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मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना

परिचय

राज्य की प्रमुख कृषि फसलें गेहूँ, चना, मसूर, सरसों एवं धान की कृषि लागत बढने, उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषकों को प्रोत्साहित किए जाने तथा फेयर एवरेज क्वालिटी (FAQ) गुणवत्ता उत्पादन को प्रोत्साहित किए जाने हेतु मंत्री – परिषद आदेश आयटम क्रमांक 18 दिनांक 27 मार्च, 2018 से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है ।

योजनान्तर्गत प्रक्रिया एवं प्रावधान

योजनान्तर्गत प्रक्रिया एवं प्रावधान निम्नानुसार हैं-

  • योजना में खरीफ 2016 में धान एवं रबी 2016 -17 में गेहूँ की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्राथमिक साख सहकारी समितियों के माध्यम से ई – उपार्जित मात्रा पर रु 200 /- प्रति क्विंटन का प्रोत्साहन राशि लाभान्वित पात्र किसान के बैंक खाते में जमा कराई जाएँ ।

  • प्रदेश में रबी 2017 -18 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जित कराने वाले किसानों को रू.265 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि उपार्जित कराने वाले किसानों के बैंक खातों में जमा किए जाने का निर्णय लिया गया । पंजीकृत किसान द्वारा बोनी एवं उत्पादकता के आधार पर उत्पादन की पात्रता की सीमा तक दिनांक 15 मार्च, 2018 से 26 मई 2018 के मध्य कृषि उपज मंडी में विक्रय पर भी रु. 265 प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए । कृषि उत्पाद मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बेचा गया हो अथवा न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बेचा गया हो, दोनों स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का लाभ पंजीकृत किसान को देय होगा ।
  • प्रदेश में रबी 2017 -2018 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों उपार्जित कराने वाले किसानों को रु. 100/- प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि उपार्जन कराने वाले पात्र किसानों के बैंक खातों में जमा किए जाने का निर्णय लिया गया । पंजीकृत किसान द्वारा बोनी एवं उत्पादकता के आधार पर उत्पादन की पात्रता की सीमा तक दिनांक 10 अप्रैल, 2018 से लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की अंतिम नियत तिथि तक कृषि उपज मंडी में विक्रय पर भी रु. 100/- प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए । कृषि उत्पाद मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बेचा गया हो अथवा न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बेचा गया हो, दोनों स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का लाभ पंजीकृत किसान को देय होगा ।
  • आयुक्त, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा रबी 2016 -17 में गेहूँ तथा खरीफ 2017 में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ई –उपार्जित कराए गए समस्त किसानवार डाटाबैस का सत्यापन एवं प्रमाणीकरण किए जाने के उपरांत प्रमाणीकृत डाटाबेस संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय को उपलब्ध कराया जाएगा । उक्त सत्यापित एवं प्रमाणित डाटाबेस के आधार पर रु. 200/- प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि किसान तथा कृषि विकास संचालनालय द्वारा उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास को जिलावार उपलब्ध कराया जाएगा ।
  • योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में निम्नानुसार जिला क्रियान्वयन समिति उत्तरदायी होगी :-
  1. जिला कलेक्टर                                   –      अध्यक्ष
  2. उप संचालक,किसान कल्याण तथा कृषि विकास        –     सदस्य सचिव
  3. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत              –     सदस्य
  4. अतिरिक्त कलेक्टर (राजस्व)                        -      सदस्य
  5. उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं                        –    सदस्य
  6. जिला खाद्य अधिकारी                              –     सदस्य
  7. मुख्य कार्यपालन अधिकारी

जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक                        –      सदस्य

  1. जिला प्रबंधक,नागरिक आपूर्ति निगम                –       सदस्य
  2. जिला प्रबंधक, म.प्र. राज्य सहकारी

विपणन संघ                                    –       सदस्य

10.  जिला लीड बैंक अधिकारी                          –      सदस्य

 

