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समाज कल्याण

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    वित्तीय समावेशन के माध्यम से उपेक्षित और कमजोर समुदायों का सशक्तिकरण

    भारत सरकार ने एक व्यापक सामाजिक कल्याण प्रणाली की स्थापना की है। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्गों,अल्पसंख्यकों,महिलाओं और व्यापक स्तर पर अन्य समुदायों की वृद्धि और जीवन की गुणवत्ता की बेहतरी के लिए कई कार्यक्रमों को मूर्त रुप दिया गया।

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    संसाधनों तक पहुँच बनाने और उन तक हक बनाने के लिए ज्ञान और कौशल विकास

    हर नागरिक को राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा उनके लिए क्रियान्वित की जा रही योजना हक और कार्यक्रम के बारे में जागरुकता होनी चाहिए और उन योजनाओं तक पहुँच के माध्यम से अपनी गरीबी को दूर करने का प्रयास करना चाहिए।

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    जोखिम से जुड़े समुदायों को आपदाओं की चेतावनी देकर उन आपदाओं के प्रबंधन के बारे में

    कमजोर लोग आपदाओं के संबंध में जानकारी की कमी के कारण उनका प्रबंधन करने में असमर्थ रहे जिससे कई लोग अपनी जान गंवा बैठे। लोगों को आपदाओं और उनके प्रबंधन के बारे में सीखना और अभ्यास करना चाहिए।

भारतीय संविधान की मुख्य विशेषता एक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना है। सविंधान की प्रस्तावना और राज्य के नीति निर्देशक तत्वों से यह स्पष्ट है कि हमारा लक्ष्य सामाजिक कल्याण है। प्रस्तावना भारतीय लोगों के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक-न्याय सुरक्षित करने का वादा करती है।

यहाँ दिये गये भारतीय संविधान के कुछ निम्नलिखित अनुच्छेद कल्याणकारी राज्य के बारे में बताते हैं:

  • राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाएगा— 1(1) राज्य ऐसी सामाजिक व्यवस्था की, जिसमें सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय राष्ट्रीय जीवन की सभी संस्थाओं को अनुप्राणित करे, भरसक प्रभावी रूप में स्थापना और संरक्षण करके लोक कल्याण की अभिवृद्धि का प्रयास करेगा।(अनुच्छेद 38)
  • सभी नागरिक, पुरुषों और महिलाओं को समान रूप से जीविका के पर्याप्त साधन प्राप्त करने का अधिकार है (अनुच्छेद 39ए)।
  • कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी आदि--राज्य, उपयुक्त विधान या आर्थिक संगठन द्वारा या किसी अन्य रीति से कृषि के, उद्योग के या अन्य प्रकार के सभी कर्मकारों को काम, निर्वाह मजदूरी, शिष्ट जीवनस्तर और अवकाश का संपूर्ण उपभोग सुनिश्चित करने वाली काम की दशाएं तथा सामाजिक और सांस्कृतिक अवसर प्राप्त कराने का प्रयास करेगा और विशिष्टतया ग्रामों में कुटीर उद्योगों को वैयक्तिक या सहकारी आधार पर बढ़ाने का प्रयास करेगा।(अनुच्छेद 43)
  • कुछ दशाओं में काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार--राज्य अपनी आर्थिक सामनर्य और विकास की सीमाओं के भीतर, काम पाने के, शिक्षा पाने के और बेकारी, बुढ़ापा, बीमारी और निःशक्तता तथा अन्य अनर्ह अभाव की दशाओं में लोक सहायता पाने के अधिकार को प्राप्त कराने का प्रभावी उपबंध करेगा।(अनुच्छेद 41)
  • अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य दुर्बल वर्गों के शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की अभिवृद्धि--राज्य, जनता के दुर्बल वर्गों के, विशिष्टतया, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की विशेष सावधानी से अभिवृद्धि करेगा और सामाजिक अन्याय और सभी प्रकार के शोषण से उसकी संरक्षा करेगा।(अनुच्छेद 46)

