<h3 style="text-align: justify; "><span>परिचय</span></h3> <p style="text-align: justify; ">यह सर्व विदित है कि हमारे किसान भाई गरीब हैं और रासायनिक खाद काफी महँगा है| भले ही तुरंत बाजार में मिल जाता है लेकिन इसका लगातार प्रयोग एक दिन खेत को बंजर बनाकर ही छोड़ेगा| अत: यह जरूरी है कि हम अपने गाँव के बगीचे में या खुले स्थान पर केंचुआ तथा कंपोस्ट खाद का निर्माण कर उनका खेतों में प्रयोग करके न केवल उपज को बढ़ा सकते हैं बल्कि जमीन की उर्वरा शक्ति को बरकरार रखते हुए टिकाऊ खेती को बढ़ावा दे सकते</p> <h3 style="text-align: justify; "><span>केंचुआ खाद – उत्तम खाद</span></h3> <ul style="text-align: justify; "> <li>क्या पास कुछ गमले वाले पौधे या क्यारियां हैं?</li> <li>यदि आप बागवानी करते है तो रासायनिक खाद का इस्तेमाल मत कीजिए|</li> <li>यदि आप पौधे नहीं उगाते तो आज ही कुछ गमले और बीज क्यों नहीं ले आते?</li> <li>इन गमलों में आप बैंगन, टमाटर, मिर्ची आदि सस्ती लागत से उगा सकते हैं|</li> <li>आपके घर में रसोई होगी ही, उसके कूड़े से अच्छी खाद बनाई जा सकती है|</li> <li>इस खाद को बनाने में आपका मित्र-लाल केंचुआ मददगार हो सकता है|</li> <li>आइए देखें की केंचुए की मदद से कैसे खाद बनाते हैं| </li> </ul> <p style="text-align: justify; ">घर में वर्मी कम्पोस्टिंग की शुरूआत करने का तरीका –</p> <p style="text-align: justify; ">समान- एक 1’×2’×3’ का बक्सा या डिब्बा, दो जुट की बोरियां (लाइनर व कवर के लिए) बिस्तर या शय्या, लाल केंचुए और रसोई घर का कूड़ा</p> <h3 style="text-align: justify; "><span>बक्सा या डिब्बा</span></h3> <p style="text-align: justify; ">एक मजबूत समतल बक्सा या डिब्बा लें जो कि तीन फूट लंबा, दो फूट चौड़ा और एक फुट लंबा, दो फुट चौड़ा और एक फुट गहरा हो| कोई भी खाली लकड़ी का डिब्बा, प्लास्टिक का क्रेट या धातु का बर्तन भी लिया जा सकता है| आधे इंच के कई छेड़ बक्से के चारों ओर वायु संचार के लिए करें और बक्से के पेंदे में आधे इंच के कई छेद जल निकास हेतु बनायें|</p> <h3 style="text-align: justify; "><span>बिस्तर या शय्या</span></h3> <p style="text-align: justify; ">सूखी पत्ती, अखबार, कंप्यूटर प्रिंट आउट, नारियल का छिलका, सूखा गोबर या इन सबका मिश्रण लें और छोटे- छोटे टुकड़ों में इन्हें काट लें| यह सूखा सामान डिब्बे में एक फुट गहराई टिक भर दें| फिर इमसें पानी डाल कर इसे अच्छी तरह भिगो दें| इस सामान को उलट- पलट के भी देखें कि कहीं कोई बी हिस्सा सूखा न रह जाए| यह भिगोये गया सामान डिब्बे में 6’-8’ की मोटाई का बिस्तर तैयार करेगा|</p> <h3 style="text-align: justify; "><span>लाल केंचुए</span></h3> <p style="text-align: justify; ">वर्मी कम्पोस्टिंग के लिए लाल केंचुओं का ही प्रयोग करें| केंचुओं की संख्या निर्धारित करने के लिए, आप रसोईघर से रोज निकलने वाले कूड़े को तौल लें| आपको इस कूड़े के वजन के दूगूने वजन के बराबर केंचुए लेने पड़ेंगे| उदहारण स्वरूप यदि केंचुओं को रोज भोजन के रूप में दिये जाने वाले कूड़े की मात्रा 400 ग्राम है तो आपको 800 ग्राम लाल केंचुए लेने चाहिए|</p> <p style="text-align: justify; ">केंचुओं को तैयार गिले बिस्तर के ऊपर डाल दें| यदि डिब्बा अँधेरी जगह में रखा है तो वहाँ प्रकाश करें ताकि केंचुए प्रकाश से बचने के लिए, गिले बिस्तर की निचली तह में रेंग केर पहुँच जाएँ| अब आपका वर्मी कंपोस्ट सिस्टम रसोईघर के कूड़े का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है|</p> <h3 style="text-align: justify; "><span>रसोईघर का कूड़ा</span></h3> <p style="text-align: justify; ">रसोईघर के कूड़े को कैसे बक्से में डालें आवरण (कवर) याद रखें कि डब्बे का बिस्तर और बोरी का कवर हमेशा नम रहे| वर्मी कम्पोस्ट ठीक से काम करें इसके लिए तीन बातों में ध्यान देना अति आवश्यकता है|</p> <p style="text-align: justify; ">1- तापमान</p> <p style="text-align: justify; ">लाल केंचुओं में तापमान के उतार चढ़ाव को सहने की काफी शक्ति होती