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भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण प्रसारण एवं केबल टीवी सेवाओं के लिए नयी रूपरेखा के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस पृष्ठ में भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण प्रसारण एवं केबल टीवी सेवाओं के लिए नयी रूपरेखा के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न, विस्तृत रूप से दिये गए हैं।

क. नए विनियामक ढांचे के संबंध में सामान्य चिंताएं

मौजूदा ढांचे को संशोधित करने का क्या कारण था?

मार्च 2017 में केबल टेलीविजन नेटवर्क के डिजिटलीकरण के परिणामस्वरूप पारदर्शिता में और अधिक सुधार करने की तत्काल आवश्यकता थी क्योंकि अनेक हितधारक उपभोक्ताओं को चयन करने का अधिकार नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा, विकास के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए, हितधारकों के बीच भेदभाव रहित एक समान अवसर बनाए रखने तथा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बनाए रखा जाना सुनिश्चित करने की आवश्यकता थी। तदनुसार, डेढ़ से अधिक वर्ष तक चली परामर्श प्रक्रिया के बाद नया विनियामकारी ढ़ांचा लाया गया है।

प्रसारण और केबल सेवाओं के लिए नए विनियामक ढांचे में उपभोक्ताओं को कैसे लाभ होता है?

नए विनियामक ढांचे में उपभोक्ता वास्तव में निर्णय ले पाता है। उपभोक्ता को यह चयन करने के संबंध में पूर्ण स्वतंत्रता होगी कि वह क्या देखना चाहता है और वह केवल उसके लिए ही भुगतान करें। ढांचे में यह अधिदेशित है कि प्रत्येक चैनल को अ-ला-कार्टे आधार पर पेश किया जाएगा और इसके अधिकतम खुदरा मूल्य को इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (ईपीजी) के माध्यम से टेलीविजन स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाए। अ-ला-कार्ट चयन के विकल्प के अलावा, प्रसारक और वितरक यथा निर्धारित किए गए तरीके से भी चैनलों के बुके की पेशकश कर सकते हैं। बुके के मूल्य को भी पारदर्शी रूप से प्रकाशित किए जाने की आवश्यकता है। उपभोक्ता, प्रसारक के साथ-साथ वितरक द्वारा तैयार किए गए अ-ला-कार्ट आधार अथवा तैयार किए गए बुके के रूप में पे-चैनल पसंद कर सकते हैं। नया ढांचा पे-चैनल के मूल्य निर्धारण के संबंध में पूर्ण पारदर्शिता प्रदान करता है जिसके तहत कोई भी वितरक, किसी प्रसारक द्वारा घोषित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य प्रभारित नहीं कर सकता है। सभी फ्री-टू-एयर चैनल अब उपभोक्ताओं को निशुल्क उपलब्ध होंगे।

ढांचे में एक सौ (100) चैनलों के लिए अधिकतम एक सौ तीस रुपए (130/-) की अधिकतम सीमा का नेटवर्क सीमा शुल्क निर्धारित किया गया है। कोई भी उपभोक्ता जो 100 से अधिक चैनलों के विकल्प का चयन करता है (एक अत्यंत दुर्लभ विकल्प का चयन जिसमें 10 से 15 प्रतिशत उपभोक्ता ही इस विकल्प को अपनाते हैं, तो वह 25 चैनलों की प्रत्येक स्लैब के लिए 20 रुपए प्रति स्लैब के अधिकतम मूल्य के साथ अतिरिक्त चैनलों को चयन कर सकता है।

क्या उपभोक्ताओं का मासिक शुल्क 200/- अथवा इससे अधिक बढ़ जाएगा।

वर्तमान में, उपभोक्ताओं को बड़ी संख्या में टेलीविजन चैनल उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें से कुछ उपभोक्ताओं द्वारा बिल्कुल भी देखे ही नहीं जाते हैं। इस पद्धति से अनावश्यक रूप से टेलीविजन संवितरण प्लेटफॉर्म की टेलीविजन चैनल ले जाने की क्षमता का उपयोग किया जाता है जिससे नए टेलीविजन चैनल प्लेटफॉर्म पर आने से अवरुद्ध हो जाते हैं। नया ढांचा यह निर्धारित करता है कि उपभोक्ताओं पर अवांछित चैनल थोपे नहीं जाएंगे; बल्कि उन्हें केवल उन टेलीविजन चैनलों को चुनने की स्वतंत्रता होगी जिन्हें वे देखना चाहते हों तथा उन्हें तदनुसार भुगतान करना होगा।

बीएआरसी द्वारा दिए गए दर्शकों के पैटर्न के अनुसार 80 प्रतिशत उपभोक्ता या तो 40 या उससे कम चैनलों को देखते अथवा खंगालते हैं। इसके अलावा, यदि कोई उपभोक्ता सावधानीपूर्वक किसी परिवार की पूरी आवश्यकता के लिए चैनल चुनता है, तो उसके द्वारा प्रतिमाह भुगतान की जाने वाली राशि, उसके द्वारा वर्तमान में भुगतान की जाने वाली राशि से भी कम हो सकती है। अलग- अलग बाजारों में से कुछ संभावित पैकों को भादूविप्रा द्वारा संकलित किया गया है और इन्हें ट्राई की वैबसाइट पर देखा जा सकता हैं। यह उदाहरणों से स्पष्ट हो जाएगा कि उपभोक्ताओं द्वारा वहन की जाने वाली लागत में वृद्धि नहीं की जाएगी। इसके अलावा, व्यापक बाजार में मौजूद कुछ प्रसारकों ने हाल ही में अपने चैनलों के मूल्य में कमी की है। प्रसारकों द्वारा यथा घोषित प्रकाशित मूल्य, पेशकश किए जाने वाले मूल्य होते हैं तथा वह बाजार द्वारा निर्धारित अंतिम मूल्य नहीं होते हैं। प्राधिकरण आशा करता है कि आर्थिक सिद्धांतों के आधार पर जल्द ही बाजार की शक्तियां मूल्यों को स्थिर कर देंगी।

क्या दिनांक 29 दिसम्बर, 2018 के पश्चात् टेलीविजन स्क्रीन पर मौजूदा चैनलों का ब्लैक- आउट हो जाएगा?

जी नहीं, पुराने से नए विनियामक ढांचे में सब्सक्राइबरों के निर्बाध अंतरण को सुगम बनाने के उद्देश्य से भादूविप्रा ने अन्य बातों के साथ- साथ निम्नानुसार एक अंतरण योजना जारी की है।

  • सब्सक्राइबरों के सभी मौजूदा पैक/ प्लॉन/ बुके दिनांक 31 जनवरी, 2019 तक निर्बाध रूप से जारी रहेंगे।
  • कोई भी सेवा प्रदाता किसी भी एमएसओ/ एलसीओ/ सब्सक्राइबर को कोई भी सिग्नल/ फीड को दिनांक 31 जनवरी, 2019 तक बंद नहीं करेगा।
  • डीपीओ को यथा शीघ्र संभव सभी सब्सक्राइबरों तक पहुंच बनाने के लिए तथा सभी सब्सक्राइबरों से विकल्प प्राप्त करने के लिए अपने स्वयं की प्रणाली विकसित करनी होगी।
  • डीपीओ को सभी सब्सक्राइबरों द्वारा चुने गए विकल्पों के अनुसार दिनांक 01 फरवरी, 2019 से उन्हें नए ढांचे में अंतरित करना होगा।

यदि मैंने 31 जनवरी, 2019 तक विकल्प नहीं चुना तो क्या होगा?

यदि उपभोक्ता द्वारा विकल्प नहीं अपनाया जाता है, तो उसका ‘बेसिक सर्विस टीयर पैक' आरंभ कर दिया जाएगा। डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफार्म स्वामी (मल्टी सिस्टम प्रोवाइडर/ डीटीएच प्रदाता) फ्री टू एयर चैनलों के लिए उपभोक्ता से पे चैनलों के लिए विकल्प प्राप्त करने हेतु उपयुक्त पद्धति को अपना सकता है अथवा केवल फ्री टू एयर चैनल ही जारी रख जा सकते ह*और पे चैनल बाधित हो सकते हैं।

क्या केवल प्रसारक और डीपीओ (एमएसओ, डीटीएच ऑपरेटर और अन्य) बुके तैयार कर सकते हैं। अथवा क्या डीपीओ द्वारा केवल अला–कार्ट चैनल ही दिए जा सकते हैं?

वर्तमान में, उपभोक्ताओं को बड़ी संख्या में टेलीविजन चैनल उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें से कुछ उपभोक्ताओं द्वारा नहीं देखे ही नहीं जाते हैं। पद्धति से अनावश्यक रूप से डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफार्म की टेजीविजन वहन क्षमता का उपयोग होता है, जिससे प्लेटफॉर्म पर आने वाले नए टेलीविजन चैनल अवरुद्ध हो जाते हैं। नया ढांचा यह निर्धारित करता है कि उपभोक्ताओं पर अवांछित चैनलों को थोपा नहीं जाए बल्कि उन्हें केवल उन टेलीविजन चैनलों को चुनने की स्वतंत्रता होगी जिन्हें वे देखना चाहते हैं तथा उनहे लिए ही उन्हें भुगतान करना होगा। नए विनियामक ढांचे के अनुसार, प्रसारकों को कतिपय उपबंधों अध्यधीन बुके तैयार करने और पेशकश करने की स्वतंत्रता है। तथापि, उपभोक्ताओं को विकल्प प्रदान करने के लिए हर चैनल को अ-ला-कार्ट आधार पर भी पेशकश की जानी होती है।

इसी प्रकार, डीपीओ, प्रसारकों के विभिन्न बुके, या विभिन्न अ-ला–कार्ट चैनलों को मिलाकर अथवा विभिन्न अ-ला-कार्ट अथवा प्रसारक के बुके तथा अ-ला-कार्ट चैनलों को मिलाकर भी बुके तैयार कर सकते हैं । डीपीओ को बुके तैयार करने की पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की गई है। वे प्रसारकों के विभिन्न चैनलों से भी बुके तैयार कर सकते हैं। प्रसारक अथवा एमएसओ द्वारा बुके तैयार करते हुए निम्नवत सावधानियां बरतनी होगी:

  • फ्री टू एयर चैनल और पे-चैनल एक ही बुके का भाग नहीं हो सकते हैं।
  • एक ही चैनल के एसडी और एचडी संस्करण एक ही बुके में नहीं हो सकते हैं।
  • 19/- रुपए अथवा इससे अधिक के अधिकतम खुदरा मूल्य वाला कोई भी चैनल बुके का भाग नहीं हो सकता है।

उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार कितने भी बुके को सब्सक्राइब कर सकता है। बुके और अ-ला-कार्ट चैनलों का किसी भी संयोजन की भी अनुमति है।

क्या नए विनियम केवल बड़े प्रसारकों के पक्ष में हैं?

ढांचे का उद्देश्य पारदर्शिता और भेदभाव रहित परिवेश तैयार करना है जिसमें अनिवार्य रूप से वहन करना तथा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना उसके अंतर्निहित सिद्धांत हैं। विनियम सभी प्रसारकों, एमएसओ, डीटीएच ऑपरेटरों और अन्य प्लेटफार्मों के साथ समान व्यवहार किए जाने का उपबंध करता है। यह विनियम किसी प्रसारकों अथवा संवितरण प्लेटफार्म ऑपरेटरों के किसी भी वर्ग के बीच भेद नहीं करता है। प्रत्येक प्रसारक को अपने चैनल अथवा बुके के अधिकतम खुदरा मूल्य की घोषणा करनी अपेक्षित होती है। संवितरण शुल्क की अधिकतम प्रतिशतता और छूट, सभी प्रसारकों पर समान रूप से लागू होती है।

क्या एफटीए चैनल पूर्णरूप से निशुल्क होंगे?

नए ढांचे में फ्री टू एयर चैनल पूरी तरह से निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि पूर्व में इन्हें पहले विभिन्न प्लेटफार्म प्रदाताओं द्वारा प्रभारित किया जाता था। इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गॉइड (ईपीजी) में फ्री टू एयर चैनल का अधिकतम खुदरा मूल्य 'निशुल्क' दर्शाया जाएगा।

ढांचे में 100 एसडी चैनलों तक 130/- रुपए के नेटवर्क क्षमता शुल्क की अधिकतम सीमा की अवधारणा प्रस्तुत की गई है। इसके अलावा, नेटवर्क क्षमता शुल्क का निर्धारण करने के उद्देश्य से एचडी चैनल की क्षमता 2 एसडी चैनलों के समान मानी गई है। कोई भी उपभोक्ता जो 100 से अधिक चैनलों (एक अत्यंत दुर्लभ विकल्प का चयन जिसमें 10 से 15 प्रतिशत उपभोक्ता ही इस विकल्प को अपनाते हैं) को अपानाता है, वह 25 चैनलों की प्रत्येक स्लैब के लिए 20 रुपए प्रति स्लैब के अधिकतम मूल्य के साथ अतिरिक्त चैनलों को चयन कर सकता है।

क्या सब्सक्राइबर के पास किसी भी चैनल को चुनने का विकल्प मौजूद है?

जी हां, सब्सक्राइबर वितरक के प्लेटफार्म पर उपलब्ध किसी भी चैनल को अ-ला-कार्ट प्ररूप अथवा बुके या दोनों संयोजन का चयन कर सकते हैं ।

क्या बेसिक सर्विस टीयर पैक के रूप में ऑफर किए जा रहे 100 एफटीए चैनल के लिए उपभोक्ता द्वारा सब्सक्राइब करना अनिवार्य है ? या

क्या बेसिक सर्विस टीयर पैक के रूप में मुझे ऑफर किए जा रहे 100 एफटीए चैनल अंतिम (फाइनल) हैं? या

क्या मैं वितरक द्वारा ऑफर किए जा रहे 100 चैनलों के बेसिक टीयर पैक में कोई बदलाव कर सकता हूँ? या

क्या मैं 130 रुपये में 100 चैनलों के बेसिक टीयर पैक में किसी पे चैनल को शामिल कर सकता हूँ? या

क्या मैं बीएसटी के किसी एफटीए चैनल को किसी दूसरे एफटीए चैनल से बदल सकता हूँ?

टैरिफ आदेश के खंड 5 और उसके अंतर्गत स्पष्टीकरण द्वारा यथा निर्धारित बेसिक सर्विस टीयर उपभोक्ताओं को उपलब्ध एक मात्र विकल्प है। उपभोक्ता अला–कार्टे आधार पर फ्री टू एयर चैनलों के किसी भी संयोजन या नेटवर्क क्षमता शुल्क के भीतर पे चैनलों के बुके को चुनने के लिए स्वतंत्र है।

उपभोक्ता को बेसिक सर्विस टीयर में उपलब्ध किसी चैनल को हटाने और अपनी पसंद का कोई भी फ्री टू एयर या पे चैनलों को चुनने का अधिकार होगा। यह स्वभाविक है कि यदि उपभोक्ता पे चैनल चुनता है तो अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) प्रभार, नेटवर्क क्षमता शुल्क के अतिरिक्त होगा।

100 चैनलों के बेसिक सर्विस टीयर के शुल्क 130 रुपये (जीएसटी को छोड़कर) में केवल नेटवर्क क्षमता शुल्क शामिल है और पैक में फ्री टू एयर चैनलों के लिए कोई अतिरिक्त प्रभार नहीं हैं।

उपभोक्ता ध्यान दे कि 130 रुपये अधिकतम दर है। वितरक 130 रुपये से कम कोई भी दर घोषित करने के लिए स्वतंत्र है।

उदाहरण-1: सेवाप्रदाता को बेसिक सर्विस टीयर में 100 चैनलों के निम्नलिखित विकल्प दिए गए हैं।

9X जलवा, 9x टशन, 9XM, 9XO, आस्था भजन, एबीपी न्यूज, आनंदी टीवी, अंजन टीवी, B4U मूवीज, B4U म्यूजिक, BFLIX मूवीज, BTVI, YOTV, चैनल न्यूज एशिया, चैनल विन, चंद्रिका टाइम टीवी, दर्शन 24, डीडी हिसार, डीडी यादगिरि, दिल्ली आजतक, TTC, दिव्या, ज्ञान योगी, जी मी, DW टीवी, E24, इंडियन फैशन टीवी, गुड न्यूज, जीसी, होमशॉप18, इंडिया न्यूज, इंडिया न्यूज हरियाणा, इंडिया न्यूज राजस्थान, इंडिया न्यूज यूपी/यूके, इंडिया टीवी, ईश्वर, जोनेट, लिविंग इंडिया न्यूज, महामूवी, महावीरा टीवी, MASTIII, MH1 म्यूजिक, मूवी हाउस, म्यूजिक इंडिया, नापतोल ब्ल्यू, नेपाल 1, न्यूज 24, न्यूज इंडिया, न्यूजनेशन, न्यूज X, NT6, NT7, पारस, PTC चकदे, PTC न्यूज, PTC पंजाबी, काल्की टीवी, रिपब्लिक टीवी, रूपसी बांग्ला, साधना, समय, यूपी/उत्तराखंड, संगीत बांग्ला, संगीत भोजपुरी, सत्संग, शारदा MH वन, शुभ संदेश, STV हरियाणा न्यूज, सूर्या भक्ति, सूर्यासागर इंटरटेनमेंट, सूर्यासमाचार, SVBC, TTD, स्वराज एक्सप्रेस, wow म्यूजिक, डीडी बांग्ला, डीडी भारती, डीटी बिहार, डीडी चंदाना, डीडी गिरनार, डीडी ज्ञानदर्शन, डीडी काशिर, डीडी किसान, डीडी मध्य प्रदेश, डीडी मल्यालम, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी नार्थईस्ट, डीडी उड़िया, डीडी पोधिगई, डीडी पंजाबी, डीडी राजस्थान, डीडी राज्यसभा टीवी, डीडी शहयाद्री, डीडी सप्तगिरि, डीडी शिमला, डीडी स्पोट्र्स, डीडी उर्दू, डीडी उत्तरप्रदेश, लोकसभा टीवी, VAA मूवीज।

यदि, उपभोक्ता ये पांच चैनल नहीं देखना चाहते हैं और अपनी पसंद के चैनल चुनना चाहते हैं, तो निम्नलिखित विकल्पों में से चैनल चुने जा सकते हैं:

विकल्प-1:

उपभोक्ता वर्तमान एफटीए चैनलों के स्थान पर दूसरे एफटीए चैनल चुनता है।

  • उपभोक्ता बेसिक सर्विस टीयर पैक में से उन एफटीए चैनलों को हटा देता है, जिन्हें वो लेना नहीं चाहता है।
  • उतनी ही संख्या में दूसरे एफटीए चैनल चुनता है, जिन्हें वो लेना चाहता है।

ऊपर दिए गए उदाहरण में उपभोक्ता ने STV हरियाणा न्यूज, सूर्या भक्ति, सूर्या सागर इंटरटेनमेंट, नापतोल ब्ल्यू, नेपाल 1 को हटाता है और खुशबू बांग्ला, दिल्ल लगी, एमके टेलीविजन, मक्कल टीवी, टीवी 1 न्यूज 24*7 को चुनता है।

उपभोक्ता प्रभार प्रतिमाह निम्नानुसार होंगेः

100 एसडी चैनलों (FTA) का बेसिक पैक                                   130 रुपये हटाए गए पांच चैनल और पसंद किए गए पांच वैकल्पिक चैनल SD FTA चैनल

कोई प्रभार नहीं

योग                                                                130 रुपये

GST @ 18%                                                      कुल 153.40 रुपये

विकल्प-2:

उपभोक्ता एफटीए चैनलों के स्थान पर पे चैनल चुनता है।

उपरोक्त उदाहरण में उपभोक्ता 5 एफटीए चैनलों के स्थान पर पांच पे चैनल चुनना चाहता है।

  • उपभोक्ता बीएसटी पैक में से पांच एफटीए चैनल हटाता है।
  • बुके या अला–कार्ट में से अपनी पसंद के पांच पे चैनल चुनता है।

उपभोक्ता प्रभार प्रतिमाह निम्नानुसार होंगेः-

100 एसडी चैनलों (FTA) का बेसिक पैक                                     130 रुपये

हटाए गए पांच चैनल और पसंद किए गए पांच वैकल्पिक SD पे चैनल 10 रुपये

(चुने गए पांच एसडी पे चैनलों का अला–कार्ट मूल्य 10 रुपये है।

या संदर्भित 5 एसडी पै चैनलों के बुके का मूल्य 10 रुपये है)

योग                                                                  140 रुपये

GST @ 18%                                                      कुल 165.20 रुपये

विकल्प-3:

उपभोक्ता बेसिक सर्विस टीयर में से एफटीए चैनलों को हटाना नहीं चाहता है।

मगर अतिरिक्त पे चैनल लेना चाहता है।

  • उपभोक्ता बेसिक सर्विस टीयर को चुनता है।
  • उपभोक्ता अपनी पसंद के पे चैनल भी लेना चाहता है।

उपभोक्ता प्रभार प्रतिमाह निम्नानुसार होंगेः-

100 एसडी चैनलों (FTA) का बेसिक पैक                                      130 रुपये

अतिरिक्त नेटवर्क क्षमता शुल्क                                             20 रुपये 50 रुपये में 20 पे चैनल शामिल करना                                       50 रुपये (चुने गए 20 एसडी पे चैनलों के अला–कार्टे मूल्यों का योग 50 रुपये है। या संदर्भित 20 एसडी पे चैनलों के बुके का मूल्य 50 रुपये है) 200 रुपये

GST @ 18%                                                        कुल 236 रुपये

यदि उपभोक्ता वार्षिक सब्सक्रिप्शन प्रभारों का भुगतान अग्रिम में कर देता हैतो ऐसी स्थिति में क्या होगा?

