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राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना-एक परिचय

इस भाग में कुशल मानव शक्ति के विकास के लिए प्रारंभ प्रशिक्षण योजना की जानकारी दी गई है।

शिक्षुता प्रशिक्षण उद्योग के लिए कुशल मानव शक्ति को विकसित करने के स्रोतों में से एक है, जिसमें प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे के लिए राजकोष पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना प्रतिष्ठानों में उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग किया जाता है।

अवलोकन

राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना एक वर्ष का कार्यक्रम है जो तकनीकी दृष्टि से शिक्षित युवजन को उस व्यावहारिक ज्ञान और उन कौशलों से युक्त बनाती है जिनकी आवश्यकता उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में पड़ती है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षुओं को विभिन्न संगठनों द्वारा उनके कार्यस्थल पर ही प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें सुविकसित प्रशिक्षण मॉड्यूलों का उपयोग करके प्रशिक्षित प्रबंधक यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रशिक्षु गण अपने काम को शीघ्रता से और पूर्णता से सीखें। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं को वृत्तिका राशि दी जाती है जिसकी आधी राशि का भुगतान भारत सरकार द्वारा नियोजकों को किया जाता है। प्रशिक्षण के अंत में प्रशिक्षुओं को भारत सरकार द्वारा प्रवीणता प्रमाणपत्र दिया जाता है जिसको मान्य कार्यानुभव के रूप में देशभर के सभी नियोजनालयों में पंजीकृत कराया जा सकता है। प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र के उन संस्थानों में दिया जाता है जिनके पास अत्युत्तम प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना भारत सरकार का एक अग्रणी कार्यक्रम है जो भारतीय युवावर्ग की कुशलता को बढ़ाने के लिये है।

प्रशिक्षण की आवश्यकता क्यों?

प्रशिक्षुता किसी उस्ताद कारीगर के मातहत किसी कला या व्यवसाय को सीखने का एक बहुत ही आजमाया हुआ और पुराना तरीका है। प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें तकनीकी दृष्टि से शिक्षित युवा एक मुख्य प्रशिक्षक के मातहत ऐसा प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं जो आधुनिक परिदृश्य में रोजगार के लिये उपयुक्त हो। इसमें ‘सीखो और कमाओ’ जैसा दुहरा लाभ भी है। प्रशिक्षुता कोई कौशल सीखने के इच्छुक एक प्रशिक्षु और कुशल कर्मी की आवश्यकता वाले रोजगार प्रदाता के मध्य एक समझौता है। इसमें प्रशिक्षुओं को कार्य क्षेत्र से संबंधित नवीनतम अनुप्रयोगों, प्रक्रियाओं और पद्धतियों की शिक्षा देश के कुछ अति प्रसिद्ध संस्थाओं द्वारा प्रदान की जाती है। यह विद्यालय/महाविद्यालय के छात्रों के लिये कक्षा से कार्यक्षेत्र में प्रवेश करने का समय होता है। इस प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु को शिष्ट व्यवहार के कौशलों, कार्य संस्कृति, नैतिक मूल्यों तथा संगठनात्मक व्यवहार की शिक्षा भी दी जाती है। यह सब भविष्य में स्थाई रोजगार प्राप्त करने में उनके काम आता है। एक वर्ष की प्रशिक्षण अवधि के अंत में प्रशिक्षु को किसी क्षेत्र विशेष में उसकी दक्षता से संबंधित प्रमाण पत्र भी दिया जाता है।

छात्र–एनएटीएस क्यों?

राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना छात्रों को केंद्र सरकार, राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के कुछ सर्वोत्कृष्ठ संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर प्रदान करती है। जो छात्र अभियांत्रिकी में डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त कर चुके हैं या +2 की व्यावसायिक योग्यता रखते हैं वे अपना नामांकन/पंजीयन एनएटीएस के वेब पोर्टल पर कराकर प्रशिक्षुता प्रशिक्षण के लिये आवेदन कर सकते हैं। अभियांत्रिकी में डिग्री/डिप्लोमा धारकों के लिए 126 और +2 व्यावसायिक योग्यता धारकों के लिये 128 विषय-क्षेत्र हैं जिनमें प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण की अवधि 1 वर्ष की है। प्रशिक्षणार्थियों को वृत्तिका भी दी जाती है जिसकी 50% राशि का भुगतान भारत सरकार द्वारा नियोजकों/रोजगारदाताओं को किया जाता है। छात्रगण एनएटीएस वेब पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षुता प्रशिक्षण कि लिये अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। छात्रों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे उन ‘प्रशिक्षुता मेलों’ में शामिल हों जिनका नियमित आयोजन इस प्रशिक्षण हेतु चयन के लिये किया जाता है। इस प्रशिक्षण योजना के लिये प्रशिक्षणार्थियों के चयन का विशेषाधिकार नियोजकों/ रोजगारदाताओं का है।
संस्थानों को प्राप्त होने वाले कुछ लाभ ये हैं

  • काम की प्राप्ति
  • प्रशिक्षुता प्रशिक्षण के लिये आवेदन करना
  • रोजगार प्राप्त करने से संबंधित युक्तियों की प्राप्ति

उद्योग–एनएटीएस क्यों?

राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना भारत सरकार का एक अग्रणी कार्यक्रम है जिसका लक्ष्य है – आनेवाले समय की माँग को पूरा करने के लिये भारतीयों को कुशल बनाना। यह योजना रोजगारदाताओं की आवश्यकताओं और बाजार में उपलब्ध छात्रों की मेधा के मध्य के अंतराल को पाटती है। यह संगठनों को यह सुविधा देती है कि वे तकनीकी दृष्टि से शिक्षित नये प्रत्याशियों की नियुक्ति करें, भारत सरकार के अनुदान पर उन्हें एक वर्ष तक प्रशिक्षित करें और यदि आवश्यकता हो तो उनको नियमित कर्मचारी के रूप में नियोजित करें। इन प्रशिक्षुओं का पूर्ण नियंत्रण प्रशिक्षु अधिनियम 1961 के द्वारा होता है। प्रशिक्षुओं को नियोजित करने वाले संगठनों के पास आवश्यक आधारभूत संरचना होनी चाहिये और ऐसे प्रशिक्षित प्रबंधक होने चाहिए जो इन प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित कर सकें। इस प्रकार राष्ट्रीय प्रशिक्षुता योजना ऐसी प्रतिभाओं की एक सतत निधि तैयार करने में सहायता प्रदान करती है जो इष्टतम लागत पर उद्योगों में तत्काल खपने के लायक हो और जो किसी संगठन की मानव-संसाधन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक हो। प्रशिक्षुओं का चयन नियोजक का विशेषाधिकार है।
उद्योग जगत को होने वाले कुछ लाभ निम्नलिखित हैं :

  • अपनी रिक्तियों का विज्ञापन करें।
  • प्रशिक्षु प्रशिक्षणार्थियों का चयन करें।
  • रोजगार प्राप्ति से संबंधित युक्तियाँ बताएँ।

संस्थान-एनएटीएस क्यों?

राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना शिक्षण संस्थानों की सहायता करती है ताकि वे अपने उत्तीर्ण छात्रों का नियोजन अग्रणी संस्थाओं में प्रशिक्षु प्रशिक्षण के लिये करवा सकें। केंद्र सरकार, राज्य सरकारें एवं निजी क्षेत्र की संस्थाएँ इस प्रशिक्षु प्रशिक्षण के लिये प्रत्याशियों का नियोजन करती हैं। इस योजना का लाभ उठाने की इच्छुक संस्थाओं को चाहिये कि वे अपना पंजीकरण एनएटीएस वेब पोर्टल पर करवाएँ। ज़िलों, ताल्लुकों आदि में स्थित संस्थानों को अपने उत्तीर्ण छात्रों को नियोजित करवाने में कठिनाई होती है क्योंकि वहाँ औद्योगिक समुच्चयों का अभाव होता है। यह योजना ऐसे संस्थानों की सहायता करती है ताकि वे अपने छात्रों की पहुँच वैसे बेहतर अवसरों तक बना सकें जो अब तक सिर्फ शहरी छात्रों को उपलब्ध हैं। प्रशिक्षुता प्रशिक्षण परिषदों/व्यावहारिक प्रशिक्षण परिषदों के साथ संबंधित होने पर संस्थानों को बाज़ार और उद्योग की तात्कालिक आवश्यकताओं का पता चलता है जिससे कि वे वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप अपने पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निर्माण कर सकें।
संस्थानों को होने वाले लाभों में से कुछ निम्नलिखित हैंअपने छात्रों से संबंधित सूचना को अपलोड करें।

  • उद्योगों के साथ संवाद बनाए रहें।
  • नियोजन संबंधी युक्तियाँ बताएँ।

स्त्रोत : राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना,मानव संसाधन विकास मंत्रालय,भारत सरकार

3.0125

Ritesh Nagar Feb 26, 2019 08:11 AM

Mera bhi ho jayega kay

Mohammad faisal Feb 12, 2018 12:23 AM

certificate ke leye kya krna padega

Anonymous Dec 10, 2017 09:02 PM

Aap khe is programm ko join Karne khe liye kha Karna hoga

SUDHIR KUMAR YADAV Aug 10, 2017 07:05 PM

Paisa Nahi mil raha hai .duty ka .na hi koi pargenty lagvata hai na hi kuchh sikhata h koe. Bus jake baithna padta hai.ye apprentice Nahi time loss ho rahi hai .sarkari karmchari bhai log se paiso ke bare me puchho to unako bus hisssa chahiye varna apcenty dikha dunga .ye sab bolte hai log.

राजकुमार यादव Apr 04, 2017 11:48 AM

आप के साथ काम करने के लिए क्या करना पड़ेगा

बृजभूषण शर्मा Oct 24, 2016 03:12 PM

नेत्सXोर्टल पर पंजीयन के..लिये क्या करें

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