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महाराष्ट्र

रोजगार वाहिनी

महाराष्ट्र सरकार के रोजगार और स्वरोजगार विभाग के लिए वेब पोर्टल रोजगार वाहिनी का विकास किया गया है। यह विभाग लोगों को मुफ्त में रोजगार संबंधी सूचना, रोजगार के अवसर और स्वरोजगार संबंधी जानकारी मुहैया कराता है। इसके अलावा, यह योजना आयोग की तमाम सिफारिशों को एकत्रित करता है और उसका विवरण पेश करता है।

इस पोर्टल को मुख्य रूप से छह भागों में बांटा जा सकता हैः मसलन उम्मीदवार कॉर्नर, नियोक्ता कार्नर, स्व रोजगार, अपने बारे में, सूचना का अधिकार और कामगार कट्टा। यह एक मात्र साधन है, जिसके माध्यम से आप विभाग की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

उम्मीदवार कॉर्नर में निबंधन, रोजगार से संबंधित विज्ञापन, विभागीय अधिकारियों का ब्योरा, रोजगार संबंधी सलाह और संभावित नौकरी की सूचना, विकलांगों के लिए विशेष जानकारी, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग, महत्वपूर्ण पुस्तकों के नाम, अखबार, टीवी औऱ रेडियो कार्यक्रम का उल्लेख रहता है।

स्वरोजगार संभाग रोजगार औऱ स्वरोजगार विभाग के स्वरोजगार से संबंधित क्रियाकलापों और निर्देशों की जानकारी उपलब्ध कराता है। इसके अलावा यह बेरोजगारों को स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं और लघु उद्योग के बारे में भी जानकारी देता है। यह पोर्टल सभी लागू होनेवाली योजनाओं के बारे में भी जानकारी देती है औऱ जरूरी कागजातों के बारे में भी बताती है। बैंकर्स कोना ऋण और इससे संबंधित जानकारी उपलब्ध कराता है। इसके अलावा इस कोना में वैसे सभी स्वयंसेवी संगठनों का ब्योरा होता है, जो स्वरोजगार के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और विभाग में निबंधित संगठनों की सूची भी होती है।

कामगार कट्टा भी एक व्यावसायिक साइट की ही तरह है, जहां काम करने वाले जैसे नर्स, घर में काम करनेवाले, ड्राइवर, डाटा इंट्री ऑपरेटर अपने प्रोफाइल को डाल सकते हैं और नौकरी खोज सकते हैं। नियोक्ता भी इस साइट पर अपनी जरूरतों की जानकारी दे सकता है, जैसे माली की आवश्यकता, घर में काम करने वाले की जरूरत हो या फिर नर्स या दरबान की दरकरार हो, इसके लिए वह सीधे इन लोगों से संपर्क कर सकता है। नौकरी देने और नौकरी करने वालों की खोज निर्धारित सिद्धांतों और गुणों के आधार पर की जा सकती है।

इस पोर्टल को ग्रामीण इलाकों में स्थित सेवा प्रदान करने वाले केन्द्रों पर हासिल किया जा सकता है। इसका उपयोग भी काफी सरल है। अर्द्ध शिक्षित और अशिक्षित लोग भी इस सेवा का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि इसमें स्थानीय भाषा में भी काम करने की सुविधा है। केवल माउस को क्लिक करके और बिना की-बोर्ड की सहायता से ही इसका उपयोग किया जा सकता है।

देंखे रोजगार वाहिनी के बारे में ज्यादा जानने के लिए ।

सरिता

सरिता एक जीटूसी-यू परियोजना है जिसका उद्देश्य अभिलेखों के पंजीकरण के लिए कंप्यूटरीकृत प्रार्थना पत्र का प्रारूप तैयार करना, उसे प्रकाशित कराना और उसे लागू करना है, जो किसी भी उप निबंधक कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा महाराष्ट्र के पुणे स्थित निबंधन विभाग के मातहत काम करनेवाले संबंधित जिलों के संयुक्त जिला निबंधक और दूसरे अन्य कार्यालयों के लिए समय पर अद्यतन डाटा उपलब्ध कराना भी इस योजना का उद्देश्य है। यह योजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर आधारित है। इस परियोजना के अंतर्गत महाराष्ट्र के 360 उप निबंधक कार्यालय, 31 जिला कार्यालय, 9 प्रमंडलीय कार्यालय और एक मुख्यालय, जो पुणे में है, शामिल है।

उद्देश्य

  • वर्तमान पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत करना।
  • पंजीकृत कागजातों की जांच करना और उसे सुरक्षित रखने के लिए बैकअप सुविधा देना
  • विभाग के लिए साप्ताहिक या अन्य़ तरह की रिपोर्ट तैयार करना
  • संबंधित कार्यालय के क्षेत्राधिकार में आने वाले प्रत्येक गांव का डाटा तैयार करना
  • उच्चाधिकारियों के लिए एक समेकित रिपोर्ट तैयार करना
  • नागरिकों को जांच संबंधित सूचना, पंजीकरण एवं पंजीकृत कागजातों की प्रमाणिक प्रतियों की जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराना
  • वेब के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराना

नागरिक सुविधाएं

आमलोगों के लिएः

  • सरकार द्वारा निर्देशित 67 अलग-अलग तरह के कागजातों का निबंधन
  • एक ही सॉफ्टवेयर पर एक साथ 360 स्थानों पर काम करने की सुविधा
  • बहुत छोटे फॉर्म में जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना
  • निबंधन मूल्यांकन, जांच-लेख नेटवर्क और निर्देशित प्रक्रिया को एक जगह एकत्रित करना
  • मराठी में काम करने की सुविधा

सरकार के लिए

 