है और यह कई तरह के तापमान को आसानी से सहन कर सकते हैं – 10 सी. से 30 सी. तक| लेकिन इन्हें अति ठंडे और तीव्र गर्म तापमान से आवश्य बचाना चाहिए| जहाँ बहुत गर्मी या यानी की 40 सी. अधिक वहाँ इन बक्सों को छायादार और हवादार जगहों पर रख कर दिन में उन पर एक बार या दो बार पानी का छिड़काव करना चाहिए| इससे बिस्तर और कवर नम रहेगा और वाष्पीकरण से केंचुओं को ठंडक मिलेगी|</p> <p style="text-align: justify; ">2- नमी</p> <p style="text-align: justify; ">केंचुओं को नमी की आवश्यकता होती है| उनका बिस्तर हमेशा नम रहना चाहिए न बहुत गीला और न ही बहुत सूखा, वैसे ही जैसा कि स्पंज को भिगोकर निचोड़ दिया जाए| ध्यान रखें की बक्से के पानी भर जाएगा और केंचुए डूब कर में मर जायेंगे|</p> <p style="text-align: justify; ">बरसात के मौसम में बक्से को प्लाईवुड या टीन के टुकड़े से ढक दे और बक्से को भी ऐसे ऊंचे स्थान पर रखें जहाँ पानी न भरता हो|</p> <p style="text-align: justify; ">3- वायु संचालन –(वेंटिलेशन)</p> <p style="text-align: justify; ">केंचुओं को जीवित और स्वस्थ्य रखने के लिए शि वेंटिलेशन यानी काफी हवा का आना जाना आवश्यक है| वायु संचालन से बिस्तर से कोई दुर्गन्ध भी नहीं आती है|</p> <p style="text-align: justify; ">कंपोस्ट को डिब्बे से कैसे निकालें</p> <p style="text-align: justify; ">5-6 सप्ताह के बाद कम्पोस्ट तैयार हो जाएगी और उसे बक्से से निकालने का समय हो जाएगा| कम्पोस्ट को निकालने के कुछ दिन पहले से बक्से में पानी का छिड़काव बंद कर दें| इससे कम्पोस्ट को डिब्बे में से निकालने में आसानी होगी|</p> <p style="text-align: justify; ">कंपोस्ट को डिब्बे से निकालने का सबसे अच्छा स्थान वहीं होना चाहिए जहाँ बहुत प्रकाश हो, जैसा कि घर के बाहर या किसी प्रकाशयुक्त कमरे हों|</p> <p style="text-align: justify; ">पहला चरण – फर्श पर बड़ी-सी प्लास्टिक की चादर या शीट बिछाएं| यदि शीट न हो तो फर्श ओर ही कुछ जगह साफ कर लें| बक्से में पड़ा सारा सामान फर्श पर या प्लास्टिक की शीट पर पलट दें|</p> <p style="text-align: justify; ">तीसरा चरण – इस ढेर को 8-10 तिकोने आकार की ढेरोयों में बाँट दें| यदि कोई चीज सड़ी न हो तो उसे अलग कर दें|</p> <p style="text-align: justify; ">रोशनी से बचने के लिए केंचुए हर ढेरी की निचली तह में घुसने लगेंगे और दस मिनट के अंदर ही केंचुए ढेरों के ऊपर से गायब हो जायेंगे|</p> <p style="text-align: justify; ">तीसरा चरण –</p> <p style="text-align: justify; ">धीरे से और दयां से ढेरियों के ऊपर से कंपोस्ट उठा लें| इसमें कोई भी केंचुआ नहीं चाहिए| इस कंपोस्ट को किसी बर्तन या थैले में इकट्ठा कर लसे ताकि जरूरत के अनुसार पौधों के लिए इस्तेमाल कर सकें| थोड़ी कंपोस्ट हटाने पर ढेरों की सतह पर से केंचुए ढेरों की निचली तह में रेंगने का प्रयास करने लगेंगे|</p> <p style="text-align: justify; ">चौथा चरण – इसे तरह ढेरियों के ऊपर हिस्सों से कंपोस्ट इकट्ठा करते रहें जब तक की आप ढोरियों की तह तक न पहुँच जाएँ| यहाँ पर आपको केंचुओं का बड़ा-सा झुंड मिलेगा जो प्रकाश से बचने का प्रयास कर रहा होगा|</p> <p style="text-align: justify; ">पाँचवा चरण – खाली बक्से में जुट की बोरी का पुन: नया लाईनर (अस्तर) लगायें</p> <p style="text-align: justify; ">अब आपके पास निम्नलिखित सामान होगा :-</p> <ol style="text-align: justify; "> <li>तैयार कंपोस्ट खाद</li> <li>लाल केंचुआ का ढेर </li> <li>एक बक्सा अस्तर और बिस्तर के साथ तैयार</li> </ol> <p style="text-align: justify; ">छठा चरण – लाल केंचुओं को तौल लें| यदि वह आपकी जरूरत से अधिक हैं तो दूसरा बक्सा बनायें या अपने किसी मित्र को वर्मी कंपोस्ट सिस्टम को शुरू करने के लिए, आवश्यकता से अधिक केंचुओं को उन्हें दे दें|</p> <p style="text-align: justify; "><span style="text-align: justify; ">स्रोत : </span><strong>हलचल,</strong><span style="text-align: justify; "> </span><strong>जेवियर समाज सेवा संस्थान, राँची|</strong></p>