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उपभोक्ता जागरूकता

इस भाग में उपभोक्ता जागरूकता के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्रस्तुत किया गया है।

वर्तमान आर्थिक दौर में अधिकतर व्यक्तियों और संस्थाओं का प्रमुख उद्‌देश्य 'येन-केन-प्रकारेण' अधिक से अधिक धन कमाना होता जा रहा हैं। उत्पादकों एवं सेवा प्रदान करने वाली संस्थाओं द्वारा अनेक प्रकार के अनैतिक व्यापारिक व्यवहार ग्राहकों एवं उपभोक्ताओं के साथ किए जाते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को सचेत और सावधान रहने की जरूरत है। इस अध्याय के अंतर्गत उपभोक्ताओं के कल्याण की कुछ ऐसी बातों का उल्लेख किया जा रहा है, जिसका पालन कर वह जागरूक उपभोक्ता बन सकता है और विभिन्न क्षेत्रों होने वाली धोखाधड़ी और ठगी से बच सकता है।

बैंकिग सेवाएँ प्राप्त करते समय

बैंकों और बैंकिंग संस्थाओं के साथ व्यवहार करते समय उपभोक्ताओं/ग्राहकों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए :

  • बैंक में चेक जमा करते समय हस्ताक्षर की हुई रसीद अवश्य लें। जमाकर्ता को चेक के पीछे अपना नाम, खाता संख्या, शाखा का नाम तथा बैंक का नाम अवश्य लिख देना चाहिए।
  • चेक के रिक्त स्थान पर लकीर खींच दे ताकि कोई अनाधिकृत व्यक्ति अतिरिक्त संखया या नाम न जोड़ दें।
  • कार्ड व चेक बुक एक साथ न रखें।
  • खाली चेक पर हस्ताक्षर करके न रखें।
  • यदि एटीएम कार्ड धारक हैं तो किसी अन्य व्यक्ति को अपना कार्ड न दें तथा उसे पिन, पासवर्ड या अन्य सुरक्षा जानकारी न दें।
  • पिन, पासवर्ड या अन्य सुरक्षा जानकारी को लिखकर कार्ड के साथ न रखें।
  • यदि डाक के माध्यम से आप चेक भेज रहे हैं तो जिस व्यक्ति को चेक भुगतान किया जाना है, उसका नाम स्पष्ट अक्षरों में लिखें ताकि धोखाधड़ी को रोका जा सके।
  • यदि आप पिन बदलते हैं तो नया पिन सावधानी पूर्वक चुनें।
  • अपना पिन, पासवर्ड तथा अन्य सुरक्षा जानकारी याद कर लें यदि आप को पिन, पासवर्ड या अन्य कोई सुरक्षा जानकारी लिखित रूप में मिलती है तो उसे तुरंत याद करें तथा उस कागज को नष्ट कर दें, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो सके।
  • कार्ड व बैंक के रसीदों को सुरक्षित रखें।
  • यदि चेक बुक, पास बुक या एटीएम/डेबिट कार्ड खो जाता है या चोरी हो जाता है या किसी और को आपकी पिन या अन्य सुरक्षा जानकारी पता लग जाती है तो तुरंत संबंधित बैंक को इसकी सूचना दें ताकि इसके दुरूपयोग को रोका जा सके।
  • खोने की जानकारी बैंक द्वारा उपलब्ध कराये गये टोल फ्री नं0 पर फोन करके दी जा सकती है। बाद में लिखित रूप में भी बैंक को इस बात की सूचना देनी चाहिए।

