सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / समाज कल्याण / अनुसूचित जनजाति कल्याण / उत्कृष्टता केन्द्रों के समर्थन के लिए वित्तीय सहायता
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

उत्कृष्टता केन्द्रों के समर्थन के लिए वित्तीय सहायता

इस पृष्ठ में उत्कृष्टता केन्द्रों के समर्थन के लिए वित्तीय सहायता के विषय में जानकारी दी गयी है I

भूमिका

इस योजना का लक्ष्य जनजातीय विकास तथा अनुसंधान के क्षेत्रों में एनजीओ पंजीकृत पेशेवर संगठनों और स्वायत निकायों सहित विश्वविद्यालयों तथा ख्याति प्राप्त संस्थानों के साथ-साथ सम्भावित संस्थानों में सक्रिय अनुसंधान का समर्थन करना तथा उनका सुदृढ़ीकरण है।

पृष्ठभूमि

अनुसंधान संस्थान तथा संगठन देश में जनजातीय समुदायों में छोटी अवधि के अनुसंधान तथा विस्तार कार्य करने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे हैं। यह एक वास्तविकता है कि जनजातीय कार्य मंत्रालय प्रथम दृष्टांत में प्राप्त प्रस्तावों और अनुमोदित अध्ययनों के आधार पर उन्हें वित्त पोषित कर रहा है। यह महसूस किया गया है कि ऐसे अध्ययन नियमित आधार पर संचालित नहीं किए जाते हैं। नियमित आधार पर अनुसंधान अध्ययन जारी रखने के लिए, जनजातीय कार्य मंत्रालय देश के जनजातीय लोगों के विकास के लिए लम्बी अवधि की तथा अनुसंधान अध्ययनोन्मुख नीति तैयार करने हेतु उन्हें शामिल करने के लिए उत्कृष्टता केन्द्र संस्थानों/संगठनों हेतु कुछ समय से विचार कर रहा है। यह पहल उनके प्रचालन के संबंधित क्षेत्रों अथवा फील्ड में समर्थन की मांग करती है।

इस अवधारणा को कार्यान्वित करने के विचार से जनजातीय कार्य मंत्रालय का यह विचार है कि ख्याति प्राप्त एजेंसियां जो अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं, द्वारा जनजातीय मुद्दों पर अनुसंधान अध्ययन के अन्तराल को भरने के लिए उत्कृष्टता केन्द्रों को वित्तीय सहायता” घटक की आवश्यकता है।

योजना के उद्देश्य

इस योजना के वृहद उद्देश्य निम्नानुसार होंगे: -

1)जनजातीय समुदायों के संबंध में गुणवत्तापरक, कार्रवाई उन्मुख तथा नीतिगत अनुसंधान का संचालन करने के लिए विभिन्न एनजीओ, अनुसंधान संस्थानों तथा विश्वविद्यालय विभागों की संस्थागत संसाधन क्षमताओं में बढ़ोत्तरी तथा सुदृढ़ीकरण करना।

2)एनजीओ, अनुसंधान संस्थानों तथा विश्वविद्यालय विभागों में विद्यमान कौशल, ज्ञान तथा तकनीकी क्षमता में बढ़ोत्तरी तथा उन्नयन करना ताकि वे देश की अनुसूचित जनजातियों की सांस्कृतिक विविधता को बनाए रखने और उनके सशक्तीकरण में सक्षम हो सकें।

3)जनजातीय कार्य मंत्रालय की साझेदारी में जनजातीय विकास करना। उपर्युक्त रणनीतियों के लिए विद्यमान संस्थानों की दक्षता में बढ़ोत्तरी।

उत्कृष्टता केन्द्रों (सीओई) के चयन हेतु मानक

उत्कृष्टता केन्द्रों (सीओई) के चयन हेतु वृहद दिशा-निर्देश जिनकी अनुपालना की जाएगी, निम्नानुसार हैं-

1)उत्कृष्टता आवेदन उन्मुख अनुसंधान पृष्ठभूमि;

2) क्षेत्र अनुसंधान करने के लिए केन्द्रों की क्षमता की राष्ट्रीय अथवा अन्तराष्ट्रीय स्तर की क्षमता को अधिमानता दी जाएगी;

3)कम से कम क्षेत्रीय प्रतिवाद में क्षेत्रीय अनुसंधान करने की क्षमता; राष्ट्रीय स्तर की क्षमता को अधिमानता दी जाएगी;

4)अनुसंधान तथा प्रशिक्षण के लिए उत्कृष्ट अवसंरचना;

5)यदि मंत्रालय की निधियां उपलब्ध ना हों तो भी अनुसंधान कार्य जारी रखने के लिए उपयुक्त वित्तीय कोष;

