परिचय अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए खरपतवारों का नियंत्रण उचित समय पर अनिवार्य है। विभिन्न फसलों में खरपतवारों को नष्ट करने के लिए शाकनाशी का व्यवहार करना आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद। फसलों के नाम शाकनाशी का नाम व्यवहार में लाने का समय धान (सीधी बुआई) ब्यूटाक्लोर 50 ई.सी. या बेनथिओकार्ब 50 ई.सी. 2 ली. प्रति हेक्टेयर बुआई करने के एक दो दिन के बाद 2 ली. दवा को 800 ली. पानी में घोलकर स्प्रेयर से छिड़काव करें। धान (रोपनी) अनिलोफ़ॉस 3 ई.सी. 04 ली/ हेक्टेयर या ऑक्सीफ्लोरफेन 200 ग्रा./हेक्टेयर या ब्यूटाक्लोर 50 ई.सी. 2 ली./ हेक्टेयर रोपनी करने के पाँच से सात दिनों के बाद। छिड़काव के समय खेत में 5 सें.मी. से अधिक पानी नहीं रहना चाहिए। गेहूँ आइसोप्रोटुरॉन 75 प्रतिशत धूल 1.5 किग्रा./ हेक्टेयर बुआई करने के 25-30 दिनों के पश्चात छिड़काव करें। आलू एट्राजीन 50 प्रतिशत धूल 1 किग्रा./हेक्टेयर बुआई करने के 4 या 5 दिनों के बाद छिड़काव करें। मकई एट्राजीन 50 प्रतिशत धूल 1.5 किग्रा./हेक्टेयर बुआई करने के एक या दो दिनों के बाद छिड़काव करें। तेलहनी फसलों में सोयाबीन फ्लूक्लोरालिन 45 ई.सी. खेत की अंतिम तैयारी के समय मूंगफली 2 ली./हेक्टेयर या छिड़काव करें। तिल एलोक्लोर 50 ई.सी. बुआई करने के एक या दो दिनों सरगुजा 2 ली./हेक्टेयर या के बाद छिड़काव करें। सरसों आइसोप्रोटुरॉन 75 प्रतिशत बुआई करने के 15 दिनों के तीसी धूल 1.0 किग्रा./हेक्टेयर के बाद छिड़काव करें। दलहनी फसलों में अरहर फ्लूक्लोरालिन 45 ई.सी. खेत की अंतिम तैयारी के समय मूंग 2 ली./हेक्टेयर या छिड़काव करें। कलाई, मसूर एलाक्लोर 50 ई.सी. बुआई करने के एक या दो दिनों चना, मटर 2 ली./हेक्टेयर के बाद छिड़काव करें। मिश्रित फसलों में गेहूँ + सरसों पेंडिमेथलिन 30 ई.सी. 1 ली./हें. + आसोप्रोटुरॉन 75 प्रतिशत धूल 1 किग्रा./हें. बुआई करने के एक-दो दिनों के बाद छिड़काव करें तथा 25-30 दिनों के बाद आइसोप्रोटुरॉन का छिड़काव करें। मकई + सोयाबीन फ्लूक्लोरालिन 45 ई.सी. 2 ली./हें. खेत की अंतिम तैयारी के समय छिड़काव करें। सब्जी फसलों में फूलगोभी आक्साइडाजोन 2 ली./हें. बिचड़ा लगाने के 15-20 दिनों बाद छिड़काव करें। लहसुन आक्साइडाजोन 2 ली./हें. या ऑक्सीफ्लोरफेन 200 ग्राम/हेक्टेयर बुआई करने के एक या दो दिनों के बाद छिड़काव करें। खरपतवार नियंत्रण की आवश्यक बातें शाकनाशी का छिड़काव करने के पूर्व खेत में नमी रहना अतिआवश्यक है। एक हेक्टेयर जमीन में छिड़काव करने के लिए 800 लीटर पानी का व्यवहार करना चाहिए। यदि खरीफ मौसम में वर्षा लगातार हो रही हो तो वैसी अवस्था में रोपा धान में दवा का छिड़काव 20-30 किग्रा. बालू में मिलाकर करना चाहिए। स्त्रोत: कृषि विभाग, झारखंड सरकार