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विद्युत प्रवाह एप्प के बारे में जानकारी

इस पृष्ठ में विद्युत प्रवाह एप्प के बारे में जानकारी दी गयी है ।

विद्युत प्रवाह मोबाइल एप्प

श्री पीयूष गोयल, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विद्युत, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, ने 31 मार्च 2016 को एक समारोह में विद्युत प्रवाह - विद्युत, मूल्य, उपलब्धता और हाइलाइट्स मोबाइल एप्प  का शुभारंभ किया। यह मोबाइल एप्प देश में बिजली की वास्तविक उपलब्धता को समयनुसार दर्शाती है। यह मोबाइल एप्प आम जनता को राज्यों से 24x7 बिजली की मांग करने में सशक्त करेगा।

यह एप्प पारदर्शिता को अगले स्तर तक ले जायेगा और राज्य सरकारों को अधिक जवाबदेह बनाएगा। माननीय मंत्री ने कहा कि यह एप्प प्रधानमंत्री की पारदर्शिता के माध्यम से सुशासन की सोच को मूर्त रूप प्रदान करेगा और देश भर में बिजली उत्पादकों पर कम दरों पर विद्युत आपूर्ति करने का दबाव बनाएगा।

विद्युत प्रवाह मोबाइल एप्प , पावर एक्सचेंज में विद्युत के बाजार मूल्य से संबंधित जानकारी, वर्तमान में पूरे भारत में विद्युत की मांग (गीगावाट में), और पूरे भारत एवं राज्यों में पीक आवर सहित कुल ऊर्जा की कमी की जानकारी प्रदान करता है। इस एप्प में वास्तविक समय का डेटा, पिछले दिन / पिछले वर्ष के डेटा के तुलनात्मक मूल्य के साथ उपलब्ध है। राज्यों और पावर एक्सचेंज सहित कई स्रोतों से प्राप्त डेटा को सभी की सुविधा के लिए एक पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है।

उपयोग में आसान यह एप्प भारत के भौगोलिक नक्शे पर आधारित है एवं उपभोक्ताओं / हितधारकों को पूरे देश में विद्युत की उपलब्धता और मूल्यों की जानकारी राज्य स्तर/ केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर प्रदान करता है। इस एप्प द्वारा प्रचारित जानकारी के माध्यम से उपभोक्ता का सशक्तिकरण होगा जिससे सभी हितधारकों को देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिक संवेदनशील और कुशल बनाएगा।

वेब एप्प/मोबाइल एप्प विद्युत प्रवाह के शुरू करने से पारदर्शिता लाने की केन्द्र सरकार की पहल की सभी हितधारकों द्वारा सराहना की जा रही है। प्ले स्टोर पर इस एप्प को उपयोगकर्ताओं द्वारा 5 में से 4. 5 की रेटिंग मिली है जिसमे 70% से अधिक उपयोगकर्ताओं ने इसे समग्र पांच सितारा रेटिंग दी है।

इस वेब आधारित एप्प विद्युत प्रवाह के माध्यम से पंहुचा जा सकता है। इसका मोबाइल वर्जन आसानी से उपलब्ध है जोकि एंड्रॉयड के लिए गूगल / प्ले-स्टोर एवं आईओएस के लिए एप्पल एप्प स्टोर से नि:शुल्क डाउनलोड किया जा सकता है।

विद्युत प्रवाह एप्प, डाउनलोड करने के लिए, कौन कौन प्लेटफार्म उपलब्ध हैं?

विद्युत प्रवाह एप्लिकेशन निम्नलिखित तीन प्लेटफार्म पर विकसित किया गया है

  1. वेब ब्राउज़र आधारित
  2. एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम
  3. आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम

मैं विद्युत प्रवाह एप्प पर कैसे पहुँच सकता हूँ ?

विद्युत प्रवाह एप्प पर निम्न प्रकार पहुंचा जा सकता है

  1. लिंक विद्युत प्रवाह माध्यम से इंटरनेट पर वेब ब्राउज़र के द्वारा।
  2. एंड्रॉयड के लिए, गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।
  3. आईओएस के लिए, एप्पल स्टोर में उपलब्ध है।

इस एप्प पर क्या जानकारी उपलब्ध है?

