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विपणन तथा मधुमक्खी पालन का अर्थशास्त्र

विपणन तथा मधुमक्खी पालन का अर्थशास्त्र

भूमिका

हरियाणा के मधुमक्खी पालक एपिस मेलिफेरा मधुमक्खी पालकर बड़ी मात्रा में शहद का उत्पादन कर रहे हैं। इसमें से अधिकांश शहद थोक बाजार में बेचा जाता है। हमारे मधुमक्खी पालक सामान्यतः शहद की फुटकर बिक्री की दिशा में अधिक प्रयास नहीं करते हैं। अधिकांश मधुमक्खी पालक यही याद रखते हैं कि मौसम के दौरान उन्होंने शहद की कितनी बाल्टियां बेचीं लेकिन वे अपने मधुमक्खी पालन उद्यम में होने वाले खर्च और उसकी आमदनी का कोई रिकॉड नहीं रखते हैं।

शहद की बिक्री

शहद की बेहतर बिक्री के लिए मधुमक्खी पालकों को शहद को बोतल बंद करने, लेबल लगाने, प्रस्तुतीकरण, प्रवर्धन तथा शहद की गुणवत्ता बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है। शहद के विपणन से संबंधित विभिन्न पहलुओं का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है।

थोक तथा फुटकर बिक्री के बीच संतुलन

हरियाणा में शहद का बाजार मुख्यतः निर्यातकों व व्यापारियों द्वारा थोक में खरीदे जाने वाले शहद पर निर्भर है। ये शहद निर्यातक व व्यापारी हरियाणा में शहद की मांग को बनाए रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तथापि, मधुमक्खी पालकों को अपना शहद फुटकर बाजार में बेचने के लिए बाजार विकसित करने हेतु प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। शुरूआत में मधुमक्खी पालकों को फुटकर बाजार चैनल के माध्यम से बेचे जाने के लिए उनके द्वारा प्राप्त किए गए कुल शहद का छोटा भाग बिक्री हेतु अलग रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

मूल्यवर्धन द्वारा उत्पादों की सूची में विस्तार

व्यापक श्रेणी के उत्पाद रखकर अधिक ग्राहकों को आकर्षित किया जाना चाहिए। इसलिए मधुमक्खी पालकों को दीवाली जैसे त्योहारों के मौसम में विशेष रूप से शहद के मूल्यवर्धन हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए। शहद के लड्डू, शहद आंवले की बर्फी, शहद आंवले की कैंडी आदि तैयार करने के लिए मधुमक्खी पालकों व उनके परिवारों हेतु विशेषज्ञतापूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए ताकि वे शहद का मूल्यवर्धन कर सकें। एक पुष्पीय शहद अथवा छत्ते के शहद से भिन्न प्रकार के उत्पाद बनाए जा सकते हैं जिससे शहद का मूल्यवर्धन होने के साथ-साथ कुछ गैर-परंपरागत चीजें खरीदने में रूचि रखने वाले ग्राहकों के विशिष्ट समूह की आवश्यकताएं सृजित करने में सहायता मिलती है।

नए बाजार के लिए ब्राण्ड का विज्ञापन तथा प्रवर्धन

शहद के लिए नया बाजार बनाने हेतु मधुमक्खी पालकों को अपना शहद व शहद के उत्पाद किसी ब्राण्ड के नाम से बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यह प्रवर्धन पैम्फलेट बांटकर अथवा क्षेत्र में कांफैक्शनरी व जनरल स्टोरों के माध्यम से शहद बेचकर किया जा सकता है।

ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को शामिल करते हुए शहरी बाजार में शहद की ठेके पर फुटकर बिक्री

शहद की बिक्री के लिए बाजार के प्रसार हेतु मधुमक्खी पालकों को शहरों और कस्बों के आस-पास के क्षेत्रों में शहद बेचने के लिए विक्रेता व्यक्तियों का एक नेटवर्क सृजित करने हेतु प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस उद्देश्य से बेराजगार ग्रामीण व शहरी युवाओं को ठेके पर या लाभ में भागेदारी के आधार पर नियुक्त किया जा सकता है।

