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पशुपालन से अतिरिक्त लाभ

परिचय

श्री सुखविन्द्र सिंह व श्री अरविन्द सिंह सुपुत्र श्री होशियार सिंह निवासी गावं सिंघड़ा जिला करनाल ने फरवरी 2005 में कृषि विज्ञानं केंद्र, रा.डे.अनु.सं. करनाल से डेरी योजना एवं पशु प्रबंध नामक प्रशिक्षण प्राप्त किया। श्री सुखविन्द्र सिंह ने 2001 में 5 गायों की डेरी के लिए के.वी.के. से प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाकर बैंक लोन प्राप्त किया व डेरी फार्म शुरू किया। लेकिन उन्य्हें अपने इस कार्य में अधिक सफलता प्राप्त नहीं हुई। बाद में श्री सुखविन्द्र सिंह ने वर्ष 2005 में के.वी.के. के स्टाफ से सम्पर्क किया व इनकी सलाह से स्वयं पशु दाना बनाना शुरू किया व अन्य समस्याओं के लिए सलाह ली। देखते देखते ही श्री सुखविन्द्र सिंह की मेहनत व् लग्न रंग लायी व आज श्री सुखविन्द्र सिंह एक अति सफल पशुपालक है। आज श्री सुखविन्द्र सिंह के डेरी फार्म पर पशुओं की संख्या निम्न प्रकार है-

होलस्टीन  शंकर गायें

35

जर्सी संकर गाएं

3

होलस्टीन  शंकर बछड़िया, एक वर्ष से ऊपर

40

होलस्टीन  शंकर बछड़िया, एक वर्ष से कम

20

 

पशु प्रबंध

श्री सुखविन्द्र सिंह के पास 100 पशुओं के लिए आवास व्यवस्था है साथ ही पशुओं को काफी खुला स्थान भी दिया गया जहाँ पशु समय-2 पर आराम कर सकें। गायों के दूध निकालने के लिए श्री राजबीर सिहं ने अपने फार्म पर मशीने लगाईं हुई हैं। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए खुर पका मुहँ पका वैक्सीन प्रति वर्ष दो बार व गलघोंटू वैक्सीन प्रति वर्ष एक बार लगाई जाती है। पशुओं की सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है।

पशुओं के लिए साफ पानी की व्यवस्था है। श्री सुखविन्द्र सिंह पाने पशुओं का अधिक से अधिक हरा चारा उपलब्ध कराते हैं व स्वयं बनाकर दाना उपलब्ध कराते हैं। उनका मानना है कि यदि पशुओं की उचित सफाई रखी जाये और उचित मात्रा में संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाए तो पशुओं में बीमारियों स्वयं ही कम हो जाती है। वे अपने पशुओं को अन्तः परजीवी व बाह्य परजीवियों से बचाने के की समय-2 पर उचित दवाइयों का प्रयोग करते हैं।

पशु प्रजनन

श्री सुखविन्द्र सिंह अपने फार्म पर सबी गायों व भैसों को कृत्रिम गर्भाधान से गाभिन कराते हैं। वह अपने पशुओं के किए अच्छे रिकार्ड का वीर्य रा.डे.अनु.सं. करनाल, पशुपाप्न विभाग पंजाब व वीर्य बैंक-हैसर गट्टा (कर्नाटका) आदि स्थानों से प्राप्त करते हैं। श्री सुखविन्द्र सिंह अपने शंकर पशुओं में विदेश खून का स्तर अधिक से रखने के हिमायती है क्योंकि वे समझते हैं कि पशुओं में अधिक विदेशी खून का स्तर, पशुओं से अधिक दूध प्राप्त करने में मदद करता है। श्री सुखविन्द्र सिंह के फार्म पर  पशुओं का गर्मी में न आना व बार-बार गभित होना जैसी बीमारियों की समस्या बहुत कम है।

दूध उत्पादन एवं इससे आर्थिक लाभ

श्री सुखविन्द्र सिंह के फार्म पर 11 लीटर प्रति पशु प्रतिदिन गाय का दूध उत्पादन प्रतिदिन होता है। वे गायों का दूध 10.25 रू. प्रति लीटर नैशले लिमिटेड से बेचते हैं। श्री सुखविन्द्र सिंह अपने पशुओं का दूध बेचकर प्रतिमाह रु. 30,000/- प्रतिमाह शुद्ध लाभ कमाते हैं।

स्त्रोत:  कृषि विभाग, झारखण्ड सरकार



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