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इफको द्वारा तैयार कृषि जानकारी संबंधी मोबाइल एप्प से ग्यारह हजार किसान उठा रहे लाभ

इफको द्वारा तैयार कृषि जानकारी संबंधी मोबाइल एप्प से ग्यारह हजार किसान उठा रहे लाभ

परिचय

किसानों को अब मोबाइल एप्प पर खेतीबाड़ी, मौसम, बाजार भाव समेत कृषि संबंधी जानकारी दी जा रही है। इसके लिए किसान के पास एक एंड्रायड मोबाइल जरूरी है। इफको द्वारा तैयार यह किसान एप्प एंड्रायड से किसानों को खेतीबाड़ी की तत्काल समस्या के समाधान के लिए उपाय बताये जाते हैं।

खेतीबाड़ी में आने वाली समस्या को दूर करने के लिए बनाया यह एप्प

इफको के अधिकारी ने बताया कि किसानों की सबसे बड़ी समस्या खेतीबाड़ी से संबंधित तत्काल आने वाली समस्या के समाधान का होता है। इसके लिए इस किसान एप्प में प्रश्न देने के साथ ही कुछ देर में जवाब मिल जाता है। बिहार में किसान एप्प का उपयोग करने वाले किसानों की संख्या 11,159 है। सबसे अधिक महाराष्ट्र में 33,696 किसानों ने एप्प का उपयोग शुरू कर दिया है। वहीं खेती के लिए बीज, सिंचाई उर्वरक के उपयोग के बारे में इस तरह से ब्योरा दिया गया है कि किसानों को एक क्लिक पर सभी सुविधाएं मिल जायेगी। वे यदि नहीं पढ़ सकते हैं तो उनके लिए एप्प को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वे लिखे हुए तथ्यों को सुन सकेंगे।

एप्प की खास बातें

इफको के कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को पांच दिन आगे तक की मौसम का पूर्वानुमान बताया जाता है। इससे किसान खेतों के पटवन समेत अन्य निर्णय ले सकते हैं। हिंदी-अंगरेजी समेत 15 भाषाओं में किसानों को सूचना देने के लिए बने इस एप्प को किसानों की लाइब्रेरी बताते हुए नूतन ने बताया कि किसानों को रोजगार, नौकरी, कल्याण, मंडियों के भाव की जानकारी दी जाती है। गूगल प्ले स्टोर से डाउन लोड करने के लिए कोड संख्या 2975 की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि किसान देश के किसी मंडी में अपने उपज की जानकारी ले सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि इस किसान एप्प की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान अपने जिले के मौसम, जलवायु के आधार पर सुझाव प्राप्त करते हैं। उन्हें उनके जिले की मौसम के अनुसार खेती - बाड़ी की जानकारी दी जा सकती है। खेती - बाड़ी के अलावा इस एप्प से पशुपालन, मत्स्य पालन और पौल्ट्री आदि की जानकारी दी जाती है। अधिकारी ने बताया कि पूरे देश में ब्राड बैंड की सुविधा पंचायत स्तर पर मिलने लगी है। हालांकि बिहार में अब भी कम किसान ही इसका उपयोग शुरू किये हैं।

लेखन : संदीप कुमार, स्वतंत्र पत्रकार

 

 

 



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