यदि उपभोक्ता ने भावी लॉक-इन अवधि के लिए अग्रिम में अदा किए गए प्रभार वाली कोई स्कीम जैसे वार्षिक प्लान लिया है तो वितरक मूल्य/प्रभारों में कोई वृद्धि किए बगैर और सब्सक्रिप्शन की दूसरी शर्तों में कोई बदलाव किए बिना ऐसी प्रतिबद्ध अवधि के लिए सेवाएं मुहैया कराना जारी रखेगा।

वितरक ऐसा कोई बदलाव नहीं कर सकते, जिससे कि ऐसे मामलों में उपभोक्ता के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़े या उसे कोई नुकसान हो।

यदि उपभोक्ता 1 फरवरी, 2019 के बाद, वर्तमान पैकेज के स्थान पर कोई नया पैकेज लेना चाहता है तो नए पैकेज लेने की तिथि पर वर्तमान पैकेज की आनुपातिक शेष राशि को 1 फरवरी, 2019 के बाद नए पैकेज के मूल्य के लिए समायोजित किया जा सकता है।

क्या 100 चैनलों के लिए 130 रुपए की नेटवर्क क्षमता शुल्क में केवल फ्री टू एयर चैनल ही शामिल हैं?

100 चैनलों के लिए नेटवर्क क्षमता शुल्क में फ्री टू एयर चैनल अथवा तत्संबंधी संयोजन शामिल हैं। एफटीए चैनल लेना सब्सक्राइबर है परंतु यह एमआईबी के अनिवार्य चैनलों के अलावा अनिवार्य नहीं है। यदि सब्सक्राइबर पे- चैनल चुनता है, तो नेटवर्क क्षमता शुल्क के अतिरिक्त लागू अधिकतम खुदरा मूल्य का भुगतान करना होगा।

क्या बुके तैयार करते हुए प्रदान की जाने वाली छूट की कोई अधिकतम सीमा होती है?

प्रशुल्क आदेश में 15 प्रतिशत की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है,अर्थात् किसी भी बुके का मूल्य उस बुके में कुल अलाकार्ट चैनलों के योग से 85 प्रतिशत से कम नहीं हो सकता है। तथापि, माननीय मद्रास उच्च न्यायालय ने प्रसारकों द्वारा तैयार किए जाने वाले बुके के लिए इस खंड को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि किसी बुके के अधिकतम खुदरा मूल्य पर 15 छूट की अधिकतम सीमा लगाना प्रवर्तनीय नहीं है। इस संबंध में प्राधिकरण ने इस मामले को उच्चतम न्यायालय के समक्ष रखा, जिसने इस पर सहमति नहीं दी। वैसे भी, वर्तमान में 15 प्रतिशत की अधिकतम सीमा को प्रसारकों द्वारा तैयार किए जा रहबुके के लिए लागू नही किया जा रहा है।

र्कोई डीटीएच आपरेटर स्वतंत्र टेलीविजन (पूर्व में रिलायंस बिग टीवी) किसी प्रकार पुराने विनियामक ढांचे के पैकेज फ्रीडम प्लॉन की किस प्रकार पेशकश कर रहा है?

यह कथन उचित नहीं है। मैसर्स इंडीपेंडेंट टीवी ने सूचित किया है कि पूर्व में पेशकश किए गए फ्रीडमप्लॉन (1999/- रुपए) को पहले ही वापस ले लिया गया हैऔर अपने चैनल भागीदारों को ऐसे प्लॉन को विक्रय/संवर्धन से बचने के लिए तैयार किया है। मैसर्स इंडीपेंडेंट टीवी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के अनुसार अब सब्सक्राइबरों के लिए ऐसा कोई पैक उपलब्ध नहीं है।

क्या किसी घर में अतिरिक्त टेलीविजन कनेक्शन महंगा हो जाएगा?

किसी एड्रेसेबल प्रणाली में, प्रत्येक कनेक्शन की गणना की जाती है और सेट टॉप बॉक्सों की संख्या के अनुसार पे-चैनलों का भुगतान किया जाता है। यह एक मोबाइल कनेक्शन के समान है जिसमें परिवार में प्रत्येक सब्सक्राइबर एक अलग सिम कार्ड लेता है और प्रत्येक सिम में अलग-अलग प्लॉन और मूल्यवर्धित सेवाएं हो सकती हैं। किसी डिजिटल एड्रेसेबल प्रणाली में भी एक समान भेद लागू किया जाता है। तथापि, कोई वितरक अपने स्वयं के व्यापारिक मामले के आधार पर दूसरे या बाद के कनेक्शन के लिए नेटवर्क क्षमता शुल्क हेतु कम प्रभारों की पेशकश कर सकता है।

नए नियमों में सेट टॉप बॉक्स के संबंध में अंतःक्रियाशीलता को अधिदेशित क्यों नहीं किया गया?

किसी सेवा प्रदाता द्वारा उपलब्ध कराया गया एसटीबी सेवा प्रदाता द्वारा तैनात किए गए कंडीशनल एक्सेस सिस्टम (सीएएस) के साथ जोड़ कर प्रदान किया जाता है। अधिकांश सीएएस प्रणालियां विदेशी कम्पनियों द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं चूंकि भारतीय सीएएस हाल ही में विकसित किया गया है और इसकी संस्थापना तेजी से बढ़ रही है। उपभोक्ता परिसर उपकरण की अंतःक्रियाशीलता एक जटिल मुद्दा है जिसमें विषयवस्तु की संभावित चोरी का मुद्दा शामिल है। इसमें प्राथमिक रूप से तकनीकी तटस्थता, नवाचार, लचीलापन और उपभोक्ता परिसर उपकरण की कम लागत आदि विविध अपेक्षाओं पर खरा उतरने की आवश्यकता है।

बाजार में उपलब्ध उपभोक्ता परिसर उपकरण में पृथक संपीड़न तकनीकों, कोडिंग तकनीकों, एन्क्रिप्शन प्रणालियों, मिडलवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है। ये तकनीकी विकल्प इसे अद्वितीय बनाते हैं तथा तकनीकी अंतःक्रियाशीलता को जटिल बनाते हैं। इसके अलावा, प्रसारण नेटवर्को का स्वरूप केवल एकतरफा होता है इसलिए टेलीविजन चैनलों के सिग्नल की चोरी की संभावना होती हैं। क्योंकि सिग्नल की चोरी का पता लगाना अपेक्षाकृत अधिक कठिन होता है। सिग्नल की चोरी से प्रसारकों के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और हिस्सेदारी अधिक होती है। तथापि, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण, एक स्वीकार्य और कार्यान्वयन योग्य समाधान खोजने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

क्या गुणवत्ता नियंत्रण के बिना ही उपभोक्ता परिसर उपकरण प्रदान किए जाते हैं?

एमएसओ द्वारा प्रदान किए गए सेट टॉप बॉक्स को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा निर्धारित संगत भारतीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए।

क्या यह सत्य है कि उपभोक्ताओं को केवल प्री-पेड आधार पर भुगतान विकल्प प्रदान किया जाना होता है?

विनियम, सेवा प्रदाताओं को लचीलापन प्रदान करता है। वितरक, अपने स्वयं के व्यापार मॉडल के अनुसार प्रीपेड या पोस्ट पेड या दोनों पद्धतियों को अपना सकते हैं।

दूरदर्शन की फ्री डिश पर पे-चैनल को निशुल्क चैनलों के रूप में दर्शाया जाता है, तो यह केबल नेटवर्क पर निशुल्क क्यों नहीं हो सकते है?

विनियमों के अनुसार, एड्रेसेबल प्रणाली के भीतर किसी भी प्रसारक को चैनलों के स्वरूप को या तो भुगतान चैनल अथवा फ्री टू एयर चैनल के रूप में घोषित करना होता है। इसलिए, सभी एड्रेसेबल प्लेटफॉर्मों पर चैनल का स्वरूप समान होना चाहिए। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण, इस मामले से अवगत है और इस संबंध में संबंधित पक्षों के साथ पत्राचार कर रहा है।

क्या अनेक सेवा प्रदाताओं के साथ करार करना मुश्किल है?

पुराने विनियमों में समझौता करना मुश्किल था क्योंकि हितधारकों के बीच बातचीत लंबे समय तक चलती रहती थी, नए विनियमों में, प्रसारक और एमएसओ दोनों के आरआईओ को अंतर्संयोजन करार को निष्पादित करने के लिए आधार दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए, नए ढांचे में समझौता करना बहुत आसान हैं।

जहां तक एमआईए/एसआईए का संबंध है, इसके लिए पहले से उपबंधित प्रारूप में बहुत अधिक फेरबदल नहीं किया गया है।

क्या डीपीओ अधिकतम खुदरा मूल्य पर छूट दे सकते हैं?

जी हां, डीपीओ (एमएसओ, डीटीएच ऑपरेटरों और अन्य) अधिकतम खुदरा मूल्य पर और अधिक छूट देकर वितरक खुदरा मूल्य घोषित कर सकते हैं।

ख. नए ढांचे के बारे में सामान्य बोध

विनियामक रूपरेखा की संरचना के बारे में बताएं?

विनियामक रूपरेखा में निम्नलिखित शामिल हैं:

क) 30 मार्च, 2017 को यथा संशोधित, 03 मार्च, 2017 का दूरसंचार (प्रसारण एवं केबल) सेवाएं (आठवां) (एड्रेसेबल प्रणालियां ) प्रशुल्क आदेश, 2017 [प्रशुल्क आदेश 2017]; ख) 3 मार्च, 2017 का दूरसंचार (प्रसारण एवं केबल) केबल सेवाएं अंतर्संयोजन (एड्रेसेबल प्रणालियां) विनियम, 2017(अंतसँयोजन विनियम 2017); ग) 3 मार्च, 2017 का सेवा की गुणवत्ता के दूरसंचार (प्रसारण एवं केबल) सेवा मानक और उपभोक्ता संरक्षण (एड्रेसेबल प्रणालियां) विनयम, 2017 (सेवा की गुणवत्ता विनियम 2017)

इस विनियामक रूपरेखा को निर्धारित करने के पीछे क्या कारण थे?