इन निर्देशों से कल्याणकारी राज्य का दर्शन प्रदर्शित होता है। भारत आर्थिक योजना से अपने इस आदर्श को पूरा करने का प्रयास कर रही है। लगातार पंचवर्षीय योजनाओं और प्रगतिशील कानूनों से सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी कदम उठाये गये है जिससे आम आदमी लाभान्वित हुआ है।

इन्हीं भावना के साथ, समान उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में विकासपीडिया पोर्टल भारतीय भाषाओं में विभिन्न अधिकारों,योजनाओं,कार्यक्रमों और महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति से संबंधित संस्थाओं की नवीनतम,विश्वसनीय,राज्य-विशेष विषय सामग्री प्रस्तुत करता है।

महिला और बाल कल्याण

भारत सरकार का उद्देश्य ऐसी योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों का निर्माण करना है- जिससे विधानों/ कानूनी संशोधनों, मार्गदर्शनों एवं समन्वय द्वारा महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में काम कर रहे सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के प्रयासों को समर्थन मिल सके। यह भाग इससे जुड़े अनेक पहलुओं पर प्रकाश डालता है।

अनुसूचित जाति कल्याण

भारत के संविधान में अनुसूचित जाति (एससी),अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य कमजोर वर्गों के संरक्षण और सुरक्षा कई उपायों को अपनाया गया है| यह भाग इन सामाजिक समूहों के लिए स्थापित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग जैसे संवैधानिक निकाय संस्थाओं की जानकारी देता है।

अनुुसूचित जनजाति कल्याण

यह भाग देश की कुल आबादी का 8.14% और 15% क्षेत्रफल पर निवास करने वाले आदिवासियो के लिए संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी देते हुए उनके विकास पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरुरत पर बल देता है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण

भारत सरकार ने अपने नागरिकों को उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति के आधार पर अनुसूचित जनजाति (एसटी) अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के रुप में वर्गीकृत किया है। यह भाग इनके पिछड़े वर्ग के कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत करता है।

असंगठित क्षेत्र का कल्याण

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने असंगठित क्षेत्र में बुनकर, हैंडलूम कामगार, मछुआरे और मछुआरों और बीड़ी निकालने वाले जैसे रोज़गारों को शामिल करते हुए उनके कल्याण की सुनिश्चिता के लिए सामाजिक सुरक्षा कानून 2008 से लागू किया जिसमें उनकी सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अनेक पहलुओं को शामिल किया गया है।

वित्तीय समावेशन

एक पीढ़ी पहले की तुलना में आज की वित्तीय दुनिया बहुत जटिल है। इसका प्रभाव हमारे जीवन के प्रत्येक भाग पर हुआ है । इसी क्रम में विशेष रूप से ग्रामीण नागरिक उपभोक्ताओं को व्यापक वित्तीय उत्पाद और सेवाओं की जानकारी और उन तक पहुंच बनाने के लिए उन्हें सक्षम करने की जरुरत है।

अल्पसंख्यक कल्याण

भारत सरकार ने 29 जनवरी 2006 को अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों की दिशा में और अधिक ध्यान केंद्रित करने के दृष्टिकोण से और अल्पसंख्यकों को लाभान्वित करने के लिए समग्र नीति, नियोजन, समन्वय और विनियामक ढ़ांचे और विकास कार्यक्रमों की समीक्षा सुविधा के लिए को अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय बनाया था।

विकलांग व्यक्तियों का सशक्तीकरण

सामाजिक न्याय तथा सशक्तीकरण मंत्रालय का विकलांगता विभाग, विकलांग व्यक्तियों को सशक्त बनाने का प्रयास करता है,इस भाग में विभाग द्वारा सशक्तीकरण के लिए चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी गई है।

वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय वरिष्ठ नागिरकों के कल्याण के लिए कार्यगत है एवं राज्य सरकारें एवं गैर सरकारी संगठन भी इस दिशा में अपना योगदान दे रहे हैं। इस भाग में इसकी जानकारी दी गई है।

