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फल, सब्जियों और जड़ फसलों की पैकेजिंग

फल, सब्जियों और जड़ फसलों की पैकेजिंग

भूमिका

देखा गया है कि कटाई के बाद नुकसानों का कारण विभिन्न कृषि उत्पादों की काजोर पैकेजिंग की वजह से होता है। विस्तार प्रणाली के माध्यम से किसानों की जागरूकता, कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के द्वारा गलत पैकेजिंग सामग्री के प्रयोग, पैकेजिंग की अवैज्ञानिक विधि और परिचर के मुद्दों की समस्या को बहुत अच्छी तरह से संबोधित किया जा सकता है। इसलिए क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के लाभ के लिए, इस अध्याय में इन्हें बड़े पैमाने पर शामिल किया गया है। ताजा उपज को आमतौर पर लपेटा और संरक्षण के लिए बक्से में बंद किया जाता है और इसके बाद इसे अंतिम खरीदारों को वितरित करने के लिए ले जाया जाता है। इसे पैकिंग कहा जाता है। दूसरी तरफ पैकेजिंग, उत्पादों को उनकी मांग और आवश्यकताओं के अनुसार अंतिम उपभोक्ताओं को बिक्री के लिए बैग, बक्से, बोतल या पार्सल जैसे छोटे पैकेज में रखने की प्रक्रिया को दर्शाता है। इसके अलावा, वस्तु के प्रकार और विपणन के प्लेटफार्म के साथ वस्तुओं की पैकिगं इस्तेमाल किये जाने वाले कंटेनर के प्रकार बदलता रहता है।

पैकेजिंग पर कुछ बुनियादी मुद्दे

अंतिम खरीदारों की सुविधा के अनुसार, ताजा उपज को छोटी इकाइयों में पैक करना होता है, अलग-अलग वस्तुओं के लिए अलग-अलग क्षमता के कंटेनर की जरूरत होती है। लगभग 60 प्रति 40 प्रति 30 प्रति सेमी व्यास के 3 से 25 किलो क्षमता के कंटेनरों का उपयोग करके इसे सबसे अच्छी तरह से हासिल किया जा सकता है। कुछ वस्तुओं (जैसे आलू) का विपणन 25 या 50 किलो की बोरियों में किया जा सकता है, और केले के पूरे गुच्छों जैसे अन्य बड़े आइटम, बिना पैकेजिंग के चले जाते हैं। पत्तेदार सब्जियों को खुला या बंडलों में बांधकर बिना पैक किये बेचा जा सकता है।

अधिकांश विकासशील देशों में बाजारों में उत्पादन ले जाने के लिए पारंपरिक टोकरी, बोरे और ट्रे जैसी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कम लागत वाली सामग्री का उपयोग किया जाता है। इन्हें आम तौर पर सूखी घास, ताड़ के पत्ते या बांस जैसी सामग्री का उपयोग कर बनाया जाता है। ये ताजा उपज को कम दूरी तक ले जाने के लिए उपयोगी होते हैं, लेकिन भारी वजन को लंबी दूरी तक ले जाने में मुश्किलें हैं, घाटे को कम करने और परिवहन का सबसे किफायती उपयोग करने के लिए बेहतर पैकिंग की जरूरत होती है। पैकिंग का उद्देश्य हैंडलिंग, परिवहन और भंडारण में नुकसान से उपज की रक्षा करना और आसानी से संभालना है और मानक आकार के पैकेज स्टैकिंग और लदान में बार-बार वजन की आवश्यकता को कम कर सकते हैं तथा इन्हें संभालना सुविधाजनक हो सकता है। अधिकांश प्रकार के पैकेज नरम और कठोर कागज और कागज उत्पादों (संकुचित गत्ते और नालीदार गत्ते, कुछ क्षेत्रों में फाइबर बोर्ड कहा जाता है), लकड़ी और लकड़ी के उत्पादों (स्वान लकड़ी और संकुचित चिप्स) और प्लास्टिक से निर्मित होते है। हर प्रकार की उपज का मूल्य बढ़ाने के लिए इसकी उपयोगिता, लागत और क्षमता के संदर्भ में विचार किया जाना चाहिए।