विद्युत प्रवाह एप्प पर उपलब्ध डाटा

  • पावर एक्सचेंज में उपलब्ध विद्युत का बाजार मूल्य (प्रति किलोवाट ऑवर)।
  1. औसत निरबाधित बाजार समाशोधन मूल्य,
  2. दिन के लिए वर्तमान समय ब्लॉक में प्रत्येक राज्य के लिए बाजार समाशोधन मूल्य

  • वर्तमान समय में पूरे भारत में विद्युत की मांग (गीगावाट में)
  • पूरे भारत और राज्यों में, राज्यों की सूचनानुसार, ऊर्जा की कमी,
  1. पीक ऑवर में ऊर्जा की कमी
  2. कुल ऊर्जा की कमी

इस एप्प की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?

एप्प की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं -

  1. मुख्य पेज पर सम्पूर्ण भारत का विद्युत सारांश उपलब्ध  है।
  2. भारत के नक्शे पर प्रत्येक राज्य की जानकारी हेतु लिंक दिया गया है।
  3. प्रत्येक क्षेत्र को अलग अलग रंग में दर्शाया गया है और उस क्षेत्र के प्रत्येक राज्य को विभिन्न समकक्ष रंगों में दिखाया गया है
  4. किसी भी राज्य पर क्लिक करके उस राज्य से सम्बंधित विशेष पेज खुलता है।

इस एप्प के मुख्य पृष्ठ पर क्या-क्या जानकारी उपलब्ध है?

इस एप्प का मुख्य पृष्ठ निम्नलिखित जानकारी के साथ सम्पूर्ण भारतीय नक्शा दर्शाता है|

  1. वर्तमान समय में पावर एक्सचेंज में उपलब्ध अतिरिक्त विद्युत मेगावाट ।
  2. आज के दिन के लिए विद्युत का औसत बाजार मूल्य।
  3. पूरे देश में वर्तमान समय (टाइम ब्लॉक) एवं पिछले दिन की विद्युत आपूर्ति।
  4. पीक समय में विद्युत मांग की कमी और ऊर्जा की कमी ( राज्यों द्वारा सूचित) (सम्बंधित चालू माह के लिए और पिछले दो साल के सम्बंधित माह के लिए)
  5. पिछले दिन की आवश्यकता के अनुसार विद्युत की कमी (प्रतिशत में)
  6. राज्यों के लिए उपलब्ध बिजली की कीमत

इस एप्प के राज्य पेज पर क्या सूचना उपलब्ध है?

इस एप्प के राज्य पेज पर निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध है-

  1. वर्तमान समय (टाइम ब्लॉक) लिए आज और पिछले दिन के लिए मौजूदा बिजली की कीमत।
  2. आज और पिछले दिन के लिए पावर एक्सचेंज से खरीदी गयी विद्युत।
  3. वर्तमान और पिछले दिन की प्रत्येक राज्य की विद्युत आपूर्ति।
  4. पिछले दिन के लिए पीक समय में विद्युत मांग की कमी और ऊर्जा की कमी ( राज्यों द्वारा सूचित)
  5. पिछले दिन की आवश्यकतानुसार विद्युत की कमी (प्रतिशत में)।

इस एप्प से हितधारकों को कैसे फायदा होगा?

यह एप्प भारत के भौगोलिक नक्शे पर आधारित है एवं उपभोक्ताओं / हितधारकों को पूरे देश में विद्युत की उपलब्धता और मूल्यों की जानकारी राज्यों/केन्द्र शासित  प्रदेशों के स्तर पर प्रदान करता है। इस एप्प द्वारा प्रदत्त जानकारी के माध्यम से उपभोक्ता का सशक्तिकरण होगा जिससे सभी हितधारकों को देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिक संवेदनशील और कुशल बनाएगा।

उपभोक्ताओं के लिए संकेत

  • राज्यों में विद्युत आपूर्ति और अधिकता / कमी का परिदृश्य, पावर एक्सचेंज के बाजार मूल्य के साथ वर्तमान और पिछले दिन की तुलनात्मक जानकारी
  • उपभोक्ता, बिजली कंपनियों द्वारा बिजली की कमी की दी गयी जानकारी की, वास्तविकता की जाँच कर सकते है। यह जानकारी उपभोक्ताओं से बिजली कंपनियों पर दबाव बनाएगी।

वितरण कंपनियों को संकेत

  • बाजार में विद्युत की उपलब्धता के बारे में जानकारी।
  • एक क्षेत्र में अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा कीमत का अंतर, डिस्कॉम समय अनुसार टैरिफ लाने के लिए उत्साहित होंगे , जिसके परिणामस्वरूप बेहतर मांग पक्ष प्रबंधन होगा।
  • सुनिश्चित विद्युत मांग प्रबंधन करने के लिए बिजली कम्पनियाँ बाजार से अधिक विद्युत खरीदेगी या विद्युत उत्पादन में निवेश करेंगी।
  • बिजली कम्पनियाँ अंतर्राज्जीय ट्रांसमिशन और वितरण की समस्याओं से निपटने के लिए प्रयास करेंगी।

