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प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना

इस पृष्ठ में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना की विस्तृत जानकारी दी गयी है।

प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना – ‘सौभाग्य’ देश के सभी ग्राणीण और शहरी क्षेत्रो में हर घर तक बिजली सुनिश्चित करने के लिए एक नवीन योजना है।

योजना के लाभार्थी

योजना के अंतर्गत निशुल्क बिजली कनेक्शन के लिए लाभकर्ता का चयन वर्ष 2011 की सामाजिक आर्थिक और जाति जनसंख्या( एसईसीसी) द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही एसईसीसी आंकडे के तहत बिना बिजली वाले घरो में भी मात्र 500 रूपए के भुगतान द्वारा कनेक्शन प्रदान किए जाएगें।यह राशि बिजली बिल की 10 किस्तो में वापिस की जाएगी।

दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रो में बिना बिजली वाले घरो में बैटरी बैंक सहित 200 से 300 डब्लूयपी वाले सौर ऊर्जा पैक प्रदान किए जाएगे। इसमें 5 एलईडी लाइट, एक डीसी पंखा और एक डीसी पावर प्लग सम्मिलित होंगे। इसके साथ ही पांच वर्षो तक मरम्मत और देखभाल भी की जाएगी।

कार्यान्वयन की प्रक्रिया

योजना को सरल और तेजी से लागू करने के लिए घरो के सर्वेक्षण के लिए मोबाइल एप का प्रयोग किया जाएगा। योजना के अंर्तगत लाभकर्ताओ की पहचान,बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन,आवेदक का चित्र और पहचान का प्रमाण हाथो-हाथ पंजीकृत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रो में ग्राम पंचायत/सार्वजनिक संस्थान को पूर्ण दस्तावेजो के साथ आवेदन पत्रो को एकत्र करने,बिल वितरित करने और पंचायती राज संस्थाओ और शहरी निकायो के साथ विचार-विमर्श के बाद बिल जमा करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है।

ग्रामीण विद्युतीकरण कार्पोरेशन लिमिटेड(आरईसी) देश भर में योजना के संचालन के लिए नोडल संस्था रहेगा।

योजना के अपेक्षित परिणाम

1.  रोशनी के लिए केरोसिन का प्रयोग न करने से पर्यावरण में सुधार

2.  शैक्षणिक गतिविधियो में प्रगति

3.  उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं

4.  रेडियो,टेलीविजन और मोबाइल द्वारा बेहतर संपर्कता

5.  आर्थिक गतिविधियो और रोजगार में वृद्धि

6.  विशेष रूप से महिलाओ सहित सभी के जीवनस्तर में सुधार

परियोजना के लिए परिव्यय

इस परियोजना की कुल लागत 16,320 करोड़ रूपए है और इसमें 12,320 करोड़ रूपए का सकल बजट सहयोग(जीबीएस) प्रदान दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रो के लिए योजना की कुल लागत 14,025 करोड़ रूपए है और इसके लिए 10,587.50 करोड़ रूपए का सकल बजट सहयोग प्रदान किया जाएगा। शहरी क्षेत्रो के लिए योजना की कुल लागत 2,295 करोड़ रूपए है और इसके लिए 1,732.50 करोड़ रूपए का सकल बजट सहयोग प्रदान किया जाएगा। केंद्र सरकार इस योजना के लिए राज्यो और संघ शासित प्रदेशो को बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

इस योजना के अंतर्गत राज्यो और केंद्र शासित प्रदेशो को 31 दिसंबर,2018 तक सभी घरो में बिजली पंहुचाने का कार्य पूर्ण करना होगा।

स्त्रोत: पत्र सूचना कार्यालय

 

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Peeraram Jan 03, 2018 10:01 AM

Abhi kam baki he barmer dist me

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