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नींबू के मुख्य कीट व रोग नियंत्रण

हिमाचल प्रदेश में नीम्बू के मुख्य कीट व रोग नियंत्रण हेतु एकीकृत छिड़काव सारिणी

क्रम संख्या

समय/अवस्था

दवा का नाम

200 ली.पानी के लिए दवा की मात्रा

जिन कीटों व रोगों का नियंत्रण होगा

1

जनवरी

कापर आक्सीक्लोराइड

 

स्ट्रैप्टोमाईसीन सल्फेट

90 प्रतिशत

+

टेट्रासाईक्लीन हाइडोक्लोराइड

 

10 प्रतिशत डब्ल्यू

 

600 ग्राम

 

3 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी

 

कैंकर

 

2

फरवरी

डाईमेथोएट

या

मोनोक्रोटोफास

 

200 मि.ली.

 

200 मि.ली.

 

एफिड

 

3

मार्च-अप्रैल

मोनोक्रोटोफास

200 मि.ली.

एफिड

 

4

मई-जून

 

मोनोक्रोटोफास

या

डाईमैथोएट

 

कॉपर आक्सीक्लोराइड

या

स्ट्रैप्टोमाईसीन सलफेट

90 प्रतिशत

+

टेट्रासाईक्लीन हाइडोक्लोराइड

 

10 प्रतिशत डब्ल्यू

 

200 मि. ली

 

200 मि. ली

 

600 ग्राम

 

3 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी

 

 

एफिड

 

 

 

कैंकर

 

5

जुलाई-अगस्त

कॉपर आक्सीक्लोराइड

या

स्ट्रैप्टोमाईसीन सलफेट

90 प्रतिशत

+

टेट्रासाईक्लीन हाइडोक्लोराइड

 

10 प्रतिशत डब्ल्यू

 

600 ग्राम

 

 

3 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी

 

 

कैंकर ग्रसित भागों को काट कर जला दें तथा रोग का आक्रमण

अधिक होने पर 15-20 दिनों के अंतराल पर छिडकाव दोहराएं|

 

6

सितम्बर-अक्तूबर

मोनोक्रोटोफॉस

200 मि.ली.

एफिड

 

नोट:- खिले हुए फूलों पर किसी भी कीटनाशक का स्प्रे न करें |

स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार



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