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ऊर्जा और महिलाओं का सशक्तीकरण

इस भाग में दिखाया गया है कि किस तरह ऊर्जा की उपलब्धता और उस तक पहुँच महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है।

महिलाएँ एवं ऊर्जा

महिलाएँ ग्रामीण ऊर्जा की प्रक्रिया का एक आवश्यक अंग है क्योंकि वे घरेलू उपयोग के लिए स्वच्छ एवं पर्याप्त जल, जानवरों के लिए चारा, कृषि कार्यों एवं अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं को जुटाने में लगी रहती हैं। महिलाओं का ऊर्जा से गहरा संबंध है।

मूलभूत ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए महिलाओं एवं बच्चों को जलावन की लकड़ी जुटाने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। उन स्थानों मे जहाँ जलावन की लकड़ी की उपलब्धता कम है, वहाँ लोगों के खान-पान की आदतों में भी बदलाव आता है, जिसका अंतिम असर पौष्टिकता पर पड़ता है। महिलाएँ घरेलू कार्यों में लगभग 6 घंटों तक का समय व्यतीत करतीं हैं और इस दौरान उनके बच्चे भी साथ होते हैं। पारंपरिक चूल्हे में जहाँ वायु संचार की उचित व्यवस्था नहीं होती और पर्याप्त मात्रा में बायोमास का प्रयोग नहीं होता, वहाँ उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और इससे सबसे अधिक महिलाएँ एवं कन्या शिशु हीं प्रभावित होती हैं।

क्या इससे बचने का कोई उपाय है?

ऊर्जा प्रभावी धूँआ रहित चूल्हे एवं सौर ऊर्जा व बायो गैस जैसे स्वच्छ ईंधन का उपयोग इसका संभावित समाधान है जिसका अब प्रचलन बढ़ता जा रहा है।

महिलाओं को विशेष सुविधा

भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण ने महिलाओं को ऊर्जा के नवीन एवं नवीकरणीय स्रोतों के उपयोग एवं प्रसार को बढ़ावा देने में सहायता देने का प्रस्ताव किया है।

नीतिगत सहायता

महिलाओं को विशेष सुविधा प्रदान करते हुए भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण लिमिटेड (इरेडा) ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत के उपयोग एवं उसे बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहन (इंसेंटिव) देने का प्रस्ताव किया है।

इस बारे में अधिक जानकारी के लिए : http://www.ireda.gov.in पर जाएं।

बालिका शिशु के फायदे के लिए

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बालिका शिशु को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सौर लालटेन मुफ्त में देने का प्रस्ताव किया है। इसके लिए आवश्यक शर्त है -

  • वह गरीबी रेखा से नीचे के परिवार की स्कूल जाने वाली एक बच्ची हो
  • विशेष श्रेणी के राज्य व केन्द्र शासित प्रदेश के वैसे क्षेत्रों में निवास करती हों जहाँ बिजली नहीं पहुँची हो
  • वह कक्षा 9 से 12 के बीच पढ़ने वाली बालिका शिशु हो।

किनसे सम्पर्क करें -
राज्य नोडल अभिकरण, जिला प्रशासन के माध्यम से संबंधित परिवार के गरीबी रेखा से नीचे की स्थिति का सत्यापन करेगा एवं बालिका शिशु के स्कूल एवं जिस कक्षा में पढ़ रही हो उसका विवरण प्राप्त करेगा। यह योजना केवल अरूणाचल प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, अंडमान व निकोबार द्वीप एवं लक्षद्वीप राज्य के निवासियों  के लिए है।

स्रोत: : पोर्टल विषय सामग्री टीम

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XISS Sep 08, 2015 10:05 AM

पंकज सचान जी आपके सुविचारों के लिए धन्यवाद । अच्छी बात है कि आप अपने गाव के लिये कुछ करना चाहते हैं इसके लिए आप अपने गाव के मुखिया से चर्चा करें, उम्मीद है समाधान जरूर निकल आएगा ।

पंकज सचान Sep 07, 2015 09:48 PM

मै पंकज सचान ग्राम अलियापुर पोस्ट धरमंगदपुर तहसील घाटमपुर कानपुर नगर है मेरे गांव मे बिजली पानी कि अब्यवस्था होने के कारण गरीब वर्ग को गाव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है मै कुछ अपने गाव के लिये करना चाहता हू प्लीज सलाह दे धन्यवाद

XISS Aug 25, 2015 10:12 AM

अजय जी आप अपने विचारों को हमारे पोर्टल के ग्रामीण ऊर्जा चर्चा मंच पर रखेंगे तो जरूर कुछ न कुछ रास्ता निकल आएगा , आप इस लिंक में जाएँ : http://hi.vikaspedia.in/rural-energy/rural-energy-forum

ajay Aug 24, 2015 05:06 PM

कोई काम करना नही चाहता है कार्य के लिय पैसा चाहिय बैंक घूस बिना काम नही करती

XISS Jul 25, 2015 02:25 PM

विकासXीडिXा जानकारी उपलब्ध कराती है, जो नौकरी प्राप्त करने की दिशा में मददगार हो सकता है|

सन्दीप Jul 25, 2015 02:17 PM

नौकरी चाहियेl

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