केबल टीवी के क्षेत्र में डिजिटलीकरण का शुभारंभ 2012 में हुआ था और यह काम मार्च, 2017 के अंत तक पूरा हो गया था। डिजिटलीकरण का मकसद पारदर्शिता लाना और उपभोक्ताओं को वास्तविक विकल्प मुहैया कराना था। डिजिटलीकरण के कारण विनियम की विस्तार से समीक्षा करना अपेक्षित हो गया था। यह समीक्षा कई दौर की परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से पूरी की गई थी। भादूविप्रा ने 03 मार्च, 2017 को अंतर्संयोजन और सेवा की गुणवत्ता के लिए टीटीओ और विनियम अधिसूचित किए थे।

क्या नई विनियामक रूपरेखा के कार्यान्वयन के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित की गई है?

हालांकि, भादूविप्रा द्वारा नई विनियामक रूपरेखा 3 मार्च, 2017 को अधिसूचित की गई थी, परंतु भादूविप्रा ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से 03.07.2018 को इसके कार्यान्वयन की अधिसूचना जारी की थी। उपभोक्ताओं के लिए इसे जनवरी, 2019 से कार्यान्वित किए जाने की संभावना है। सेवा प्रदाताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण गतिविधियां और समय-सीमाएं नीचे दी गई हैं।

I. दूरसंचार (प्रसारण और केबल) सेवाएं (आठवां) (एड्रेसेबल प्रणालियां) प्रशुल्क आदेश, 2017: प्रसारकों द्वारा 60 दिनों के भीतर एमआरपी और चैनलों के प्रकार की घोषणा करना; वितरकों द्वारा 180 दिनों के भीतर नेटवर्क क्षमता खुदरा मूल्य (डीआरपी) की घोषणा किया जाना; प्रसारकों द्वारा 120 दिनों के भीतर रिपोर्टिंग किया जाना।

II. दूरसंचार (प्रसारण एवं केबल) अंतर्संयोजन (एड्रेसेबल प्रणालियां) विनियम 2017: प्रसारकों द्वारा 60 दिनों के भीतर संदर्भ इंटरकनेक्ट प्रस्ताव (आरआईओ) का प्रकाशन किया जाना; वितरकों द्वारा 60 दिनों के भीतर संदर्भ इंटरकनेक्ट प्रस्ताव (आरआईओ) प्रकाशन, 150 दिनों के भीतर अंतर्संयोजन समझौतों पर हस्ताक्षर किया जाना;

III. सेवा की गुणवत्ता के दूरसंचार (प्रसारण एवं केबल) सेवा मानक और उपभोक्ता संरक्षण (एड्रेसेबल प्रणालियां) विनियम, 2017: उपभोक्ताओं द्वारा 180 दिनों के भीतर नई रूपरेखा में शामिल होना; 120 दिनों के अंदर उपभोक्ता सेवा केन्द्र, उपभोक्ता देखभाल केन्द्र स्थापित करना और कार्यपद्धति पुस्तिका का प्रकाशन किया जाना।

इन विनियमों के अंतर्गत विभिन्न हितधारकों के लिए क्या-क्या लाभ हैं?

कुछ मुख्य लाभ निम्नानुसार हैं:

क. प्रसारकों के लिए लाभः

  • 2004 के बाद से पहली बार, ‘फुल प्राइस फॉरबीयरेंस' के साथ प्रसारक अपने चैनलों के मास्टर बन गए हैं। प्रसारक अब उपभोक्ताओं के लिए पे चैनलों का अधिकतम खुदरा मूल्य तय कर सकते हैं। प्रसारकों द्वारा थोक बिक्री मूल्य पर वितरकों को चैनल देने और वितरकों द्वारा उपभोक्ता को खुदरा मूल्य पर बेचने की अवधारणा को समाप्त कर दिया गया है।
  • सभी मूल्य सीमाएं, जो एनॉलाग मोड में वर्ष 2004 से प्रचालन में है और प्रसारकों द्वारा एड्रेसेबल प्रणाली में फ्रोजन एनॉलाग दरों को आधार मानकर चैनलों की निर्धारित दर किए जाने को समाप्त कर दिया गया है। प्रसारक ‘फुल प्राइस फॉरबीयरेंस के तहत उपभोक्ता हेतु चैनल का मूल्य और एमआरपी निर्धारित सकते हैं।
  • प्रसारकों को उपभोक्ताओं के लिए चैनलों के बुके प्रस्तुत करने और उनकी एमआरपी तय करने का लचीलापन मुहैया कराया गया है।
  • प्रसारकों द्वारा उपभोक्ताओं को प्रस्तुत किए गए बुके, वितरकों द्वारा उपभोक्ताओं को बुके की संरचना में कोई बदलाव किए बिना मुहैया कराए जाएंगे।
  • सभी प्रकार के प्लेटफार्म के लिए मस्ट कैरी के प्रावधान वाले चैनल निर्दिष्ट किए गए हैं, जिससे किसी प्रसारक के लिए प्रवेश संबंधी बाधा को दूर किया गया है। सभी वितरकों द्वारा कैरिज शुल्क का विवरण देते हुए आरआईओ प्रकाशित करना अपेक्षित है। चैनल कैरेज शुल्क का पारदर्शी और स्लैब-वार मूल्य निर्धारण अनिवार्य है जिससे वे प्रसारक लाभान्वित हो सकते हैं जो जिनका सब्सक्रिप्शन अधिक है।
  • इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (ईपीजी) का अनिवार्य प्रावधान किया गया है ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी तरीके से सभी चैनल उपलब्ध रहें।
  • इस क्षेत्र में सुगम राजस्व प्रवाह सुनिश्चित करना जिससे कि विवादों को कम किया जा सके, वितरकों का तीसरे पक्ष द्वारा अनिवार्य और पारदर्शी लेखापरीक्षा का प्रावधान करना ताकि उपभोक्ता संख्या की वास्तविक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जा सके।
  • स्वचालित प्रणाली द्वारा जनरेट की गई उपभोक्ता रिपोर्ट वितरकों द्वारा सभी प्रसारकों को उपलब्ध कराना जिससे कि इसके लिए बेहतर पारदर्शिता मुहैया कराई जा सकें।

ख. वितरकों को होने वाले लाभ

  • प्रसारकों के लिए मापयोग्य मापदंडों के आधार पर छूट (यदि कोई हो) सहित पारदर्शी और निष्पक्ष शर्तों सहित आरआईओ प्रकाशित करना अनिवार्य है। इससे वितरक पारदर्शी आधार पर निष्पक्ष रूप से व्यापार करने में समर्थ बनेंगे और विवादों का दायरा कम होगा।
  • प्रसारकों को केवल आरआईओ के आधार पर वितरकों के साथ समझौता करना होगा। आरआईओ को अप्रभावी बनाने के लिए किसी परस्पर वार्ता की अनुमति नहीं है।
  • वितरकों को अधिकार दिए गए हैं जैसे वे अब किसी भी प्रसारक द्वारा प्रकाशित आरआईओ पर हस्ताक्षर कर सकते हैं और भेज सकते हैं और इसे बाध्यकारी समझौता माना जाएगा।
  • वितरकों द्वारा सब्सक्रिप्शन रिपोर्ट के लिए मानक प्ररूप और लेखापरीक्षा प्रणाली मुहैया कराई गई है।
  • नेटवर्क क्षमता शुल्क के रूप में वितरकों के लिए राजस्व का स्वतंत्र स्रोत है, ताकि वे अपने नेटवर्क और सेवाओं को बेहतर बना सके।
  • यह नोट करना उचित है कि चैनल और नेटवर्क की लागत को 2017 की व्यवस्था में एक दूसरे से अलग किया गया है।

ग. उपभोक्ताओं को होने वाले लाभ

  • उपभोक्ता जो चैनल देखना चाहता है, उसके लिए वास्तविक निर्णय निर्धारक बन सकता है और उसे अपनी पसंद के चैनल देखने और केवल उसके लिए भुगतान करने की पूर्ण आजादी है। यह अनिवार्य है कि सभी चैनल अ-ला-कार्ट आधार पर पेशकश किए जाएं और एमआरपी घोषित की जाए। इसी तरह से बुके की एमआरपी भी प्रकाशित करनी होगी।
  • वितरकों को ऐसे चैनलों को छोड़ने की आजादी दी गई है जो यथोचित सब्सक्रिप्शन की अनुमति नहीं देते हैं जिससे कि उपभोक्ता की पसंद के अधिक चैनल को कैरिज करने की क्षमता बढ़ सके।
  • उपभोक्ता को एफटीए चैनल के लिए कोई सब्सक्रिप्शन शुल्क अदा करने की जरूरत नहीं है बशर्ते कि वह इसे सब्सक्राइब करता है।
  • सेवा प्रदाता के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड में चैनल के मूल्य के संबंध में पूरी जानकारी प्रदान करने को अनिवार्य किया गया है।
  • उपभोक्ता प्रस्तुत उत्पाद के बारे में स्पष्टता चाहता है और वह चाहता है कि इसे बेहतर ढ़ग से प्रस्तुतिकरण के माध्यम से कुछ छिपाया नहीं गया हो। यह अनिवार्य है कि एफटीए चैनलों को बुके में पे चैनलों को आमेलित नहीं जा सकता। इसके अतिरिक्त, एचडी चैनलों को उसी चैनल के एसडी संस्करण के साथ नहीं मिलाया जा सकता ताकि उपभोक्ता को पेशकश के बारे में पूरी स्पष्टता हो।

पे चैनल क्या हैं?

पे चैनल ऐसे चैनल हैं जो प्रसारकों द्वारा इस रूप में घोषित किए गए हैं और जिनके लिए अधिकतम खुदरा मूल्य का अंश टेलीविजन चैनलों के वितरक द्वारा प्रसारक को भुगतान किया जाएगा और जिसके लिए ऐसे चैनल उपभोक्ता को वितरित करने के लिए प्रसारक से यथोचित प्राधिकार प्राप्त करना होगा।

चैनल की एमआरपी क्या है? क्या यह सभी वितरण प्लेटफार्म के लिए एकसमान है?

इस विनियमों के उद्देश्य के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य' या 'एमआरपी' का अर्थ उस अधिकतम मूल्य से है जिसमें अ-ला-कार्ट पे चैनल या पे चैनलों के बुके, जैसा भी मामला हो, के लिए उपभोक्ता द्वारा देय कर शामिल नहीं है।

प्रसारकों द्वारा घोषित एमआरपी प्रत्येक वितरण प्लेटफार्म के लिए एकसमान होगी ।

नेटवर्क क्षमता शुल्क क्या है?

