स्वच्छता , सुरक्षा , और सफाई , शौचालय संग लाई !!! खुले में शौच जाने से महिलाओं में आत्म सम्मान की भावना कम हो जाती है और असुरक्षा की भावना उत्पन होने लगती है। गाँवों में बलात्कार होने का एक मुख्य कारण खुले में शौच जाना भी है। खुले में शौच जाने से प्रदूषण होता है, और साथ ही साथ इससे वातावरण भी अस्वस्थ होता है। जैसे की जिस तालाब में हम शौच के बाद हाथ धोते है , वही पानी पीने के प्रयोग में लाया जाता है, जिससे की टाइफाइड और डाइरिया होने की सम्भावना होती है। इसके लिए सरकार ने अपने कदम आगे बढ़ाये है और हर घर में शौच बनाने में मदद कर रही है, और इसकी पूरी लागत सरकार के द्वारा निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती है। स्त्रोत: पत्र सूचना कार्यालय