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स्वच्छता के लिए जागरूकता

इस लेख में लोगों से स्वच्छता को बढ़ावा देने की अपील की गयी है।

स्वच्छता , सुरक्षा , और सफाई , शौचालय संग लाई !!!

खुले में शौच जाने से महिलाओं में आत्म सम्मान की भावना कम हो जाती है और असुरक्षा की भावना उत्पन होने लगती है। गाँवों में बलात्कार होने का एक मुख्य कारण खुले में शौच जाना  भी है।

खुले में शौच जाने से प्रदूषण होता है, और साथ ही साथ इससे वातावरण भी अस्वस्थ होता है। जैसे की जिस तालाब में हम शौच के बाद हाथ धोते है , वही पानी पीने के प्रयोग में लाया जाता है, जिससे की टाइफाइड और डाइरिया होने की सम्भावना होती है।

इसके लिए सरकार ने अपने कदम आगे बढ़ाये है और हर घर में शौच बनाने में मदद कर रही है, और इसकी पूरी लागत सरकार के द्वारा निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती है।

स्त्रोत: पत्र सूचना कार्यालय

 

3.0

S K Singh Sep 21, 2018 06:59 PM

Sir, Namaskar" main nahi janta hun ki koi bhi bibhag kis soch ki hoti hai, par main etna jarur hun, apni uchey koti ka Insan uttam bichar,unchi soch, pavitra astha ke Insan har pal swasth vatabaran me rahna pasand kiya kartey hain, jaysa ki mahama gandhi chahat aur Narendra modi ji ki pahal safal hoti najar aa rahi hai.

गोपाल सिंह तोमर Sep 14, 2018 02:53 PM

स्वच्छता तो एक ऐसा विषय है जिसको हम सब अपने जीवन से जोड़ कर रखते हैं स्वच्छता से तो हमें ही खुशी मिलती है शुद्ध वातावरण स्वस्थ शरीर व स्वस्थ परिवार जिससे हमें ही फायदा है बीमारी से बचाव भी भी होता है स्वच्छता के बिना तो जीवन सुरक्षित नहीं है हमारे जीवन का अभिन्न अंग है स्वच्छता हमें इसे दैनिक जरूरत के रूप में अपनाना चाहिए गोपाल सिंह तोमर संस्थापक वीर महाराणा प्रताप सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश

जितेन्द चोहान Jun 01, 2018 12:12 PM

मा नर्मदा को पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाऐ रखना हमारी संस्था मध्य प्रदेश मे कार्यरत है हमारी ने बिना सरकार की सहायता से सैकडो कार्यक्रम किऐ हे हमारी संस्था मे करीब 1100 सदस्यो को जोड लिया है

Aparna Jan 20, 2018 08:16 PM

Mai dekhti hun logo k ghro ki safhai hoti Hai but wo Apne ass pass Jo bhi kachra Hai usko Nahi dekhnaa chahte Aur halat ye Hai wo jagah dumping place ho jaati Hai so har jagah ek kachra ekttha karne ki jagah banaani chahiye

विजयपाल Apr 10, 2017 09:48 PM

अगर हम स्वाच्छता रखना अनिवार्य हो जाए और न रखना अपराध तो शायद स्थिति बदल सकती है

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