍ताओं को 5500 रुपए की बचत करने में मदद मिलेगी। उजाला न केवल उपभोक्‍ताओं को बिजली बिल कम रखने में मदद देगा बल्कि देश में ऊर्जा संरक्षण में भी योगदान करेगा। उजाला कार्यक्रम की निगरानी पारदर्शी तरीके से राष्‍ट्रीय स्‍तर पर की जा रही है। एलईडी बल्‍बों के प्रयोग से पर्यावरण की भी सुरक्षा होगी।
  • 12 माह की अवधि में 8 करोड़ एलईडी बल्बों के वितरण का लक्ष्य हासिल करने के परिणामस्वरूप 2.84 करोड़ केडबलयूएच की दैनिक बचत संभव हो पाई है।
  • यह बचत 365 दिनों तक 20 लाख से भी ज्यादा घरों को रोशन करने में सक्षम है।
  • यूनिट के लिहाज से बिजली की बचत करने के अलावा कार्बन-डाइऑक्साइड के दैनिक उत्सर्जन में 23,000 टन की कमी करने में भी सफलता मिली है।
  • उजाला योजना के तहत वितरित किए गए एलईडी बल्ब का दाम इसके बाजार मूल्य का एक तिहाई है।
  • बेहतर गुणवत्ता वाले इन बल्बों पर तीन साल की मुफ्त प्रतिस्थापन (फ्री रिप्लेसमेंट ) वारंटी भी दी जाती है।

योजना की स्थिति

भारतीय परिवार अब काफी तेजी से एलईडी बल्बों का उपयोग करने लगे हैं, ताकि उनके घरों में बिजली की खपत कम हो सके। एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने भारत सरकार की उजाला (सभी के लिए किफायती एलईडी के जरिये उन्नत ज्योति) योजना के तहत देश के 125 शहरों में एलईडी बल्ब वितरित किए हैं।  विश्व भर में ऊर्जा बचत में सर्वाधिक योगदान करने वालों में कम खपत वाली घरेलू रोशनी भी शामिल है। 12 माह की अवधि के अंदर 8 करोड़ एलईडी बल्बों के वितरण का लक्ष्य हासिल करने के परिणामस्वरूप 2.84 करोड़ केडब्ल्यूएच की दैनिक बचत संभव हो पाई है। यूनिट के लिहाज से बिजली की बचत करने के अलावा कार्बन-डाई-ऑक्साइड के दैनिक उत्सर्जन में 23,000 टन की कमी करने से भी देश लाभान्वित हुआ है।

मौजूदा समय में उजाला योजना का पूरी तरह से संचालन राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, आन्ध्र प्रदेश, पुडुचेरी, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में हो रहा है। कई और राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश जल्द ही राष्ट्रीय कार्यक्रम लांच करेंगे।

एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा क्रियान्वित की जा रही उजाला योजना को देश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक तौर पर स्वीकार किया गया है। बड़े पैमाने पर इसे स्वीकार किये जाने का मुख्य कारण एलईडी बल्बों की खास क्षमता है, जिसके बल पर वे कम वोल्टेज रहने पर भी लगातार सही ढंग से जलते रहते हैं। वहीं, दूसरी ओर तापदीप्त एवं सीएफएल बल्ब कम वोल्टेज में आम तौर पर अच्छा प्रदर्शन करने में विफल साबित होते हैं। यही नहीं, उजाला योजना के तहत वितरित किए गए एलईडी बल्ब का दाम इसके बाजार मूल्य का एक तिहाई है। बेहतर गुणवत्ता वाले इन बल्बों पर तीन साल की मुफ्त प्रतिस्थापन वारंटी भी दी जाती है

अक्सर पूछे जाने वाली सवाल

 

उजाला योजना क्या है?