इस योजना से निबंधन प्रक्रिया की गति में काफी वृद्धि हुई है और प्रतिदिन औसतन 16 से 40 निबंधन कार्य संपन्न हो रहे हैं। परिणामस्वरूप सरकार के राजस्व में बिना किसी अतिरिक्त पूंजी लागत के 10 से 15 प्रतिशत की बढोतरी हुई।

 

उद्योग के लिए

 

बीओटी तकनीक के कारण आठ गैर सरकारी उघोगों को पूंजी लगाने तथा आइजीआर स्थानों पर कास्ट शेयरिंग के आधार पर परियोजनाओं को चलाने की स्वीकृति मिली।

 

जनता के लिए

 

पहले निबंधन में कई दिन या सप्ताह लग जाते थे, लेकिन इस योजना के आने से अब निबंधन प्रक्रिया 30 मिनट में ही पूरी हो जाती है। देर हो जाने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। साथ ही, इस योजना के आने से सरकारी अधिकारियों की परेशानी भी कम हुई है और निबंधन प्रक्रिया की जटिलता में कमी भी आयी है।

 

देंखे सरिता के बारे में ज्यादा जानने के लिए

सेतु

(समेकित नागरिक सहयोग केन्द्र)

सरकारी कामकाजों को ज्यादा से ज्यादा पारदर्शी बनाने, उसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से सेतु का शुभारंभ किया गया है। इसके अलावा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मुहैया करना भी इसका एक लक्ष्य है।

सेतु या समेकित नागरिक सहयोग केन्द्र उनलोगों के लिए एक ऐसा सेवा केन्द्र के रूप में काम करता है, जिनको सरकारी कार्यालयों में प्रमाणपत्र, अनुमति पत्र, पहचान पत्र, सत्यता पत्र या किसी अन्य काम के लिए जाना पड़ता है। सेतु केंद्रों को सेतु सोसायटी द्वारा संचालित किया जाता है।

सेतु सोसायटी एक ऐसी सोसायटी है, जो प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और पारदर्शी बनाने का काम करती है, जिससे सरकार को लोगों की आवश्यकताओं को समझने में कोई परेशानी न हो। समेकित नागरिक सहयोग केंद्र 28 जिला मुख्यालयों और 298 तालुक में खोले गये हैं। आज की तारीख में यह केंद्र कलेक्टर कार्यालय में होनेवाले सारे कार्यों की सुविधा प्रदान करता है। सबसे महत्वपूर्ण और सबसे ज्यादा जारी होनेवाले प्रमाणपत्रों में आवासीय, राष्ट्रीयता, जाति प्रमाणपत्र, आयु प्रमाणपत्र, आयु प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र और ऋण चुकाने संबंधी प्रमाणपत्र शामिल हैं।

देंखे महाराष्ट्र सरकार के ई-शासन से जुड़े कदम सेतु के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए

कल्याण- डोंबीवली नगर-निगम का नागरिक सहायता केन्द्र

केडीएमसी जीटूसी-यू एक ऐसी परियोजना है, जिसका उद्देश्य नगर निगम को पूरी तरह से आधुनिक सूचना तकनीक से लैस 21वीं सदी का निगम बनाना है। इसके अलावा इस योजना का उद्देश्य निगम को लोगों के प्रति जवाबदेह बनाने के साथ-साथ उच्चकोटि का पारदर्शी और नागरिक सुविधा बहाल करना है।

यह योजना लगभग 1.2 मिलियन लोगों की सेवा करती है और थाणे जिले (महाराष्ट्र) के कल्याण तथा डोंबीवली के लोगों को नागरिक सहायता केंद्र और उद्यम सूचना (इंटरप्राइज इनफॉरमेशन) पोर्टल के माध्यम से सहायता करती है। इसके माध्यम से 100 से अधिक लोगों को एक साथ ऑनलाइन सेवा प्रदान की जाती है।

उद्देश्य

  • सभी नागरिक संबंधी लेन-देन का केंद्रीयकृत व्यवस्था
  • सभी सरकारी कामों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना
  • उच्च स्तर के प्रबंधन को निर्णय के लिए सहायता करना
  • नागरिक सुविधा को और अधिक कारगर बनाना

प्रदत्त ऑनलाइन सेवाएँ

  • पूछताछ
  • आवेदन पत्र की स्थिति
  • खाद्य प्रमाणपत्र की स्थिति
  • बकाया धन
  • पानी पर बकाया
  • मांग
  • जन्म प्रमाणपत्र
  • मृत्यु प्रमाणपत्र
  • निविदा और सूचना

अन्य सुविधाएं

इस सेवा के अंतर्गत 22 तरह की शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं, जिनमें सड़क, यातायात, भवन, नाली, पौधे, नागरिक सुविधा, स्वास्थ्य, अस्पताल, भोजन, पेयजलापूर्ति आदि की समस्या शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व में की गयी शिकायतों की स्थिति की भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। साथ ही, लोगों की शिकायतों की एक सूची भी ऑनलाइन उपलब्ध होती है, जिसमें इस बात की सूचना होती है कि कब तक उनकी शिकायतों का निपटारा हो जाएगा और इसमें नंबर के आधार पर शिकायतों का निपटारा किया जायेगा।

देंखे कल्याण-डोंबीवली नगर-निगम के नागरिक सहायता केन्द्र  के बारें में ज्यादा जानने के लिए

महाराष्ट्र में ई-शासन के अंतर्गत जुड़ीं और सेवाओं के बारें में जानने के लिए देंखे

राष्ट्रीय ई-शासन योजना-नागरिक सेवाएँ

स्त्रोत:

संबंधित संसाधन

इंफॉर्मेटिक्स-वेब पत्रिका



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