आकर्षक उपहार पैकिंग

स्वस्थ उपहार विकल्प के रूप में शहद को बढ़ावा देने के लिए इसकी आकर्षक व रंग-बिरंगी पैकिंग की जानी चाहिए। छपे हुए दफ्ती के डिब्बे, जालीदार या पारदर्शी पॉलिथीन की चादरें आदि इस प्रस्तुतीकरण को और आकर्षक बनाती हैं। उपहार पैकिंग में शहद तथा अन्य स्वास्थ्यप्रद खाद्य पदार्थ जैसे मेवे आदि मिलाकर दिए जा सकते हैं।

आकर्षक बोतलें

शहद की फुटकर बिक्री के लिए आकर्षक व चौड़े मुंह वाली कांच की बोतलों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। पारदर्शी प्लास्टिक की निचोड़ी जा सकने वाली बोतलें सुविधाजनक पैकिंग के रूप में इस्तेमाल की जा सकती हैं। विभिन्न प्रकार के खिलौनों जैसे टेडी बियर की आकृति की बोतलों से बच्चे भी शहद खाने के प्रति आकृष्ट होंगे।

सड़कों के किनारे शहद के आकर्षक डिस्प्ले

सामान्यतः शहद के लिए सड़क के किनारे लगाए गए स्टाल में बोतलों को साधारण से मेज व बेंच पर प्रदर्शन व बिक्री के लिए रख दिया जाता है। यद्यपि यह एक प्रभावी विधि है लेकिन यह सड़क पर धीमे चलने वाले वाहनों या उपयोगकर्ताओं के लिए ही उपयुक्त है। इस प्रकार के डिस्प्ले कम दूरी पर ही दिखाई देते हैं। अतः शहद की बोतलों के प्रदर्शन के लिए ऊंचे कई खाने वाले स्टैंडों के निर्माण को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि स्टॉल में रखी शहद की बोतलें दूर से ही देखी जा सकें।

यात्रियों पर पड़ने वाले प्रभाव को और बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालकों को शहद की बिक्री के लिए आकर्षक व रंग बिरंगे बैनर बनाकर उन्हें उचित स्थान पर लगाने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है। ये बैनर दोनों तरह छपे होने चाहिए, ताकि सड़क के दोनों ओर से आने वाले यात्री इन्हें देख सकें। बैनर में लिखी हुई सामग्री कम से कम होनी चाहिए, ताकि उनके फॉन्ट का आकार इतना बड़ा हो सके कि राह चलते सभी व्यक्ति उसे पढ़ सकें और उन पर उसका अनुकूल प्रभाव पड़े।

विभिन्न क्षमता वाली बोतलों में शहद को पैक बंद करने से डिस्प्ले और आकर्षक हो जाता है। तथा उपभोक्ताओं को अपनी आवश्यकता के अनुसार शहद खरीदने का विकल्प उपलब्ध हो जाता है।

त्योहार तथा मेले

विभिन्न त्योहारों व ग्राम स्तर के मेलों में शहद की फुटकर बिक्री का बड़ा अवसर प्राप्त होता है। यदि मधुमक्खी पालकों को अपना शहद बेचने के लिए वहां बैठने हेतु समय न हो तो उन्हें इन मेलों में शहद की फुटकर बिक्री के लिए जरूरतमंद और सक्रिय व्यक्तियों को किराए पर ले लेना चाहिए। ऐसा करके मधुमक्खी पालक अपने शहद को थोक बाजार में बेचने की तुलना में लगभग दुगुनी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रिंट मीडिया के माध्यम से प्रवर्धन

सर्दियों की शुरूआत के पहले कस्बों तथा नगरों के अनेक निवासी अपने उपभोग के लिए शहद खरीदने में रूचि रखते हैं लेकिन उन्हें अच्छी गुणवत्ता का शुद्ध शहद कहां मिलेगा, इसकी जानकारी नहीं होती है। अतः स्थानीय लोगों को शहद के विपणन के बारे में जानकारी देने हेतु प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और इसका एक विकल्प समाचार-पत्र बांटने वालों के माध्यम से छपे हुए विज्ञापन ब्रॉसरों को वितरित करना है।