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने "प्रकाश पथ" - "प्रकाश के लिए रास्ता" का वर्णन एलईडी बल्ब के रूप में किया है । देश में ऊर्जा की दिशा में यह पहल का भारत सरकार के प्रयासों का एक हिस्सा है। उजाला योजना के तहत आवासीय स्तर पर वर्तमान उच्च लागत को कम कर ऊर्जा के कुशल उपकरणों व एलईडी उपयोग की दिशा में  उपभोक्ताओं की जागरूकता को बढ़ाना है I इस योजना डीईएलपी (डोमेस्टिक एफीसीएंट लाइटिंग प्रोग्राम-डीईएलपी) के रूप में शुरुआत किया गया और बाद में इसे उजाला के पुनः लाँच किया गया I

उजाला योजना पात्रता

कौन उजाला योजना के तहत एलईडी पाने के लिए पात्र है और एलईडी की खरीद के लिए क्या आवश्यकताएँ हैं?

ऐसे सभी उपभोक्ता जिनको विद्युत वितरण कंपनी से मीटर के जरिए कनेक्शन दिया गया है  वो उजाला योजना कार्यक्रम के तहत एलईडी बल्ब पाने के लिए योग्य है I उपभोक्ता ईएमआई भुगतान (बिजली बिल में मासिक / द्विमासिक किस्तों पर ) पर या अग्रिम भुगतान करके एलईडी की खरीद कर सकते पात्र है। उपभोक्ता को उजाला एलईडी बल्ब पाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों को ले जाने की जरूरत है -

  • ईएमआई के लिए - नवीनतम बिजली बिल और सरकार अधिकृत आईडी प्रूफ की कॉपी की प्रति
  • अग्रिम के लिए - सरकार अधिकृत आईडी प्रूफ की कॉपी ।

कहाँ और कैसे एलईडी बल्ब की खरीद की जा सकती है?

उजाला एलईडी बल्ब शहर में विशेष निर्दिष्ट स्थानों पर स्थापित काउंटरों (कियोस्क) के माध्यम से वितरित किया जा रहा है । यह खुदरा दुकानों पर उपलब्ध नहीं होगा। वितरण काउंटर का विवरण राष्ट्रीय उजाला डैशबोर्डपर उपलब्ध है उपभोक्ता सुविधा के लिए ये स्थान जियो टैग होंगे ।

एलईडी बल्ब की कीमत

एलईडी बल्ब की कीमत क्या है ?

उजाला एलईडी बल्ब 75 रूपए - 95 रूपये प्रति एलईडी बल्ब के मूल्य पर खरीदा जा सकता है । एलईडी बल्बों की कीमतों में अंतर राज्य के लिए राज्य से करों में (वैट, चुंगी आदि) के कारण भिन्न हो सकता है ; इसके साथ वितरण और जागरूकता लागत, ;वार्षिक रखरखाव लागत (एएमसी ); कैपिटल और प्रशासनिक लागत की लागत इत्यादि पर भी निर्भर करेगा।

एलईडी बल्ब की वारंटी

एलईडी बल्ब फ्यूज होने से क्या करेंगें ? इसकी वारंटी है?

यदि तकनीकी दोष के कारण एलईडी बल्ब काम करना बंद कर दें, तो ईईएसएल तीन वर्ष की अवधि के लिए लागत मुक्त प्रतिस्थापन प्रदान करता है। सभी प्रतिस्थापन  राष्ट्रीय उजाला डैशबोर्डपर उल्लेख किये गए नामित प्रतिस्थापन / वितरण कियोस्क के माध्यम से ही होगा । वितरण अवधि के दौरान इन एलईडी बल्ब उजाला कियोस्क में से बदला जा सकता है । वितरण के पश्चात्, राज्य विशेष प्रतिस्थापन ड्राइव होगा जिससे कि खुदरा दुकानों / स्थानों जहां प्रतिस्थापन उपलब्ध होगा जानकारी दी जायेगी ।

शिकायत निवारण

मैं अपनी शिकायतों को कहाँ रजिस्टर कर सकता हूँ ?

