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इलेक्ट्रानिक नियमन

इलेक्ट्रानिक नियमन

इलेक्ट्रानिक अभिलेखों की विधिमान्यता

जहां कोई विधि यह उपबंध करती है कि सूचना या कोई अन्य विषय लिखित या टंकित या मुद्रित रूप में होगा, वहां ऐसी विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी, यदि ऐसी सूचना या विषय-

(क) किसी इलेक्ट्रानिक रूप में दिया जाता है या उपलब्ध कराया जाता है; और

(ख) इस प्रकार पहुंच योग्य है कि वह किसी पश्चात्वर्ती निर्देश के लिए उपयोग किए जाने योग्य हैं ।

इलेक्ट्रोनिक चिन्हकों की विधिमान्यता

जहां किसी विधि में यह उपबंध किया गया हो कि सूचना या कोई अन्य विषय उस पर हस्ताक्षर करके अधिप्रमाणित किया जाए, या कोई दस्तावेज हस्ताक्षरित किया जाए अथवा उस पर किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर हों, वहा ऐसी विधि में अतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी, यदि ऐसी सूचना या विषय, ऐसी रीति से जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए, इलेक्ट्रोनिक चिन्हक  लगा कर अधिप्रमाणित किया गया हो ।

स्पष्टीकरण

इस धारा के प्रयोजनों के लिए इसके व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों के साथ हस्ताक्षरित से, किसी व्यक्ति के संदर्भ में, अभिप्रेत है किसी दस्तावेज पर अपने हस्तलिखित हस्ताक्षर करना या कोई चिह्न लगाना और हस्ताक्षर पद का तदनुसार अर्थ लगाया जाएगा ।

सरकार और उसके अभिकरणों में इलेक्ट्रानिक अभिलेखों और इलेक्ट्रोनिक चिन्हकों का प्रयोग - (1) जहां किसी विधि में, -

(क) समुचित सरकार के स्वामित्वाधीन या नियंत्रणाधीन किसी कार्यालय, प्राधिकरण, निकाय या अभिकरण में कोई प्ररूप, आवेदन या कोई अन्य दस्तावेज किसी विशिष्ट रीति से फाइल करने का;

(ख) किसी अनुज्ञाप्ति, अनुज्ञापत्र, मंजूरी या अनुमोदन, वह चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो किसी विशिष्ट रीति से जारी या मंजूर करने का;

(ग) किसी विशिष्ट रीति से धन की प्राप्ति या संदाय का, उपबंध है, वहां तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी, यदि, यथास्थिति, ऐसा फाइल किया जाना, जारी किया जाना, मंजूरी, प्राप्ति या संदाय, ऐसे इलेक्ट्रानिक रूप से, जो समुचित सरकार द्वारा विहित किया जाए, किया जाता है ।

(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, समुचित सरकार, नियमों द्वारा निम्नलिखित विहित कर सकेगी-

(क) वह रीति जिससे और वह रूपविधान जिसमें ऐसे इलेक्ट्रानिक अभिलेख फाइल, सृजित या जारी किए जाएगे;

(ख) खंड (क) के अधीन किसी इलेक्ट्रानिक अभिलेख के फाइल, सृजन या जारी किए जाने के लिए किसी फीस या प्रभारों के संदाय की रीति या पद्धति ।

सेवा प्रदाता द्वारा सेवाओं का परिदान

  1. समुचित सरकार, इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए और इलेक्ट्रानिक साधनों के माध्यम से, जनता को सेवाओं के दक्ष परिदान के लिए आदेश द्वारा, किसी सेवा प्रदाता को कंप्यूटरीकृत सुविधाओं की स्थापना, अनुरक्षण और उन्नयन और ऐसी अन्य सेवाओं का अनुपालन करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगी, जो वह राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे ।

