सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

आंगनवाड़ी और बाल विकास

इस भाग में आंगनवाड़ी और बाल विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों में पंचायत की क्या भूमिका होती है, इसकी जानकारी दी गई है।

भूमिका

बाल्यावस्था की विभिन्न अवस्थाओं पर बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान करने के लिए ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका के विषय में जानने के पश्चात् अब हम आंगनवाड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानेंगे, जो वह बच्चों , विशेष रूप से निर्धन और निम्न आय वर्ग की परिवारों में बच्चों के स्वास्थय और विकास के लिए निभा सकती है।

शिशुओं के प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर स्वास्थय, बाल पोषण विद्यालय शिक्षा तथा बच्चों के टीकाकरण में आंगनवाड़ी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आंगनवाड़ी क्या है?

आंगनवाड़ी छोटे बच्चों की पोषण, स्वास्थय और शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए एकीकृत बाल विकास सेवाएँ के कार्यक्रम के रूप में ग्राम स्तर पर सरकार द्वारा समर्थित एक केंद्र है। आंगनवाड़ी 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों, किशोर युवतियों, गर्भवती महिलाओं तथा शिशुओं की देखरेख करने वाली माताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति करती है।

प्रत्येक आंगनवाड़ी लगभग 400-800 लोगों की जनसंख्या पर बनाई जाती है। जनसंख्या के आधार पर ग्राम पंचायत क्षेत्र में एक अथवा एक से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र हो सकते हैं। आंगनवाड़ी कायर्कर्त्ता तथा सहायिक आंगनवाड़ी केंद्र को चलाते हैं तथा स्वास्थय, शिक्षा, ग्रामीण विकास और अन्य विभागों के पधाधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए आईसीडीएस का क्रियान्वयन करते हैं।

प्रत्येक 25 आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ताओं के लिए एक आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक नियुक्त होती है जिसे मुख्य सेविका कहा जाता है, और जो आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता व सहायिका को कार्य के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करती है। आंगनवाड़ी छोटे बच्चों की आवश्यकताओं तथा देखभाल के बारे में जागरूकता फ़ैलाने का केंद्र भी हो।

आंगनवाड़ी में उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाएँ हैं

  • छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की टीकाकरण
  • समस्त गर्भवती स्त्रियों के लिए प्रसव पूर्व देखभाल और टीकाकरण
  • छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को अनुपूरक पोषण
  • गर्भवती और शिशुओं की देखभाल करने वाली स्त्रियों को अनूपूरक पोषण
  • 15-45 वर्ष के आयु वर्ग की सभी महिलाओं के लिए पोषण और स्वास्थय शिक्षा
  • गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्वक देखभाल तथा शिशुओं की देखरेख करने वाली माताओं की प्रसवोत्तर देखभाल
  • नए जन्मे शिशुओं तथा 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखभाल
  • कुपोषण अथवा बीमारी के गंभीर मामलों को अस्पतालों, समुदाय स्वास्थय केन्द्रों अथवा जिला अस्पतालों (पोषण पुनर्वास केंद्र/नवजात शिशु गहन देखरेख यूनिट) को भेजना।
  • 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों को अनौपचारिक विद्यालयपूर्व शिक्षा प्रदान करना

किसी आंगनवाड़ी केंद्र में क्या- क्या सुविधाएँ होनी चाहिए?

आंगनवाड़ी में निम्नलिखित सुविधाएँ होनी आवश्यक है:

  • एक भवन जो 63 वर्गमीटर/650 वर्ग फूट से कम न हो तथा कमरे XX3 वर्गमीटर के होने चाहिए।
  • बरामदा 6X1.5 वर्गमीटर होना चाहिए तथा वह बाधामुक्त होना चाहिए।
  • खेल का मैदान, खेल सामग्री तथा बाल हितैषी खिलौने
  • साफ – सफाई, जल और स्वच्छता सुविधाएँ
  • साफ और स्वच्छ रसोईघर – रसोई और स्टोर 6X3 वर्गमीटर होने चाहिए।
  • बाल - हितैषी शौचालय – 2 होने चाहिए (2X3 वर्गमीटर)
  • पहुँच के लिए ढलावदार सुविधाएँ
  • मजबूत तथा रिसावमुक्त छत वाला भवन
  • मजबूत खिड़कियाँ और दरवाजे
  • विद्युत कनेक्शन और सुविधा
  • फर्नीचर, पंखे, विस्तर
  • जल, बाल्टी, ब्रुश झाडु साबुन, अध्ययन सामग्री

किसी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता की विशिष्ट भूमिका क्या है?

आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता सामान्यत: उस गाँव की होती है तथा वह गाँव के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों और उसकी आवश्यकताओं से पूरी तरह से अवगत होती है क्योंकी वह अपने क्षेत्र में परिवारों के साथ संपर्क बनाए रखती है। वह आंगनवाड़ी की प्रमुख कार्यकर्त्ता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता निम्नलिखित कार्यों को निष्पादित करती है:

  • प्रत्येक माह प्रत्येक बच्चों के वजन की जाँच करना तथा विकास कार्ड में दर्ज करना।
  • 6 वर्ष कम आयु के बच्चों के लिए मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्डों का रख – रखाव करना तथा करना तथा दौरे पर आए चिकित्सा अथवा अर्द्ध – चिकित्सा कर्मियों को कार्ड दिखाना।
  • 3-6 वर्ष के आयु – वर्ग में बच्चों के लिए विद्यालयपूर्व गैर औपचारिक गतिविधियों को संचालित करना।
  • स्थानीय रूप से उपलब्ध भोजन तथा स्थानीय व्यजंनों के आधार  पर व्यंजन – सूची की आयोजना करते हुए 0-6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती स्त्रियों तथा शिशुओं की देखरेख करने वाली माताओं के लिए अनुपूरक पोषणयुक्त आहार की व्यवस्था करना।
  • स्वास्थय एवं पोषण शिक्षा प्रदान करना तथा शिशुओं को अपना दूध पिलाने/शिशुओं एवं आहार संबंधी प्रक्रियाओं पर माताओं को परामर्श देना।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के कर्मचारियों को टीकाकरण और स्वास्थय जाँच तथा साथ ही प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर जाँच में सहायता करना।
  • घरों में दौरों के दौरान बचों में विकलांगता की पहचान करना तथा उन मामलों को  निकटतम पीएचसी अथवा जिला विकलांगता पुनर्वास केंद्र में भेजना।
  • दस्त, हैजा आदि के आपातकालीन मामलों को स्वास्थय केंद्र में भेजना।
  • किशोरों के लिए विभिन्न स्कीमों के क्रियान्यवन में मदद करना।

क्या आंगनवाड़ी प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है?

आंगनवाड़ी प्रभावी ढंग से कार्य करे, यह सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचयत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस संबंध में पूछे जा सकने वाले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न हैं :

क्या आपके गाँव में  पर्याप्त आंगनबाड़ियां हैं?

  • क्या ये सभी आंगनबाड़ियां ऐसे स्थानों पर स्थित हैं जहाँ गरीब और जरूरतमंद परिवार व बच्चे आसानी से पंहुच सकते हैं?
  • क्या उन आंगनबाड़ियों में पर्याप्त कर्मचारी हैं? क्या उन्हें समुचित रूप से प्रशिक्षण दिया गया है? क्या वे केंद्र में नियमित रूप से उपस्थित होते हैं?