नेटवर्क क्षमता शुल्क का अर्थ, कर शामिल नहीं, एक ऐसी राशि से है जिसमें उपभोक्ता द्वारा सब्सक्राइब किए गए टीवी चैनलों के वितरण के लिए, टेलीविजन चैनलों के वितरक को उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए जाने वाला हैं, और इसमें पे चैनल या पे चैनल के बुके, जैसा भी मामला हो, का सब्सक्रिप्शन शुल्क शामिल नहीं है। यह सेवा के लिए एक प्रकार का मासिक नियत प्रभार है। भादूविप्रा ने उपभोक्ता को 100 चैनल मुहैया कराने के लिए वितरक के नेटवर्क क्षमता का उपयोग करने हेतु 130 रुपये प्रतिमाह की उच्चतम सीमा निर्धारित की गई है।

फ्री टू एयर चैनल क्या हैं? क्या हमें केवल एफटीए चैनलों को सब्सक्राइब करने के लिए भुगतान करना होगा?

फ्री टू एयर टेलीविजन चैनलों का आशय ऐसे चैनलों से है जो प्रसारक द्वारा इस रूप में घोषित किए गए हैं तथा जिनके लिए वितरकों द्वारा प्रसारकों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है; उपभोक्ताओं द्वारा एफटीए चैनलों के लिए वितरकों को प्रभार नहीं देना होगा।

ग. प्रसारकों के लिए

इन विनियमों के तहत प्रसारक के क्या-क्या दायित्व हैं?

विवादित प्रशुल्क आदेश, 2017 और विवादित अंतसँयोजन विनियम, 2017 के अंतर्गत प्रसारकों के कुछ महत्वपूर्ण दायित्व

टीवी चैनल (पे या एफटीए) के प्रकार और पे चैनल की एमआरपी की घोषणा करना।

60 दिनों के भीतर

पे चैनलों के लिए प्रसारक द्वारा संदर्भ इंटरनकेक्शन प्रस्ताव (आरआईओ) का प्रकाशन किया जाना

60 दिनों के भीतर

प्रसारकों द्वारा रिपोर्टिंग किया जाना

120 दिनों के भीतर

अंतर्संयोजन समझौतों पर हस्ताक्षर करना

150 दिनों के भीतर

 

प्रसारकों को अनुपालन संबंधी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रशुल्क आदेश और विनियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ने और समझने की सलाह दी जाती है।

घ. वितरकों के लिए

इन विनियमों के तहत वितरकों के क्या-क्या दायित्व हैं?

विवादित प्रशुल्क आदेश 2017 और विवादित अंतर्संयोजन विनियम 2017 और विवादित सेवा की गुणवत्ता विनियम 2017 के तहत वितरकों (डीटीएच, एमएसओ आदि) के कुछ महत्वपूर्ण दायित्व:-

विवरण

समय-सीमा

वितरकों (डीटीएच, एमएसओ आदि) द्वारा संदर्भ अंतर्संयोजन प्रस्ताव (आरआईओ) का प्रकाशन किया जाना।

 

60 दिनों के भीतर

वितरकों (डीटीएच, एमएसओ) द्वारा ग्राहक सेवा केन्द्र, वेबसाइट, उपभोक्ता सेवा चैनल और कार्यपद्धति पुस्तिका का प्रावधान किया जाना।

120 दिनों के भीतर

सेवा प्रदाताओं द्वारा अंतर्संयोजन समझौतों पर हस्ताक्षर करना।

150 दिनों के भीतर

वितरकों (डीटीएच, एमएसओ आदि) द्वारा पे चैनलों| के लिए नेटवर्क क्षमता शुल्क और वितरक खुदरा मूल्य (डीआरपी) की घोषणा किया जाना।

180 दिनों के भीतर

नई रूपरेखा के अनुपालन में उपभोक्ताओं को चैनल/ बुके ऑफर करना।

180 दिनों के भीतर

 

वितरकों को अनुपालन संबंधी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रशुल्क आदेश और विनियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ने और समझने की सलाह दी जाती है।

क्या वितरक निर्धारित 130 रुपये की अधिकतम सीमा पर कोई छूट दे सकता है?

नई रूपरेखा के तहत नेटवर्क क्षमता शुल्क के लिए उच्चतम सीमा 130 रुपये प्रतिमाह रखी गई है। वितरक इस राशि से कम राशि ले सकते हैं।

टार्गेट (लक्ष्य) बाजार क्या है?

लक्ष्य बाजार वितरण नेटवर्क के कवरेज क्षेत्र के भीतर कोई भी क्षेत्र है। वितरक को लक्ष्य बाजार घोषित करना और इसे अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करना अपेक्षित है, जैसा कि अंतर्संयोजन विनियम 2017 के विनियम 4(4) में अपेक्षा की गई है।

क्या डीपीओ को यथा अनुपात आधार पर अतिरिक्त चैनल उपलब्ध कराने होंगे?

प्रशुल्क आदेश में यह उपबंध है कि प्रारंभिक 100 एसडी चैनलों की नेटवर्क क्षमता के लिए प्रतिमाह नेटवर्क क्षमता शुल्क 130/- रुपए से अधिक नहीं होगा (कर रहित)। इसके अलावा, प्रारंभिक 100 चैनलों के पश्चात् नेटवर्क क्षमता शुल्क 25 एसडी चैनलों के स्लैब में प्रतिमाह 20/रुपए (कर रहित) से अधिक नहीं होगा। वैसे भी, यथा अनुपात आधार पर अतिरिक्त चैनल उपलब्ध कराना अधिदेशित नहीं है।

डं. एल0 सी0 ओ0 के लिए

यदि आपसी बातचीत के लिए एमएसओ को आमंत्रित नहीं किया जाए तो उस स्थिति में क्या किया जाना चाहिए?

एलसीओ को एमआईए के ‘भूमिका और उत्तरदायित्व' खंड में उत्तरदायित्व के विकल्प का चयन करके अंतर्सयोजन अनुरोध प्रारंभ करना चाहिए तथा इसे एमएसओ को भेजना चाहिए।

यदि एमएसओ के साथ बातचीत लाभप्रद साबित नहीं होती है तो उस स्थिति में क्या होगा? हम उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान करना किस प्रकार जारी रख सकते हैं?

एलसीओ डिजिटल एड्रेसेबल केबल प्रणाली की वैल्यू- चेन में महत्वपूर्ण हितधारक हैं। विनियम, आदर्श अंर्तसंयोजन करार के संदर्भ में उत्तरदायित्व तथा राजस्व सहभागिता के आधार पर आपसी बातचीत के माध्यम से व्यापार करने हेतु पक्षों को पर्याप्त लचीलापन तथा पर्याप्त स्वतंत्रता मुहैया करवाता है। तथापि, उपभोक्ताओं तथा सेवा प्रदाताओं के हितों की रक्षा करने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए सेवा प्रदाताओं के बीच विवाद के कारण सिग्नल बाधित नहीं हों,  भादूविप्रा ने केवल ऐसे मामलों में जहां आपसी बातचीत असफल हो जाए, डीपीओ तथा एलसीओ के बीच फॉल बैक व्यवस्था विहित की है।

क्या किसी पे-टेलीविजन चैनल के विज्ञापन राजस्व को डीपीओ/ एलसीओ के साथ साझा किया जा सकता है?

पे–प्रसारकों को अन्य व्यय सहित निर्माण की कुल लागत तथा विज्ञापन सहित कुल राजस्व के माध्यमों को विचार में रखते हुए अपने चैनलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (कर रहित) घोषित किए जाने हेतु अधिदेशित किया गया है। यह आशा की जाती है कि बाजार द्वारा निर्धारित किए जाने वाला अधिकतम खुदरा मूल्य, विज्ञापन राजस्व को विनियमित करेगा तथा इनमें अत्यधिक गिरावट होगी जिससे उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचेगा।

क्या कैरिज तथा प्लेसमेंट प्रभारों को एमएसओ तथा एलसीओ द्वारा साझा किया जाएगा? नए ढ़ांचे ने प्लेसमेंट शुल्क न्यायसंगत ठहराए जाने संबंधी प्रसारकों की चिंताओं का प्रभावी रूप से समाधान किया है। वैसे भी किसी भी प्रसारक द्वारा डीपीओ को प्लेसमेंट शुल्क का भुगतान किया जाना अप्रत्याशित है।

इस ढ़ांचे ने कैरिज शुल्क की अधिकतम सीमा विहित की है और यह अनेक मामलों में लागू नहीं होगी। माह- दर -माह आधार पर भिन्न होने के कारण इस पर राजस्व सहभागिता हेतु विचार नहीं किया गया है।

संस्थापना/ सक्रियण प्रभारों पर राजस्व सहभागिता हेतु क्या व्यवस्था है?

एसटीबी की संस्थापना तथा कनेक्शन को सक्रिय बनाए जाने के उत्तरदायित्व पर एमआईए के उपबंधों के भीतर सभी पक्षों द्वारा आपस में सहमति होनी चहिए तथा तदनुसार उत्तरदायित्व को उनके द्वारा साझा किया जाना चाहिए। ‘फॉल बैक' व्यवस्था (एसएआईं के माध्यम से) के मामले में, एमएसओ एसटीबी की संस्थापना के लिए उत्तरदायित्व है, जबकि एलसीओ कनेक्शन को सक्रिय बनाने के लिए उत्तरदायित्व है और तदनुसार, संबंधित प्रभार संबंधित पक्षों को चले जाएंगे।

क्या पे-चेनलों की दरें शहरों/ कस्बों के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकती हैं?

प्रसारक द्वारा घोषित किए गए किन्ही पे-चेनलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी), देशभर तथा सभी प्लेटफार्मों पर एक समान रहेंगे। तथापि, एमएसओ पे-चेनलों के अपने डिस्ट्रीब्यूटर खुदरा मूल्य (डीआरपी) निर्धारित करने हेतु स्वतंत्र हैं साथ ही वे अलग-अलग लक्षित बाजारों के लिए पृथक मूल्य भी निर्धारित कर सकते हैं। तथापि, डीआरपी, अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक नहीं हो सकते हैं।

अधिकतम खुदरा मूल्य प्रणाली का लाभ किसे प्राप्त होगा?

