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पशुपालन व डेयरी विभाग

पशुपालन व डेयरी विभाग

मिलने वाले प्रोत्साहन

राज्य के किसानों के लाभ के लिए केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित अनेक योजनाएं पशुपालन एवं डेरी विभाग द्वारा लागू की जा रही है। ये योजनाएं तथा इनके अन्तर्गत किसानों को मिलने वाले अनुदान एवं प्रोत्साहन इस प्रकार हैः-

क्र.सं.

सहायता का प्रकार

सहायता का पैमाना

योजना

1

प्रतिदिन 25 कि.ग्रा दूध देने वाली भैंस

इस प्रकार की भैंसों के लिए 25,000 रूपये का प्रोत्साहन दिया जाता है

समेकित मुर्राह विकास

योजना

2

19 से 25 कि.ग्रा दूध देने वाली भैंस

इस प्रकार की भैंसों के लिए 15,000 रूपये का प्रोत्साहन दिया जाता है

-सम-

3

16 से 19 कि.ग्रा दूध देने वाली भैंस

इस प्रकार की भैंसों के लिए 10,000 रूपये का प्रोत्साहन दिया जाता है।

-सम-

4

13 से 16 कि.ग्रा दूध देने वाली भैंस

इस प्रकार की भैंसों के लिए 5,000 रूपये का प्रोत्साहन दिया जाता है

-सम-

5

उच्च तकनीकी वाली डेरी यूनिट

20 या इससे दुधारु पशुओं के लिए डेरी की स्थापना की जाती है। 2,50,000 रूपये की सीमा रखते हुए 25 प्रतिशत की दर पर अनुदान दिया जाता है। तीन वर्षों तक डेरी पशुओं के बीमा किस्त की लागत का 50 प्रतिशत विभाग द्वारा वहन किया जाता है। इसके अलावा मुफ्त प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।

-सम-

6

अनूसूचित जाति के किसानों के डेरी पशुओं के मादा बछड़ों के लिए

4 से 16 माह की आयु (गाय, भैंस) वाले पशुओं के बछड़ों को 12 माह की अवधि तक 90 प्रतिशत अनुदान दरों पर आहार उपलब्ध करवाया जाता है

अनूसूचित जाति के किसानों के डेरी पशुओं के मादा बछड़ों के लिए आहार संपूरक योजना

7

दुर्घटना मृत्यु बीमा योजना

इस योजना के तहत वह समिति सदस्य शामिल है जिसे दूध की अधिकतम कमी व दोनों प्रकार के मौसम में पिछले तीन वर्षों के दौरान निरंतर दूध की आपूर्ति की हो, का 1,00,000 रूपये का बीमा किया जाता है जिसके लिए उसे मात्र 10 रूपये अदा करने होते है ताकि दुर्घटना होने पर क्षतिपूर्ति की जा सके। बीमा की शेष राशि दुग्ध यूनिट या फेडरेशन द्वारा अदा की जाती है

-सम-

 

घटक

योजना के अंतर्गत अनुदान

 

भारत सरकार

हरियाणा सरकार

कुल

टिप्पणिया

8

25 या इससे कम दुधारू पशुओं के लिए 50,000 रूपये की दर से

25 प्रतिशत

 

25 प्रतिशत

केवल ऋण से सम्बद्ध

9

दुधारू पशुओं का बीमा (आरंभिक 3 वर्ष के लिए)

50 प्रतिशत

25 प्रतिशत

75 प्रतिशत

ऋण या स्व-वित्त

10

पशुघर (नए घर के लिये) 6 लाख रूपये तथा मरम्मत/विस्तार के लिए 4 लाख रूपये

25 प्रतिशत

25 प्रतिशत

50 प्रतिशत

ऋण या स्व-वित्त

11

5 लाख रूपये मूल्य तक के डेरी उपकरण

25 प्रतिशत

25 प्रतिशत

50 प्रतिशत

ऋण या स्व-वित्त

12

डेरी पार्लर 56,000 रूपये प्रति इकाई

25 प्रतिशत

25 प्रतिशत

50 प्रतिशत

ऋण या स्व-वित्त

स्त्रोत : किसान पोर्टल,भारत सरकार



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