सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / समाज कल्याण / उद्यमिता / अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम)
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम)

इस पृष्ठ में अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) की जानकारी दी गयी है I

परिचय

नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन (एआईएम) ने 27 मार्च 2018 सैप के साथ आशय वक्‍तव्‍य (एसओआई) पर हस्‍ताक्षर किए जिसका उद्देश्‍य नवाचार एवं उद्यमिता की संस्‍कृति को बढ़ावा देना है।

सैप के कर्मचारी स्‍वयंसेवक उन्‍नत प्रौद्योगिकी से जुड़े विषयों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षि‍त करने के साथ-साथ सैप लैब्‍स इंडिया की डिजाइन लैब में उनका मार्गदर्शन भी करेंगे। इसके अलावा, सैप के कर्मचारी स्‍वयंसेवक विद्यार्थियों को प्रौद्योगिकी से जुड़े उपकरणों के बारे में व्यावहारिक अनुभव प्राप्‍त करने का अवसर भी प्रदान करेंगे।

नीति आयोग ने अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) सहित स्व-रोजगार और प्रतिभा उपयोग (एसईटीयू)  लॉन्च किया है। नीति आयोग ने इनवेंटर्स और डिजाइनरों से अपने डिजाइन तैयार उत्पादों को पेश करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिनका मूल्यांकन तीन लंबवत – क्षमता, इरादा और अटल न्यू इंडिया चैलेंज के तहत प्रौद्योगिकियों को उत्पादित करने की क्षमता पर किया जाएगा।

मिशन का उद्देश्य

एसओआई के एक हिस्‍से के तहत सैप देश भर में माध्‍यमिक स्‍कूली बच्‍चों के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (स्‍टेम) की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में 100 अटल टिंकरिंग लैबों (एटीएल) की जिम्‍मेदारी पांच वर्षों के लिए लेगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य विद्यार्थियों को डिजिटल रूपांतरण एवं इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स जैसे कि डिजाइन थिंकिंग विधि,  प्रोग्रामिंग लैंग्‍वेज और अनुभवात्मक विज्ञान शिक्षण से संब‍ंधित उन्‍नत प्रौद्योगिकी विषयों को सीखने में सक्षम बनाना है।

अटल टिंकरिंग लैब की विशेषताएं

  1. अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना का लक्ष्य 500 समुदायों और स्कूलों में 250,000 युवाओं को भविष्य के लिए अभिनव कौशल प्रदान करना है।
  2. युवाओं द्वारा तैयार की गई परियोजनाओं में गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए परामर्शदाताओं के क्षमता निर्माण और मेकर इकोसिस्टम के साथ संपर्क कायम करने, अवधारणा तैयार करने, डिजाइन के बारे में चिंतन करने और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के माध्यम से कार्यशालाएं आयोजित करने में इंटेल की ओर से नीति आयोग को सहायता मिलेगी।
  3. इसके अलावा इंटेल एक इनोवेशन फेस्टिवल का सह-नेतृत्व करेगा, जिसमें 500,000 युवा अन्वेषक अपनी पहुंच कायम कर सकेंगे।
  4. नीति आयोग के अनुसार यदि भारत को अगले तीन दशकों में निरंतर 9 से 10 प्रतिशत विकास दर कायम रखना है तो यह अत्यंत आवश्यक होगा कि देश समस्याओं के लिए अभिनव समाधान के उपाय करने में सक्षम हो।

अटल इनोवेशन मिशन – अटल न्यू इंडिया चैलेंज क्या है?

अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) एक अटल न्यू इंडिया चैलेंज है। यह नवाचार और उद्यमशीलता की संस्कृति को बढ़ावा देने का एक प्रयास है। जहां सरकार आविष्कारक और डिजाइनरों के लिए अपने नए विचारों के साथ अपने डिजाइन तैयार उत्पादों को पेश करने का अवसर प्रदान कर रही है। इस चुनौती में, सरकार शॉर्टलिस्ट जीतने वाले विचार को 1 करोड़ रुपये का इनाम देगी।

अटल न्यू इंडिया चैलेंज के तहत जहां नवप्रवर्तनकर्ता स्मार्ट मोबिलिटी, रोलिंग स्टॉक और अपशिष्ट प्रबंधन की भविष्यवाणी रखरखाव जैसे 17 पहचान वाले फोकस क्षेत्रों से अपने उत्पाद को लागू करने का विकल्प चुन सकते हैं। प्रतिभागियों के लिए 1 करोड़ रुपये तक जीतने का यह अच्छा मौका है। इसके अलावा, सरकार विजयी विचारों को भी मेंटरशिप भी देगी।

अटल इनोवेशन मिशन के दो मुख्य कार्य

  1. उद्यमिता संवर्धन- इस समारोह में, सरकार स्व-रोजगार और प्रतिभा उपयोग के माध्यम से नवाचार और उद्यमशीलता की संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश करेगी, जिसमें नवप्रवर्तनकों को सफल उद्यमियों बनने के लिए समर्थित और मेंटरशिप दी जाएगी
  2. अभिनव पदोन्नति- सरकार नवप्रवर्तनको के लिए एक मंच प्रदान करेगी जहां नवप्रवर्तनक नए अभिनव विचार उत्पन्न कर सकते हैं।

यदि एआईएम के लिए किसी भी व्यक्ति के विचार को सूचीबद्ध किया जाएगा तो उसे अपने जीते नए विचार के लिए मेंटरशिप प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, परियोजना की आवश्यकताओं के अनुसार उन्हें अन्य सुविधाएं मिलेंगी। अटल इनोवेशन मिशन चैलेंज कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में पांच अन्य मंत्रालयों में भी लागू किया जाएगा।

अटल इनोवेशन मिशन की प्रगति

अटल इनोवेशन मिशन के तहत देश भर में अटल टिंकरिंग लैब की स्‍थापना के लिए 1500 और स्‍कूलों का चयन किया गया

नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के तहत अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) की स्‍थापना के लिए 1500 और स्‍कूलों का चयन किया गया है। इतने सारे और स्‍कूलों का चयन करने से भावी अन्‍वेषकों के रूप में भारत में एक मिलियन बच्‍चों की प्रतिभा संवारने से जुड़े मिशन के सपने को साकार करने में काफी मदद‍ मिलेगी। नई अटल टिंकरिंग लैब से जुड़ी इस घोषणा के साथ ही एआईएम के तहत एटीएल की स्‍थापना के लिए देश भर में अब तक 2441 स्‍कूलों का चयन किया गया है। इस दिशा में औपचारिक प्रयास एक साल से भी अधिक समय पहले शुरू किए गए थे। भारत सरकार के एक प्रमुख कार्यक्रम अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) का उद्देश्‍य देश भर में फैले स्‍कूलों, विश्‍वविद्यालयों और उद्योगों में नवाचार (इनोवेशन) एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

एटीएल छठी कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए अपने अभिनव विचारों को साकार रूप देने का कार्य स्‍थल है। इन कार्य स्‍थलों पर कुछ ऐसा नया करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ा होता है। अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिकियों जैसे 3डी प्रिंटर, रोबोटिक्‍स, संवेदी प्रौद्योगिकी किट, इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स (आईओटी), सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक्स से युक्‍त ये कार्य स्‍थल विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों का इस्‍तेमाल कर स्‍थानीय सामुदायिक समस्‍याओं को गहराई से समझने एवं सुलझाने में समर्थ करते हैं। विद्यार्थियों को खुद से करो की अवधारणा का उपयोग कर अपने अभिनव विचारों को मूर्त रूप देने और भारत की सामाजिक, सामुदायिक अथवा आर्थिक समस्‍याओं का अभिनव समाधान वि‍कसित करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाता है।