अधिकतम खुदरा मूल्य प्रणाली सभी हितधारकों के लिए लाभप्रद होगी चूंकि यह पारदर्शी है तथा अंतिम उपभोक्ता यह जानता है कि चैनल का वास्तविक मूल्य क्या है। उपभोक्ता को यह तुलना करने का पूर्ण अवसर प्राप्त होगा कि क्या दिए जाने वाले मूल्य पर कोई चैनल देखने लायक है। कि नहीं।

क्या नया विनियामक ढांचा प्री-पेड मॉडल को अधिदेशित करता है?

एमएसओ तथा एलसीओ स्वतंत्र कंपनियां हैं। तदनुसार, उन्हें उस मॉडल का चयन करने की स्वतंत्रता प्रदान की गई है जिसमें वह प्रचालन करना चाहते हैं। विगत में, पोस्ट- पेड मॉडल में यह पाया गया कि एलसीओ द्वारा बड़े पैमाने पर देयताएं दर्शायी जाती थीं जो उनके द्वारा एमएसओ से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करने में बाधक होती थी। तदनुसार, ऐसा उपबंध किया गया है ताकि भविष्य में कोई विवाद पैदा नहीं हो। एतद्द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि किसी भी डीपीओ, किसी भी मौजूदा एलसीओ को उनकी इच्छा के विरूद्ध बिना पर्याप्त समय दिए पोस्ट- पेड प्रणाली से प्री- प्रेड प्रणाली में अंतरण करने हेतु बाध्य नहीं करेगा।

क्या एलसीओ की राजस्व हिस्सेदारी कम हो जाएगी?

नए ढांचे के अंतर्गत नेटवर्क क्षमता शुल्क के तहत एमएसओ और एलसीओ के लिए सुनिश्चित राजस्व संरचना का उपबंध है। इसके अलावा, एलसीओ के पास एमआईए के तहत प्रदान की गई संरचना के अनुसार एमएसओ के साथ अपने राजस्व भागीदारी पर बातचीत करने हेतु लचीलापन है। नया ढांचा एमआईए/एसआईए आधारित प्रणाली के तहत प्रचलित बाजार संरचना में बदलाव नहीं करता है जो मार्च 2016 से मौजूद है। अंतर्निहित मानक अंतसँयोजन करार (एसआईए) एलसीओ के जोखिम को कम करता है जो विलम्ब/असफल बातचीत से उत्पन्न हो सकता है। पिछली प्रणाली में (एमआईए / एसआईए आधारित संरचना से पूर्व) इस प्रकार की बातचीत में विलम्ब/ बातचीत के असफल होने के परिणामस्वरूप ब्लैक-आउट हो सकता है। तथापि, एसआईए प्रणाली के तहत एक फॉल बैक तंत्र की उपलब्धता से ब्लैक-आउट या सिग्नलों को बंद किए जाने की किसी घटना से एलसीओ/उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा होती है।

यदि दोनों प्रणालियों के बीच तुलना की जाती है, तो नई प्रणाली न्यायसंगत राजस्व सहभागिता उपलब्ध कराती है। यह ध्यान देने योग्य है कि सब्सक्राइबर द्वारा सब्सक्राइब किए गए चैनलों की कुल संख्या के आधार पर नेटवर्क क्षमता शुल्क लागू होता है, इसलिए सब्सक्राइबर 100चैनलों से अधिक चैनलों की संख्या का चयन करता है तो नेटवर्क क्षमता शुल्क बढ़ जाता है। इसके अलावा, एलसीओ को संवितरण शुल्क के रूप में पे-चैनल की दरों में हिस्सा मिलता है जो अधिकतम खुदरा मूल्य का 20 प्रतिशत होता है। जिसे एमएसओ के साथ साझा किया जाता है।

क्या एलसीओ के स्वयं का एमएसओ बनने की संभावना और अधिक कम हो गई है?

समय के साथ हेड-एंड की कीमतें काफी नीचे आ गई हैं। किसी एड्रेसेबल प्रणाली में सेवा प्रदाताओं के बीच करार को सुग्राही बनाने के लिए विनियम में एड्रेसेबिलिटी की शक्ति का उपयोग किया जाता है। पारदर्शी व्यवहार सुनिश्चित कर प्रसारकों द्वारा डीपीओ को टेलीविजन चैनलों की उपलब्धता को सरल बनाया गया है ताकि समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकें। इसलिए, नया ढांचा ऐसे एलसीओ या एलसीओ के समूह को लाभान्वित करेगा जो एमएसओ बनने के लिए अपग्रेड करना चाहते हैं।

एलसीओ को प्राप्त लचीलेपन में और अधिक कमी हो जाएगी?

नए विनियम में मौजूद उपबंध एलसीओ को बहुत अधिक लचीलापन प्रदान करते हैं। एलसीओ, बिल तैयार कर सकते हैं, विपणन कर सकते हैं, एमएसओ को पे-चैनलों तथा फ्री टू एयर, दोनों का बुके तैयार करने में मदद कर सकते हैं और स्वयं के एमएसओ भी बन सकते हैं। इसलिए, नए ढांचे में एलसीओ के लचीलेपन में वृद्धि हो गई है। 46. क्या एमआईए/ एसआईए के उपबंधों में संशोधन किए जा रहे हैं?

नए और पहले मौजूदा ढांचे के तहत एमआईए और एसआईए संबंधी उपबंध समान हैं। चूंकि नए विनियामक ढांचे ने प्रशुल्क संरचना में कुछ बदलाव लाए हैं जैसे नेटवर्क क्षमता शुल्क, अधिकतम खुदरा मूल्य इत्यादि, और इन्हें विधिवत रूप से शामिल किया गया है। पिछले और नए ढांचे में एमआईए और एसआईए की बुनियादी शर्ते समान हैं।

क्या यह सत्य है कि सेट टॉप बॉक्स योजनाओं, स्वामित्व, मरम्मत और इसकी देयताओं के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है?

सेवा की गुणवत्ता विनियम, 2017 में एसटीबी के स्वामित्व के संबंध में स्थिति को स्पष्ट कर दिया गया है। यह ढांचा पूरी तरह से सीधी खरीद योजना, किराये की योजना और तत्संबंधी संयोजन का उपबंध करता है। टेलीविजन चैनलों के वितरक अथवा उसके संबद्ध स्थानीय केबल ऑपरेटरों, जैसा भी मामला हो, गारंटी/वारंटी अवधि के साथ उपभोक्ता परिसर उपकरण के खुदरा मूल्य को विनिर्दिष्ट करने का निदेश दिया गया है। ढांचे में सीधी खरीद योजना के तहत उपभोक्ता परिसर उपकरण पर कम से कम एक वर्ष की गारंटी/वारंटी विनिर्धारित करता है। ऐसे उपभोक्ता परिसर उपकरण का स्वामी उपभोक्ता होगा।

वितरक या केबल ऑपरेटर किराये की योजना या बंडल योजना के तहत सेट टॉप बॉक्स का रखरखाव रखने करने के लिए उत्तरदायी होगा। एमएसओ/एलसीओ को एसटीबी को कम से कम 3 वर्ष की अवधि के लिए बेहतर चालू स्थिति में बनाए रखना होगा। 48. क्या एलसीओ को एमएसओ से समझौते की हस्ताक्षरित प्रति नहीं प्राप्त होती है? विनियम में स्पष्ट रूप से उपबंध है कि एमएसओ द्वारा एलसीओ को अंतर्सयोजन करार की प्रति प्रदान करनी चाहिए और समझौते के निष्पादन की तिथि से 15 दिनों के भीतर इसकी पावती प्राप्त करनी चाहिए। यदि एलसीओ को निर्धारित समय के भीतर एमएसओ से समझौते की प्रति प्राप्त नहीं होती है तो उसे एमएसओ से इसकी मांग करनी चाहिए।

च. उपभोक्ताओं के लिए

मैं केवल 10 पे चैनल सब्सक्राइब करना चाहता/चाहती हूं। क्या मुझे पे चैनलों के मूल्य के अलावा, नेटवर्क क्षमता शुल्क का भी भुगतान करना होगा?

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, नेटवर्क क्षमता शुल्क के अलावा, आपको प्रसारक द्वारा घोषित एमआरपी के अनुसार पे-चैनल के लिए प्रभारों का भुगतान करना होगा। तथापि, टेलीविजन चैनलों के वितरकों को प्रसारकों द्वारा घोषित पे चैनलों के एमआरपी पर छूट देकर अपने उपभोक्ताओं के लिए अ-ला-कार्ट पे चैनलों के वितरक खुदरा मूल्य तय करने की स्वतंत्रता है। डीआरपी किसी भी मामले में एमआरपी से अधिक नहीं हो सकता।

केबल सेवा/डीटीएच सेवा प्राप्त करने के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं?

नए कनेक्शन की प्रक्रिया निम्नानुसार है:

(1) टेलीविजन चैनलों के प्रत्येक वितरक या इसके संबद्ध स्थानीय केबल ऑपरेटर को उपभोक्ता को कनेक्शन देते समय, उसे सेवा की पूरी जानकारी देनी होगी, जिनमें असीमित रूप से अ-ला-कार्ट चैलनों या बुके का अधिकतम खुदरा मूल्य प्रतिमाह और वितरण खुदरा मूल्य प्रतिमाह, नेटवर्क क्षमता शुल्क प्रतिमाह, और ग्राहक परिसर उपकरण का मूल्य, ग्राहक परिसर उपकरण की यथा लागू प्रतिभूति जमा राशि, किराया राशि, गारंटी/वारंटी, रखरखाव के प्रावधान और स्वामित्व शामिल है।

(2) टेलीविजन चैनलों का प्रत्येक वितरक या इसका संबद्ध लोकल केबल ऑपरेटर, जैसा भी मामला हो, सेवा की गुणवत्ता विनियम, 2017 की अनुसूची 1 में यथा विनिर्दिष्ट उपभोक्ता आवेदन फार्म, जो विधिवत रूप से भरा हो, लेकर उपभोक्ता को टेलीविजन से संबंधित प्रसारण सेवाएं मुहैया कराएगा और इसकी एक प्रति उपभोक्ता को देगा।

(3) टेलीविजन चैनलों का प्रत्येक वितरक या इसका संबद्ध लोकल केबल ऑपरेटर, जैसा भी मामला हो, उपभोक्ता प्रबंधन प्रणाली के जरिये प्रत्येक उपभोक्ता को एक विशिष्ट पहचान संख्या देगा, जिसकी सूचना उपभोक्ता को उसके पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस या ई-मेल, बी-मेल, मासिक बिल या भुगतान रसीद, जो भी उचित समझा जाए जैसे संचार के साधनों के जरिये दी जाएगी।

क्या भादूविप्रा ने कोई उपभोक्ता आवदेन प्रपत्र विनिर्दिष्ट किया है?