चिकित्सा सेवाएँ लेते समय

  • जिस डॉक्टर से इलाज कराने जा रहे हैं, उसकी योग्यता एवं कौशल के बारे में पूरी जानकारी कर लें।
  • दवाओं के नाम सदैव चिकित्सक के लेटरहेड पर ही लिखवाएँ।
  • दवाईयाँ भरोसेमंद तथा लाईसेंस प्राप्त दवा विक्रेता से ही खरीदें।
  • दवा को सूखी, और ठंडी जगह पर रखें तथा इस बात का ध्यान रखें कि उस पर धूप या गर्मी का प्रभाव न पड़े, क्योंकि ऐसा होने से दवाईयाँ खराब हो सकती हैं।
  • नकली दवाओं से सावधान रहें।
  • दवाईयाँ खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट तथा बैच नम्बर या लॉट नम्बर अवश्य देखें।
  • किसी प्रकार की कमी या शिकायत होने पर जिले के मुख्य चिकित्साअधिकारी या मीडिया को संपर्क किया जा सकता है।

रोगियों को प्राप्त अधिकार

रोगियों को कानून द्वारा निम्नलिखित अधिकार प्रदान किए गए हैं :

  • जाँच रिपोर्ट/प्रिस्क्रिप्शन की प्रति पाने का अधिकार।
  • अस्पताल से छुट्‌टी के प्रमाण-पत्र पाने का अधिकार।

शैक्षणिक संस्थान में नामांकन से पूर्व

जब आप को किसी शैक्षणिक संस्थान में दाखिला लेना हो तो नामांकन से पूर्व उसके बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें। सबसे पहले इस बात की जानकारी करें कि उस संस्थान को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या एआईसीटीई जैसी निकायों द्वारा मान्यता दी गयी है या नहीं। इसके अलावा यह जानकारी करें कि उस संस्थान के पास पूर्णकालीक योग्यता प्राप्त शिक्षक मौजूद हैं या नहीं। यदि कोई संस्थान नामांकन के समय किए गए अपने वायदे के अनुरूप शैक्षणिक सेवाएँ नहीं प्रदान करता है या कोई गैर कानूनी काम करता है तो इस बात की शिकायत उपभोक्ता न्यायालयों में दर्ज कराई जा सकती है। शैक्षणिक संस्थानों के मान्यता आदि के बारे में जानकारी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

पेट्रोल, रसोई गैस प्राप्त करते समय

पेट्रोल भराते एवं रसोई गैस प्राप्त करते समय निम्नलिखित बातों के प्रति आश्वस्त हो लें-

  • पेट्रोल टैंक से सही पेट्रोल के लिए गुणवत्तायुक्त 5 लीटर के डिब्बे में पेट्रोल लें। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आप को सही मात्रा में पेट्रोल प्राप्त हो रहा है।
  • जब रसोई गैस सिलेण्डर लेते हैं तो उसका वजन अवश्य करा लें।
  • सही वजन का सिलेण्डर न होने पर संबंधित विभाग या अधिकारियों से शिकायत की जा सकती है।
  • आप अपनी शिकायत पेट्रोल पम्प मालिक या रसोई गैस के वितरक से भी कर सकते हैं।
  • एल.पी.जी. सिलेण्डर पर उसके प्रयोग की अन्तिम तिथि अंकित होती है। उदाहरण के लिए यदि उस पर ए-09 लिखा है तो इसका मतलब उस सिलेंडर के उपभोग की तिथि अगस्त, 2009 में समाप्त हो चुकी है। इसलिए यह अवश्य देखें कि जो सिलेण्डर आप प्रयोग करने जा रहे हैं कहीं उस सिलेण्डर के प्रयोग करने की तिथि समाप्त तो नहीं हो गयी है।

खरीददारी करते समय

जब आप अपनी जरूरत की वस्तुएँ खरीदने जाते हैं तो इन बातों का अवश्य ध्यान रखें

  • जब भी आप को खरीददारी करने जाना हो पहले से योजना बना कर जाएँ। आप को जिन समानों को खरीदना है, उसकी एक सूची बना लें। इससे आप जरूरी सामान को खरीदना नहीं भुलेंगे और अनावश्यक सामानों की खरीददारी करने से बच सकेंगे।
  • जिन पैकेट बन्द उत्पादों को आप खरीद रहे हैं उसके उपभोग की अंतिम तिथि की जांच अवश्य करें। कहीं ऐसा तो नहीं कि आप पुराने और खराब सामानों की खरीद करने जा रहे हैं।
  • खरीददारी करने समय रसीद/कैशमेमों अवश्य प्राप्त करें।
  • उत्पादों के पैकेटों पर छपे गुणवत्ता युक्त चिह्‌नों की पहचान करें उसके बाद ही सामानों की खरीददारी करें।
  • गुणवत्तायुक्त चिह्‌न निम्नलिखित प्रकार के होते हैं :