ऐसी अनेक बातें हैं जो आंगनबाड़ियों में काम - काज को प्रभावित कर सकती हैं तथा ग्राम पंचायत को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए और साथ ही समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इस संबंध में ग्राम पंचायत के लिए एक जाँच – सूची नीचे दी गई है:

आंगनवाड़ी सभी निर्धारित दिवसों पर नहीं खुलती है

  • हालाँकि आंगनवाड़ी खुलती तो है, परंतु यह कुछ ही समय तक कार्य करती हैं, पूरा समय नहीं।
  • माताओं की बैठकों तथा आंगनवाड़ी स्थानीय सहायता और अनुवीक्षण समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित नहीं की जा रही है।
  • आंगनवाड़ी द्वारा उपलब्ध कराया जाने वाला पोषक भोजन ठीक से नहीं पकाया जात्रा है, या साफ – सुथरा नहीं होता अथवा घटिया क्वालिटी का होता है।
  • गरीब समुदायों, दलित और अल्पसंख्या समुदायों तथा विकलांग बच्चों की ठीक से नहीं सूनी जाती और उनसे उचित व्यवहार नहीं किया जा सकता है।
  • बच्चों का उम्र वजन अनुसार ठीक से नहीं लिया जाता तथा उसे माँ और बच्चों संरक्षण कार्ड में दर्ज नहीं किया जाता।
  • बच्चों का नियमित रूप से टीकाकरण नहीं किया जाता।
  • आ आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता 3-6 वर्ष के आयु wrt के लिए कोई शिक्षण कार्यकलाप संचालित नहीं करती।
  • आंगनवाड़ी बच्चों के खेलने के लिए की जगह नहीं है।
  • आंगनवाड़ी में वजन करने के उपकरण तथा चिकित्सा कीट उपलब्ध नहीं हैं।
  • आंगनवाड़ी में पर्याप्त विकास चार्ट, खिलौने और विद्यालयपोरव शिशु किट विद्यमान नहीं हैं।
  • आंगनवाड़ी अपने भवन में नहीं बल्कि यह किराए के भवन में चल रही है तथा इसे  बार बार अलग भवन में स्थानांतरित किए जाने की आवश्यकता पड़ती हैं।
  • भवन में साफ हवा का ऊचित प्रबंध नहीं है तथा आंगनवाड़ी का रख -  रखाव भी ख़राब है।
  • इसमें समुचित फर्नीचर और भंडार – गृह भी नहीं हैं।
  • रसोईघर अत्यंत गंदा है, पेयजल साफ नहीं है तथा शौचालय प्रयोग करने योग्य नहीं है।
  • ग्राम पंचायत क्षेत्र में आंगनवाड़ी के संख्या जनसंख्या के अनुपात में कम हा
  • आंगनवाड़ी ऐसे स्थान पर स्थित हैं तथा जरूरतमंद, गरीब परिवारों के इए आसानी के साथ पंहुच योग्य नहीं हैं।

आंगनवाड़ी को प्रभावी बनाने तथा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लेन के लिए ग्राम  क्या भूमिका निभा सकती है?

ग्राम पंचायत आंगनबाड़ियों में सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए अनेक कार्य कर सकती है। ग्राम पंचायत को यह सुनिश्चित करने के आवश्यकता है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता अपनी भूमिका को पर्याप्त रूप से निभाने में समर्थ है और इसके लिए उसे सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जानी चाहिए। को ऊपर लिखी विभिन्न चुनौतियों को ध्यान में रखना चाहिए तथा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इनका निवारण किया जा सके।

क्या आप जानते हैं ?

गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के अधिकांश बच्चे ऐसे घरों से होते हैं जहाँ ख़राब अवसंरचना होती है तथा साफ – सफाई का भी अभाव होता है। ये परिस्थितियों उनके शारीरिक, सामाजिक और मानसिक विकास को बाधित करती हैं। चूंकि समान अवसर हर बच्चे का अधिकार है, अत: घर में विद्यमान कमियों को दूर करने के लिए आंगनवाड़ी में समुचित और पर्याप्त सुविधाएँ अवश्य उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

केरल में, 10 सेंट भूमि प्रदान करने वाली ग्राम पंचायत को एक आदर्श आंगनवाड़ी के लिए भवन का निर्माण करने हेतु 15 लाख रूप दिए जाते हैं। इसके  अलावा, इसके लिए संबंधित विधायक निधि से 4 लाख रूपये भी आवंटित किए जाते हैं। ऐसी आंगनबाड़ियों संसाधन केन्द्रों के रूप में किशोरों की तथा दैनिक देखभाल केन्द्रों के रूप में वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं।