टेलीविजन चैनलों का प्रत्येक वितरक अथवा इसका संबद्ध लोकल केबल ऑपरेटर, जैसा भी मामला हो, ऐसी सेवाओं को सक्रिय किए जाने की तिथि से उपभोक्ता द्वारा टेलीविजन से संबंधित सेवाओं के प्रसारण के लिए देय प्रभारों के भुगतान के अधीन उपभोक्ता प्रबंधन प्रणाली में ऐसे उपभोक्ता के लिए 'उपभोक्ता आवेदन प्रपत्र' के विवरण दर्ज करने के बाद ही उपभोक्ता के लिए टेलीविजन से संबंधित प्रसारण सेवाएं सक्रिय करेगा।

क्या नया कनेक्शन प्राप्त करने के लिए एकमुश्त भुगतान किया जाना होता है?

टेलीविजन चैनलों का वितरक अथवा उसके संबद्ध सानीय केबल अपरेटर, जैसा भी मामला हो, टेलीविजन से संबंधित प्रसारण सेवाएं प्रदान करने के लिए नए कनेक्शन की संस्थापना के लिए एकमुश्त संस्थापना शुल्क के रूप में तीन सौ पचास रुपये से अनधिक की राशि प्रभारित कर सकता है।

टेलीविजन चैनलों का वितरक अथवा उसके संबद्ध सीनीय केबल अपरेटर, जैसा भी मामला हो, टेलीविजन से संबंधित प्रसारण सेवाओं को सक्रिय करने के लिए एकमुश्त सक्रियण शुल्क के रूप में एक सौ रुपये से अनधिक की राशि प्रभारित कर सकता है।

डीटीएच ऑपरेटरों / केबल ऑपरेटरों को सीपीई के लिए हमें कितना भुगतान करना होगा?

प्रत्येक वितरक या उसके संबद्ध स्थानीय केबल ऑपरेटर प्रत्येक सब्सक्राइबर को सेट टॉप बॉक्स उपलब्ध कराएगा। प्रत्येक सब्सक्राइबर को अनुमति होगी कि वह खुले बाजार में उपलब्ध होने पर, अनुमोदित गुणवत्ता वाले सेट टॉप बॉक्स को खरीद सकता है, जो कि तकनीकी चैनलों के वितरक की प्रणाली के साथ तकनीकी रूप से सुसंगत हो। वितरक या उसके संबद्ध स्थानीय केबल ऑपरेटर, जैसा भी मामला हो, किसी भी सब्सक्राइबर को केवल उससे ही सेट टॉप बॉक्स किराए पर लेने या खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा।

टेलीविजन चैनलों का प्रत्येक वितरक अथवा उसके संबद्ध स्थानीय केबल ऑपरेटर, जैसा भी मामला हो, निम्नलिखित योजनाओं के तहत प्रत्येक उपभोक्ता को उपभोक्ता परिसर उपकरण प्रदान करेगाः

(i) सीधी खरीद योजना, और

(i) किराये की योजनाः

वितरकों द्वारा प्रदान किए गए सीपीई का स्वामी कौन होता है?

सीधी खरीद योजना के मामले में, टेलीविजन चैनलों का वितरक अथवा उसके संबद्ध स्थानीय केबल अश्परेटर, जैसा भी मामला हो, गारंटी / वारंटी अवधि के साथ उपभोक्ता परिसर उपकरण के खुदरा मूल्य को विनिर्दिष्ट करेगा। ऐसे उपभोक्ता परिसर उपकरणों के संबंध में गारंटी / वारंटी अवधि कम से कम एक वर्ष की होगी। उपभोक्ता, ऐसे उपभोक्ता परिसर उपकरण का स्वामी होगा।

नए विनियम के तहत निर्धारित संस्थापना शुल्क क्या है?

टेलीविजन चैनलों का वितरक अथवा उसके संबद्ध स्थानीय केबल अपरेटर, जैसा भी मामला हो, टेलीविजन से संबंधित प्रसारण सेवाएं प्रदान करने के लिए एक नए कनेक्शन की संस्थापना के लिए एकमुश्त सीपना शुल्क के रूप में तीन सौ पचास रुपये से अनधिक की राशि प्रभारित कर सकता है।

टेलीविजन चैनलों का वितरक अथवा उसके संबद्ध सीनीय केबल अपरेटर, जैसा भी मामला हो, टेलीविजन से संबंधित प्रसारण सेवाओं को सक्रिय करने के लिए एकमुश्त सक्रियण शुल्क के रूप में एक सौ रुपये से अनधिक की राशि प्रभारित कर सकता है।

सीपीई के रखरखाव की प्रक्रिया क्या है?

वितरक अथवा केबल ऑपरेटर द्वारा किराए की योजना या एसटीबी की बंडल योजना के तहत उपभोक्ता को उपलब्ध कराए गए सेट टॉप बॉक्स को बेहतर चालू स्थिति में बनाए रखने के लिए उसका रखरखाव करने के लिए उत्तरदायी है ताकि सब्सक्राइबर को कम से कम 3 साल वर्षों के लिए निर्बाध रूप से सेवाएं मुहैया करवाना सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, डीटीएच ऑपरेटर को प्रति पंजीकृत की गई शिकायत के लिए 250 रुपये से अनधिक की राशि प्रभारित करने की अनुमति होगी, जिसमें मरम्मत और रखरखाव सेवाएं प्रदान करने के लिए व्यक्ति को उपभोक्ता के परिसर का दौरा करने की आवश्यकता होती है।

टीवी चैनलों के लिए प्रसारण सेवाओं की सदस्यता योजनाओं में बदलाव के लिए क्या प्रावधान हैं?

वितरक अथवा केबल अपरेटर, उपभोक्ता की सदस्यता योजना तब तक नहीं बदलेगा जब तक कि उपभोक्ता द्वारा इसके लिए अनुरोध न किया गया हो। इसके अलावा, वितरक या केबल अपरेटर, जैसा भी मामला हो, को इस प्रकार किए गए परिवर्तन के रिकार्ड को सब्सक्राइबर से अनुरोध प्राप्त होने की तिथि से कम से कम 3 महीने के लिए रखरखाव करना चाहिए।

उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग और भुगतान के क्या विकल्प हैं?

प्रत्येक वितरक या केबल ऑपरेटर, यदि सेवाए प्री-पेड और पोस्ट-पेड के आधार पर दे रहा हो, सब्सक्राइबर के अनुरोध पर प्री-पेड से पोस्ट-24 डमें या विलोमतः बदलाव के लिए भुगतान तरीके को अगले बिलिंग चक्र से बदलेगा। इस प्रकार के भुगतान तरीके में बदलाव के लिए वितरक सब्सक्राइबर से कोई शुल्क नहीं लेगा।

सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद किए जाने संबंधी क्या प्रावधान हैं?

जी हां, उपभोक्ता को सेवाएं समाप्त करने की वांछित तिथि से कम से कम 15 दिन पहले उपभोक्ता की सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए केबल अपरेटर के अपने वितरक से अनुरोध करना चाहिए। सेवाओं को अस्थायी रूप से कम से कम 1 माह अथवा इसके गुणांक में बंद किया जाएगा।

क्या एक डीटीएच आपरेटर किसी पैकेज में चैनलों या चैनलों के बुके को बदल सकता है?

यदि चैनलों के बुके का भाग बनने वाले सभी चैनल आपरेटर के प्लेटफार्म पर उपलब्ध हों तो लकिंग अवधि अथवा अवधि जिसके लिए सब्सक्राइबर द्वारा अग्रिम भुगतान किया गया हो, के दौरान किसी उपभोक्ता के किसी भी चैनल अथवा चैनलों के बुके को बंद नहीं करना चाहिए।

यदि मेरा डीटीएच आपरेटर सब्सक्राइब किए गए चैनलों को बंद कर देता है, जिसके लिए मैंने अग्रिम भुगतान किया हो तो क्या होगा?

यदि चैनल बंद किया जा रहा हो तो, उस बुके के सब्सक्रिप्शन प्रभार में से उस चैनल के लिए छूट प्राप्त डिस्ट्रीब्यूटर खुदरा मूल्य की समतुल्य राशि कम की जानी चाहिए। डिस्ट्रीब्यूटर को बंद किए गए चैनलों के स्थान पर स्वयं किसी चैनल को प्रतिस्थापित नहीं करना चाहिए।

डीटीएच सदस्यता बंद करने के क्या प्रावधान हैं?

उपभोक्ता, वितरक को कम से कम 15 दिन पहले सेवा बंद करने के लिए अनुरोध कर सकता है। वितरक कनेक्शन को बंद करेगा और सेवाओं की निबंधन और शर्तों को पूर्ण किए जाने के अध्यधीन 7 दिनों के भीतर जमा राशि का प्रतिदाय करेगा।

क्या किसी प्रसारक/ वितरक के अनुपालन अधिकारी को उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने के लिए अधिकृत किया गया है?

जी नहीं, संबंधित विनियमों के तहत विनिर्दिष्ट अनुपालन अधिकारी निम्नवत के लिए उत्तरदायी है:

  • इन विनियमों के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता पैदा करना।
  • इन विनियमों तथा इन विनियमों के तहत प्राधिकरण द्वारा जारी इन विनियमों तथा निदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के संबंध में प्राधिकरण को जानकारी प्रदान करना।
  • यह सुनिश्चित करना कि उचित प्रक्रियाएं सीपित की गई हैं और इन नियमों के अनुपालन के लिए उनका पालन किया जा रहा है।

उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए, प्रत्येक वितरक प्रत्येक राज्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा।

अगर मेरा डीटीएच आपरेटर मुझे अ-ला-कार्ट दर पर चैनल उपलब्ध नहीं कराता है और मुझे बुके सब्सक्राइब करने के लिए बाध्य करता है, तो उस स्थिति में हम क्या कर सकते हैं?

अतसँयोजन विनियम, प्रसारकों द्वारा सभी वितरकों को अ-ला-कार्ट दरों की पेशकश करने हेतु अधिदेशित करते हैं। इसलिए, वितरकों द्वारा उपभोक्ताओं अ-ला-कार्ट आधार पर चैनल उपलब्ध कराना अपेक्षित होता है। उपभोक्ताओं की जागरूकता और अनिवार्य प्रावधानों के परिणामस्वरूप वितरक नेटवर्क पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा, विनियमों के प्रावधानों का उल्लंघन पर भादूविप्रा अधिनियम के उपबंधों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

क्या भादूविप्रा ने नए विनियमों के तहत शिकायत निवारण के लिए किन्हीं विनियमों का उपबंध किया है?

