सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / समाज कल्याण / नीतियाँ एवं कार्यक्रम / लेबर रिफ़ोर्म्स (श्रम सुधार) के संबंध में कारख़ाना अधिनियम में किए गए संशोधन
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

लेबर रिफ़ोर्म्स (श्रम सुधार) के संबंध में कारख़ाना अधिनियम में किए गए संशोधन

इस पृष्ठ में लेबर रिफ़ोर्म्स (श्रम सुधार) के संबंध में कारख़ाना अधिनियम में किए गए संशोधन की जानकारी दी गयी है।

कारखाना की परिभाषा में न्यूनतम कर्मकारों की सीमा को बढ़ा कर दोगुना किये जाने के सम्बन्ध में

वर्तमान प्रावधान

प्रस्तावित संशोधन/प्रावधान

2(ड) कारखाना से अपनी प्रसीमाओं सहित कोई ऐसा परिसर अभिप्रेत है जिसमें -

(i) दस या अधिक कर्मकार काम कर रहे हैं या पूर्ववर्ती मास के किसी दिन काम कर रहे थे, और

जिसके किसी भाग में विनिर्माण प्रकिया शक्ति की सहायता से की जा रही है, या आमतौर से इस तरह की जाती है, या

(ii) बीस या अधिक कर्मकार काम कर रहे हैं या पूर्ववर्ती बारह मास के किसी दिन काम कर रहे थे, और जिसके किसी भाग में विनिर्माण प्रक्रिया शक्ति की सहायता के बिना की जा रही है, या आमतौर से ऐसे की जाती है:

2(ड) कारखाना से अपनी प्रसीमाओं सहित कोई ऐसा परिसर अभिप्रेत है जिसमें –

(i) बीस या अधिक कर्मकार काम कर रहे हैं या पूर्ववर्ती मास के किसी दिन काम कर रहे थे, और

जिसके किसी भाग में विनिर्माण प्रक्रिया शक्ति की सहायता से की जा रही है, या आमतौर से इस तरह की जाती है, या

(ii) चालीस या अधिक कर्मकार काम कर रहे हैं या पूर्ववर्ती बारह मास के किसी दिन काम कर रहे थे, और जिसके किसी भाग में विनिर्माण प्रक्रिया शक्ति की सहायता के बिना की जा रही है, या आमतौर से ऐसे की जाती है:

 

एक त्रैमास में ओवरटाइम की सीमा 50 घंटों से बढ़ा कर 100 घंटों किये जाने के सम्बन्ध में

वर्तमान प्रावधान

प्रस्तावित संशोधन/प्रावधान

64(4)(iv) अतिकाल के घंटों की कुल संख्या किसी एक तिमाही के लिए पचास से अधिक नहीं होगी।

64(4)(iv) अतिकाल के घंटों की कुल संख्या किसी एक तिमाही के लिए सौ से अधिक नहीं होगी।

 

एक त्रैमास में ओवरटाइम की सीमा 75 घंटों से बढ़ा कर 100 घंटों किये जाने के सम्बन्ध में

वर्तमान प्रावधान

 

प्रस्तावित संशोधन/प्रावधान

653)(iv) किसी भी कर्मकार को लगातार सात दिन से अधिक अतिकाल काम करने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जाएगा और एक तिमाही में अतिकाल काम करने के घंटों की कुल संख्या पचहत्तर से अधिक नहीं होगी।

 

65(3)(iv) किसी भी कर्मकार को लगातार सात दिन से अधिक अतिकाल काम करने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जाएगा और एक तिमाही में अतिकाल काम करने के घंटों की कुल संख्या सौ से अधिक नहीं होगी।

 

 

महिलाओं से रात में कार्य कराने के सम्बन्ध में

66(ख) वर्तमान प्रावधान

 

66(ख) प्रस्तावित संशोधन/प्रावधान

किसी कारखाने में किसी स्त्री से 6 बजे प्रातः और 7 बजे सायं के बीच के घंटों के अलावा किसी और

समय पर काम करने की अपेक्षा नहीं की जाएगी या उसे काम करने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी:

 

परन्तु राज्य सरकार (किसी कारखाने, या कारखानों के समूह या वर्ग या प्रकार के कारखानों) के बारे में खण्ड (ख) में अधिकथित सीमाओं में फेरफार शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा कर सकेगी किन्तु इस प्रकार की ऐसी फेरफार दस बजे सायं और 5 बजे प्रातः के बीच के घंटों में किसी स्त्री के नियोजन को प्राधिकृत न करेगी।

किसी कारखाने में किसी स्त्री से 6 बजे प्रातः और 7 बजे सायं के बीच के घंटों के अलावा किसी और समय पर काम करने की अपेक्षा नहीं की जाएगी या उसे काम करने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी:

 

परन्तु राज्य सरकार (किसी कारखाने, या कारखानों के समूह या वर्ग या प्रकार के कारखानों) के बारे

में खण्ड (ख) में अधिकथित सीमाओं में फेरफार शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा कर सकेगी तथा इस प्रकार की ऐसी फेरफार 7 बजे सायं और अगले दिन 6 बजे प्रातः के बीच के घंटों में भी किसी भी स्त्री के नियोजन के लिये की जा सकेगी।