स्पष्टीकरण- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, इस प्रकार प्राधिकृत सेवा प्रदाता के अंतर्गत ऐसा कोई व्यष्टि, प्राइवेट अभिकरण, प्राइवेट कंपनी, भागीदारी फर्म, एकल स्वत्वधारी फर्म या कोई ऐसा अन्य निकाय या अभिकरण भी है जिसे ऐसे सेवा सेक्टर को शासित करने वाली नीति के अनुसार इलेक्ट्रानिक साधनों के माध्यम से सेवाएं प्रस्थापित करने के लिए समुचित सरकार द्वारा अनुज्ञा दी गई है ।

    1. समुचित सरकार, उपधारा (1) के अधीन प्राधिकृत किसी सेवा प्रदाता को, ऐसे सेवा प्रभार, जो ऐसी सेवा का उपभोग करने वाले व्यक्ति से, ऐसी सेवा प्रदान करने के प्रयोजन के लिए समुचित सरकार द्वारा विहित किए जाए, संगहीत, प्रतिधारित और विनियोजित करने के लिए भी प्राधिकृत कर सकेगी।
    2. उपधारा (2) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, समुचित सरकार इस तथ्य के होते हुए भी कि इस अधिनियम, नियम विनियम या अधिसूचना के अधीन कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीं  है जिसके अधीन सेवा प्रदाताओं द्वारा ई-सेवा प्रभारों का संग्रहण, प्रतिधारण और विनियोजन करने के लिए सेवा प्रदान की जाती है, इस धारा के अधीन प्रदाताओं को सेवा प्रभारों का संग्रहण, प्रतिधारण, विनियोजन करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगी ।
    3. समुचित सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा उन सेवा प्रभारों का मापमान विनिर्दिष्ट द्वारा प्रभारित और संगृहीत किए जा सकेगे; पंरतु समुचित सरकार विभिन्न प्रकार की सेवाओं के लिए सेवा प्रभारों के विभिन्न मापमान विनिर्दिष्ट कर सकेगी ।

इलेक्ट्रानिक अभिलेखों का प्रतिधारण

(1) जहां किसी विधि में यह उपबध है कि दस्तावेज, अभिलेख या सूचना किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए प्रतिधारित की जाए, वहा ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी यदि ऐसे दस्तावेज, अभिलेख या सूचना इलेक्ट्रानिक रूप में प्रतिधारित की जाती है, यदि-

(क) उसमें अन्तर्विष्ट सूचना इस प्रकार पहुँच  योग्य बनी रहती है कि पश्चात्वर्ती निर्देश के लिए उपयोग की जा सके;

(ख) इलेक्ट्रानिक, अभिलेख उसी रूपविधान में, जिसमें मूलत; उत्पादित, प्रेषित या प्राप्त किया गया था या उस रूपविधान में, जिसमें मूलत; उत्पादित, प्रेषित या प्राप्त की गई सूचना ठीक-ठीक निरूपित करने के लिए निदर्शित की जा सकती है प्रतिधारित किया जाता है;

(ग) वे ब्यौरे, जो ऐसे इलेक्ट्रानिक अभिलेख के उद्भव, गंतव्य प्रेषण या प्राप्ति की तारीख और समय के अभिज्ञान को सुकर बनाएंगे इलेक्ट्रानिक अभिलेख में उपलब्ध हैं।

परन्तु यह खण्ड किसी ऐसी सूचना कोल लागू नहीं होता है जो किसी इलेक्ट्रानिक अभिलेख को केवल प्रेषित या प्राप्त करने में समर्थ बनाने के प्रयोजन के लिए स्वत ; उत्पादित की जाती है ।

(2) इस धारा की कोई बात किसी ऐसी विधि को लागू नहीं होगी जिसमें दस्तावेजों, अभिलेखों सूचना का इलेक्ट्रानिक अभिलेखों के रूप में प्रतिधारण के लिए अभिव्यक्ति रूप से उपबध है ।

