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चना,अलसी और सूरजमुखी

चना,अलसी और सूरजमुखी

चना

बीज उपचार

  • बीज जनित रोगों से बचाने हेतु बीज का उपचार करना आवश्यक है।
  • ग्राम बेवीस्टन से उपचारित करें।
  • बीज शोधन के पहले बीज उपचार करें जिससे कवकनाशी की परत जम जाए।

बीज शोधन

  • ग्राम राइज़ोनियम कल्चर का उपयोग करें।
  • एक किलो बीज के शोधन के लिए 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा और फोरफोरस प्रदायी जैव उर्वरक का उपयोग करें।
  • राइज़ोनियम जेपोनीकम के तुरन्त बने पीट कल्चर से शोधित करें।
  • बोनी के पहले बीजों को गीला करें और कल्चर को अच्छी तरह मिला लें।
  • राज्य की कृषि वि.वि. विभागों से कल्चर प्राप्त करें।

बीज दर और बोनी

  • बोनी के लिए अनुकूल समय 15 अक्टूबर से 15 नवम्बर है।
  • देशी किस्मों के लिए बीज दर 75 से 80 किलो प्रति हेक्टेयर है।
  • बड़े बीज या संकुल या काबुली चने किस्मों के लिए बीज दर 80 से 100 किलो प्रति हेक्टेयर है।
  • बुआई बोने की छोटी मशीन या सीधे भी की जा सकती है।
  • मालाबासा से भी बुआई की जा सकती है।
  • बीजों को फैलाना नही चाहिए,इससे नुकसान होता है।
  • पौधे से पौधे की दूरी 10 से.मी. होनी चाहिए।
  • बीज को 8 से.मी. से गहरा नहीं बोना चाहिए।
  • बोनी के लिए जो बीज उपयोग में लाए उनकी अंकुरण क्षमता 90 प्रतिशत होती चाहिए।
  • कतार से कतार की दूरी 30 से.मी. होनी चाहिए।

अल्सी

बीज उपचार

  • 1 ग्राम बाविस्टीन या टॉपासेन एम. अथवा 2.5 ग्राम थाईरम दवा प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करें।

बीज दर और बोनी

  • 25 से 30 कि.ग्रा. बीज प्रति हे. से कतारों से कतारों की दूरी 25 से 30 से.मी. एवं पौधों की दूरी 5-7 से.मी. रखें।

फसल पश्च तकनीक

सुखाना

  • सुखाना एक बहुत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिससे फसल का भंडारण किया जाता है और कीट इत्यादि से भी बचाया जाता है।
  • सुरक्षित भंडारण हेतु सरसों की नमी 8 प्रतिशत होनी चाहिए।यदि नमी 8 प्रतिशत से ज्यादा है तो कीट का आक्रमण हो सकता है।
  • फसल को जमीन पर धूप में सुखाया जाता है जिससे नमी 8 प्रतिशत या कम हो जाए।

भंडारण

  • पूसा बिन या एल्यूमिनियम के पात्र या मिट्टी के बर्तन या गनी बैग में भंडारण किया जाता है।

सूरजमुखी

बीज उपचार

  • बीज को, मिट्टी और बीज से उत्पन्न होने वाले रोगों से बचाने के लिए उपचारित करना चाहिए।
  • बीज उपचार के लिए 55 डि.से. गर्म पानी में 8 से 12 मिनट तक रखें।
  • बीज को उपचारित करने के लिए 1 कि.ग्रा. बीज को 3 ग्राम कैपटन या थाईरम या सेरासन या एग्रोसन या बेसीकोल से उपचारित करना चाहिए।
  • बीज उपचार का कार्य छाया में करना चाहिए।
  • पहले से उपचारित बीजों को फिर से उपचारित करें।

बीज शोधन

  • वर्तमान में सूरजमुखी के बीजों के लिए शोधक नहीं है।

बीज दर और बोनी

  • उन्नत किस्मों की बीज की मात्रा 10 कि.ग्रा./हे एवं संकर किस्मों का बीज 6-7 कि.ग्रा./हे की दर से उपयोग करें।

बीज दर का मान निम्नलिखित सूत्र से भी निकाला जा सकता है।
बोनी के लिए क्षेत्रफलग्राम में वजन ------------------------------------ दूरी 100 पी.पी. जी.पी. जहां पी.पी.--- शोधन प्रतिशत
जी.पी.--- अंकुरण प्रतिशत
बीज का वास्तविक मान----
शोधन प्रतिशत जी.पी. ---------------------------- 100
जहां जी.पी. -- अंकुरण प्रतिशत

स्त्रोत : एमपीकृषि,किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग,मध्यप्रदेश सरकार

अंतिम बार संशोधित : 2/21/2020



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