 

उद्देश्यों और कारणों का कथन

कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 2 की उप धारा (ड) के खण्ड (i) और (ii) में “कारखाना” को इसकी प्रसीमाओं सहित ऐसे किसी भी परिसर के रूप में परिभाषित किया गया है जिसमें:

(i) दस या अधिक कर्मकार कार्य कर रहे हैं या पूर्ववर्ती बारह मासों के किसी दिन काम कर रहे थे, और जिसके किसी भाग में कोई विनिर्माण प्रकिया शक्ति की सहायता से की जा रही है, या आमतौर से इस तरह से की जाती है , या

(ii) बीस या अधिक कर्मकार कर रहे है या पूर्ववर्ती बारह मासों के किसी दिन काम कर रहे थे, और जिसके किसी भाग में कोई विनिर्माण प्रक्रिया शक्ति की सहायता के बिना की जा रही है, या आम तौर से इस तरह की जाती ह) विद्यमान सीमा के कारण लघु इकाइयां भी कारखाना की परिभाषा के अधीन आती हैं। राज्य में लघु इकाइयों द्वारा विनिर्माण क्रियाकलापों में वृद्धि के कारण विद्यमान दस और बीस की न्यूनतम सीमा रेखा को संशोधित करके क्रमशः बीस और चालीस किया जाना प्रस्तावित है ताकि लघू विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से कर्मकारों के लिये नियोजन के अधिक अवसर सृजित हो सकें। परिणाम स्वरूप, अधिनियम की विद्यमान धारा 2 संशोधित की जानी प्रस्तावित है।

कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 64 की उप धारा 4 के खण्ड

(iii) में एक त्रैमास में ओवरटाइम के अधिकतम पचास घण्टे निर्धारित किये गये हैं तथा धारा 65 की उपधारा 3 के खण्ड

(iv) में एक त्रैमास में ओवरटाइम के अधिकतम पचहत्तर घण्टे निर्धारित किये गये है। कारखानों में उत्पादकता में वृद्धि करने के लिये आवश्यक है कि आवश्यकता पड़ने पर कर्मकार अधिक समय के लिये ओवरटाइम कर सकें और उत्पादन में वृद्धि कर सकें। इसके कारण वर्तमान में विद्यमान पचास घण्टों की एवं पचहत्तर घंटों की सीमा को बढ़ाकर सौ घण्टे किया जाना प्रस्तावित है।

परिणाम स्वरूप, अधिनियम की विद्यमान धारा 64 की उपधारा 4 के खण्ड (iv) तथा धारा 65 की उपधारा 3 के खण्ड (iv) को संशोधित किया जाना प्रस्तावित है।

वर्तमान में कारखाना अधिनियम , 1948 की धारा 66 में यह प्रावधान है कि कोई भी महिला सायंकाल 7 बजे से लेकर अगले दिन प्रातः 6 बजे तक की अवधि में कार्य नहीं करेगी, किन्तु राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा इस अवधि को कम करके रात्रि 10 बजे से अगले दिन की प्रातःकाल 5 बजे तक कर सकती है। वर्तमान में महिलाओं में शिक्षा एवं कौशल प्राप्त करने की इच्छा बढ़ती जा रही है और वे पहले से अधिक शिक्षा एवं कौशल प्राप्त करके समाज में आगे बढ़ने का प्रयास कर रही हैं और इसके लिये आवश्यक है कि उन्हें पुरूष कर्मकारों के समान ही कार्य करने के लिये अवसर उपलब्ध कराये जायें और उसके लिये महिलाओं को रात्रि में भी कार्य करने का अवसर दिया जाना आवश्यक है और उसके लिये वर्तमान में विद्यमान प्रावधान को संशोधित करके रात में भी कार्य किये जाने की अनुमति दिया जाना प्रस्तावित है। जिसके साथ यह व्यवस्था भी की जाएगी कि रात्रि पाली में कार्य करने के लिये महिलाओं को समुचित पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्थायें उपलब्ध करायी जाएं। परिणाम स्वरूप अधिनियम की विद्यमान धारा 66 की उप धारा 1 के खण्ड (ख) के संशोधित किया जाना प्रस्तावित है।

स्त्रोत: सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार

3.04545454545

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
संबंधित भाषाएँ
Back to top

T612019/10/14 15:48:42.565653 GMT+0530

T622019/10/14 15:48:42.595270 GMT+0530

T632019/10/14 15:48:42.596075 GMT+0530

T642019/10/14 15:48:42.596405 GMT+0530

T12019/10/14 15:48:42.469789 GMT+0530

T22019/10/14 15:48:42.469960 GMT+0530

T32019/10/14 15:48:42.470115 GMT+0530

T42019/10/14 15:48:42.470255 GMT+0530

T52019/10/14 15:48:42.470393 GMT+0530

T62019/10/14 15:48:42.470481 GMT+0530

T72019/10/14 15:48:42.471273 GMT+0530

T82019/10/14 15:48:42.471459 GMT+0530

T92019/10/14 15:48:42.513300 GMT+0530

T102019/10/14 15:48:42.513576 GMT+0530

T112019/10/14 15:48:42.513627 GMT+0530

T122019/10/14 15:48:42.513794 GMT+0530