ट्रांसमिशन यूटिलिटीज को ऑपरेशन सम्बन्धी संकेत

  • अंतर-क्षेत्रीय पारेषण लाइनों की आउटेज के कारण , अन्य क्षेत्रों की तुलना में एक क्षेत्र की कीमत में ज्यादा अंतर पारेषण लाइनों की जल्दी बहाली के लिए संचरण लाइसेंसधारियों पर दबाव बनायेगा।

योजनाकारों को संकेत

  • एक लंबी अवधि तक कीमतों में अंतर, ट्रांसमिशन योजनाकारों के लिए ट्रांसमिशन गलियारों की वृद्धि के लिए संकेत देंगे।

विद्युत जेनरेटर के लिए संकेत

  • विद्युत की कमी की स्थिति में बाजार में और अधिक विद्युत लाने के लिए एक संकेत देगा।

नियामकों के लिए संकेत

  • विद्युत बाजार की निगरानी और विनियमों में सुधार के साथ नए उत्पादों को बाजार में लाने में सहायक होगा ।

डेटा का समय 15 मिनट के ब्लॉक में विभाजन

डेटा का समय 15 मिनट के ब्लॉक में क्यों विभाजित किया गया है? क्या यह एक अंतरराष्ट्रीय मानक है या यह हमारे देश के लिए विशिष्ट है ?

भारतीय बिजली बाजार में, निपटान प्रणाली 15 मिनट की है यानि, निर्धारण, वास्तविक उत्पादन / खपत की रिकॉर्डिंग, विचलन आदि की गणना दिन के प्रत्येक 96 टाइम ब्लॉक (15 मिनट समय का 1 टाइम ब्लॉक) में की जाती है. ऊर्जा मीटर स्थापित कर रहे हैं और एनर्जी एक्सचेंज डेटा प्रत्येक 15 मिनट के ब्लॉक (सुबह 00:00 बजे से) में की जाती है. तदनुसार, डेटा मौजूदा 15 मिनट के समय ब्लॉक के लिए प्रदर्शित किया जाता है।

जबकि अधिकांश देशों ने प्रति घंटा निपटान प्रणाली को अपनाया है , भारत पहले से ही एक घंटे से कम के निपटान प्रणाली को अपनाने वाले देशो में से एक है। इस प्रकार, 15 मिनट की अवधि भारतीय संदर्भ के लिए विशिष्ट है।

विद्युत आपूर्ति (डिमांड मेट) क्या दर्शाता है? क्या इसका मतलब भारत में या राज्यों में वर्तमान मांग है?

विद्युत आपूर्ति आंकड़ा वर्तमान समय में की गयी विद्युत आपूर्ति को दर्शाता है. वर्तमान मांग का आंकड़ा नियमित रूप से एनएलडीसी / आरएलडीसी में एकत्रित की गई जानकारी से अद्यतन किया जाता है।

दैनिक / साप्ताहिक / मासिक बिजली आपूर्ति की स्थिति रिपोर्ट सम्बंधित आरएलडीसी और एनएलडीसीकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं

नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर और पॉवर सिस्टम ऑपरेशन कारपोरेशन सिस्टम

नार्थन रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर

वेस्टर्न रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर

साउथर्न रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर

ईस्टर्न रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर

नार्थन ईस्टर्न रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर

इसके अलावा, कुल स्थापित क्षमता, दैनिक / मासिक उत्पादन रिपोर्ट आदि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की वेबसाइट

सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी पर उपलब्ध हैं।

अधिशेष बिजली की उपलब्धता

क्या अधिशेष बिजली की उपलब्धता यह दर्शाती है की पावर एक्सचेंज पर यह पावर उपलब्ध है एवं कोई भी उपभोक्ता / यूटिलिटी इसे ख़रीदने के लिए तैयार नहीं है?