अपने स्कूलों में एटीएल में कार्य करते हुए रचनात्‍मक प्रौद्योगिकी प्‍लेटफॉर्मों के जरिए अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता काफी हद तक बढ़ा चुके युवा विद्यार्थियों ने अपने अभिनव समाधानों का प्रारूप तैयार करना शुरू भी कर दिया है और इसके साथ ही उन्‍होंने कई रचनात्‍मक परियोजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया है, जिनमें बेहतर सिंचाई प्रबंधन एवं कचरा प्रबंधन भी शामिल हैं। इसी तरह अपनी लैब में आईओटी उपकरणों तथा रोबोटिक्‍स का उपयोग कर सेंसर आधारित समाधान विकसित करना भी इन परियोजनाओं में शामिल है।

यह वर्ष 2022 तक अपने सपनों का नया भारत बनाने की दृष्टि से विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा। इन प्रयोगशालाओं (लैब) को कुछ इस तरह से तैयार किया गया है जिससे कि रचनात्‍मकता को बढ़ावा मिले और विद्यार्थी नियमित पाठ्यक्रम एवं अपनी पाठ्य पुस्‍तकों से इतर कुछ अभिनव जानकारियां हासिल करें। इस तरह की लैब से विद्यार्थियों को भावी कौशल जैसे कि रचनात्‍मक एवं अभिकलनात्मक सोच, अनुकूल शिक्षण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) से युक्‍त करने में भी मदद मिलेगी।

इस दिशा में आवेदनों के दो दौर पूरे हो चुके हैं। इस दौरान 25000 से भी अधिक आवेदन प्राप्‍त हुए हैं जिनमें से 2441 स्‍कूलों का चयन कि‍या गया है। इससे एटीएल की कवरेज बढ़कर 98 प्रतिशत से भी अधिक स्‍मार्ट सिटी और 93 प्रतिशत से भी अधिक जिलों (655 से भी ज्‍यादा जिले) तक हो जाएगी। इसकी कवरेज में व्‍यापक वृद्धि की पुष्टि इस सत्‍य से होती है कि अब देश भर में 34 राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में कम-से-कम एक या उससे भी अधिक एटीएल होगी।

नव चयनित 1500 स्‍कूलों की सराहना करते हुए मिशन के निदेशक (एटीएल) श्री आर. रामानन ने कहा कि भारत को एक अभिनव देश में बदलने से जुड़े हमारे मिशन के तहत एटीएल निश्चित तौर पर अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण हैं और इसके साथ ही अपने निहितार्थों की दृष्टि से दूरगामी हैं। उन्‍होंने नए स्‍कूलों से यह भी अपील की कि वे एटीएल की स्‍थापना के साथ-साथ आगामी नए शैक्षणिक सत्रों से एटीएल का नियमित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित धनराशि प्राप्‍त करने हेतु एटीएल से जुड़े दिशा-निर्देशों के मुताबिक तय आवश्‍यकताएं जल्‍द से जल्‍द पूरी करें।

अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) प्रधानमंत्री के एक रचनात्‍मक भारत, एक अभिनव भारत बनाने के सपने को साकार करते हुए हमारे समाज के सभी तबकों को लाभान्वित करेंगी।

अटल इनोवेशन मिशन के बारे में अधिक जानकारी के लिए एनआईटीआई आयोग आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

स्रोत: अटल इनोवेशन मिशन एवं  पत्र सूचना कार्यालय
3.10526315789

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
संबंधित भाषाएँ
Back to top

T612019/10/14 15:48:23.085662 GMT+0530

T622019/10/14 15:48:23.106707 GMT+0530

T632019/10/14 15:48:23.107502 GMT+0530

T642019/10/14 15:48:23.107817 GMT+0530

T12019/10/14 15:48:23.059978 GMT+0530

T22019/10/14 15:48:23.060182 GMT+0530

T32019/10/14 15:48:23.060332 GMT+0530

T42019/10/14 15:48:23.060476 GMT+0530

T52019/10/14 15:48:23.060599 GMT+0530

T62019/10/14 15:48:23.060678 GMT+0530

T72019/10/14 15:48:23.061444 GMT+0530

T82019/10/14 15:48:23.061649 GMT+0530

T92019/10/14 15:48:23.061864 GMT+0530

T102019/10/14 15:48:23.062127 GMT+0530

T112019/10/14 15:48:23.062176 GMT+0530

T122019/10/14 15:48:23.062273 GMT+0530