पैकिंग के स्तर पर, आम को गत्ते के बक्से में पैक किया जाता है।छोटे उत्पादकों के लिए, हमेशा से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री का प्रयोग करना वांछनीय है, साथ ही पैकेजिंग के डिजाइन में सुधार लाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। डिजाइन की गई पैकेजिंग और ब्रांडिंग हमेशा गुणवत्ता वाले उत्पादन को प्रतिस्पर्धी लाभ देते हैं।

पैकेजिंग किस तरह से मूल्य जोड़ते हैं ?

इसमें कोई शक नहीं कि पैकेजिगं से खर्च में वृद्धि होती है। हालांकि, पैकेजिंग की एक विशेष विधि को अपनाने का निर्णय लेने के लिए लागत लाभ का विश्लेषण करना हमेशा वांछनीय है। एक तुलना की पैकेजिंग की किसी विधि को अपनाने की वजह से विपणन लागत में होने वाली वृद्धि और उत्पाद के बाजार में निर्धारित मूल्य के बीच एक तुलना की जानी चाहिए। इस के लिए निम्नलिखित कारकों पर विचार करने की आवश्यकता है-

  1. उत्पाद की प्रस्तुति और गुणवत्ता इसे एक प्रतिस्पर्धी लाभ पाने और भंडारण में नुकसान से बचाने में अधिक वांछनीय हो सकता है, पैकेजिंग की किसी निश्चित विधि को अपनाकर परिवहन के व्यय को कम किया जा सकता है।
  2. उत्पाद के विपणन जीवन को बढ़ाया जा सकता है। पैकेजिंग की डिजाइन, व्यय, प्रकार किसी भी तरह, बाजार के अवशोषित कर सकने की क्षमता से अधिक नहीं होना चाहिए।

पैकेजिंग की किस विधि का चयन करें?

ताजा उपज के व्यावसायिक पैमाने पर विपणन के लिए पैकेजिंग के कंटेनरों की उपयुक्तता के बारे में फैसला करते समय कई कारकों को ध्यान में रखना जरूरी है। आखिरकार, पैकेजिंग उपज के विपणन में होने वाले खर्च का एक प्रमुख मद है।

उपज की रक्षा के लिए एक समान आकार के पैकेज उपलब्ध कराने के अलावा, कई अन्य आवश्यकताओं के लिए एक कंटेनर की जरूरत होती है-

  1. इसे इकट्ठा करना और हाथ से या एक सरल मशीन के उपयोग के द्वारा भरना और बंद करना आसान होना चाहिए,
  2. यह खाली होने पर इसे पहुँचाना आसान हो और भरे होने पर कम स्थान घेरना चाहिए, जैसे कि प्लास्टिक के बक्से जिन्हें खाली होने पर एक-दूसरे के अंदर रखा जा सकता है, सिमटने वाले गत्ते के बक्से, फाइबर या कागज या प्लास्टिक की बोरियां,परिवहन और भंडारण के दौरान इसे सामग्री के लिए पर्याप्त वेंटीलेशन प्रदान करना चाहिए,
  3. करीने से और मजबूती से लोड करने के लिए इसका आयाम और डिजाइन उपलब्ध परिवहन के अनुकूल होना चाहिए,
  4. जिस वस्तु के लिए इसका उपयोग किया जा रहा हो उसके बाजार मूल्य के संबंध में इसे लागत प्रभावी होना चाहिए,
  5. यह एक से अधिक आपूर्तिकर्ता के पास से, आसानी से उपलब्ध होना चाहिए।

पैकेज की आकृति और आकार

एक पैकेज का आकार बाजार के लिए उचित और संभालने में आसान होना चाहिए। कंटेनर का वजन, उसमें रखे जाने वाले उत्पाद के अनुपात में होना महत्वपूर्ण है। जहां परिवहन शुल्क की गणना वजन के आधार पर गणना की जाती है, वहां भारी पैकेजिंग बिक्री योग्य उत्पाद की अंतिम लागत में महत्वपूर्ण योगदान कर सकती है।