इसमें उपभोक्ता के लिए उपलब्ध निवारण तंत्र के 4 प्रकार हैं-

  • वितरण के दौरान शिकायतों को हमारे वितरण एजेंसी के कस्टमर केयर सेंटर नंबर पर किया जा सकता है जो हमारे विज्ञापन और जागरूकता ड्राइव में प्रचारित किये गए है ईईएसएल के द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर उजाला बल्ब निर्माता द्वारा मुद्रित किया जाता है साथ ही रिसीप्ट ( भुगतान रसीद ) में भी यह दर्शाया गया है । एक बार जब वितरण की अवधि समाप्त हो जाती है तो उपभोक्ता इन हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से निर्माता से संपर्क कर सकते हैं और बल्ब बदल सकते हैं। संबंधित निर्माता निकटतम रिटेल आउटलेट के लिए उपभोक्ता का मार्गदर्शन करेंगे, जिस पर तकनीकी खामियों के साथ बल्ब को प्रतिस्थापित किया जा सके ।
  • ईईएसएल एक मजबूत सामाजिक मीडिया की प्रतिक्रिया प्रणाली है, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत ईईएसएल के ट्विटर @ ईईएसएल इंडिया के द्वारा कर सकते हैं।
  • विस्तृत विवरण और संपर्क विवरण के साथ info@eesl.co.in पर ईमेल भी भेजा जा सकता है।
  • राष्ट्रीय उजाला डैशबोर्डपर भी दायीं ओर शीर्ष पर एक शिकायत / शिकायत संकल्प टैब है, उपभोक्ता इस प्लेटफार्म का प्रयोग कर अपनी शिकायतों को करने के लिए स्वतंत्र हैं जहाँ आमतौर पर प्राप्ति के 48 घंटे के भीतर संतोषजनक समाधान की कोशिश की जाती है I

उजाला डैशबोर्ड में सफेद और नीले रंग

उजाला डैशबोर्ड में सफेद और नीले रंग किसका प्रतिनिधित्व करता है?

नीले रंग उन राज्यों को इंगित करता है जहां उजाला वितरण योजना शुरू की गई है और उपभोक्ताओं के लिए यह योजना लागू हो गयी है। सफेद रंग उन राज्यों को इंगित करता है जहां यह योजना लागू करने की प्रक्रिया में है । उजाला सरकारी योजना होने के कारण किसी भी राज्य में शुरू करने से पहले प्रोटोकॉल का पालन करती है।

स्रोत: राष्ट्रीय उजाला डैशबोर्ड एवं  पत्र सूचना कार्यालय

3.01369863014

Lalchand lalchand Feb 26, 2019 01:13 PM

Mujhe aaj tak koi kanksan nhi mila h

कमलेश महिया Jan 01, 2019 09:57 PM

मैं ने मेरी मम्मी के नाम गैस कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और अभी भी गैस कनेक्शन नहीं मिला ना ही कोई जवाब मिला उस को लगभग5-6 महिने हो गए

Ghanshyam singh Dec 16, 2018 05:49 PM

मैं पानीपत से 6 से 7 महीने हो गए कोई भी led बल्ब वाला नहीं आ रहा है बल्ब बदलवाने है

Harbor singh Nov 20, 2018 12:11 AM

सभी तक यह जानकारी पहुंचे, यह जरुरी है.

Harbor singh Nov 19, 2018 11:55 PM

यह योजना इस देश के लिए लाभकारी है.

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
संबंधित भाषाएँ
Back to top

T612019/03/25 22:13:23.484219 GMT+0530

T622019/03/25 22:13:23.503921 GMT+0530

T632019/03/25 22:13:23.504717 GMT+0530

T642019/03/25 22:13:23.504996 GMT+0530

T12019/03/25 22:13:23.462200 GMT+0530

T22019/03/25 22:13:23.462357 GMT+0530

T32019/03/25 22:13:23.462497 GMT+0530

T42019/03/25 22:13:23.462635 GMT+0530

T52019/03/25 22:13:23.462722 GMT+0530

T62019/03/25 22:13:23.462795 GMT+0530

T72019/03/25 22:13:23.463495 GMT+0530

T82019/03/25 22:13:23.463679 GMT+0530

T92019/03/25 22:13:23.463886 GMT+0530

T102019/03/25 22:13:23.464107 GMT+0530

T112019/03/25 22:13:23.464152 GMT+0530

T122019/03/25 22:13:23.464246 GMT+0530