ग्रामीण गरीबी उन्मूलन

ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश विकास एवं कल्याण संबंधी कार्यकलापों का नोडल मंत्रालय होने के नाते, ग्रामीण विकास मंत्रालय देश के समग्र विकास की रणनीति में प्रमुख भूमिका निभाता है।

शहरी गरीबी उन्मूलन

यह भाग भारतीय राज्य व्यवस्था की संघीय संरचना में, आवास और शहरी विकास से संबंधित मामले भारत के संविधान द्वारा राज्य सरकारों को सौंपे गए मामलों और संविधान (74वें संशोधन) अधिनियम शहरी स्थानीय निकायों को दिये गये अधिकारों के साथ शहरी गरीबी के उन्मूलन के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी देता है।

गैर सरकारी संगठन-स्वैच्छिक क्षेत्र

स्वैच्छिक क्षेत्र ने जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक एकजुटता, सेवा वितरण, प्रशिक्षण, और अनुसंधान के अभिनव समाधानों के माध्यम से गरीबी, अभाव, भेदभाव को समाप्त करने का खोजने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्वैच्छिक क्षेत्र लोगों और सरकार के बीच एक प्रभावी गैर राजनीतिक कड़ी के रूप में कार्य कर रहा है।

आपदा प्रबंधन

यह भाग आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के साथ आपदा प्रबंधन की शीर्ष संस्था और विभिन्न आपदाओं में लोग बचाव करने की पूर्व जरुरी तैयारी की जानकारी देता है।

सामाजिक जागरुकता

सामाजिक जागरुकता के अंतर्गत महिला सशक्तीकरण से लेकर बाल विवाह,कन्या भ्रूण हत्या, जादू टोना एवं मानव व्यापार आदि जैसे समसामयिक समस्याओँ के कारण के साथ उनके निदान के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई है।

सामाजिक सुरक्षा

यह विषय सामाजिक सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं भोजन का अधिकार,आवास सुरक्षा,रोजगार,पेंशन एवं मातृत्व लाभ आदि की जानकारी देता है।


Santosh Patel Apr 06, 2017 11:16 PM

Main gram Bairagi post hanotiya BOI Thana Barela jila Jaunpur Madhya Pradesh ka rahnewala mai apne Gaon co Achha banana Chadta hun isliye Mujhe aap ki sahayta chahiye

JYOTI SINGH Apr 06, 2017 11:07 AM

इतना सारा अशिकार होते हुए भी हमारा ग्रामीण छेत्र , महिलाये बहुत पीछे है इसीलिए उनको उनके अधिकारों की जानकारी विस्तारXूर्वक उन तक दी जाये इस कोसिस में मैं १ साल से लगी हुई हूँ प्लीज मेरा सहयोग करे

shailendra patel vill adampur po hardaspur dis raebareli up Mar 30, 2017 12:24 AM

मेरे पास गांव सुधारने तथा गांव को अच्छा बनाने का अच्छा तरीका है एक गांव बस एक या दो सालो में गांव को गांव के लोगो को बदल देंगे मुझे एक मौका दिया जाये हम सब लोग मिल कर गांव को बदल के रख देंगे मैंने गांव सुधरने का फैशला आप पे छोड़ दिया है मैं जनता हूँ की गांव को सुधरने के लिए आप सभी लोग मेरी मदद जरूर करेंगे धन्यवाद हम आप के मदद के बिना कुछ नहीं कर सकते इस लिए बहुत बहुत धन्यवाद है मेरा मो0 नम्बर 0 81XXX्ब '91XXX27

बादाम सिंह Mar 23, 2017 01:30 PM

गांव में बड़े अधिकारी चेक करने आये एवम हर १५ दिन के भीतर गांव में सभी कर्XचारिXों का आना होना चाहिए

विनोद उदयभान हिवरकर Mar 10, 2017 05:46 PM

अच्छी पहल ...

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