6)उपयुक्त स्थाई अथवा अस्थाई अनुसंधान और प्रशासनिक जनशक्ति;

7) संबंधित संस्थानों के साथ उपयुक्त नेटवर्किंग

कार्यों के क्षेत्र जहां वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी

1) जनजातीय संस्कृतियों जिसमें नृत्य, संगीत, गीत, भाषाएं, बोलियां, जनजातीय कला, परम्परागत चिकित्सा तथा खेल, परम्परागत कानून तथा क्षेत्र शामिल हैं, का अभिलेखन।

2) जनजातीय लघु वन उत्पाद (एमएफपी) अधिकारों, पांचवें अनुसूचित क्षेत्रों और छठे अनुसूचित क्षेत्रों में महिला अधिकारों संबंधी अनुसंधान।

3)विभिन्न अधिनियमों और नियमों अर्थात् अनुसूचित जनजाति तथा अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिकार अधिनियम, 2006, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचारों की रोकथाम) अधिनियम 1989; महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय नीति (2001) ; राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990; घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005, वन संरक्षण अधिनियम 1980; पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार) अधिनियम, 1996; राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम; तथा अन्य संगत अधिनियमों और नियमों के संबंध में अनुसूचित जनजातियों में जागरूकता पैदा करना।

4)लघु तथा प्रमुख परियोजना प्रभावित जनजातीय परिवारों/जनजातीय क्षेत्रों के प्रवास, विस्थापन, पुनस्र्थापन और पुनर्वास के संबंध में अनुसंधान अध्ययन ।

5)अनुसूचित जनजातियों के लिए धन उधार लेने/ऋण उद्धार के संबंध में विभिन्न अधिनियमों/नियमावलियों का प्रसार

6)उनकी जनसंख्या, परंपरागत कानूनों और संस्कृति के संबंध में आदिम जनजातीय समूहों (पीटीजी) का प्रलेखन

7)आधारभूत न्यूनतम जनजातीय आवश्यकताओं जैसे महिलाओं और बच्चों के लिए प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात् स्वास्थ्य सहित प्राथमिक स्वास्थ्य, पेयजल तथा प्राथमिक शिक्षा आदि के बारे में अनुसूचित जनजातियों में जागरूकता अभियानों का आयोजन

8)अनुसूचित जनजातियों के अनुसंधान तथा प्रलेखन से संबंधित मुद्दों का प्रकाशन

9)जनजातीय मुद्दों आदि से संबंधित मामलों पर संगोष्ठी/कार्यशाला का आयोजन

10)जनजातीय कारीगरों का प्रलेखन

योजना का प्रचालन

प्रसिद्ध एनजीओ, अनुसंधान संस्थान, विश्वविद्यालय विभाग (मानव-विज्ञान, भाषाशास्त्र, समाज विज्ञान आदि विषय) तथा मानद विश्वविद्यालय जहां विशेषज्ञता है और जिन्होंने जनजातीय संस्कृतियों तथा उनके विकास के अध्ययन के क्षेत्र में अग्रणी अनुसंधान और विशेष विषय क्षेत्र में विस्तार कार्य करते हुए पहले ही उत्कृष्ट कार्य किया है, उन्हें नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करने के लिए मंत्रालय द्वारा चिन्हित किया जाएगा जिसके माध्यम से योजना को कार्यान्वित किया जाएगा।

वित्तीय सहायता

सहायता अनुदान अनुमोदित अनुसंधान अध्ययन कार्यक्रम के आधार पर प्रदान किया जाएगा। आवेदन प्रपत्र के पैरा 4 में यथा अनुबद्ध अनुसंधान अध्ययन कार्यों की सूची के क्षेत्रों में से एक को शामिल करते हुए परियोजना प्रस्ताव संस्थान/संग्रहालय द्वारा यथावत भरा जाए।

निधियन प्रतिमान

1) उत्कृष्टता केंद्र के रूप में घोषित संस्थानों/संगठनों को जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 100% सहायता अनुदान प्रदान किया जाएगा।

2)जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा अनुमोदित कार्य के संबंध में विशेष संस्थान/संगठन द्वारा किए गए। अनुसंधान/अध्ययन/प्रलेखन की मसौदा रिपोर्ट की प्रस्तुति के पश्चात् ही किस्त निर्मुक्त की जाएगी।

3) जनजातीय कार्य मंत्रालय को मसौदा रिपोर्ट की समीक्षा करने का अधिकार होगा तथा मंत्रालय द्वारा बताया गया कोई संशोधन संबंधित संस्थान/संगठन द्वारा किया जाएगा।