संकुल का आकार लदान के पहलू की वजह से भी महत्वपूर्ण है - जिस प्रकार से इसे परिवहन वाहन पर अधिकतम क्षमता और स्थिरता के साथ रखा जा सके। गोल टोकरियों में, वे बेलनाकार हो या पतली, उसी आकार के बक्सों की तुलना में कम उपज रखी जा सकती है। एक बेलनाकार टोकरी में उतना ही स्थान घेरने वाले एक आयताकार बॉक्स की तुलना में केवल 78.5 प्रतिशत मात्रा रखी जा सकती है।

पैकेजों में वातायन (वेंटिलेशन) कारक

उपज पर गर्मी और कार्बन डाइऑक्साइड के प्रभाव को कम करने के लिए, उपयुक्त पैकेजिंग में किसी भी उत्पाद के लिए सामग्री को अच्छी तरह हवादार रखने की जरूरत पर विचार करना चाहिए। विपणन के सभी चरणों में, विशेष रूप से परिवहन और भंडारण के दौरान, कंटेनर में उपज के वेंटिलेशन की आवश्यकता होती है। प्रत्येक पैकेज के लिए वेंटिलेशन आवश्यक है, लेकिन रखे गए पैकेजों में भी हवा का पर्याप्त प्रवाह होना चाहिए। प्रत्येक पैकेज के माध्यम से और पूरे ढेर में हवा को प्रसारित होने की अनुमति देने की आवश्यकता होने पर भंडारण का तंग पैटर्न स्वीकार्य किया जा सकता है। बोरियों और नेट बैग को इस तरह से खड़ा किया जाना चाहिए कि सामग्री के माध्यम से हवा प्रसारित हो सके।

पैकेजिंग के लिए सामग्री

विभिन्न प्रकार की पैकेजिंग सामग्री होती है जिनमें एक के अपने फायदे और नुकसान हैं। नीचे प्रत्येक के गुण और दोष पर संक्षिप्त विवरण के साथ विभिन्न प्रकार की सामग्री पैकेजिंग के बारे में बताया गया है।

ताजा उपज की पैकेजिंग कई प्रकार की प्राकृतिक सामग्री की होती है

विकासशील दुनिया में टोकरी और अन्य परंपरागत कंटेनर बांस, रतन, पुआल, ताड़ के पत्तों आदि से बनाए जाते हैं। कच्चे माल और श्रम लागत दोनों सामान्य रूप से कम लगते हैं, और कंटेनरों को अच्छी तरह से बनाया जाता है, तो उनका दुबारा उपयोग किया जा सकता है।

नुकसान हैं-

  1. कठारेता की कमी होती है और लंबी दूरी के परिवहन में खड़ा करने पर आकार बिगड़ जाता है
  2. क्षयकारक जीवों के साथ दूषित जबहोने पर साफ करना मुश्किल हो जाता है,
  3. कसकर भरने पर दबाव के कारण क्षति होती है
  4. अक्सर तेज किनारों या किरचों की वजह से कटने और छेद होने से क्षति पहुँचती है
  5. अपने आकार की वजह से बुरी तरह से लोड करता है

लकड़ी

दुबारा प्रयोग किए जाने वाले बक्सों और क्रेटों के लिए स्वान लकड़ी का उपयोग लागत कारक की वजह से धीरे-धीरे घट रहा है। हालांकि, हल्का बक्से बनाने के लिए विभिन्न मोटाई के विनियरों का इस्तेमाल किया जाता है।

पैकेजिंग की इस विधा की खूबियां है-

लकड़ी के बक्से, ट्रे कठोर और पुनःप्रयोज्य होते हैं और अगर एक मानक आकार के बनाए जाएं तो ट्रकों पर अच्छी तरह से लादे जा सकते हैं।

नुकसान हैं-

  • ये भारी और परिवहन के लिए महंगे हैं
  • अक्सर तेज किनारे, किरचें और उभरी हुई कीलें होती हैं सामग्री की रक्षा करने के लिए कुछ प्रकार के अस्तर की आवश्यकता होती है।
  • एकाधिक उपयोग के लिए पर्याप्त रूप से साफ करना मुश्किल हो जाता है,
  • गत्ता (कभी कभी फाइबर बोर्ड कहा जाता है)।

ठोस या नालीदार गत्ता

पैकेजिंग कंटेनरों के लिए ठोस या नालीदार गत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। बंद करने के प्रकार ऊपर से मुड़े या टेलीस्कोपिक (यानी अलग) ऊपरी हिस्से वाले होते हैं, जिन्हें बक्से या केस कहा जाता है। उथले और खुले ऊपरी भाग वाले बक्से को ट्रे कहा जाता है। ढहे हुए सामने के साथ (जो समान है) बक्सों की आपूर्ति की जाती है और उन्हें उपयोगकर्ता द्वारा व्यवस्थित किया जाता है। बक्से को तैयार और बंद करने के लिए, टेप, ग्लू लगाने, स्टैपल करने या इंटरलॉकिंग टैब की फिक्सिंग की आवश्यकता होती है।

इसके लाभ है-

गत्ते के बक्से हल्के और साफ होते हैं, और सामग्री, मात्रा और वजन पर प्रचार और जानकारी के साथ आसानी से मुद्रित किया जा सकता है। वे एक विस्तृत श्रृंखला की आकार, डिजाइन और मजबूती में उपलब्ध हैं।

नुकसान हैं-

  • नमी के संपर्क में आने पर काफी कमजोर हो जाते हैं,
  • लापरवाही से संभालने और रखने से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं,
  • किफायती रूप से केवल बड़ी मात्रा में आदेश दिया जा सकता है, छोटी मात्रा बेहद महंगी हो सकती है।
  • अगर केवल एक बार इस्तेमाल किया जाता है, तो (एकाधिक उपयोग का इरादा है, तो बक्से खाली होने पर आसानी से नष्ट हो सकते है) एक महंगा आवर्ती लागत साबित हो सकता है,

ढाला हुआ प्लास्टिक

इस विधा की पैकेजिंग में, उच्च घनत्व वाले पॉलिथीन को दुबारा उपयोग किए जाने वाले बक्से में जाता है। कई देशों में उपज के परिवहन के लिए व्यापक रूप से इसका प्रयोग किया जाता है। ढाले हुए प्लास्टिक की खूबियां हैं- वे कठोर, मजबूत, चिकने और आसानी से साफ होने लायक हैं और ढेर भरा होने पर बनाया जा सकता है और खाली होने जगह बचाने के लिए संरक्षित किया जा सकता है।

नुकसान हैं-

  • अगर एक पराबैंगनी अवरोध न लगाया जाए, जो लागत जोड़ने वाला एक कारक है, तब तक सूरज की रोशनी के संपर्क में (विशेष रूप से उष्णकटिबंध में) तेजी से खराब हो जाता है।
  • अधिकांश विकासशील देशों में इसे आयात किया जाता है, जो लागत बढ़ाता है और आम तौर पर उनके अधिग्रहण के लिए विदेशी मुद्रा की आवश्यकता होती है,
  • केवल बड़ी संख्या में किफायती रूप से उत्पादित किया जाता है, लेकिन फिर भी महंगा होता है,
  • एक नियमित रूप से भेजने और वापसी सेवा में उपयोग के लिए एक कड़े संगठन और नियंत्रण की आवश्यकता होती है,उनकी लागत के बावजूद, पुनः उपयोग की उनकी क्षमता उन्हें एक किफायती निवेश बना सकती है।

कागज या प्लास्टिक की फिल्म

इन फिल्मों का अक्सर सामग्री के पानी के नुकसान को कम करने या घर्षण नुकसान को रोकने के लिए पैकिगं बक्से के अस्तर के रूप में उपयोग किया जाता है।

