অসমীয়া   বাংলা   बोड़ो   डोगरी   ગુજરાતી   ಕನ್ನಡ   كأشُر   कोंकणी   संथाली   মনিপুরি   नेपाली   ଓରିୟା   ਪੰਜਾਬੀ   संस्कृत   தமிழ்  తెలుగు   ردو

सिंचाई

क्या करें ?

  • अच्छी कृषि पद्धतियों के माध्यमों मिट्टी और पानी का संरक्षण करें|
  • चेक बांधों और तालाबों के द्वारा वेश के पानी का संचयन करें |
  • जल भराव क्षेत्रों में फसल विविधिकरण बीच उत्पादन और पौधशाला लगायें|
  • सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली बूँद-बूँद व छिड़काव सिंचाई अपनाएं यह 30-37 प्रतिशत पानी बचाती है और इससे फसलों की गुणवत्ता, उत्पदकता और उत्पादन भी बढ़ जाता है|

क्या पायें ?

क्रम. सं.

सहायता का प्रकार

सहायता को पैमाना अधिकतम सीमा

स्कीम घटक

1

पानी के पाइप

रु० 25 प्रति मीटर या खर्च का 50% जो भी कम हो अधिकतम सीमा 6000 मी० तथा खर्च 15,000

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन

2

ऑइल पाम्प   के लिए डीप सिंचाई प्रणाली

ठिकाऊ खेती पर राष्ट्रीय मिशन के मापदंडों के अनुसार

एन०एम०ओ०ओ०पी०

3

प्लास्टिक/आर० सी०सी० आधारित जलसंचयन रचना तालाब सामुदायिक तालाब का निर्माण 100x100x3  मी० छोटे तालाब के लिए इसी अनुपात में|

मैदानी क्षेत्रों में रु० 20 लाख, पवर्तीय क्षेत्रों में रु० २५ लाख  10 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र के लिए

एन०एच०एम०

4

तालाब/कुँओं 20x20x3  मी० छोटे तालाब के लिए इसी अनुपात में|

मैदानी क्षेत्रों में 1.50 लाख प्रति लाभुक  पहाड़ी  क्षेत्र में  1.80 लाख  लाभुक 2  हेक्टेयर कमांड क्षेत्र के लिए

एन०एच०एम०

5

दलहन तथा तेलहन फसल के लिए सिप्रकलर सिंचाई उपकरण

मूल्य का 50% या 10,000रु० प्रति हेक्टेयर (जो भी कम हो)

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन

6

(अ)             रिसाव क्षति को कम करने के लिए नये खेत तालाबों को लाइनिंग के साथ निर्माण

40,000रु०( 20x20x3  मी०) निर्माण तथा

40,000रु० लाइनिंग व्यवस्था के लिए

एन०एम०ओ०ओ०पी०

 

(ब) जल संचय संरचना/तालाब

खर्च का 50% अधिकतम मैदानी क्षेत्रों में रु० 75,000

तथा पहाड़ी क्षेत्रों में 90,000रु० लाइनिंग के साथ

एन०एम०ओ०ओ०पी०

7

ऑइल पाम्प  उत्पादकों के लिए डीजल पम्प सेट

खर्च का 50%

अधिकतम रु०

15, 000, 10अश्वशक्ति के पम्प

एन०एम०ओ०ओ०पी०

8

बोर वेल (पूर्वी भारत में हरित क्रांति का विस्तार )

100% सहायता, अधिकतम रु० 30,000 प्रति इकाई

पूर्वी भारत में हरित क्रांति का विस्तार

 

बोर वेल (ऑइल पाम्प  उत्पादकों के लिए)

50% सहायता, अधिकतम रु० 25,000 प्रति इकाई

 

एन०एम०ओ०ओ०पी०

9

छिछला टूयूब वेल

100% सहायता, अधिकतम रु० 12,000

पूर्वी भारत में हरित क्रांति का विस्तार

10

पम्पसेट (10 अश्वशक्ति)

रु० 10,000 प्रतिपम्प या खर्च का 50% ( जो भी कम हो)

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन

 

जल प्रबंधक टिकाऊ खेती के लिए राष्ट्रीय मिशन (एन०एम०एस०ए०) के अंतर्गत

क्रम. सं.

जल संचय प्रणाली (व्यक्तिगत)

मैदानी क्षेत्र निर्माण खर्च का रु० 125 प्रतिघनमीटर अधिकतम रु० 75,000 पहाड़ी क्षेत्र के लिए निर्माण खर्च का रु० 150 प्रति घनमीटर,

छोटे तालाब, कुंएं इसी अनुपात में|

 

1

तालाब लाइनिंग  निर्माण(मनरेगा के अन्तर्गत)

खर्च का 50% अधिकतम, रु० 25,000प्रति तालाब

 

2

जल संचय प्रणाली (सामुदायिक तालाब, चैकडैम, प्लास्टिक तथा आर० सी०सी० लाइनिंग  के साथ)

खर्च का 100%  मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम रु० 20 लाख

तथा पहाड़ी क्षेत्रों में रु०25 लाख  (1 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र के लिए)

छोटे तालाबों के लिए इसी अनुपात में

गैर लाइनिंग वाले तालाब में 30% कम खर्च देय होगा|

 

3

टूयूब वेल/ बोर वेल(छिछला माध्यम) का निर्माण

 

 

4

छोटे तालाबों का नवीकरण

 

 

5

पाइप वितरण प्रणाली

 

 

6

जल उठाव संचय (बिजली, डीजल, पवन, और सौर उर्जा)

 

 

ड्रिप सिंचाई

2

ड्रिप सिंचाई

25-35% खर्च का (समान्य वर्षा क्षेत्रों में)

35-50% खर्च सुखाड़ तथा पूर्वोतर क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायता 10% राज्य सरकार द्वारा, अधिकतम 5 हेक्टेयर प्रति लाभुक

 

3

स्प्रिकलर सिंचाई

माईक्रोस्प्रिकलर रु० 58,900 प्रति हेक्टेयर

मिनी स्प्रिकलर रु० 85,200 प्रति हेक्टेयर

पोर्टटेबुल स्प्रिकलर रु० 19,600 प्रति हेक्टेयर

(प्रतिव्यक्ति अधिकतम 5 हेक्टेयर तक)

 

 

 

स्रोत: - कृषि एवं गन्ना विकास विभाग, झारखण्ड सरकार



© 2006–2019 C–DAC.All content appearing on the vikaspedia portal is through collaborative effort of vikaspedia and its partners.We encourage you to use and share the content in a respectful and fair manner. Please leave all source links intact and adhere to applicable copyright and intellectual property guidelines and laws.
English to Hindi Transliterate