पावर एक्सचेंज के मामले में, खरीदार और विक्रेता दोनों प्रत्येक 96 समय ब्लॉकों के लिए अपनी बोली जमा करते है| खरीद बोली में, खरीदार पावर (मेगावाट) की मात्रा और कीमत, जिस पर यह बिजली खरीद करना चाहता है, निर्दिष्ट करता है। इसी तरह, प्रत्येक विक्रेता अपनी बोली प्रस्तुत करता है और बिजली की मात्रा (मेगावाट) और किस कीमत पर यह बिजली बेचने खरीदना चाहता निर्दिष्ट करता है| इसके पश्चात पावर एक्सचेंज ख़रीदने वाली एवं बेचने वाली बोलियों का मिलान कर बाजार समाशोधन मात्रा एवं मूल्य की गणना करता है।

बेचने वाली बोली के कुल क्वांटम (मेगावाट में) और बाजार समाशोधन का कुल क्वांटम का अंतर उस समय विशेष (टाइम ब्लॉक) के लिए अधिशेष बिजली पावर एक्सचेंज पर उपलब्ध के रूप में दर्शाता है। यदि खरीदने बाली बोली की कुल मात्रा बेचने वाली बोली की तुलना में कम है तो यह अधिशेष बिजली पावर एक्सचेंज पर उपलब्ध होगी । इसका मतलब यह है कि विद्युत आपूर्ति उस समय (टाइम ब्लॉक) में कुल मांग की तुलना में अधिक है।

अतिरिक्त विस्तृत जानकारी के लिए जैसे कि कुल खरीद या खरीद बोली, बेचने वाली बोली, बाजार समाशोधन मात्रा (एमसीभी), बाजार समाशोधन मूल्य (एमसीपी) आदि को पावर एक्सचेंजों की वेबसाइट द्वारा देख सकते है:

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज,मार्केट स्नैपशॉट

ट्रांस्फोर्मिंग पॉवर मार्किट

पावर एक्स्चेंज में अतिरिक्त पावर का डाटा नकारात्मकता

कभी कभी पावर एक्स्चेंज में अतिरिक्त पावर का डाटा नकारात्मक(नेगेटिव) दिखता है। यह क्या दर्शाता है ?

यदि किसी टाइम ब्लॉक में खरीद बोली की कुल मात्रा बेचने वाली बोली की कुल मात्रा से अधिक होती है तो यह पावर एक्स्चेंज में नकारात्मक अतिरिक्त पावर दर्शाता है अर्थात उस टाइम ब्लॉक में कुल मांग आपूर्ति से अधिक है।

अतिरिक्त और आगे विस्तृत जानकारी के लिए जैसे कि कुल खरीद या खरीद बोली, बेचने वाली बोली, बाजार समाशोधन मात्रा (MCV), बाजार समाशोधन मूल्य (MCP) आदि को पावर एक्सचेंजों की वेबसाइट द्वारा देख सकते है:

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज,मार्केट स्नैपशॉट

ट्रांस्फोर्मिंग पॉवर मार्किट

क्या औसत बाजार समाशोधन मूल्य एक दिन के लिए या उस विशेष समय ब्लॉक के लिए है? क्या यह साधारण औसत है या वजनी औसत है?

औसत बाजार समाशोधन मूल्य (एमसीपी) पूरे दिन के लिए एक है। खरीद बोली एवं विक्रय बोली प्राप्त करने के बाद, पावर एक्सचेंज निर्बाधित बाजार समाशोधन मूल्य (यूएमसीपी) और निर्बाधित बाजार समाशोधन मात्रा (यूएमसीवी) प्राप्त करने के लिए (दिन के प्रत्येक 96 टाइम ब्लॉकों के लिए) अपना सॉफ्टवेयर प्रोग्राम चलाते हैं। इन यूएमसीपी की साधारण औसत एक दिन के लिए औसत बाजार समाशोधन मूल्य है।

आगे विस्तृत जानकारी के लिए जैसे की कुल खरीद बोली, विक्रय बोली, बाजार समाशोधन मात्रा (एमसीभी), कुल मंजूर की गई मात्रा, बाजार समाशोधन मूल्य (एमसीपी) आदि, आप पावर एक्सचेंज की वेबसाइट पर जाकर बाजार स्नैपशॉट (मार्किट स्नैपशॉट) पेज़ पर देख सकते हैं।

पावर एक्सचेंज वेबसाइट पर बाजार स्नैपशॉट के दूसरे पृष्ठ एक संक्षेप प्रपत्र है जिसमे संक्षेप में दिन के प्रत्येक 96 टाइम ब्लॉक के लिए अधिकतम, न्यूनतम, औसत मूल्य इत्यादी की जानकारी दी गई है ।

राज्यों को एक साथ वर्गीकृत क्यों किया गया है? उस के लिए आधार क्या है? एक समूह में सभी राज्यों के लिए बिजली की कीमत एक क्यों है?