उपभोक्ताओं के प्रति ईमानदारी को ध्यान में रखते हुए शहद की गुणवत्ता को बनाए रखना

पुराने उपभोक्ताओं के विश्वास को बनाए रखने तथा नए उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए शहद की श्रेष्ठ गुणवत्ता को बनाए रखना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मधुमक्खी पालकों को अपने ग्राहकों से अपने उत्पाद, पैकिंग व उत्पाद के प्रस्तुतीकरण के बारे में निरंतर फीडबैक लेते रहना चाहिए। इससे मधुमक्खी पालकों को अपने शहद का विपणन सुधारने में बहुत सहायता मिलेगी।

मधुमक्खी पालन का अर्थशास्त्र

पचास कालोनियों की प्रवासी मधुमक्खी पालन का अर्थशास्त्र

व्यय

अनावर्ती

क्र. सं.

विवरण

 

मात्रा

दर (रु.)

राशि (रूपयों में)

दोहरे कोष्ठ के मधुमक्खी के छत्ते

 

50

2700/छत्ता

1,35,000

नाभिक मधुमक्खी कालोनियां (आठ मधुमक्खी प्रत्येक में)

50

2000/कालोनी

1,00,000

शहद निष्कर्षक (4 फ्रेम का), ड्रिप ट्रे तथा ढक्कन खोलने का चाकू

एक सैट

4700/सैट

4,700

धुम्रक, मधुमक्खी नकाब, मधुमक्खी दस्ताने, छत्ता, औजार आदि

एक सैट

750/सैट

750

शहद की बाल्टियां

40

120/बाल्टी

4,800

 

 

 

कुल

2,45,250

आवर्ती

क्र. सं.

विवरण

मात्रा

दर (रु.)

राशि (रूपयों में)

1

छत्ते की नींव

800

25/छ.नी.

20,000

2

भोजन की कमी की अवधि के लिए चीनी (5 कि.ग्रा./कालोनी)

250 कि.ग्रा.

40/कि.ग्रा.

10,000

3

गंधक (50 ग्रा./कालोनी)

2.5 कि.ग्रा.

80/कि.ग्रा.

200

4

स्टिकर (25/कालोनी)

1250

2.5/नग

3,125

5

फोर्मिक अम्ल (140 मि.लि./कालोनी)

7 लिटर

320/लिटर

2,240

6

प्रवासन के लिए परिवहन

3 फेरे

5000/फेरा

15,000

7

फुटकर (शरदकालीन पैकिंग आदि)

50 कालोनियां

20/कालोनी

1,000

 

 

 

कुल

51,565

निवल व्यय

क्र. सं.

 

विवरण

राशि (रूपयों में)

 

1.

अनावर्ती लागत पर ब्याज @12.75%

31,269

2.

आवर्ती लागत

51,565

3.

छह माह के लिए आवर्ती लागत (मजदूरी को छोड़कर) पर ब्याज @12.75%

3,278

 

4.

स्थायी मदों का मूल्य ह्रास@10% (मधुमक्खी कालोनियों को छोड़कर)

14,525

 

कुल वार्षिक व्यय

1,00646

आय

विवरण

पैदावार

 

कुल उत्पादित मात्रा

दर (रूपये/नग)

कीमत (रूपये)

शहद की पैदावार

50 कि.ग्रा./क्लोनी

2500 कि.ग्रा.

140/कि.ग्रा. (बिक्री प्रचर में)

35,0000

अतिरिक्त कालोनियों की बिक्री

25%

 

12 कालोनियां

 

200/ कालोनी

24,000

 

मधुमक्खी का मोम

2% शहद उत्पादन का

 

50 कि.ग्रा.

200/ कि.ग्रा.

12500

 

कुल

 

38,6500

लाभ

पहले वर्ष निवल लाभ - 386500 रुपये - 1,00646 रुपये = 285854 रुपये प्रति कालोनी लाभ @140 रुपये/कि.ग्रा. शहद ~5717 रुपये

 

स्रोत: हरियाणा किसान आयोग, हरियाणा सरकार



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