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महाराष्ट्र राज्य के पंचायतों की सफल कहानियाँ भाग – 5

इस भाग में महाराष्ट्र राज्य के पंचायतों की सफल कहानियाँ प्रस्तुत की गई है |

जारी ग्राम पंचायत, जिला नांदेड़, महाराष्ट्र: स्वयं सहायता से पर्यावरण में क्षति को दूर करना

जारी ग्राम पंचायत के लोगों ने पंचायती राज की मूल भावनाओं को पर्याप्त रूप से प्रदर्शित किया है | दो वर्ष पहले तक ग्राम पंचायत क्षेत्र में व्यापक स्तर पर गैर कानूनी खनन कार्य चल रहे थे, जिससे पर्यावरण को अत्यधिक क्षति हो रही थी और लोगों को कठिनाईयां हो रही थी | खनन कार्य में धमाकों से जल स्तर में लगातार गिरावट आ रही थी | इस समय अध्यक्ष, वन्य जीवन संरक्षण समिति, नांदेड़ ने गैर कानूनी खनन कार्य को रोकने के लिए स्थानीय लोगों को एक जुट करने की पहल की | इस बारे में लोगों का तत्काल और सक्रिय सहयोग मिला | कुछ लोग जिला कलेक्टर के कार्यालय के सामने अनिश्चित भूख हड़ताल पर बैठ गए और गैर कानूनी खनन को रोकने के लिए प्रशासन को मजबूर किया |

कृत्रिम झील का निर्माण

तथापि, पहले से हुई क्षति को ठीक करने के लिए ज्यादा कठिन कार्य किया जाना था | एक वर्ष बाद ग्राम सभा ने यह संकल्प पारित किया कि खनन कार्य से हुए गहरे गड्डों को कृत्रिम झील बना दिया जाए और इसे जिला परिषद को अग्रेषित कर दिया जाए | आवश्यक अनुमोदन और वित्तीय सहायता प्राप्त करने के बाद ग्राम पंचायत और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मिलकर श्रमदान (स्वैच्छिक सेवा) से जमीन पर योजना निष्पादित की | अब खनन कार्य से पड़े भदे निशानों को चमचमाती झील में बदल दिया गया है | 1 किलोमीटर के आसपास के क्षेत्र में जमीन का जल स्तर भी बढ़ा है, जिससे पानी की कमी झेल रही ग्राम पंचायत को राहत मिली है | अब ग्राम पंचायत पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बागीचे और पिक्निक स्थल बना कर इन झीलों को सुन्दर बनाने की योजना बना रही है |

जारी ग्राम पंचायत, जिला नांदेड़, महाराष्ट्र: कुपोषण दूर करना

जिला नांदेड़ में जारी ग्राम पंचायत में आंगनवाड़ी में पंजीकृत 134 बच्चों में से 31 बच्चें कुपोषण के शिकार हैं | इस समस्या से निपटने के लिए पहला कार्य आवश्यक पोषक तत्वों, उपयुक्त आहार तय करना था जो स्थानीय लोगों के स्वाद के अनुसार हो और इसका मूल्य वाजिब हो | राज्य के अन्य भागों की तरह जारी में खजूर, सोयाबीन, अंडें, चावल, सागू और गुड़ के पोषक तत्वों के बने लड्डू को प्राथमिकता दी गई | अगला कदम इस आहार को उपलब्ध करवाने के लिए संसाधनों की तलाश करना था | सौभाग्य से ग्राम पंचायत में मानव की सेवा करने की भावना वाले अनेक लोग हैं जिनके सहयोग से बच्चों के लिए यह आहार उपलब्ध होना संभव हुआ है | कुपोषण को दूर करने के लिए चलाए गए इस समन्वित अभियान का परिणाम मिलना शुरू हो गया है और इससे कई बच्चों का वजन बढ़ा है |

स्रोत: भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय

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