भारतीय ग्रिड को पांच क्षेत्रीय ग्रिड (अर्थात् उत्तरी क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, दक्षिणी क्षेत्र और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र) भौगोलिक स्थिति और राजनीतिक सीमाओं के आधार पर सीमांकित किया गया है। उस क्षेत्र के भीतर सभी राज्यों को एक समूह में दर्शाया गया है। आम तौर पर उस क्षेत्र के भीतर विद्युत आदान प्रदान के लिए कोई संचरण बाधा नहीं है, इसलिए उस समूह के सभी राज्यों के लिए बाजार मूल्य एक ही हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में कुछ समय के लिए, क्षेत्र के भीतर भी विद्युत आदान प्रदान के लिए संचरण की कमी हो सकती है, जैसे कि दक्षिणी क्षेत्र में हैं। दक्षिणी क्षेत्र में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक को एक समूह मे रखा गया है और उसे बोली क्षेत्र एस 1 कहा जाता हैं जब कि केरला और तमिलनाडु को एक समूह में रखा गया है और उसे बोली क्षेत्र एस 2 कहा जाता है। इसलिए एक बोली क्षेत्र के भीतर कोई संचरण बाधा नहीं होती है और एक बोली क्षेत्र के भीतर सभी राज्यों के लिए बाजार मूल्य बराबर रहते हैं । वर्तमान में, अनुभव के आधार पर 13 बोली क्षेत्रों को परिभाषित किया गया है। हालांकि, इन बोली क्षेत्रों को क्षमता से अधिक मांग होने पर बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में परिभाषित बोली क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए आप निम्नलिखित लिंक द्वारा पावर एक्सचेंज की वेबसाइट पर जा सकते हैं:

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज, बिड एक्सचेंज

कुछ टाइम ब्लॉकों के लिए, बिजली की कीमत राज्यों के एक अलग समूह के लिए अलग है, क्यों ? क्या पूरे भारत में केवल एक मूल्य हो सकता है? पूरे देश के लिए एक मूल्य होना देश के लिए अच्छा है या बुरा ?

यदि एक बोली क्षेत्र ( बिड एरिया ) से दूसरे बोली क्षेत्र में विद्युत पारेषण में कोई बाधा है तो पावर एक्स्चेंज में बाजार विघटित हो जाता है। जिस बोली क्षेत्र में विद्युत उत्पादन की क्षमता अधिक है (अपस्ट्रीम ) वहाँ बाजार मूल्य कम हो जाते है क्योंकि उस क्षेत्र से सम्पूर्ण उत्पादन का प्रेषण संभव नहीं है। उसी तरह जिस बोली क्षेत्र में उत्पादन की तुलना में विदूती मांग की मात्रा अधिक है (डाउनस्ट्रीम ) वहाँ बाजार मूल्य बढ़ जाते हैं।

यदि पूरे देश में कोई पारेषण बाधा नहीं है, तो सभी क्षेत्रों / बोली क्षेत्रों में बाजार मूल्य एक ही होगा । कई बार पूरे देश में मे केवल एक बाजार मूल्य पाया गया है।

एकल कीमत देश के लिए अच्छा है, क्योंकि यह दर्शाता है की पूरे देश में कोई पारेषण बाधा नहीं है। विक्रेता, (जो सबसे कम कीमत पर आपूर्ति करना चाहता है) वह उसे उस खरीदार तक (जो कि उस समय विद्युत का सबसे ज्यादा मूल्यांकन करता है) प्रेषित कर सकता है । पूरे देश के लिए एक ही बाजार मूल्य होने का अर्थ है अधिकतम सामाजिक कल्याण ।

प्रत्येक बोली क्षेत्रों के बाजार मूल्य, मात्रा इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आप पावर एक्सचेंजों की वेबसाइट देख सकते हैं

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज, एरिया प्राइसेस

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज, एरिया वॉल्यूम

ट्रांस्फोर्मिंग पॉवर मार्किट, एरिया क्लीयरिंग प्राइस रिपोर्ट

ट्रांस्फोर्मिंग पॉवर मार्किट, एरिया क्लीयरिंग वॉल्यूम रिपोर्ट

एप्लिकेशन पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाजार मूल्यों का डाटा पावर एक्सचेंज से लिया गया है। क्या यह मूल्य ग्रिड में प्रेषित सम्पूर्ण विद्युत (वर्तमान टाइम ब्लॉक में ) के लिए है ? यदि नहीं, विद्युत के कितने प्रतिशत के लिए ये कीमतें लागू होती है?