उत्कृष्टता केन्द्र का चयन

1) संस्थानों/संगठनों को उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में चिह्नित करने के लिए मंत्रालय समिति का गठन करेगा जिसकी अध्यक्षता संयुक्त अथवा समकक्ष अधिकारी द्वारा की जाएगी तथा जो समिति द्वारा निर्धारित कुछ मानकों के आधार पर संस्थानों/संगठनों का चयन करते हैं।

2)उत्कृष्टता केन्द्रों के रूप में संस्थानों/संगठनों को चिह्नित करने के लिए चयन समिति की बैठक वित्तीय वर्ष के अनुसार वार्षिक आधार पर आयोजित की जाएगी।

3)जनजातीय कार्य मंत्रालय पैरा-5 में यथा अनुबद्ध कार्यों के क्षेत्र में अनुसंधान अध्ययन करने के इच्छुक ख्याति प्राप्त संस्थानों/संगठनों से आवेदन आमंत्रित करेगा।

योजनाओं/कार्यक्रमों/अनुसंधान अध्ययन प्रस्तावों की प्रस्तुति

उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विशेष संस्थान/संगठन की घोषणा के पश्चात् उन्हें जनजातीय कार्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के पैरा-4 में यथा निर्दिष्ट कार्यों के किसी एक क्षेत्र के संबंध में अपनी योजना/कार्यक्रम/ अनुसंधान अध्ययन प्रस्तुत करने होंगे।

अनुसंधान अध्ययन/प्रलेखन कार्य रिपोर्ट की अवधि उत्कृष्टता की योजना के तहत सहायता अनुदान की स्वीकृति की तिथि से 8-12 की अवधि के अंदर होगी। 10.3 उत्कृष्टता केन्द्र की योजना के तहत उन्हें जारी रखने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा समय-समय पर संस्थानों/संगठनों की समीक्षा की जाएगी।

आवेदन प्रपत्र

उत्कृष्टता केंद्र के समर्थन के लिए वित्तीय सहायता की केंद्रीय क्षेत्र की योजना

(उत्कृष्टता केंद्र हेतु संस्थानों को सहायता अनुदान)

1)

संगठन/संस्थान का नाम एवं पता

 

2)

संगठन/संस्थान की स्थिति (पंजीकृत सोसाइटी/विद्यालय आदि);

 

3)

संगठन के मुख्य व्यक्तियों के नाम एवं पदनाम

 

4)

जनजातीय कार्य मंत्रालय से वित्तीय अनुदान प्राप्त करने वाले सशक्त/प्राधिकृत व्यक्ति का पदनाम

 

5)

पंजीकृत सोसाइटी के मामले में प्रत्येक निम्नलिखित दस्तावेजों की एक प्रति संलग्न की जा सकती है:

(क) पंजीकरण प्रमाण-पत्र

(ख) संघ का ज्ञापन

(ग) नियम-कानून

(घ) खातों का लेखा-परीक्षित विवरण(गत तीन वित्तीय वर्षों का)।

 

6)

संगठन/संस्थानों के कार्यकलाप

 

7)

संस्थान/संगठन को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता देने वाले जनजातीय कार्य मंत्रालय का पत्र:

 

8)

कार्यकलाप प्रस्तावित उद्देश्य/लक्ष्य समूह अवधि:

 

9)

मंत्रालय द्वारा आवश्य सहायता (बजट विश्लेषण)

 

10)

निधि पोषण के अन्य स्रोत

 

11)

प्रस्तावित कार्यकलापों द्वारा संभव्यत: लाभान्वित होने वाले लक्ष्य समूहः

 

12)

जनजातीय कार्य मंत्रालय से प्राप्त पूर्व अनुदानों का उपयोगिता प्रमाण-पत्र :

 

 

स्थान:

दिनांक:

सोसाइटी/अकादमी के अध्यक्ष/सचिव के सील सहित हस्ताक्षर

स्रोत: जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार

2.0

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
संबंधित भाषाएँ
Back to top

T612018/11/15 14:16:1.240749 GMT+0530

T622018/11/15 14:16:1.259456 GMT+0530

T632018/11/15 14:16:1.260133 GMT+0530

T642018/11/15 14:16:1.260505 GMT+0530

T12018/11/15 14:16:1.212246 GMT+0530

T22018/11/15 14:16:1.212450 GMT+0530

T32018/11/15 14:16:1.212594 GMT+0530

T42018/11/15 14:16:1.212764 GMT+0530

T52018/11/15 14:16:1.212861 GMT+0530

T62018/11/15 14:16:1.212939 GMT+0530

T72018/11/15 14:16:1.213698 GMT+0530

T82018/11/15 14:16:1.213891 GMT+0530

T92018/11/15 14:16:1.214445 GMT+0530

T102018/11/15 14:16:1.215380 GMT+0530

T112018/11/15 14:16:1.215454 GMT+0530

T122018/11/15 14:16:1.215844 GMT+0530