ग्राम पंचायतों द्वारा निभाई जाने वाली कुछ विशेष भूमिकाएँ

  • यह सुनिश्चित किए जाए कि समस्त बस्तियों और समुदायों के बच्चों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त संख्या में आंगनबाड़ियों की स्थापना की जाए तथा ये बच्चों के लिए पहुँच योग्य भी हो: आंगनबाड़ियों की स्थापना के लिए, ग्राम पंचायत आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक और बाल विकास परियोजना अधिकारी के माध्यम से महिला और बाल विकास विभाग से संपर्क कर सकती और यदि संभव हो, तो आंगनवाड़ी केंद्र के भवन के लिए भूमि का योगदान भी कर सकती है। ग्राम पंचायत दान योग्य भूमि की तलाश भी कर सकती है।
  • आंगनबाड़ियों में गुणवत्ता अवसंरचना तथा प्रशिक्षित कर्मचारी सुनिश्चित करना अवसंरचना सुविधाएँ विकसित करने के लिए ग्राम पंचायत महिला और गाल विकास विभाग से संपर्क कर सकती है तथा अपने स्वयं के फंड का प्रयोग भी कर सकती है। यह आंगनबाड़ियों को फर्नीचर जैसे – कुर्सियाँ, अलमारियां, और खाना रखने के बर्तन प्रदान कर सकती है तथा उन्हें बिजली और गैस कनेक्शन, आदि भी प्रदान कर सकती है। ग्राम पंचायत को यह भी देखना होता है कि महिला और बाल विकास विभाग की सहायता से उपयुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों की नियुक्ति की जाए।
  • आंगनवाड़ी में पर्याप्त सुविधाएँ सुनिश्चित करना : ग्राम पंचायत को कुछ राज्यों में आंगनवाड़ी केन्द्रों को अनुपूरक पोषण = सामग्री की खरीद और आपूर्ति का कार्य भी सौंपा गया है। ऐसे मामलों में, ग्राम पंचायत को पोषण – सामग्री तथा प्रदान की जा ने वाली अन्य सेवाओं का पर्यवेक्षण अवश्य ही करना चाहिए। ग्राम पंचायतों को यह देखना होगा की प्रत्येक आंगनवाड़ी में पर्याप्त खिलौने और शिक्षण उपकरण उपलब्ध रहें।

कुछ ग्राम पंचायतें आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए पूरक पोषण के तौर पर दूध, अंडे एवं केले इत्यादि देती हैं क्या आप अपनी ग्राम पंचायत की आंगनवाड़ी के बच्चों के पोषण के लिए कुछ अनुदान दे सकते है।

  • बालिकाओं तथा वंचित बच्चों का नामांकन और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करना : ग्राम पंचायत बालिकाओं को आंगनवाड़ी भेजने के लिए उनके परिवारों को प्रोत्साहित कर सकती हैं तथा यह भी सुनिश्चित कर सकती हैं कि वंचित परिवारों जैसे गरीब, अल्पसंख्यक  और अन्य साधनहीन परिवारों के बच्चों तथा विकलांग बच्चों का उनमें नामांकन किया जा रहा है और वे नियमित रूप से वहाँ जा रहे हैं। ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि ऐसे बच्चों के नामांकन में वृद्धि करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को प्रेरित कर सकते हैं। ग्राम पंचायत को यह देखना चाहिए कि जाति, धर्म अथवा किसी अन्य आधार पर बच्चों के साथ कोई भेदभाव न किया जाए।
  • नियमित निगरानी : निर्वाचित प्रतिनिधि को यह सुनिश्चित करना चाहिए की आंगनवाड़ी नियमित रूप से चल रही तथा विनिर्दिष्ट अवधि के दौरान खुलती है। निर्वाचित प्रतिनिधियों को बीच- बीच में आंगनवाड़ी का दौरा करना चाहिए। वे आंगनवाड़ी  कार्यकर्ता को प्रेरित कर सकते हैं। ग्राम पंचायत को यह भी देखना चाहिए कि जाति, धर्म अथवा किसी अन्य आधार पर बच्चों के साथ कोई भेदभाव न किया जाए।

ग्रामीण समुदायों के जीवन में आंगनवाड़ी की उल्लेखनीय भूमिका को ध्यान में रखते हुए आगामी अध्यायों में हम बच्चों की वृद्धि और विकासात्मक आवश्यकताओं के संदर्भ में आंगनवाड़ी की विशिष्ट भूमिका पर चर्चा करेंगे।

हमने क्या सीखा ?