शिकायतों के निवारण के लिए, वितरक एक उपभोक्ता सेवा केन्द्र स्थापित करेगा जिसमें पर्याप्त संख्या में लाइन, तीन स्तरीय इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस प्रणाली के साथ निःशुल्क उपभोक्ता सेवा नम्बर होंगे। इसके अलावा, शिकायत निवारण के ब्योरे को अपनी वेबसाइट पर डालना होगा साथ ही एसएमएस, टीवी स्क्रश्ल, बिलों में मुद्रण आदि जैसे विभिन्न माध्यमों का भी उपयोग किया जाएगा।

उपभोक्ताओं द्वारा की गई शिकायत के निवारण के लिए विनिर्दिष्ट समय- सीमा क्या हैं?

सेवा की गुणवत्ता विनियम, 2017 के तहत उपभोक्ता की शिकायतों के समाधान के लिए समय सीमा को नीचे विनिर्दिष्ट किया गया है:

वितरक द्वारा की गई कार्रवाई का स्वरूप

समय सीमा

शिकायत पर की जाने वाली कार्यवाही

i)                    कार्यालय की समयावधि के दौरान प्राप्त शिकायतें

ii)                  कार्यालय की समयावधि के बाद प्राप्त शिकायतें

 

8 घंटे के भीतर

अगले कार्य दिवस पर

नो सिग्नल शिकायतों का समाधान

24 घंटों के भीतर

बिलिंग से संबंधित शिकायतों का समाधान

सात दिनों के भीतर

शिकायतों का समाधान (बिल से संबंधित शिकायतों के अलावा)

72 घंटों के भीतर

 

उपभोक्ताओं की शिकायत के निवारण में नोडल अधिकारी की क्या भूमिका है?

यदि कोई उपभोक्ता, उपभोक्ता सेवा केन्द्र द्वारा शिकायत के किए गए समाधान से संतुष्ट नहीं हो तो, ऐसे उपभोक्ता अपनी शिकायत के निवारण के लिए टेलीविजन चैनलों के वितरक के नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। संबंधित विनियमों के तहत विनिर्दिष्ट नोडल अधिकारी निम्नवत हेतु उत्तरदायी हैं:-

  • सब्सक्राइबर द्वारा की गई प्रत्येक शिकायत को दर्ज करे;
  • शिकायत प्राप्त होने पर विशिष्ट शिकायत संख्या का उल्लेख करते हुए शिकायत प्राप्ति की तिथि से दो दिनों के भीतर सब्सक्राइबर को एक पावती जारी करें;
  • शिकायत प्राप्त होने की तिथि से दस दिनों के भीतर सब्सक्राइबर की ऐसी शिकायतों का निवारण करें और सब्सक्राइबर की तत्संबंध में लिए गए निर्णय के बारे में सब्सक्राइबर को सूचित करें।

वितरकों / स्थानीय केबल अपरेटरों के साथ साझा की गई मेरी व्यक्तिगत जानकारी / डॉटा किस हद तक सुरक्षित है?

टेलीविजन चैनलों का वितरक अथवा उसके संबद्ध सीनीय केबल अपरेटर, जैसा भी मामला हो, अपने सब्सक्राइबरों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और इसका उपयोग विधिसम्मत प्रयोजन के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा।

उपभोक्ता 130/- रुपए प्रतिमाह की दर पर ‘बेसिक टीयर सर्विस के रूप में अपनी पसंद के 100 एसडी चैनलों का चयन कर सकते हैं। यदि किसी एलसीओ / वितरक के प्लेटफार्म पर उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त चैनल नहीं हों तो उस स्थिति में क्या होगा?

टेलीविजन चैनल का वितरक 100 एसडी चैनल की नेटवर्क क्षमता को सब्सक्राइब करने के लिए किसी सब्सक्राबर से अधिकतम 130/- (कर रहित) रुपए प्रतिमाह की दर से मासिक किराया प्रभारित करेगा। सब्सक्राबरों को डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफार्म पर उपलब्ध चैनलों में से चैनलों का चयन करने के अपने अधिकार का प्रयोग करना होगा।

क्या अ-ला–कार्ट में कोई छूट होगी?

प्रसारक, किसी उत्पाद का उत्पादन करने वाले निर्माता के समान है और टेलीविजन चैनल का वितरक एक खुदरा विक्रेता की भांति है जो उपभोक्ताओं को उत्पाद बेचता है। उत्पाद की कीमत निर्माता द्वारा तय की जाती है और खुदरा विक्रेता अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक पर उत्पाद नहीं बेच सकता है। इसलिए, प्रसारकों को अपने चैनल के अधिकतम खुदरा मूल्य घोषित करना अपेक्षित होता है। तथापि, वितरक, अधिकतम खुदरा मूल्य से कम डीआरपी घोषित करके चैनल विक्रय कर सकते हैं।

यदि मैं अपनी पसंद के केवल दो पे-चैनलों का चुनाव करता हूं, तो मुझे कितना भुगतान करना होगा?

किसी चैनल के मूल्य के दो घटक होते हैं, एक चैनल का अधिकतम खुदरा मूल्य तथा दूसरा वितरक द्वारा चैनलों के वहन हेतु नेटवर्क की लागत।

टेलीविजन चैनल का वितरक 100 एसडी चैनल की नेटवर्क क्षमता को सब्सक्राइब करने के लिए किसी सब्सक्राबर से अधिकतम 130/- (कर रहित) रुपए प्रतिमाह की दर से मासिक किराया प्रभारित कर सकता है। इसके अलावा, यदि उपभोक्ता द्वारा कोई पे-चैनल सब्सक्राइब किया गया है, तो वे उस पे-चैनल का मूल्य प्रभारित कर सकते हैं।

तथापि, प्राधिकरण ने टेलीविजन चैनलों के वितरकों को स्वतंत्रता प्रदान की है 28 कवे उनके प्रसारकों द्वारा किसी पे-चैनल के घोषित किए गए अधिकतम खुदरा मूल्य पर छूट प्रदान कर अपने उपभोक्ताओं के लिए अ-ला-कार्ट पे-चैनलों के वितरक खुदरा मूल्य को निर्धारित कर सकें।

इसलिए, सब्सक्राइबर के लिए यह बेहतर होगा कि अधिकाधिक चैनलों को चयन करे जिससे नेटवर्क क्षमता शुल्क कवर होगा।

क्या प्रसारकों / वितरकों द्वारा उपभोक्ताओं के लिए बुके की कीमत को सार्वजनिक रूप से घोषित किया जाएगा?

प्रसारकों को अपने पे-चैनलों के अधिकतम खुदरा मूल्य और स्वरूप के साथ-साथ पे-चैनलों के बुके के संबंध में घोषणा करनी होगी (खंड 3)। अ-ला-कार्ट चैनलों और चैनलों के बुके के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य, सभी वितरण प्लेटफार्मों के लिए एक समान होंगे (खंड 3)। इसी प्रकार, वितरकों को अपने सब्सक्राइबरों के लिए अपने पे-चैनलों और पे-चैनलों के बुके के लिए डीआरपी की घोषणा करनी होगी (खंड 4)।

यदि मैं एक ही वितरक से अपने घर में किसी अन्य टेलीविजन के लिए और (दूसरा) कनेक्शन लेता हूं तो मुझे कितनी राशि का भुगतान करना होगा?

एड्रेसेबल प्रणाली में, प्रत्येक सेट-टॉप बॉक्स सब्सक्राइबर की एक विशिष्ट पहचान बन जाता है। इसलिए, प्रसारक को भुगतान की जाने वाले शुल्क का परिकलन करने के उद्देश्य से प्रत्येक सेट-टॉप बॉक्स को एक सब्सक्राइबर माना जाता है।

कई टेलीविजन कनेक्शन वाले घर के मामले में, सामान्यतः चैनलों के ले जाने के लिए उस घर से वितरकों के परिसर के बीच एक ही कनेक्शन होता है। एकल कनेक्शन से कई कनेक्शन प्रदान किए जाते हैं। इसलिए, किसी घर में अनेक टेलीविजन कनेक्शनों के मामले में शुल्क प्रभारित करने के लिए डिस्ट्रीब्यूटरों को पूरी छूट प्रदान की गई है।

छ. भादूविप्रा की उपभोक्ता शिक्षा संबंधी पहल

टेलीविजन और रेडियो प्रसारण के विकास के साथ, अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी टेलीविजन और रेडियो सिग्नल की पहुंच देखी जा सकती है। सेवाओं को प्रदान करने में विभिन्न प्लेटफार्मों और हितधारकों के बारे में ज्ञान सीमित है। इसलिए, देशभर में उपभोक्ताओं तक पहुंचने के महत्व को महसूस करते हुए, भादूविप्रा ने उपभोक्ताओं को शिक्षित करने और जागरूकता पैदा करने के लिए अनेक उपाय किए हैं।

  1. उपभोक्ता शिक्षा
  2. क्षेत्रीय कार्यशालाएं
  3. उपभोक्ता पहुंच कार्यक्रम
  4. उपभोक्ता पक्षसमर्थक समूह
  5. टॉक शो
  6. बार- बार पूछे जाने वाले प्रश्न
  • हर वर्ष भादूविप्रा के दिल्ली स्थित मुख्यालय तथा कोलकाता, बंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर और भोपाल के क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से सीएजी और सीओपी की क्षमता निर्माण के लिए अनेक क्षेत्रीय कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं।
  • भादूविप्रा ने उपभोक्ताओं और भादूविप्रा के बीच मध्यस्थ के रूप में उपभोक्ता पक्षसमर्थक समूह (सीएजी) के पंजीकरण के लिए एक प्रणाली भी आरंभ की है। सीएजी उपभोक्ताओं की सहायता करते हैं और उपभोक्ताओं से जुड़े अनेकानेक मुद्दों को समाधान हेतु उपर्युक्त एजेंसियों/ सेवा प्रदाताओं के साथ उठाते हैं।
  • भादूविप्रा के पास अपनी वेबसाइट और देशभर में उपभोक्ता पहुंच कार्यक्रम (सीओपी) के माध्यम से उपभोक्ताओं के साथ सार्वजनिक रूप से जुडता है।
  • डिजिटलीकरण के बारे में उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने के लिए बार- बार पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) का एक व्यापक सेट भादूविप्रा की वेबसाइट पर दो भाषाओं (अंग्रेजी और हिंदी) में डाला गया है।
  • डीएएस पर टॉक शो और इंटरैक्टिव फोन-इन  कार्यक्रमों के रूप में सीओपी और इसे लाभ प्रदान करने हेतु दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो और निजी टीवी चैनलों पर आयोजित किया गया था।

स्त्रोत: भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण

2.95652173913

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