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मिनीकोय द्वीप में फलों और सब्जियों की उपलब्धता बढ़ी

परंपरागत फसल-नारियल

लक्षद्वीप में नारियल बहुतायत से उगाया जाता है। नारियल के अलावा सभी फल और सब्जियां बाहर से मंगवाई जाती हैं क्योंकि पारंपरिक रूप से इनकी खेती यहां नहीं की जाती है। द्वीप की पारिस्थितिकी के मद्देनजर रासायनिक उर्वरकों और अजैविक आदानों के प्रयोग की सलाह नहीं दी जाती है। बारिश के मौसम में जलयान के जरिये यहां न पहुंचने की वजह से फलों और सब्जियों की उपलब्धता प्रभावित होती है।

जनजातीय उपयोजना प्रोजेक्ट

भा.कृ.अनु.प. के जनजातीय उपयोजना प्रोजेक्ट के जरिये नार्स की उन्नत किस्मों और उत्पादन बढ़ाने के तरीकों से फलों और सब्जियों की उपलब्धता में सुधार हुआ है। केन्द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान (सीपीसीआरआई), कासरगोड ने सघन प्रयत्नों द्वारा Minicoyकेला, पपीता, चीकू जैसे फलों और टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, चौलाई, बंदगोभी, फूलगोभी, ककड़ी वर्गीय सब्जियों की उपयुक्त किस्मों का चुनाव मिनीकोय द्वीप के लिए किया है। इस द्वीप के वासियों की खाद्य और पोषण सुरक्षा के मद्देनजर मिनीकोय द्वीप स्थित सीपीसीआरआई केन्द्र का प्रमुख कार्यकलाप बड़े स्तर पर फल और सब्जियों का उत्पादन करना है। संस्थान ने नारियल बागानों में जैविक विधि से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करके जैविक फल, सब्जी उत्पादन का सफल प्रदर्शन किया है और वर्ष भर इसकी उत्पादकता सुनिश्चित की है।

वितरित की गई उन्नत किस्में

केले की जैविक खेती के मूल्यांकन में साबा किस्म में सर्वाधिक गुच्छा भार 18 किलोग्राम से 23 किलोग्राम रहा। इसके बाद उद्यम और रोबस्टा किस्में क्रमशः 16 किलोग्राम और 18 किलोग्राम औसत गुच्छा भार रहीं। इन किस्मों की भूस्तारी नारियल बागान में उगाने के लिए द्वीपवासियों को वितरित की गई। पपीता की किस्में अर्का प्रभात और अर्का सूर्या को द्वीपीय स्थिति में सफलतापूर्वक उगाया गया। नारियल बागानों में मिश्रित फसल के रूप में चीकू किस्म PKM2 ने अच्छा प्रदर्शन किया और 35 किलोग्राम प्रति वृक्ष प्रति वर्ष तक उच्च फलोत्पादन दिया। मध्यम आकार के क्षत्रक के कारण यह नारियल बागानों में मिश्रित फसल उगाने के लिए उपयुक्त है। टमाटर (अर्का मेघाली, अर्का आलोक, CO3), बैंगन (अर्का आनन्द, CO2), मिर्च (अर्का लोहित, अर्का हरित, CO4), भिंडी अर्का अनामिका, चैलाई अर्का अरुणिमा व अर्का संरक्षा, बंदगोभी अंकुर मानस, फूलगोभी F1 संकर श्वेत, करेला वेन्च्युरा, सीताफल अर्का चंदन और अर्का सूर्यमुखी, लोबिया अर्का गरिमा के उत्पादन का सफल प्रदर्शन इस केन्द्र ने विभिन्न आदानों जैसे कुक्कुट खाद, गोबर की खाद, नारियल पत्ती कम्पोस्ट और नीम की खली के प्रयोग से किया है।

सब्जी उत्पादन से बढ़ा उत्साह

हरी मिर्च, बैंगन, बंदगोभी और फूलगोभी की सफल खेती से द्वीपवासियों में सब्जी उत्पादन का उत्साह बढ़ा है। प्रदर्शन परीक्षणों में बंदगोभी का भार औसतन 1.4 किलोग्राम और फूलगोभी का औसतन भार 0.9 किलोग्राम रिकॉर्ड किया गया है। मिर्च का औसत उत्पादन 1.5 किलोग्राम प्रति पौधा रहा। इस क्षेत्र में कुल 4536 किलोग्राम सब्जी और 602 किलोग्राम फल का उत्पादन करके द्वीपवासियों को वितरित किया गया। प्रदर्शन क्षेत्र में अगले 12 महीने में उत्पादन से 1,30,000 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

सीपीसीआरआई के प्रयत्नों से द्वीपीय पारिस्थितिकी में सीमित संसाधनों के प्रयोग द्वारा आजीविका लाभ के लिए फलोत्पादन का सकारात्मक प्रभाव पड़ा और यहां फलों और सब्जियों की उपलब्धता बढ़ने के साथ पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकी है।

स्त्रोत : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(आईसीएआर).



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