इलेक्ट्रानिक रूप में रखे गए दस्तावेजों आदि की संपरीक्षा

जहां तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में, दस्तावेजों, अभिलेखों या सूचना की संपरीक्षा का अनुबंध है वहां, वह उपबंध इलेक्ट्रानिक रूप में ससाधित और रखे गए दस्तावेजों, अभिलेखों या सूचना की संपरीक्षा के संबंध में भी लागू होगा

इलेक्ट्रानिक राजपत्र में नियम, विनियम, आदि का प्रकाशन

जहां किसी विधि में यह उपबंध है कि कोई नियम, विनियम, आदेश, उपविधि, अधिसूचना या कोई अन्य विषय, राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा वहां ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी यदि ऐसा नियम विनियम, आदेश उपविधि अधिसूचना या अन्य विषय राजपत्र या इलेक्ट्रानिक राजपत्र में प्रकाशित किया जाता है; परंतु जहां राजपत्र या इलेक्ट्रानिक राजपत्र में कोई नियम, विनियम, आदेश, उपविधि, अधिसूचना या कोई अन्य सामग्री को प्रकाशित किया जाता है वहां वही प्रकाशन की तारीख, उस राजपत्र की तारीख समझी जाएगी, जिसको वह प्रथमत; किसी रूप में प्रकाशित हुआ था ।

धारा 6, धारा 7 और धारा 8 इस बात पर जोर देने का अधिकार प्रदान नहीं करती कि दस्तावेज इलेक्ट्रानिक रूप में स्वीकार किया जाए

धारा 6, धारा 7 और धारा 8 में अंतर्विष्ट कोई बात किसी व्यक्ति को इस बात पर जोर देने का अधिकार प्रदान नहीं करेगी कि केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार के किसी मंत्रालय या विभाग अथवा किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित या केन्द्रीय या राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित या वित्तपोषित किसी प्राधिकरण या निकाय को कोई दस्तावेज इलेक्ट्रानिक अभिलेखों के रूप में स्वीकार, जारी, सृजित, प्रतिधारित, संरक्षित करना चाहिए या इलेक्ट्रानिक रूप में कोई धनीय संव्यवहार करना चाहिए ।

इलेक्ट्रानिक चिन्हक से संबंधित नियम बनाने की केन्द्रीय सरकार की शक्ति

केन्द्रीय सरकार, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, नियमों द्वारा, निम्नलिखित विहित कर सकेगी

  • इलेक्ट्रोनिक चिन्हक  का प्रकार;
  • वह रीति और रूपविधान जिसमें इलेक्ट्रोनिक चिह्नको लगाया जाएगा;
  • वह रीति या प्रक्रिया जो इलेक्ट्रोनिक चिह्नको लगाने वाले व्यक्ति को पहचान को सुकर बनाती है;
  • इलेक्ट्रानिक अभिलेखो या संदायों की यथोचित समग्रता सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए नियत्रण पद्धति और प्रक्रियाएं; और
  • कोई अन्य विषय, जो इलेक्ट्रोनिक चिन्हक  को विधिक प्रभाव देने के लिए आवश्यक हो ।

इलेक्ट्रोनिक साधन के माध्यम से कि गई संविदाओं की विधिमान्यता

जहां किसी संविदा को तैयार करने, में यथास्थिति, प्रस्थापनाओं की संसूचना, प्रस्थापनाओं की स्वीकृति, प्रस्थापनाओं का प्रतिसंहरण और स्वीकृतियां, इलेक्ट्रानिक रूप में या किसी इलेक्ट्रानिक अभिलेख के साधनों द्वारा, अभिव्यक्त की जाती है वहा ऐसी संविदा केवल इस आधार पर कि ऐसा इलेक्ट्रानिक रूप या साधन उस प्रयोजन के लिए उपयोग किया गया था, अपरिवर्तनीय नहीं समझी जाएगी ।

 

स्रोत: इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार

अंतिम बार संशोधित : 9/2/2019



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