कागज की बोरियों में अक्सर क्राफ्ट (भारी लपेटने) की छह परतों की दीवारें हो सकती है। उनमें लगभग 25 किलो की क्षमता हो सकती है और ज्यादातर अपेक्षाकृत कम मूल्य की उपज के लिए इनका उपयोग किया जाता है। ऊपर की तरफ मशीन से सिलाई के द्वारा (केवल बड़े पैमाने पर फसल उत्पादन के लिए अनुशंसित) या एक सरल उपकरण के माध्यम से ऊपर चारों ओर तार को घुमा कर इसे बंद किया जा सकता है।

नुकसान हैं-

  1. बोरियों को गलत तरीके से संभालने पर सामग्री के लिए सीमित सुरक्षा होती है।
  2. बोरी बंद उपज ने गर्मी का निकलना धीमा हो सकता है, यह फल या पत्तेदार सब्जियों के लिए हानिकारक है।
  3. कागज की दीवारों पानी या वाष्प और गैसों से प्रवेश के योग्य हैं (प्लास्टिक की फिल्म या पन्नी को शामिल करके दीवारों को जल अवरोधक बनाया जा सरता है, लेकिन बोरियों में गैसों और वाष्प बना रह सकता है),

इनकी कम लागत की वजह से, फल और सब्जी के विपणन में प्लास्टिक फिल्म बैग या रैप का, विशेष रूप से उपभोक्ता आकार के पैक में, व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। कई विकासशील देशों में, बड़े पॉलिथीन बैगों का और विशेष रूप से बाजार के लिए, उपज ले जाने में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उष्णकटिबंधीय परिस्थितियों में जब तक पैक को प्रशीतन प्रदर्शन कैबिनेट में ठंडा न किया गया हो, दुकानों को छोड़कर उपभोक्ताओं के लिए पॉलिथीन बैगों की सिफारिश नहीं की जा सकती है।

प्राकृतिक और कृत्रिम रेशे

ताजा उपज की पैकेजिंग के लिए (5 किलो तक) बोरियों या बैग बनाने के लिए जूट या सिसल जैसे प्राकृ तिक रेशे और सिंथेटिक पॉलीप्रोपीलीन या पॉलीथीलीन जैसे कृत्रिम रेशे या टेप का उपयोग किया जाता है। इन बैगों को एक महीन बनावट से बुना जाता है या जाली बनाई जा सकती है। आम तौर पर जालियों में लगभग 15 किलो की क्षमता होती है। अधिकांशतः बैग और थैले का उपयोग ज्यादातर आलू और प्याज जैसे आसानी से क्षतिग्रस्त न होने वाले उत्पादों के लिए किया जाता है, लेकिन चोट को रोकने के लिए इन फसलों की भी सावधानी से संभाल होनी चाहिए।

नुकसान हैं-

  1. महीन बुने जाने पर, इन्हें खड़ा करने पर वेंटिलेशन में खराबी आती है,
  2. अक्सर सावधानी से निपटने के लिए काफी बड़े होते हैं, बारे के गिरने या फेंकने पर सामग्री को गंभीर नुकसान हो सकता है,
  3. बनावट में ये इतने चिकने हो सकते हैं कि ढेर अस्थिर होता है और गिर जाता है, उन्हें पट्टों पर ढेर करना मुश्किल हो जाता है।
  4. कठोरता की कमी है, और हैंडलिंग सामग्री को नुकसान पहुंचा सकता है,

विस्तार गतिविधियाँ

  1. किसानों को स्थानीय उत्पादन की आवश्यकताओं के अनुसार उपयुक्त पैकिंग सामग्री का उपयोग करने की सलाह दें।
  2. एपीएमसीएस, के माध्यम से किसानों में घूमने वाली पैकिंग सामग्री के परिसंचरण की सुविधा उत्पन्न करें, जैसे टमाटर के लिए प्लास्टिक ट्रे।
  3. कटाई के बाद नुकसान को कम करने के लिए वैज्ञानिक पैकिंग को बढ़ावा दें।
  4. अपेक्षित वापस अंत गुणवत्ता नियंत्रण उपायों के साथ उत्पादन की ब्रांडिंग को बढ़ावा दें।

 

स्रोत: राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय,भारत सरकार का संगठन


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