आंगनवाड़ी केंद्र बाल विकास और वृद्धि में सहायता प्रदान करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

आंगनवाड़ी द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएँ हैं : अनुपूरक आहार, टीकाकरण स्वास्थय जाँच और आगे अस्पतालों को भेजना, स्वास्थय एवं पोषण शिक्षा तथा 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए विद्यालय पूर्व शिक्षा।

आंगनवाड़ी के लिए कुछ आधारभूत न्यूनतम अवसंरचनात्मक आवश्यताएँ हैं जैसे भवन क्षेत्र, बरामदा, खेल का मैदान और शौचालय आदि।

आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता आंगनवाड़ी के प्रभावी कार्यकरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

यदि आंगनबाड़ियों में समुचित अवसंरचना नहीं है, या ठीक से कार्य नहीं करती तो वे बच्चों को पर्याप्त सहायता प्रदान करने में सर्मथ नहीं हो पाएंगी।

ग्राम पंचायतों को यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सहायक और पर्यवेक्षीय भोमिकएं निभाने की आवश्यकता है कि आंगनवाड़ी समुचित ढंग से कार्य करें।

 

स्त्रोत: पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार

2.9381443299

Nazim khan Sep 06, 2018 07:12 PM

M aganvadi Kendra kholna chata hu nyi ki thadi ek bhut garib ilaka h Jaipur m mgr muje nh pta lksa khulti h plz help me my no 83XXX23

Amar nath dubey Sep 02, 2018 01:00 PM

Amar nath dubey Kansari punpun Gaurichak patna bihar pin code 804451.yaha ke aaganwadi kendr ki sikayat ki name.bindu parmar hai.koi karwayi to jarur kijiye sir

Amar nath dubey Sep 02, 2018 12:47 PM

Sir hame aaganwadi ke birudh complan karne ke liye koi phone no. Dijiye plese help me sir

Amar nath dubey Sep 02, 2018 12:37 PM

Ye sab dhakosla hai.sarkar ka

Amar nath dubey Sep 02, 2018 12:33 PM

Ek dam sahi aaganwadi wale sevika bachcho ko padhane or khilane ki baat to dur ki baat hai.apne ghar me tails marbal apne beta ko 50000 hajar rupaye ki mobail mota sone ki chin kaha se aati hai.vo sab paisa aanganwadi se aata hai gao ka naam.Kansari Gaurichak patna bihar pin code:804451.mobile phone number. 95XXX93

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
Back to top

T612019/09/21 01:39:35.238608 GMT+0530

T622019/09/21 01:39:35.262206 GMT+0530

T632019/09/21 01:39:35.263032 GMT+0530

T642019/09/21 01:39:35.263332 GMT+0530

T12019/09/21 01:39:35.208105 GMT+0530

T22019/09/21 01:39:35.208311 GMT+0530

T32019/09/21 01:39:35.208457 GMT+0530

T42019/09/21 01:39:35.208595 GMT+0530

T52019/09/21 01:39:35.208693 GMT+0530

T62019/09/21 01:39:35.208765 GMT+0530

T72019/09/21 01:39:35.209530 GMT+0530

T82019/09/21 01:39:35.209731 GMT+0530

T92019/09/21 01:39:35.209950 GMT+0530

T102019/09/21 01:39:35.210181 GMT+0530

T112019/09/21 01:39:35.210227 GMT+0530

T122019/09/21 01:39:35.210320 GMT+0530