एप्प में दर्शाया गया मूल्य, पावर एक्सचेंज में अगले दिन के मार्केट मे प्राप्त हुए बाजार मूल्य है। यह सम्पूर्ण प्रेषित विद्युत (वर्तमान समय ब्लॉक में) के मूल्य का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। वर्तमान समय में कुल मांग का करीबन 3% से 4% कारोबार पावर एक्सचेंज के माध्यम से हो रहा है।

भारत में विद्युत के अल्पकालिक लेनदेन के सौदों के बारे में अधिक जानकारी, आप सीईआरसी वेबसाइट (सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलाटरी कमीशन,मार्किट मोनिटरिंग) पर मासिक और वार्षिक रिपोर्ट से प्राप्त कर सकते है ।

यदि बिजली, घरेलू / औद्योगिक उपभोक्ता टैरिफ की तुलना में बहुत कम दर पर उपलब्ध है तो क्या कारण है कि घरेलू / औद्योगिक टैरिफ काफी ज्यादा है?

राज्य की विद्युत वितंरण कंपनिया अपने पोर्टफोलियो का प्रबंधन कई उत्पादों जैसे आईएसजीएस से आंवंटित पावर, दीर्घकालिक समझौते, मध्यम अवधि ओपन एक्सेस समझौते, द्विपक्षीय समझौतों, राज्य के विद्युत स्टेशन से आवंटन आदि के द्वारा करती हैं । एप्प पर दर्शाया गया मूल्य केवल डे अहेड मार्केट में खरीदे गए पावर का मूल्य है। इसलिए, बिजली की औसत लागत राज्यों द्वारा खरीद की गई कीमत, यहाँ दिखाये गए मूल्य की तुलना में अलग हो सकती है। इसके अलावा, अंत उपभोक्ता टैरिफ में पारेषण शुल्क, वितरण शुल्क, राज्य पारेषण और वितरण नुकसान आदि शामिल हैं इसलिए अंत उपभोक्ता टैरिफ डे अहेड मार्केट में दर्शाये गए मूल्यों की तुलना में अधिक होती है। इस एप्प के माध्यम से प्रचारित जानकारी उपभोक्ता को सशक्त बनायेगी , जिससे सभी हितधारकों को अधिक संवेदनशील और कुशल होने का दबाव बनाएगी तथा देश की अर्थ व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगी।

एक तरफ यह एप्प अतिरिक्त बिजली उपलब्ध दिखाता है और दूसरी तरफ यह कुछ राज्यों में विद्युत की कमी भी दिखाता है । इस तरह की कमी का कारण क्या है?

राज्य के लिए कमी का आंकड़ा संबंधित राज्य द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार है। केवल संबंधित राज्य ही इस तरह की कमी का कारण बता सकते हैं। यह कमी, राज्य पारेषण या वितरण नेटवर्क में नेटवर्क बाधा, धन की उपलब्धता, बिजली की खरीद के लिए सशक्तिकरण, आदि के कारण हो सकती है।

डेटा का स्रोत क्या है?

प्रत्येक राज्य की उस राज्य में कुल विद्युत आपूर्ति कमी आदि की जानकारी देता है। राष्ट्रीय भार प्रेषण केंद्र संबंधित क्षेत्रीय भार प्रेषण केन्द्र के माध्यम से प्राप्त सभी राज्यों से प्राप्त जानकारी, पावर एक्सचेंजों से बाजार संबधित जानकारी जैसे की बाजार मूल्य इत्यादि का संकलन करता है । राज्यों और पावर एक्सचेंज सहित कई स्रोतों से प्राप्त जानकारी, सभी की सुविधा के लिए इस पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है।

इस एप्प में विद्यूत उपलब्धता की जानकारी के अनुसार, मेरे राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं है। हालांकि, मेरे यहाँ विद्युत की आपूर्ति दिन में कई घंटो तक नहीं है। इसका क्या कारण हो सकता है?

राज्य के लिए दर्शाये गए कमी के आंकड़े, संबंधित राज्यों से प्राप्त जानकारी के अनुसार हैं। केवल संबंधित राज्य ही इसका कारण बता सकते हैं। यह राज्य पारेषण या वितरण नेटवर्क में नेटवर्क बाधा, धन की उपलब्धता, बिजली की खरीद के लिए सशक्तिकरण, आदि के कारण हो सकता है।

 

स्रोत: विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार

3.28571428571

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