  • उपरोक्त समिति द्वारा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के ई – उपार्जन पोर्टल पर रबी 2016 -2017 एवं खरीफ 2017 के क्रमशः गेहूँ एवं धान के प्रेषित डाटाबेस की परीक्षण पुष्टि की जाएगी । उक्त समिति के मार्गदर्शन में प्रत्येक लाभान्वित किसान के बैंक खाता क्रमांक की पुष्टि की जाएगी । रबी 2017 -18 के गेहूँ,चना,मसूर एवं सरसों के पंजीयन किसानों द्वारा ई-उपार्जन कराने तथा/अथवा विहित अवधि में पात्रता की सीमा तक विक्रय की गई मात्रा पर प्रोत्साहन राशि जमा कराए जाने से पूर्व परिपत्र में उल्लेखित प्रक्रिया का पालन कर बैंक खातों का सत्यापन तथा विधिवत आरटीजीएस /एनईएफटी भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा । उपसंचालक (किसान कल्याण तथा कृषि विकास) उपरोक्त समिति के अनुमोदन उपरांत ही विधिवत भुगतान सुनिश्चित करेंगे ।

तदोपरान्त ई –उपार्जन गेहूँ तथा धान के लिए प्राप्त आवंटन जिला कोषालय से आरटीजीएस /एनईएफटी के माध्यम से ई – उपार्जन पोर्टल पर उपलब्ध लाभान्वित किसानों के सत्यापित किए गए खातों में योजना प्रावधान अनुसार राशि जमा कराई जाएगी । ई- उपार्जन के पोर्टल पर दर्ज मोबाईल नम्बर पर योजनान्तर्गत जमा कराई गई राशि का समस्त लाभान्वित किसानों को एसएमएस के माध्यम से अवगत कराया जाएगा । जिले के लीड बैंक अधिकारी आरटीजीएस /एनईएफटी के माध्यम से प्रदान राशि समस्त लाभान्वित किसानों को बैंक खातों में पहुँचने की पुष्टि की जानकारी सम्बन्धित बैंक शाखाओं से प्राप्त करेंगे । प्रत्येक प्राथमिक कृषि सहकारी साख के कार्यालय में किसानों के नाम तथा प्रदान की गई राशि की जानकारी उल्लेखित कर प्रदर्शित की जाएगी ।

  • कण्डिका 1 (क),(ख) एवं (ग) के पात्र लाभान्वित किसानों के सत्यापित बैंक खाते आरटीजीएस /एनईएफटी फेल हो जाने या बैंक खातों के संबंध में किसी भी विवाद की स्थिति में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति स्थानीय जाँच कराने तथा जाँच उपरांत 15 दिवस में राशि प्रदान करने हेतु अधिकृत होगी । मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत सत्यापित बैंक खातों में राशि प्रदान किए जाने के उपरांत जिला कलेक्टर द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र किसान तथा कृषि विकास संचालनालय को प्रोषित किया जाएगा ।

प्रशासकीय व्यय

योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार, पर व्यय, आरटीजीएस /एनईएफटी से भुगतान पर व्यय, मोबाईल द्वारा एसएमएस व्यय पर, योजना के प्रमाण पत्र मुद्रण पर व्यय, प्रमाण पत्र के वितरण के लिए किसान सम्मेलन आयोजन आदि पर व्यय के लिए योजना अंतर्गत 2 प्रतिशत राशि प्रावधान होगी । जिसका व्यय विभागीय प्रशासकीय अनुमोदन के आधार पर प्रदत्त स्वीकृत अनुसार किया जाएगा ।

योजना का पर्यवेक्षण

राज्य स्तर पर उक्त योजना के क्रियान्वयन का पर्यवेक्षण कृषि केबिनेट द्वारा किया जाएगा । जिला स्तर पर उक्त योजना का क्रियान्वयन पर्यवेक्षण कण्डिका (5) अनुसार जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा । योजना के क्रियान्वयन से गेहूँ, धान, चना,मसूर एवं सरसोँ की खेती करने वाले कृषकों की खेती में प्रोन्नति तथा उक्त योजना से इन फसलों के उत्पादक किसानों की संतुष्टि के आंकलन संबंधी सर्वेक्षण कार्य अटल बिहारी बाजपेय सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा कराया जाएगा ।
उक्तानुसार नियत प्रकिया के आधार पर योजनान्तर्गत कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ।

 

स्रोत: किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्य प्रदेश



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