दुग्ध उत्पादन के लिए जरूरी बातें दूध के बाद हर थन को साफ पानी से घोना चाहिए और जीवाणुनाशक घोल डुबाना चाहिए। गाय और भैंस के थन को साफ पानी से धोकर साफ घुले हुए कपड़े से सुखाना चाहिए। उँगलियों को दूध में डूबाना नहीं चाहिए। दूध दूहने से पहले हाथों की साबुन से धो लेना चाहिए। दूध दूहने के पहले हर थन से एक – दो धार दूध निकला कर फेंक देना चाहिए। दूध के बर्तनों को सुखाने के लिए उन्हें धोकर उलटे रखने चाहिए। स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार