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प्रगति-प्लेटफॉर्म

प्रगति-प्रोऐक्‍टिव गवर्नेंस तथा समयबद्ध कार्यान्‍वयन का प्‍लेटफॉर्म

प्रगति-(प्रोएक्‍टिव गवर्नेंस तथा समयबद्ध कार्यान्‍वयन) प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सतर्क प्रशासन और समयानुकूल संस्कृति को प्रारंभ करना है।यह स्वाभाविक उपस्थिति और विभिन्न हितधारकों के बीच ई-पारदर्शिता और ई-जवाबदेहिता लाने वाली एक सुदृढ़ प्रणाली भी है।इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई

प्रगति प्‍लेटफॉर्म के बारे में

प्रगति बहु-उद्देशीय, मल्‍टी मॉडल प्‍लेटफॉर्म-जोड़ने वाला और संवादमूलक अनूठा प्‍लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्‍य आम जन की शिकायतों का समाधान करना और साथ-साथ भारत सरकार के महत्‍वपूर्ण कार्यक्रम और परियोजनाओं तथा राज्‍य सरकार की परियोजनाओं की निगरानी और समीक्षा करना है।

प्रगति प्‍लेटफॉर्म अनूठे तरीक से तीन नवीनतम टेक्‍नोलॉजी डिजीटल डाटा मैनेजमेंट, वीडिया कॉन्‍फ्रेसिंग तथा भू-आकाशीय टैक्‍नोलॉजी को एक साथ उपयोग में लाता है। यह प्‍लेटफॉर्म सरकारी संघवाद की दिशा में अनूठे तरीके से काम करते हुए भारत सरकार के सचिवों तथा राज्‍यों के मुख्‍य सचिवों को एक स्‍थान प्रदान करता है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसी विषय पर संबद्ध केंद्रीय तथा राज्‍य के अधिकारियों से पूरी सूचना प्राप्त कर सकते हैं। जमीनी स्तर पर स्‍थिति सही आकलन भी प्राप्त होगा।यह ई-गवर्नेंस तथा सुशासन में अभिनवकारी परियोजना है।

प्रगति प्लेटफॉर्म की विशेषताएं

  • यह तीन स्‍तरीय (प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्र सरकार के सचिवों तथा राज्‍यों के मुख्‍य सचिव) प्रणाली है।
  • प्रधानमंत्री मासिक कार्यक्रम में डाटा तथा भू-सूचना विज्ञान विजुअल संपन्‍न वीडियों कॉंफ्रेंसिंग के जरिए भारत सरकार के सचिवों तथा राज्‍यों के मुख्‍य सचिवों के साथ संवाद करेंगे। ऐसा पहला कार्यक्रम 25 मार्च 2015 बुधवार को अपराह्ण 3:30 बजे हुआ। आगे से यह कार्यक्रम प्रत्‍येक महीने के चौथे बुधवार को अपराह्ण 3:30 बजे होगा। इसे प्रगति दिवस कहा जाएगा।
  • प्रधानमंत्री के समक्ष लोक शिकायत, चालू कार्यक्रम तथा लंबित परियोजनाओं से संबंधित मामले उपलब्‍ध डाटाबेस से आएंगे।
  • यह प्रणाली शिकायतों, परियोजना निगरानी ग्रुप (पीएमजी) तथा सांख्‍यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय के लिए सीपीजीआरएएमएस डाटाबेस को मजबूती देगी। प्रगति इन सभी तीन पक्षों को मंच प्रदान करती है।
  • प्रगति दिवस यानी प्रत्‍येक माह के तीसरे बुधवार से सात दिन पहले लाए जाने वाले मामले अपलोड  किए जाते हैं। ऐप्‍लीकेशन में दर्ज होने के साथ ही केंद्र सरकार के विभिन्‍न सचिव तथा राज्‍यों के मुख्‍य सचिव इन दर्ज मामलों को देख सकते हैं।
  • केंद्र सरकार के प्रत्‍येक सचिव तथा राज्‍यों के मुख्‍य सचिवों के लिए यूजर आईडी तथा पासवर्ड बना कर उपलब्‍ध करा दिए गए हैं।
  • केंद्र सरकार के सचिव तथा राज्‍यों के मुख्‍य सचिव अपने विभाग/राज्‍य से संबंधित विषयों को देख सकेंगे।
  • केंद्र सरकार के विभिन्‍न सचिव तथा राज्‍यों के मुख्‍य सचिव को-मामला सामने आने के तीन दिन के अंदर यानी अगले सोमवार को मामले पर अपनी राय और ताजा कार्रवाई की जानकारी देनी होगी।
  • एक दिन यानी मंगलवार प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए उपलब्‍ध होगा ताकि केंद्र सरकार के सचिवों तथा राज्‍य सरकारों के मुख्‍य सचिवों द्वारा दिये गये डाटा की समीक्षा की जा सके।
  • इसकी डिजाइनिंग इस तरह है कि प्रधानमंत्री द्वारा विषय की समीक्षा करते समय स्क्रीन पर विषय संबंधी सूचना, ताजा अपडेट और संबंधित विजुअल उपलब्‍ध होंगे।

स्त्रोत : पत्र सूचना कार्यालय(पीआईबी)



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