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मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र झारखण्ड

भूमिका

झारखण्ड सरकार ने झारखण्ड की जनता से सीधा जुड़ने का फैसला किया।mukhyamantri jansamvadkendra"मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र" ने सरकार से सीधे जोड़ने का जिम्मेदारी ली है । अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कई परेशानियों से आमना सामना होते हैं और आपकी परेशानियों को सुनने वाला उसे दूर करने के लिए अब आपकी सीधी भागीदारी सरकार में हुई हैं और आप अब अपनी परेशानियों को सीधे राज्य के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री तक पहुँचा सकते हैं।

आप अपनी शिकायतें दर्ज करें

मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र में विभिन्न माध्यम से आप अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं।

टॉल फ्री नंबर 181 पर डायल करके

वेबसाइट देखें -

झारखण्ड सरकार का मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र

ईमेल करें - cm-jansamvad@jharkhandmail.gov.in

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ट्वीटर - cm-jansamvad

टोल फ्री नंबर 181

जनता दरबार के माध्यम से सीएम आवास के माध्यम से राज्यपाल कार्यालय के माध्यम से मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से झारखंड के किसी भी जिले से जब आप हमारे टोल फ्री नंबर 181 पर फोन करते हैं तो आपकी बात सीधे संवाद एक्सपेर्ट (टेलीकॉलर) से होती है।  हमारी संवाद एक्सपेर्ट आपसे आपकी तमाम जानकारी, जैसे नाम, फोन नंबर, पता, समस्या पूछती हैं और उन जानकारियो को हमारे ख़ास तौर पर डिज़ाइन किए सॉफ्टवेर मे डाला जाता हैं ।

सॉफ्टवेर का प्रयोग

आपसे ली जानकारी को जैसे ही सॉफ्टवेर मे डाला जाता हैं आपके मोबाइल पर एक रजिस्ट्रेशन नंबर मैसेज के जरिये भेजा जाता हैं जिससे आप कही भी कभी भी अपने मामले मे हो रही कार्रवाई की जानकारी ले सकते हैं। अब शुरू की जाती है आपकी समस्या को सुलझाने की कवायद वो भी सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ। सुझावों पर काम करने की अलग से विशेष व्यवस्था है। शिकायत या सुझाव दर्ज होने के बाद आपके मामले संबंधित जिले या विभाग के नोडल पदाधिकारी के पास भेज दिया जाता है।

नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति

राज्य सरकार ने हर जिले और हर विभाग के लिए एक-एक नोडल अफसर की प्रतिनियुक्ति किया है, जिन्हें विभागों के साथ तालमेल बिठाकर उन्हें शिकायत या सुझाव अग्रसारित करना होता है। नोडल अफसर जन संवाद केंद्र से प्राप्त संवाद विवरण के आधार पर विभागों से संपर्क करते हैं और शिकायतकर्ता की समस्या के समाधान की दिशा में जरूरी कार्रवाई के लिए विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट लेते हैं। विभाग की ओर से शिकायतों की जांच की जाती है और नोडल अफसर को सूचित किया जाता है। विभागों से प्राप्त जानकारी के आधार पर नोडल अफसर "मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र" को अपनी रिपोर्ट भेजते हैं। अगर शिकायतों का निवारण हो जाता है, तो विभाग का जवाब स्पष्ट रूप से रिपोर्ट में अंकित किया जाता है। मामला यहीं खत्म नहीं होता, बल्कि जन संवाद केंद्र से टेलीकॉलर दोबारा शिकायतकर्ता से फोन पर संपर्क साधती हैं और उनसे सत्यापित करते हैं कि क्या वाकई उनकी शिकायत दूर हुई है या विभाग ने अधूरी जानकारी उपलब्ध करायी है। अगर शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होते, तो इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री महोदय के सचिव हर मंगलवार को होने वाली साप्ताहिक समीक्षा बैठक में प्रस्तुत किया जाता है। जिलों के नोडल अफसरों से टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक-एक शिकायत और सुझाव पर आये जवाब की समीक्षा की जाती है, ताकि शिकायत दर्ज करानेवाली आम जनता खुद को ठगा महसूस न करे।

मुख्यमंत्री सीधी बात कार्यक्रम

इसके बाद प्रत्येक माह के आखिरी मंगलवार को मुख्यमंत्री स्वयं सीधी बात कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता से रू-ब-रू होते हैं। इस दौरान पहले से जिन लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा जतायी होती है, उन्हें मुलाकात कर अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखने का अवसर भी मिलता है। मुख्यमंत्री इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिले के उपायुक्तों को दिशा-निर्देश भी देते हैं। इतना ही नहीं अति आवशयक शिकायतों जैसे प्राकृतिक आपदा, दंगा, अपराध से जुड़ी शिकायतें, त्वरित न्याय वाले मामलो पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सीधे इन मामलो को संबन्धित विभाग के अधिकारियों तक पहुचाया जाता हैं।

व्यापक स्तर पर हो रही सरकारी पहल से आम लोग भी उत्साहित हैं। यही वजह है कि भारी तादाद में लोग 181 डायल कर अपनी बातें रख रहे हैं। खुद को जनता का दास बताने वाले मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास की इस पहल ने जनता और सरकार के बीच की दूरी ख़त्म सी कर दी हैं। अब झारखंड एक खुशहाल राज्य बनने की राह मे अग्रसर हैं।

स्रोत: झारखण्ड सरकार का मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र



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