आईएसआई (भारतीय मानक संस्थान) मार्क

इस चिह्न को निम्नलिखित पदार्थों या उत्पादों के पैकेट पर देखा जा सकता है :

  • बच्चों के खाद्य पदार्थ
  • बोतल बंद पानी ( मिनरल वाटर)
  • बिजली के उपकरणों
  • गैस सिलेंडर एवं चूल्हे
  • प्रेशर कुकर
  • सीमेंट
  • स्टील (छड़) इत्यादि पर इसे देखा जा सकता है

एगमार्क

एगमार्क कृषिजन्य, खाद्य उत्पादों की शुद्धता एवं गुणवत्ता का प्रतीक है इसे निम्नलिखित उत्पादों पर देखे जा सकते हैं :

  • दालें : अरहर, उड़द, मूंग, चने व भुने चने, आदि के पैकेटों पर
  • खड़े व पिसे मसालों के पैकटों पर : काली मिर्च, हल्दी,
  • धनिया, जीरा, करी पाउडर, मिर्च पाउडर, आदि
  • वनस्पति तेल : सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, सूरजमुखी का
  • तेल, नारियल के तेल आदि पर।
  • आटा उत्पाद : गेहूं का आटा, सूजी, मैदे के पैकेट आदि पर
  • दुग्ध उत्पाद : घी, क्रीम, मक्खन आदि के पैकेटों पर

एगमार्क लगे उत्पादों को खरीदते समय निम्न बातों का ध्यान रखें

एगमार्क का लोगो, लॉट/बैच नम्बर, एगमार्क का लेबल तथा क्रम संख्या, ग्रेड, पैंकिंग की तारीख, उत्पाद की मात्रा, उपभोग की अंतिम तिथि, पैक करने वाली कंपनी का नाम और पता।

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण

इस चिह्न को फल और सब्जियों से बनने वाले उत्पादों के पैकेटों या बोतलों पर देखा जा सकता है। जैसे, अचार, जैम, चटनी या फलों के रस से प्रसंस्करित होकर बनने वाले उत्पाद।

बी.ई.ई

इस चिह्न को बिजली के उपकरणों जैसे, टीवी, फ्रीज, एसी, गीजर, वाटर पम्प आदि पर देखे जा सकते हैं। यह भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा प्रदान किए जाते हैं। जिस उत्पाद पर जितने अधिक तारे बने रहेंगे वह उतनी ही कम बिजली की खपत करेगा।

हॉलमार्क

  • हॉलमार्क स्वर्ण आभूषणों की शुद्धता का प्रमाण है।
  • भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा यह प्रमाण-पत्र जारी किए जाते हैं।
  • प्रमाण-पत्र जारी करने से पूर्व प्रयोगशाला में वैज्ञानिक विधि-विधान से इनकी जांच की जाती है।

स्त्रोत: भारतीय लोक प्रशासन संस्थान,नई दिल्ली।

3.06944444444

Aastha shukla Jun 18, 2019 07:41 PM

Yes everything was well explained but just tell something more about upbhokta adhinium

संजय यादव Jan 27, 2019 10:06 PM

आप लोग थोड़ा सा विष्टर में अगर बताये तो सईद हमें ज्यादा तकलीफ न होगी समझने में .इस में कुछ और ऐड कीजिये जैसे उपभोगता अधिनियम कब बना,इस का मैन मोटिव क्या हे , उपभोगता संरक्षण क्या होता हे . थैंक्स यू ा लोट .अपने हमें इतनी अछि सुविधा उपलब्ध कराइ .

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